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कोरोना बना काल : पुणे और ठाणे में 10 दिनों का फिर Lockdown, नांदेड में कर्फ्यू

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पुणे​: देश ​में कोरोना वायरस संक्रमण के फैल रहे मामले की रोकथाम के लिए महाराष्ट्र के पुणे, पिंपड़ी-चिंचवाड और जिले के कुछ अन्य हिस्सों में 13 जुलाई से 10 दिनों का लॉकडाउन लगाया जाएगा। जबकि ठाणे में जारी लॉकडाउन की अवधि को 19 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। एवं नांदेड़ में 12 से 20 जुलाई तक कर्फ्यू लगाया जाएगा। एक अधिकारी ने ​बातचीत में बताया, कि पुणे, पिंपड़ी-चिंचवाड और जिले के कुछ अन्य हिस्सों में 13 जुलाई की आधी​ ​रात को लॉकडाउन प्रभाव में आएगा। जो 23 जुलाई तक चलेगा। बता दें कि पुणे जिले में गुरुवार को 1803 नए मरीजों के सामने आने से कोविड-19 संक्रमण के मामले 34,399 हो गए, जबकि अबतक 978 लोगों की जान चली गई है।

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अधिकारी के अनुसार, उपमुख्यमंत्री और जिला संरक्षक मंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में लॉकडान लगाने का निर्णय लिया गया। संभागीय आयुक्त (पुणे संभाग) दीपक म्हेसेकर ने कहा, कि 13-18 जुलाई के दौरान लॉकडाउन सख्त होगा और केवल दूध, दवा की दुकानें एवं क्लीनिक को खुलने की इजाजत होगी।

बताते चलें, कि बीते गुरुवार को ठाणे में कोविड के कुल मामले 12,053 हो गए जबकि जिले में कुल 48,856 तक पहुंच गए। उधर, नांदेड़ जिले में 12 जुलाई से 20 जुलाई तक कर्फ्यू लगा रहेगा। जिला प्रशासन के दिशानिर्देश के मुताबिक, कर्फ्यू के दौरान दवा दुकानें और सरकारी कार्यालय सामान्य रूप से खुले रहेंगे। जबकि राशन की दुकानें, सब्जियों की दुकानें, दूध की दुकानें और रसोई गैस की दुकानें निर्धारित अविध के दौरान ही खुलेंगी। जिले में शुक्रवार सुबह तक कोरोना वायरस के कुल मामले बढ़कर 558 हो गए।http://satyodaya.com

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श्रीराम का जन्म स्थान नेपाल में बताने पर केपी शर्मा ओली पर भड़के वसीम रिजवी

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कहा, पाकिस्तान की कठपुतली बन चुका है नेपाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी ने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली पर तीखा हमला बोला है। नेपाल के माडी को भगवान राम का असली जन्म स्थान बताने को लेकर वसीम रिजवी ने तीखी नाराजगी जताई है। सोमवार को एक बयान जारी कर रिजवी ने कहा, नेपाल देश पाकिस्तान की कठपुतली है, जो भगवान राम के जन्मस्थान पर विवाद खड़ा करना चाह रहा है।

रिजवी ने कहा कि नेपाल, पाकिस्तान के हाथों में खेलने वाली वह कठपुतली है जो पाकिस्तान के इशारे पर भगवान श्री राम के जन्मस्थान को विवादित बनाने की कोशिश कर रहा है। नेपाल के प्रधानमंत्री हिंदुस्तान के बाबरी मस्जिद के पैरोकारों के दावों को भी मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। वसीम रिजवी ने कहा, जन्मस्थान सिर्फ एक हो सकता है। पूरी दुनिया जानती है कि भगवान राम का जन्मस्थान उत्तर प्रदेश के अयोध्या में हुआ था। लेकिन नेपाल अपना ईमान और धर्म बेच कर बाबरी मस्जिद के पैरोकारों के दावे को मजबूत कर रहा है। रिजवी ने कहा कि अगर मंदिर बनवाना है तो नेपाल के साथ पाकिस्तान और सऊदी अरब में भी बनवाए। लेकिन अपना ईमान और धर्म बेचकर धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं करना चाहिए।

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बता दें कि रविवार को नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने नेपाल के माडी को भगवान राम का असली जन्म स्थान बताते हुए मंदिर निर्माण कराने का ऐलान किया है। ओली ने स्थानीय प्रतिनिधियों को राम मंदिर निर्माण का प्लान तैयार को भी कहा है। ओली का कहना है कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम के जन्मस्थान की बात झूठी है।http://www.satyodaya.com

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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी कोरोना पाॅजिटिव, अस्पताल में भर्ती

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लखनऊ। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। उनकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है। खुद प्रणब मुखर्जी ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है। श्री मुखर्जी ने कहा कि मैं खुद को सभी से अलग करने के लिए अस्पताल में आइसोलेट होने जा रहा हूं। पूर्व राष्ट्रपति ने उन सभी लोगों को भी खुद से क्वारंटीन होने ओर कोरोना जांच कराने की सलाह दी है, जो लोग पिछले सप्ताह उनसे मिले थे।

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बता दें कि देश में कोरोना महामारी तेजी से फैल रही है। हर आम-ओ-खास इस महामारी की चपेट में आ रहा है। भारत में अब तक कुल 22 लाख से अधिक लोग इस महामारी से संक्रमित हो चुके हैं। जबकि 44,499 लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक 15 लाख 36 हजार 259 मरीजों ने कोरोना को मात भी दी है।http://www.satyodaya.com

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आज तक देश के सामने नहीं लाया गया स्वतंत्रता संग्राम का पूरा सच: शैलेन्द्र दुबे

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काकोरी क्रांति की 95वीं वर्षगांठ पर भारतीय नागरिक परिषद ने आयोजित की संगोष्ठी

लखनऊ। काकोरी क्रांति की 95वीं वर्षगांठ पर रविवार को भारतीय नागरिक परिषद की ओर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एक संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में शामिल वक्ताओं ने काकोरी क्रांति के नायकों को याद करते हुए अमर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता ऑल इंडिया पावर इंजीनियर फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने कहा, काकोरी क्रान्ति ने ब्रिटिश हुकूमत को बुरी तरह हिला कर रख दिया था। सरकारी खजाना लूटकर क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश तख्त को सीधी चुनौती दी थी। काकोरी क्रांति में किसी अंग्रेज को नहीं मारा गया था लेकिन ब्रिटश हुकूमत इतनी दहशत में आ गई थी कि कि उन्होंने चार क्रांतिकारियों को फांसी दे दी।

श्री दुबे ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा प्रचारित किया गया कि भारत को आजादी एक गुट विशेष ने दिलाई। ऐसे लोगों और आज की नौजवान पीढ़ी को यह बताने की जरूरत है कि स्वतंत्रता संग्राम में काकोरी के शहीदों की तरह ही ऐसे न जाने कितने वीरों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया है। क्रांतिकारियों के लिए देश सेवा एक साधना थी। उन्हें इसका न कोई पुरस्कार मिला, न ही उनके नाम पर नगर, भवन या सड़के बनाई गई। फिर भी वे आज अमर हैं और इतिहास में अमर रहेंगे।

श्री दुबे ने कहा कि नई पीढ़ी की देश, धर्म, इतिहास और परंपरा के विषय में अज्ञानता तथा भौतिकता के प्रति अत्यधिक झुकाव को देखते हुए अब यह और अधिक जरूरी हो गया है कि उन्हें भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने जीवन का बलिदान करने वाले महान क्रांतिकारियों का परिचय दिया जाए।

क्रांतिकारियों के किस्से सुनाकर किया रोमांचित

शैलेंद्र दुबे ने काकोरी क्रांति के ट्रेन डकैती का सजीव विवरण प्रस्तुत करते हुए क्रांति के महानायक पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, ठाकुर रोशन सिंह और राजेंद्र लाहिड़ी के विषय में कई रोमांचकारी संस्मरण सुनाए। इन क्रांतिकारियों के बलिदान के फलस्वरूप ही आज हम स्वतंत्र भारत में रह रहे है। आज काकोरी क्रांति के 95 वर्ष पूरे हो गए। जिस उद्देश्य से इन क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती दी थी और स्वतंत्र भारत के जो सपने देखे थे, उस दिशा में यदि हम इमानदारी से कुछ भी कर सकें तो इन अमर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। काकोरी क्रांति में इन्ही चार क्रांतिकारियों को फांसी दी गई थी।

संगोष्ठी को आईआईटी खड़कपुर के पूर्व डायरेक्टर शिशिर कुमार दुबे, पावर कारपोरेशन के पूर्व प्रबंध निदेशक एसके वर्मा, पावर कारपोरेशन के जनरल सेक्रेटरी प्रभात सिंह, लखनऊ के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य डॉ अजय दत्त शर्मा, महाराष्ट्र से अनुराग नायक, सूर्यकांत पवार, गाजियाबाद से अभियंता दिनेश अग्रवाल, प्रख्यात समाजसेवी नीना शर्मा, त्रिभुवन शर्मा, राकेश पाण्डेय, धनंजय द्विवेदी ने संबोधित किया।

आजादी के 73 वर्ष बाद भी स्वतंत्रता संग्राम की सही विवरण नहीं

संगोष्ठी के अंत में भारतीय नागरिक परिषद के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश अग्निहोत्री व महामंत्री रीना त्रिपाठी ने कहा, किसी भी देश की स्वतंत्रता से संबंधित वास्तविक घटनाक्रम और तथ्य जितनी शीघ्रता से प्रकाश में लाया जाए उसका उतना ही अधिक सकारात्मक लाभ देश की जनता को सही मार्ग खोजने में मिलता है। लेकिन दुर्भाग्य है कि स्वतंत्रता के 73 वर्ष बाद भी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सही विवरण अभी तक देशवासियों के सामने नहीं आ सका है। भारतीय नागरिक परिषद ने इसी कार्य को करने का बीड़ा उठाया है। इस प्रकार के कार्यक्रम भारतीय नागरिक परिषद विगत 10 वर्ष से कर रहा है।

कवि उदय भान पांडे ने काकोरी कांड पर सुनाई कविता

संगोष्ठी की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश अग्निहोत्री ने की। कार्यक्रम में कवि और लेखक उदय भान पांडे ने काकोरी कांड पर कविता के द्वारा कार्यक्रम को शुरू किया। भारतीय नागरिक परिषद कि मंत्री निशा सिंह ने क्रांतिकारियों को समर्पित गीत गाया तो वहीं तृप्ति भदोरिया ने बुंदेलखंड के गीत के माध्यम से क्रांतिकारियों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। परिषद की महामंत्री रीना त्रिपाठी ने संगोष्ठी का संचालन किया।

संगोष्ठी में शामिल रहे वक्ता और विद्धान

कार्यक्रम में निशा सिंह, उषा त्रिपाठी, निष्ठा मिश्रा, कालिंदी रघुवंशी, महोबा से सविता सिंह, प्रेमा जोशी, चित्र त्रिपाठी, अमिता सचान के रूप में महिला प्रतिनिधि उपस्थित रहीं। राम कुमार पांडे, आलोक पांडे, आशुतोष पांडे, दीपक मिश्रा, हरेंद्र नाथ पांडे, नारायण सास्वत, शिव प्रकाश दीक्षित, विजय कुमार सिंह, विपिन मिश्रा, राम व्यास, राजेश्वर द्विवेदी,

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आलोक पांडे, श्रीकांत उपाध्याय, पुष्पेंद्र मिश्रा, राम मनोहर अवस्थी, कनिष्क राय, शरद मिश्रा, एस गौतम, आरपी त्रिपाठी, सुरेश कुमार, राम नरेश उपाध्याय आदि लोगों ने क्रांतिकारियों को नमन करते हुए अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संपन्न हुई संगोष्ठी में अनेक विद्वान, बुद्धिजीवी, कर्मचारी, अधिकारी, अधिवक्ता, शिक्षक और आमजन बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।http://www.satyodaya.com

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