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नमाज के विरोध में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने रोड पर किया हनुमान चालीसा का पाठ…

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कोलकाताः पश्चिम बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच रस्साकशी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला हावड़ा में देखने को मिला है, जहां भारतीय जनता युवा मोर्चा ने सड़क पर हनुमान चालीसा का पाठ किया। वहीं बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने यह आयोजन सड़क रोककर नमाज अता करने के खिलाफ किया है। मंगलवार 25 जून को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने यह आयोजन हनुमान मंदिर के पास की हर सड़क पर किया है।

जानकारी के मुताबिक भारतीय जनता युवा मोर्चा ने हावड़ा में बल्ली खल के पास हनुमान चालीसा का पाठ किया है। भाजयुमो अध्यक्ष का कहना है पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के राज में किसी भी प्रमुख सड़क को रोकर शुक्रवार की नमाज अता की जाती है, जिससे लोगों को बहुत दिक्कतें आती हैं। 

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भारतीय जनता युवा मोर्चा हावड़ा के अध्यक्ष ओपी सिंह का कहना है, ‘ममता बनर्जी के राज में हमने देखा है ग्रांट ट्रंक रोड और अन्य प्रमुख सड़कों को शुक्रवार को नमाज के लिए बंद कर दिया जाता है, इससे लोगों को अस्पताल पहुंचने में परेशानी होती है। यहां तक कि मरीजों की मृत्यु तक हो जाती है और लोगों को ऑफिस पहुंचने में काफी परेशानी भी होती है। साथ ही कहा कि जब तक ये जारी रहेगा तब तक हम भी हर मंगलवार को हनुमान मंदिरों के पास की सड़कों पर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।’

साल 2018 में हरियाणा के गुरुग्राम में कुछ हिंदूवादी संगठनों ने खुले में नमाज का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्‍होंने कथित तौर पर ‘जय श्री राम’, ‘राधे-राधे’ और ‘बंग्‍लादेशी वापस जाओ’ के नारे भी लगाए थे। प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह नमाज पढ़े जाने के दौरान बाधा भी डाली और लोगों को नमाज पढ़ने से रोका था। वहीं हिन्‍दुवादी संगठन पिछले दो सप्‍ताह से गुड़गांव में खुले में नमाज के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। http://www.satyodaya.com

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राहुल गांधी ने कहा, पुलिस सुरक्षा के बिना किसी विश्वविद्यालय जाकर दिखाएं पीएम मोदी

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लखनऊ। संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को विपक्ष की बैठक बुलाई थी। जिसमें कुल 20 दल शामिल हुए। विपक्ष की बैठक के बाद राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा के भाजपा सरकार देश को बांटने का काम कर रही है। छात्रों, युवाओं और किसानों की समस्याओं के समाधान के बजाए बीजेपी सरकार सीएए लाकर देश की जनता का ध्यान भटकाने का काम कर रही है।

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राहुल गांधी ने कहा कि मैं चुनौती देता हूं कि वह बिना पुलिस सुरक्षा के किसी भी विश्वविद्यालय जाकर दिखाएं। वह बताए कि देश के युवाओं के लिए क्या करने जा रहे हैं। उन्होंने जेएनयू और जामिया यूनिवर्सिटी में छात्रों के विरोध को लेकर कहा कि उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। पीएम मोदी को यह जवाब देना चाहिए कि छात्रों को आखिर रोजगार कैसे मिलेगा और कैसे देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर आ सकेगी। पीएम मोदी के पास युवाओं से बात करने का साहस नहीं है। युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाए वह लोगों को विभाजित करने की कोशिश कर रहे है। युवाओं की आवाज जायज है। इसे दबाया नहीं जा सकता है। सरकार को इसे सुनना चाहिए। http://www.satyodaya.com

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जैसलमेर के लाठी क्षेत्र में देखे गये दुर्लभ प्रजाति के गिद्ध

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जैसलमेर। राजस्थान के सीमांत जैसलमेर वन्यजीव बहुल क्षेत्र लाठी में विलुप्त होने के कगार पर पहुंचे दुर्लभ प्रजाति के गिद्ध देखे गये हैं। तेजी से गायब हो रहे गिद्धों की संकट ग्रस्त प्रजातियों को लाठी क्षेत्र के भादरिया गांव में देखा गया है। इससे वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। ये दो हजार से अधिक गिद्धों का समूह है। विलुप्त होने के कगार पर पहुंचे सात प्रजातियों के ये गिद्ध झुंड में दिखे।

विलुप्त होने की कगार पर पहुंच इन गिद्धों की संख्या 90 से 95 प्रतिशत खत्म हो चुकी है। 2020 और सर्दी की शुरुआत दिनों में पर्यावरण जगत के लिए सुखद खबर है कि गिद्धों की संख्या बढ़ रही है। यहां की आबोहवा एवं अनुकूल रहवास स्थानीय गिद्धों के अलावा प्रवासी गिद्धों को भी रास आ रही है।

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क्षेत्र में लॉंग बिल्डवल्चर, किंग वल्चर, वाइट रंपड वल्चर, यूरेशियन ग्रिफन वल्चर, सिनेरियस वल्चर, हिमालयन ग्रिफन वल्चर और इजिप्शियन वल्चर का झुंड दिखाई दिया। लॉन्ग बिल्डवल्चर, किंग वल्चर, वाइट रंपड वल्चर आईयूसीएन की रेड लिस्ट में गंभीर खतरे की सूची में शामिल है। वहीं ग्रिफन वल्चर, हिमालयन वल्चर एवं सिनेरियस वल्चर, खतरे की सूची में है। इनकी संख्या लगातार घट रही है। बाकी गिद्ध की प्रजातियों भी कम ही दिखाई देती है।

अनुसंधान के अनुसार पेस्टिसाइड एवं डाइक्लोफैनिक के अधिक इस्तेमाल के चलते गिद्ध प्रजाति संकट में पहुंची है। फसलों में पेस्टीसाइड के अधिक प्रयोग से घरेलू जानवरों में पहुंचता है। वहीं मृत पशु खाने से गिद्धों में पहुंचता है। पेस्टिसाइड से शारीरिक अंग को नुकसान पहुंचता है। इससे इनकी प्रजनन क्षमता खत्म होने के कारण गिद्ध संकटग्रस्त पक्षियों की श्रेणी में पहुंच चुका है। वर्ष 1990 से ही देशभर में गिद्धों की संख्या गिरने लगी। गिद्धों पर यह संकट पशुओं को लगने वाले दर्द निवारक इंजेक्शन डाइक्लोफैनिक की देन थी। मरने के बाद भी पशुओं में इस दवा का असर रहता है। गिद्ध मृत पशुओं को खाते हैं। ऐसे में दवा से गिद्ध मरने लगे। इसे ध्यान में रखकर केंद्र सरकार ने पशुओं को दी जाने वाली डाइक्लोफैनिक की जगह मैलोक्सीकैम दवा का प्रयोग बढ़ाया है। यह गिद्धों को नुकसान नहीं पहुंचाती।

वन विभाग के सूत्रों के अनुसार वन विभाग की ओर से क्षेत्र के लाठी, धोलिया, खेतोलाई, ओढ़ाणिया, भादरिया सहित आसपास क्षेत्र में बढ़ रही दुर्लभ प्रजाति के गिद्धों की संख्या के मद्देनजर उनकी सुरक्षा को लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। इसी के तहत गिद्ध बहुल क्षेत्रों में वन विभाग की ओर से गश्त बढ़ा दी गई है तथा सड़कों पर वाहनों की चपेट में आने और रेल पटरियों पर रेल की चपेट में आने से बचाने के लिए वन विभाग की ओर से यहां अपने कार्मिक तैनात कर प्रतिदिन गश्त करने के लिए पाबंद किया गया है।

पर्यावरण विशेषज्ञ अशोक तंवर ने कहा कि संकटग्रस्त गिद्धों का लाठी क्षेत्र में दिखना सुखद संकेत है। पारिस्थितिकी संतुलन के लिए गिद्ध होना जरूरी है। ये मृत पशुओं के मांस एवं अवशेष खाकर वातावरण को साफ रखते हैं। इसी वजह से गिद्ध को जंगल का प्राकृतिक सफाईकर्मी कहा जाता है। सिनेरियस वल्चर एवं हिमालयन वल्चर प्रवासी है, जो सर्दी में देशान्तर गमन कर भोजन के लिए पहुंचते हैं। ये हिमालय के उस पार मध्य एशिया, यूरोप, तिब्बत आदि शीत प्रदेश इलाकों से आते हैं।http://www.satyodaya.com

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जामिया के छात्रों पर हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ वाइस चांसलर दर्ज करवाएंगी FIR

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नई दिल्ली। पिछले महीने दिल्ली के जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी में हुई पुलिस  हिंसा को लेकर छात्रों ने सोमवार को दिल्ली पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की। जिसको लेकर छात्रों ने कुलपति प्रोफेसर नजमा अख्तर के कार्यालय का घेराव कर लिया। जिसके बाद वाइस चांसलर नजमा अख्तर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि 15 दिसम्बर की घटना बहुत क्रूर थी।

पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया कल से शुरू कर दी जाएगी। आगे कहा कि दिल्ली पुलिस बिना प्रशासन की अनुमति के परिसर में आई और यहां के मासूम विद्यार्थियों की पिटाई की। इस घटना की छात्र पहले दिन से निंदा कर रहे हैं। छात्रों का हक है कि पुलिस के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।

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हालांकि छात्र पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तिथि की मांग पर अड़े हैं। छात्रों का कहना ही कि वाइस चांसलर उन्हें एक निश्चित तिथि बताएं कि वह कब अदालत में जाएगी औए एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। कुलपति ने कहा कि CAA और NRC के मुद्दे पर वह कुछ नहीं बोलेंगी।

बताते चलें कि 15 दिसम्बर को सीएए के विरोध में प्रदर्शन के बाद जामिया परिसर में घुसकर पुलिस ने लाइब्रेरी में तोड़फोड़ की थी और छात्रों की बेरहमी से पिटाई की थी। जिसके बाद जामिया प्रशासन ने 5 जनवरी तक छुट्टी की घोषणा कर दी थी, लेकिन इस बीच भी कैम्पस के बाहर छात्रों व स्थानीय लोगों का सीएए के खिलाफ प्रदर्शन चलता रहा। वहीं जामिया के खुलने के बाद 9 जनवरी से सेमेस्टर परीक्षा की घोषणा की गई, लेकिन पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आज छात्रों ने परीक्षा का बायकॉट कर दिया और कुलपति का घेराव किया। http://www.satyodaya.com

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