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सीमा सुरक्षा बल ने मनाया अपना 55वां स्थापना दिवस, पीएम मोदी ने दी बधाई

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नई दिल्ली। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का 55वां स्थापना दिवस रविवार को मनाया गया। इसकी स्थापना 1965 में हुई थी। वहीं देश में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। बीएसएफ के स्थापना दिवस पर दिल्ली में आज कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमा सुरक्षा बल के 55वें स्थापना दिवस पर संगठन के कर्मियों को बधाई दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, बीएसएफ के स्थापना दिवस पर सभी बीएसएफ कर्मियों और उनके परिवारों को बधाई। यह बल हमारी सीमाओं की कर्मठता के साथ रक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और संकट की स्थिति के दौरान बीएसएफ कर्मियों ने नागरिकों की सेवा के लिए हमेशा कठिन परिश्रम किया है।

दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में बीएसएफ के महानिदेशक विवेक कुमार जौहरी ने कहा, सीमा के जरिए घुसपैठ की लगातार कोशिशे हो रही हैं। हाल ही में हमने सीमा क्षेत्र में ड्रोन के जरिए घुसपैठ की घटनाओं से निपटने और उन्हें हैंडल करने के उपाय किए हैं।

55वें स्थापना के अवसर पर हथियारों की प्रदर्शनी, सीमा के निगरानी हेतु प्रयोग में आने वाले विभिन्न विशिष्ट उपकरण की प्रदर्शनी, स्कूली बच्चों के द्वारा प्रदर्शित हस्तचित्र की प्रदर्शनी की गई। स्कूली बच्चों व जवानों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम का अयोजन किया गया। इस मौके पर कई प्रकार के व्यंजन के स्टॉल सजे थे। वहीं मेला में मनोरंजन का भी स्टॉल लगा था।

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कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, सरकार जवानों को अपने परिवार के साथ साल में 100 दिन बिताने की अनुमति देने के लिए सब कुछ कर रही है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों को हर संभव सुविधा देने के लिए सरकार की ओर से कई प्रयास किए गए हैं। डेरा बाबा नानक में करतारपुर साहिब कॉरिडोर सीमा सुरक्षा बल के तहत सुरक्षित है।http://www.satyodaya.com

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जेएनयू में हिंसा के पीछे वामपंथी छात्र संगठनों का हाथ: कुलपति

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नयी दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के कुलपति एम. जगदीश कुमार ने रविवार रात विश्वविद्यालय परिसर में हुई हिंसा के लिए वामपंथी छात्र संगठनों को जिम्मेदार ठहराया है। कुलपति ने बताया कि वामपंथी छात्र संगठनों ने छात्रों के सेमेस्टर की पंजीकरण प्रक्रिया को बाधित किया जिसके बाद हिंसा भड़की। श्री कुमार ने वाम छात्रों का नाम लिए बिना सोमवार को ट्वीट करके कहा, आंदोलनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय की संचार व्यवस्था को काट कर शीतकालीन ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को ठप कर दिया। उसके बाद उन्होंने हिंसा शुरू की दी। उन्होंने विश्वविद्यालय में तोड़फोड़ भी की जिससे झगड़े की शुरुआत हुई।

कुलपति ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की सुरक्षा की कोशिश की जाएगी, बाहरी तत्वों की रोकथाम की जाएगी। विश्वविद्यालय को किसी भी कीमत पर हिंसा का स्थल नहीं बनाया जा सकता है। हम छात्रों के साथ हैं।

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बता दें कि रविवार रात दर्जनों अराजक तत्वों ने हांथों में डण्डा और राॅड लेकर विवि परिसर में जमकर तांडव मचाया। बदमाशों ने छात्रों और शिक्षकों पर हमला कर दिया, जिसमें दर्जनों छात्र घायल हैं। अराजक तत्वों में जेएनयू की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया है। विवि परिसर में हिंसा के बाद राजनीति भी गर्म है। कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष ने इसे भाजपा और एबीवीपी की साजिश करार दिया है।http://www.satyodaya.com

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असम एनआरसी कोऑर्डिनेटर आपत्तिजनक पोस्ट हटाएं : सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को असम सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा कि राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के कोऑर्डिनेटर हितेश देव शर्मा अपने कुछ आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट वापस लें। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने असम सरकार से कहा कि वह नवनियुक्त कोऑर्डिनेटर के आपत्तिजनक पोस्ट के संबंध में तहकीकात करे और यह सुनिश्चित करे कि ये पोस्ट वापस लिये जाएं।

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इस बीच केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत को आश्वस्त किया कि असम के एनआरसी में जिन लोगों का नाम शामिल किया गया है, लेकिन उनके बच्चों का उनमें नाम नहीं है, उन्हें फिलहाल उनसे अलग नहीं किया जाएगा। एटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने शीर्ष अदालत से यह वादा किया। एक गैर सरकारी संगठन की तरफ से दायर आवेदन में यह शिकायत की गई है कि डिटेंशन सेंटर में 60 बच्चों को इसलिए रखा गया है क्योंकि उनकी नागरिकता पर फैसला होना बाकी था। शर्मा ने असम में रह रहे बांग्लादेशी मुसलमानों के बारे में पोस्ट किया है जिसकी कड़ी आलोचना हो रही है।http://www.satyodaya.com

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दिल्ली विधानसभा चुनाव का हुआ ऐलान, 8 को वोटिंग, 11 फरवरी को आयेंगे नतीजे

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नई दिल्ली:  देश की राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए आठ फरवरी को वोट डाले जायेंगे और मतगणना 11 फरवरी को होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की।

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इसी क्रम में उन्होंने बताया कि चुनाव अधिसूचना 14 जनवरी को जारी होगी। नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि 21 जनवरी है और उनकी जांच 22 जनवरी को की जायेगी।  नाम वापसी की आखिरी तारिख 24 जनवरी है। बता दें कि विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही दिल्ली में आचार संहिता भी लागू हो गई है।

बता दें कि दिल्ली में विधानसभा की 70 सीटें हैं जिसमें से 58 सामान्य श्रेणी की है जबकि 12 सीटें अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित हैं। 2689 जगहों पर वोटिंग होगी। दिल्ली विधानसभा चुनाव में 1,46, 92,136 वोटर अपने मत का प्रयोग करेंगे। चुनाव आयुक्त ने बताया पोलिंग स्टेशन पर मोबाइल फोन के लिए लॉकर की सुविधा प्रदान की जाएगी।  

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