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अयोध्या फैसले में शामिल रहे जस्टिस अब्दुल नजीर की जान को खतरा, मिली Z सुरक्षा

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नई दिल्ली। अयोध्या मामले में फैसला सुनाने वाली पांच जजों की संवैधानिक बेंच में शामिल जस्टिस अब्दुल नजीर को उनके परिवार सहित सरकार ने ‘जेड’ श्रेणी की सरक्षा दी है।

जस्टिस अब्दुल नजीर को अतिवादी प्रतिबंधित संगठन पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया से खतरा बताया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा देना का फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने जस्टिस नजीर सहित उनके पूरे परिवार को जेड श्रेणी की सुरक्षा देने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और स्थानीय पुलिस को आदेश दे दिया है।

सूत्रों के अनुसार, अयोध्या मामले पर फैसले के बाद सुरक्षा एजेंसियो ने जस्टिस नजीर की जान को पीएफआई और अन्य कुछ अतिवादी संगठनों से जान का खतरा बताया है। जिसे देखते हुए जस्टिस नजीर को उनके गृह राज्य समेत देश भर में जेड सिक्यॉरिटी कवर देने का आदेश जारी किया गया है। इस दौरान उनके साथ 22 पैरामिलिट्री के जवान रहेंगे वहीं, पुलिस के जवान भी शामिल रहेंगे।

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बता दें, सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधानिक बेंच ने 9 नवंबर को अयोध्या मामले पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। कोर्ट ने विवादित जमीन को हिंदुओं को देने का फैसला दिया था। फैसला सुनाने वाली बेंच में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ के साथ जस्टिस अब्दुल नजीर भी शामिल थे। सभी जजों ने एकमत होकर ये फैसला सुनाया था।http://www.satyodaya.com

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रवींद्रनाथ महतो बने झारखंड विधानसभा के नए अध्यक्ष

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रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नाला से विधायक रवींद्रनाथ महतो पांचवें झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष आज चुन लिए गए। विधानसभा सत्र के कल पहले दिन अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए जाने के निर्धारित समय 12 बजे तक केवल झामुमो के रवींद्रनाथ महतो ने ही पर्चा भरा था। विपक्ष की ओर से किसी भी विधायक द्वारा नामांकन नहीं किया गया। इस तरह अध्यक्ष पद पर उनके चुने जाने की मात्र औपचारिकता शेष बची थी। आज श्री महतो के विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा कर दी गई।

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उल्लेखनीय है कि झारखंड में संथालपरगना प्रमंडल के नाला विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार विधायक चुने गए श्री महतो को झामुमो अन्य पिछड़ा वर्ग का महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता है। वह नाला विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2005, 2014 और 2019 में निर्वाचित हुए थे। दुमका जिले में नाला प्रखंड के पटनपुर गांव में गोलक बिहारी दास और श्रीमती रुक्मिणी देवी के घर जन्में महतो ने झामुमो के साथ अपने राजनीति करियर की शुरुआत की। वह नाला विधानसभा सीट से पांच बार चुनाव लड़े, जिनमें से तीन बार विजयी हुए। उन्होंने इस सीट पर पहली बार 2005 में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) के विशेश्वर खान को पराजित कर जीत हासलि की थी। बंगला और हिंदी भाषा के जानकार महतो ने बीएड की डिग्री हासिल की है। उनके छोटे भाई संजीव महतो रसायन शास्त्र के विभागाध्यक्ष है।http://www.satyodaya.com

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पाकिस्तान की जेल में बंद 20 भारतीय मछुआरे रिहा, लौटे वतन

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नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच इस समय संबंध तनावपूर्ण चल रहे है। इसी बीच पाकिस्तान सद्भावना दिखाते हुए 20 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया। सोमवार को पाकिस्तानी रेंजरों ने इन भारतीय मछुआरों को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंपा। रिहा मछुआरों में ज्यादातर आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं।

भारतीय अधिकारियों ने बताया कि सभी भारतीय मछुआरों की तुरन्त चिकित्सीय जांच कराई गई। रिहा हुए मछुआरों में एस किशोर, एन धनराजू, गरमर्थी, राम बाबू, एस अप्पा राव, जी रामा राव, बी अप्पन्ना, एन नरसिंह, वी सैमुअल, के. यारय्या, डी. एस. नारायण, के. राजू, के. वेंकटा, एस. कल्यान, भाविरुदु, सेमसन राव और गिर सोमनाथ शामिल है। वतन लौटते ही देश की मिट्टी को किया प्रणाम।

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बता दें कि यह सभी मछुआरे 2018 से पाक जेल में बंद थे। पाकिस्तानी तटरक्षक ने नवंबर 2018 में पाकिस्तानी जल क्षेत्र में जाने के लिए गिरफ्तार कर लिया था। मछुआरे सिंध प्रांत में कराची के मालिर जिला कारागार से रिहा होने के बाद रविवार को ट्रेन से लाहौर पहुंचे थे। सूत्रों के अनुसार अब भी पाक की जेलों में करीब 200 भारतीय मछुआरे बंद हैं।http://www.satyodaya.com

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जेएनयू में हिंसा के पीछे वामपंथी छात्र संगठनों का हाथ: कुलपति

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नयी दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के कुलपति एम. जगदीश कुमार ने रविवार रात विश्वविद्यालय परिसर में हुई हिंसा के लिए वामपंथी छात्र संगठनों को जिम्मेदार ठहराया है। कुलपति ने बताया कि वामपंथी छात्र संगठनों ने छात्रों के सेमेस्टर की पंजीकरण प्रक्रिया को बाधित किया जिसके बाद हिंसा भड़की। श्री कुमार ने वाम छात्रों का नाम लिए बिना सोमवार को ट्वीट करके कहा, आंदोलनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय की संचार व्यवस्था को काट कर शीतकालीन ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को ठप कर दिया। उसके बाद उन्होंने हिंसा शुरू की दी। उन्होंने विश्वविद्यालय में तोड़फोड़ भी की जिससे झगड़े की शुरुआत हुई।

कुलपति ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की सुरक्षा की कोशिश की जाएगी, बाहरी तत्वों की रोकथाम की जाएगी। विश्वविद्यालय को किसी भी कीमत पर हिंसा का स्थल नहीं बनाया जा सकता है। हम छात्रों के साथ हैं।

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बता दें कि रविवार रात दर्जनों अराजक तत्वों ने हांथों में डण्डा और राॅड लेकर विवि परिसर में जमकर तांडव मचाया। बदमाशों ने छात्रों और शिक्षकों पर हमला कर दिया, जिसमें दर्जनों छात्र घायल हैं। अराजक तत्वों में जेएनयू की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया है। विवि परिसर में हिंसा के बाद राजनीति भी गर्म है। कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष ने इसे भाजपा और एबीवीपी की साजिश करार दिया है।http://www.satyodaya.com

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January 7, 2020, 5:01 pm
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