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कन्फर्मः भोपाल में दिग्विजय सिंह को चुनौती देंगी भाजपा की साध्वी प्रज्ञा

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भाजपा ने मध्य प्रदेश की चार सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान किया

भोपाल। मध्य प्रदेश का भोपाल लोकसभा क्षेत्र भाजपा का गढ़ माना जाता है। लेकिन पिछले कुछ समय से मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह यहां सेंध लगाने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन भाजपा ने भी अब दिग्विजय सिंह के खिलाफ साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को मैदान में उतार कर लड़ाई दिलचस्प कर दी है। भाजपा ने उन्हें भोपाल से टिकट दिया है। भाजपा ने बुधवार को मध्यप्रदेश के तीन और प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया। राज्य की ही गुना सीट से केपी यादव, सागर से राज बहादुर सिंह, विदिशा से रमाकांत भार्गव को टिकट दिया है।
इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान, राम लाल और प्रभात झा से मुलाकात करने के बाद साध्वी प्रज्ञा भाजपा में शामिल हो गई हैं। पार्टी में शामिल होने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि मैं आधिकारिक तौर पर भाजपा में शामिल हो गई हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं चुनाव लडूंगी भी और जीतूंगा भी। बता दें कि भोपाल लोकसभा सीट पर 12 मई को मतदान किया जाएगा।

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2014 लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार आलोक सांजर ने 7.14 लाख हासिल किए थे वहीं कांग्रेस प्रत्याशी पी.सी. शर्मा को महज 3.43 लाख वोट से संतोष करना पड़ा था। इस बार कांग्रेस ने इस सीट से पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को चुनावी मैदान में उतरा है। हाल ही में मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा संघ मुख्यालय की सुरक्षा वापस लेने का दिग्विजय सिंह ने विरोध किया था। दिग्विजय सिंह लगातार यहां हिन्दुत्व कार्ड खेल रहे थे। जिसके बाद भाजपा भी किसी हिन्दूवादी चेहरे की तलाश में थी। प्रज्ञा के रूप में भाजपा को एक मजबूत हिन्दुत्ववादी चेहरा मिल गया है। बता दें कि भोपाल सीट से दिग्विजय सिंह को टिकट मिलने के बाद से ही भाजपा खेमे में चर्चा तेज हो गई थी। भोपाल सीट से भाजपा की तरफ से शिवराज सिंह चौहान, उमा भारती और नरेंद्र सिंह तोमर तक का नाम सामने आ रहा था।

मालेगांव ब्लास्ट से चर्चा में आईं साध्वी प्रज्ञा

बता दें कि साध्वी प्रज्ञा मालेगांव ब्लास्ट के बाद से चर्चा में आईं थी। दरअसल, 29 सितंबर, 2008 को मालेगांव में एक मस्जिद के बाहर एक मोटर साइकिल में धमाका हुआ। इसमें छह लोगों की मौत हुई थी और 100 घायल हुए थे। जिसके बाद प्रज्ञा ठाकुर लगातर आरोपों का सामना कर रहीं थी और लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद हाल ही में उन्हें जमानत मिली है। यूपीए सरकार ने प्रज्ञा को लगातार हिन्दू आतंकवादी साबित करने की कोशिश की लेकिन आज तक इसके सबूत नहीं उपलब्ध करा पाई।http://www.satyodaya.com

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महाराष्ट्र की जलगांव लोकसभा सीट पर 5 बार से कायम है ‘बीजेपी’ का राज, जानिए वजह…

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सांकेतिक चित्र

महाराष्ट्र: लोकसभा चुनाव 2019 के तहत 23 अप्रैल को तीसरे चरण का मतदान होना है। महराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 14 सीटों पर मतदान होगा। इन्‍हीं सीटों में शामिल है यहां की जलगांव सीट। आपको बता दें कि पिछले पांच चुनावों में बीजेपी ने इस सीट पर कब्‍जा किया हुआ है। इस बार भी यहां बीजेपी का परचम लहरने की उम्मीद रहेगी। वहीं 2014 लोकसभा चुनाव की बात करें तो जलगांव लोकसभा सीट पिछले 20 साल से बीजेपी का गढ़ है।

जानकारी के मुताबिक महाराष्‍ट्र की जलगांव लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत 6 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें जलगांव सिटी, जलगांव रूरल, अमलनेर, एरंडोल, चालीसगांव और पचोरा शामिल हैं। 2019 लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बदलते हुए चालीसगांव से मौजूदा विधायक उन्मेष पाटिल को चुनावी समर में उतारा है। बताते चले कि इस लोकसभा सीट पर 1952 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के हरि विनायक पतसकर ने जीत हासिल की थी।

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महाराष्ट्र की जलगांव लोकसभा सीट पर बीजेपी का पिछले 5 लोकसभा चुनावों से परचम लहरा रहा है। 2014 के चुनाव में बीजेपी के एटी नाना पाटिल ने जीत हासिल की थी। पाटिल को 6,47,773 वोट मिले थे। वहीं एनसीपी (NCP) के सतीश पाटिल को 2,64,248 वोट मिले थे। 2009 में भी एटी नाना पाटिल जीते थे। 2007 के उप चुनाव में बीजेपी के हरिभाऊ जवाले चुनाव जीते थे। 2004 में बीजेपी के वाईजी महाजन ने चुनाव जीता था। 1999 में भी वाईजी महाजन यहां से सांसद बने थे। महाराष्ट्र में 2019 लोकसभा चुनाव के लिए भी शिवसेना और बीजेपी का गठबंधन है। जिसमें दोनों पार्टियों के बीच कुल 48 लोकसभा सीटों में से शिवसेना 23 और बीजेपी 25 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।http://www.satyodaya.com

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क्राइम-कांड

रांची: ‘कुदरत का करिश्मा’ वापस लौटी 6 साल पहले मरी बहू, ससुराल खुश तो जानें मायके वाले क्यों हैं मायूस…

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6 साल से कोर्ट के चक्कर काट रहे थें ससुरालवाले

गिद्दी। आज कल धारावाहिकों ने आम जीवन को बदल कर ही रख दिया है।टीवी सीरियल्स में पुनर्जन्म, मर के वापस आना, यादाश्त जाना और आना आम है।वैसे धारवाहिकों से निकलकर अब ऐसी घटनाएं आम जीवन में भी देखने को मिल रही हैं।दरअसल, छह वर्ष पहले गिद्दी के रिकवा गांव की रहने वाली जोशीला देवी अपने ससुराल से भाग गयी थीं।जिसके बाद मायकेवालों ने ससुरालवालों के खिलाफ दहेज की खातिर हत्या करने का मामला न्यायालय में दर्ज कराया था।

ससुराल व मायकेवालों ने महिला को ढूंढने के बहुत प्रयास किये थें, लेकिन सभी प्रयास असफल रहे।इसके बाद लड़की के पिता टेवालाल महतो ने वर्ष 2013 में न्यायालय में ससुरालवालों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। वर्ष 2014 में विवाहिता के ससुर मैनेजर महतो, पति अशोक कुमार महतो, सास, भैसुर, गोतनी पर दर्ज मामला दर्ज हुआ था। जिसके कारण ससुरालपक्ष आज भी कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने को मजबूर है।

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तीन साल पहले दूसरी शादी करने के बाद भी अशोक ने अपनी पहली पत्नी की तलाश जारी रखी थी। जिसके परिणाम में दो दिन पहले अशोक को उसकी पहली पत्नी जोशीला जीवित मिली। महिला अभी बीआइटी मेसरा थाना क्षेत्र के गेतलातू गांव निवासी नरेश कुमार महतो के साथ रह रही है। गिद्दी पुलिस ने बताया कि महिला को जल्द ही न्यायालय में पेश कर 164 के तहत बयान दर्ज कराया जायेगा।

बीआइटी मेसरा निवासी नरेश महतो का कहना है कि दो वर्ष पहले डेमोटांड़, हजारीबाग में बेहोशी की हालत में जोशीला मिली थी। नरेश की चार वर्ष की एक बच्ची भी है। नरेश महतो का कहना है कि हम उसे सिर्फ रख रहे हैं। हमने उससे शादी नहीं की है। वहीं, दूसरी ओर ससुरालवालों ने महिला को साथ रखने से इनकार कर दिया है।

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जोशीला देवी के मिलने से एक तरफ ससुरालवाले जहां कोर्ट-कचहरी के चक्कर से आजाद होने की ख़ुशी मना रहे हैं। वहीं मायकेवाले अपने किये पर पछता रहे हैं।http://www.satyodaya.com

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राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस का छोड़ा दामन, हुईं शिवसेना में शामिल…

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दिल्ली। कांग्रेस से नाराज चल रही पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने नाराज होकर पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया है। प्रियंका चतुर्वेदी ने बुधवार को आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट के जरिए अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई बदसलूकी से निराशा जाहिर की थी। प्रियंका पिछले दिनों यूपी के मथुरा में थीं। यहां राफेल डील को लेकर हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अभद्र व अमर्यादित व्यवहार किया था। जिस पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संज्ञान में लेकर कार्यकर्ताओं के विरूद्ध त्वरित कार्यवाही की। हालांकि बाद में घटना का खेद प्रकट करने पर कार्रवाई को निरस्त कर दिया।

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इस पूरे मामले पर अफसोस प्रकट करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने दुख को जाहिर किया। प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा, ”बड़े ही दुख की बात है कि पार्टी मारपीट करने वाले बदमाशों को अधिक वरीयता देती है । बजाय जो खून पसीने के साथ काम करते हैं। पार्टी के लिए मैंने अभद्र भाषा से लेकर हाथापाई तक झेली, लेकिन फिर भी जिन लोगों ने मुझे पार्टी के अंदर धमकी दी, उनके साथ कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं.” बता दें, बीजेपी सरकार की आलोचना करने वाली राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी आए दिन सरकार के रवैये पर प्रतिक्रिया देती रहती हैं। पिछले दिनों प्रियंका चतुर्वेदी को एक यूजर ने उनकी बेटी का रेप करने की धमकी दी थी। खबरों के मुताबिक प्रियंका चतुर्वेदी कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद आज शिवसेना जॉइन कर सकती  हैं ।

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April 19, 2019, 3:39 pm
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