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कर्नाटक के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने राज्यसभा में किया जमकर हंगामा

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नई दिल्ली: कर्नाटक के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने आज राज्यसभा में जमकर हंगामा किया। जिससे शून्यकाल बाधित हुआ और सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। सभापति एम. वेंकैया नायडू ने सुबह सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए जरुरी दस्तावेज पटल पर रखवायें। जिसके बाद उन्होंने कहा कि उन्हें कांग्रेस के कपिल सिब्बल और राजीव गौडा के नियम 267 के तहत नोटिस मिले थे, जिन्हें खारिज कर दिया गया है। इससे कांग्रेस के सदस्य अपनी सीटों पर खड़े हो गए और सभापति के फैसले का विरोध करने लगे।

नायडू ने कहा कि सदन में लोकतंत्र को बचाया जाना चाहिए और इसके लिए जरुरी है कि सदन का कामकाज सामान्य रुप से चलता रहे। इसलिए सदस्यों को सदन का कामकाज चलने देना चाहिए। इसके बाद सभापति ने शून्यकाल में अपने मुद्दे उठाने के लिए सदस्यों का नाम पुकारा। इसके लगभग 20 मिनट बाद सदन में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा सदन में आए और कहा कि कांग्रेस के सदस्यों ने नोटिस दिए हैं, उन पर चर्चा होनी चाहिए। कांग्रेस के सभी सदस्य उनके समर्थन में खड़े हो गए और नारेबाजी करने हुए आसन के समक्ष आ गए। सदन में शोर शराबा होने लगा और शर्मा लगातार बोलते रहे जिसे सभापति ने रिकार्ड नहीं करने का निर्देश दिया।

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इस बीच भारतीय जनता पार्टी के भूपेंद्र यादव और विजय गोयल ने कुछ कहने का प्रयास किया। कांग्रेस के सदस्यों की नारेबाजी के बीच सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस के विधायक अपनी पार्टी नेतृत्व के खिलाफ है, तो इसमें भाजपा और सरकार क्या कर सकती है। इस मामले को सदन में उठाने का कोई मतलब नहीं है। नायडू ने कांग्रेस के सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन का कामकाज चलने देने के लिए कहा।

उन्होंने कहा कि सदन में सभापति का फैसला अंतिम होता है, यही परंपरा रही है। अगर किसी सदस्य को आपत्ति है, तो कार्यालय में आकर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन कांग्रेस और भाजपा का झगड़ा सुलझाने के लिए नहीं है। सदन को चलने देना चाहिए, लेकिन कांग्रेस के सदस्यों की नारेबाजी जारी रही। इससे सभापति ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी।http://www.satyodaya.com

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पीवी सिंधु ने BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीत रचा इतिहास

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नई दिल्ली। भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया है। सिंधु  ने रविवार को विमिंस सिंगल्स के फाइनल में जापान की खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा को शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली पीवी सिंधु पहली भारतीय बन गई हैं।

जापानी खिलाड़ी को एकतरफा मुकाबले में हराया

स्विट्जरलैंड के बासेल में खेले गए इस मुकाबले में पीवी सिंधु ने जापानी खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा को एकतरफा हराते हुए गोल्ड मेडल जीता है। 37 मिनट तक चले इस फाइनल मुकाबले में वर्ल्ड की नंबर-5 खिलाड़ी सिंधु ने पहले राउंड में 21-7 से और दूसरे राउंड में भी 21-7 से जापानी खिलाड़ी को मात दी है। इसी के साथ उन्होंने 2017 में ओकुहारा से मिली हार का बदला भी ले लिया।

शुरुआत से ही रहीं हावी

इस पूरे खिताबी मुकाबले में एक भी पल ऐसा नहीं आया जब सिंधु परेशान हुई हों। वे शुरुआत से ही जापानी खिलाड़ी पर हावी रहीं। पहला गेम 16 मिनट का था। सिंधु ने जापानी शटलर से लगातार 7 पॉइंट्स झटक लिए और 8-1 से बढ़त बना ली। पहले गेम में ब्रेक के समय उनकी बढ़त 11-2 हो गई। पूरे 16 मिनट इंडियन शटलर ने जापानी खिलाड़ी पर दबाव बनाए रखा। इस दौरान सिंधु की जबरदस्त स्मैश ने ओकुहारा के पसीने छुड़ा दिए।

ब्रेक के बाद भी सिंधु ने अपना जबरदस्त प्रदर्शन जारी रखा। बीच में जापानी खिलाड़ी ने जरूर दबाव को कुछ कम करने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहीं और इंडियन शटलर ने पहला गेम 21-7 से अपने नाम कर लिया।

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दूसरे गेम में भी पीवी सिंधु ने जबरदस्त प्रदर्शन को जारी रखा और और यह मुकाबला भी 21-7 से जीत इतिहास रच दिया।

चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय

वर्ल्ड चैंपियनशिप में अबतक किसी भी भारतीय ने गोल्ड मेडल नहीं जीता है। शटलर पीवी सिंधु पहली भारतीय हैं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल कर इतिहास बनाया है। हर भारतीय के लिए यह पल बहुत गौरव का है। बता दें, सिंधु का यह कुल 5वां मेडल है। ओलिंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट यह शटलर इससे पहले 2017 और 2018 में सिल्वर और 2013 व 2014 में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं।http://www.satyodaya.com

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मंदी का हल निकालने के बजाय मीडिया मैनेजमेंट में लगी है मोदी सरकार: प्रियंका गांधी

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लखनऊ। देश के कई सेक्टर्स इस समय आर्थिक सुस्ती से परेशान हैं। जिसके चलते कई हजार रोजगार जा चुके हैं और कई लाख रोजगारों पर संकट बरकरार है। वित्तमंत्री मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी आर्थिक मंदी से अर्थव्यवस्था को उभारने के लिए शुक्रवार को कई राहतें दी हैं। लेकिन इसके बावजूद निवेशकों को बड़ी आर्थिक मंदी का डर सता रहा है। विपक्ष ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को ट्वीट कर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। प्रियंका ने आरोप लगाया है कि सरकार मंदी का हल निकालने के बजाय मीडिया मैनेजमेंट करने में लगी हुई है।

उन्होंने ट्वीट किया है कि, मंदी का हल निकालने के नाम पर भाजपा सरकार केवल मीडिया मैनेजमेंट कर रही है। जरुरत है- सरकार पूरी स्थिति स्पष्ट करे। रोजगार न जाएँ इसका हल लाए। कम्पनियों-निवेशकों को भरोसा दिलाए और नए निवेशकों और रोजगारों को प्रोत्साहित करे। सरकर को सार्थक कदम उठाने चाहिए।

पहले भी साध चुकी हैं निशाना

यह को कोई पहली बार नहीं है जब प्रियंका ने सरकार को आर्थिक मोर्चे पर घेरने की कोशिश की हो। इसके पहले भी उन्होंने ट्वीट कर मोदी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि, भाजपा सरकार को अब देश को साफ-साफ बताना चाहिए कि अर्थव्यवस्था की दुर्दशा ऐसी क्यों हो रही है? व्यापार टूट रहा है, उद्योग डगमगा रहे हैं, रुपया कमजोर होता जा रहा है, नौकरियाँ खत्म हो रही हैं। इससे हो रहे नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

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वित्त मंत्री ने खोला राहतों का पिटारा

बता दें, वित्त मंत्री ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेस कर कहा था कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पहले चरण में 70 हजार करोड़ रुपए की धनराशि डालेगी, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को भी 30 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे, विदेशी और घरेलू निवेशकों पर सरचार्ज बढ़ोत्तरी का फैसला भी वापस ले लिया था, छोटे एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के अब तक के सभी लंबित जीएसटी रिफंड का भुगतान अगले 30 दिन के भीतर किया जाएगा, देश के सभी सार्वजनिक बैंक आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में की गई कटौती का फायदा ग्राहकों को तत्काल देने और कर्ज की ब्याज दरों को रेपो रेट से जोड़ने समेत कई अन्य राहतों का ऐलान किया था। http://www.satyodaya.com

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श्रीनगर सचिवालय की बिल्डिंग पर लहराया भारतीय तिरंगा

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नई दिल्ली। 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर में धारा 370 और 35ए खत्म होने के करीब 20 दिन बाद अब राज्य का अलग निशान भी खत्म हो गया। रविवार को श्रीनगर सचिवालय की बिल्डिंग से जम्मू कश्मीर का झण्डा हटा दिया गया और राष्टीय ध्वज तिरंगा लहरा दिया गया। केन्द्र सरकार के फैसले के बाद से अभी तक दोनों दोनों झण्डे एक साथ लहरा रहे थे।
राज्य सरकार के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि अब जम्मू कश्मीर की सभी इमारतों पर तिरंगा ही लहराया जाएगा। आज के बाद जम्मू कश्मीर का झण्डा नहीं लहराया जाएगा। राज्य में भारत सरकार का कानून और संविधान पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। बता दें कि विशेष राज्य का दर्जा खत्म होने के पहले तक जम्मू कश्मीर का अलग झण्डा, संविधान और दंड संहिता होती थी।

जम्मू कश्मीर में अब कई बदलाव देखने को मिलेंगे। राज्य में पहले किसी दूसरे राज्य का निवासी यहां जमीन नहीं खरीद सकता था, लेकिन अब यह पाबंदी खत्म हो गयी। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केन्द्र शासित प्रदेश बना दिए गए हैं। पहले जम्मू कश्मीर की विधान सभा का कार्यकाल 6 साल का होता था लेकिन अब 5 साल का होगा। जम्मू कश्मीर में विधान सभा चुनाव होंगे लेकिन लद्दाख में चंडीगढ. की तरह बिना विधानसभा वाला प्रदेश होगा। जम्मू कश्मीर के लोगों की दोहरी नागरिकता भी खत्म हो गयी अब उन्हें केवल भारतीय नागरिक माना जााएगा। राज्य में अल्पसंख्यकों को आरक्षण भी मिल सकेगा। http://www.satyodaya.com

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August 25, 2019, 9:42 pm
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