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मशहूर सिंगर एसपी बालासुब्रमण्यम की बिगड़ी तबीयत, कोरोना रिपोर्ट आई थी पॉजिटिव

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चेन्नई। किसी जमाने में सलमान खान की आवाज कहे जाने वाले और बॉलीवुड समेत दक्षिण भारतीय सिनेमा को कई सुपरहिट गाने दे चुके मशहूर गायक एसपी बालासुब्रमण्यम की तबीयत बिगड़ गई है। बताया जा रहा है कि कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन अब उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में ले जाया गया है। बालासुब्रमण्यम की उम्र अब 74 साल है, ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है।

गौरतलब हो कि सिंगर एसपी बालासुब्रमण्यम ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर इसी महीने की शुरुआत में ही एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसके जरिए उन्होंने बताया था कि उन्हें ठंड और बुखार के साथ कुछ दिनों से सीने में जकड़न की शिकायत थी। जिसके बाद उन्हें अपना कोरोना टेस्ट करवाना पड़ा और बाद में उनकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। शुरुआत में तो डॉक्टर्स ने उन्हें घर में ही रहने की सलाह दी थी लेकिन बाद में परिजवारी जनों ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट करवाया।

जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा था लेकिन शुक्रवार को यह खबर सामने आई है कि सिंगर की हालत लगातार बिगड़ रही है, जिसकी वजह से अब उन्हें आईसीयू में ले जाया गया है। एसपी सुब्रमण्यम की गिनती ऐसे जाने माने सिंगरों में होती है, जिन्होंने अपनी आवाज में कई सुपरहिट गाने फिल्म इंडस्ट्री को दिए हैं और वो गाने आज भी लोगों की जुबान पर सुनने को मिल जाते हैं।

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उन्होंने अपने करियर में एक या दो नहीं बल्कि अलग-अलग भाषाओं में चालीस हजार गाने गाए हैं। एसपी बालासुब्रमण्यम का जन्मदन भी आज के ही दिन 1946 में आंध्र प्रदेश में हुआ था। येसुदास के बाद एसपी बालासुब्रमण्यम बेस्ट मेल सिंगर का नेशनल अवॉर्ड जीतने के मामले में दूसरे स्थान पर हैं। वह अभी तक 6 बार यह अवॉर्ड जीत चुके हैं। इन्हें एसबीपी या बालु के नाम से भी जाना जाता है।

इनके नाम दर्ज है ये शानदार रिकॉर्ड

बताया जाता है कि एसपी बालासुब्रमण्मय के नाम वैसे तो कई रिकॉर्ड दर्ज हैं लेकिन सबसे बड़ा कीर्तिमान ये है कि उन्होंने 12 घंटों में लगातार 21 गाने गाए थे। उन्होंने पहली बार 1966 में पहली बार एक तेलुगू फिल्म में गाना गाया था। जिसके बाद साल 1989 में आई मैंने प्यार किया के गाने दिल दीवाना बिन सजना के माने ना को भी उन्होंने अपनी आवाज दी और इस गाने के लिए उन्हें बेस्ट मेल प्ले बैक सिंगर का अवॉर्ड भी मिला। इसके अलावा फिल्म साजन का ‘बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम’ और ‘तुमसे मिलने की तमन्ना है’ जैसे सुपरहिट गाने भी बालासुब्रमण्यम ने ही गाए हैं।http://www.satyodaya.com

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विवादित ढांचा विध्वंस मामले में CBI कोर्ट के फैसले पर उठाए सवाल

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लखनऊ। अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले में स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया है। कोर्ट के फैसले को एक पक्ष ने जहां ऐतिहासिक बताया है तो वहीं दूसरे पक्ष ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी, एआईएमआईएम के अध्यक्ष और सांसद असदउद्दीन ओवैसी और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सीबीआई की विशेष कोर्ट के फैसले पर सख्त नाराजगी जाहिर की है।

फैसले के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा है कि कोर्ट ने साक्ष्यों को नजरअंदाज किया है। ढांचा ढहाए जाने के समय वहां पुलिस व प्रशासन के अधिकारी, वरिष्ठ पत्रकार भी मौजूद थे। उनकी गवाहियों का क्या हुआ? क्या वह लोग झूठ बोल रहे हैं? जिलानी ने कहा है कि वह अब इस मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।

न्याय के इतिहास का काला दिन: ओवैसी

एआईएमआईएम के अध्यक्ष और सांसद असदउद्दीन आवैसी ने कोर्ट का फैसला आने के तुरंत बाद पत्रकार वार्ता कर अपना विरोध दर्ज कराया। ओवैसी ने आज अपराधियों को क्लीनचिट दी जा रही है, यह न्याय के इतिहास का काला दिन है। ओवैसी ने कहा कि यह आखिरी फैसला नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आखिरी निर्णय होता है। कोर्ट के फैसले से असहमत होना, अवमानना नहीं होता।

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ओवैसी ने कहा कि सीबीआई को अपनी स्वतंत्रता बरकरार रखनी होगी तो वह अपील करेगी। यदि वह फैसले के खिलाफ अपील नहीं करेगी तो हम हम मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से कहेंगे कि इसके खिलाफ अपील करे। एआईएमआईएम अध्यक्ष ने कहा कि उस दिन क्या कोई जाद हुआ था? किसने किया था मेरी मस्जिद को शहीद? ओवैसी ने कहा कि बाबरी मस्जिद को ढहाने वालों को दोषमुक्त कर संदेश दिया जा रहा है कि मथुरा और काशी में भी यही करो, रुल ऑफ लॉ की चिंता नहीं है, वे करते जाएँगे, क्लीन चिट मिलता जाएगा।

सीबीआई के विशेष जज का फैसला न्याय का मजाक बनाने जैसा

माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी ने भी सीबीआई के विशेष कोर्ट के निर्णय पर आश्चर्य जाहिर किया है। येचुरी ने फैसले का मजाक बताते हुए ट्वीट कर कहा, यह न्याय का मजाक बनाने जैसा है। बाबरी मस्जिद विध्वंस के आरोपियों को बरी कर दिया गया है। एक मस्जिद खुद गिर गई? उस समय की सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली संवैधानिक पीठ ने इसे कानून का भयावह उल्लंघन बताया था। अब ये फैसला! शर्मनाक।

न्यायपालिका में न्याय नहीं होता: प्रशांत भूषण

वहीं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा, इस निर्णय से यही साबित होगा कि न्यायपालिका में न्याय नहीं होता। बस एक भ्रम रहता है कि न्याय किया जाएगा। भूषण ने कहा, ऐसे ही निर्णय की संभावना थी। क्योंकि जमीन के मालिकाना हक पर फैसला पहले ही सुनाया जा चुका है। वो भी उस पक्ष के हक में, जो मस्जिद ढहाए जाने का आरोपी था। प्रशांत भूषण ने कहा कि इस फैसले से मुसलमान समुदाय में द्वेष बढ़ेगा क्योंकि कोई भी फैसला उन्हें अपने हक में नहीं लगेगा।http://www.satyodaya.com

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अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले में सभी आरोपी बरी

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लखनऊ। अयोध्या के बहुचर्चित विवादित ढांचा विध्वंस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है। स्पेशल सीबीआई कोर्ट के जज सुरेन्द्र कुमार यादव ने सभी लालकृष्ण आडवाणी, उमाभारती, मुरली मनोहर जोशी सभी 32 आरोपियों को बेगुनाह करार दिया है। 6 दिसंबर 1992 को हुए ढांचा विध्वंस मामले में करीब 28 साल बाद यह फैसला आया है। फैसला सुनाते हुए जज सुरेन्द्र कुमार यादव ने कहा, विवादित ढांचा विध्वंस कांड पूर्वनियोजित नहीं था।

आरोपी बनाए गए लोगों के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत भी नहीं हैं।सुनवाई के समय साक्षी महाराज, साध्वी ऋतंभरा, विनय कटियार, चंपत राय, वेदांती, पवन पांडेय, आचार्य धर्मेन्द्र देव सहित 26 आरोपी आज अदालत में उपस्थित थे।#BabriMasjid#BabriDemolitionCase

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बता दें कि सीबीआई ने कुल 49 लोगों को आरोपी बनाया था। जिनमें से 17 अभियुक्तों का निधन हो चुका है। वर्तमान समय में केवल 32 आरोपी ही जिंदा हैं, जो अब जीवन के अंतिम पड़ाव में पहुंच चुके हैं।

6 आरोपी अदालत में नहीं आए

कोर्ट ने सुनवाई के समय सभी 32 आरोपियों को मौजूद रहने का आदेश दिया था। पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, महंत नृत्य गोपाल दास, सतीश प्रधान एवं पूर्व मुख्यमंत्री/राज्यपाल कल्याण सिंह सहित 6 आरोपी अदालत में मौजूद नहीं थे। इन लोगों को बीमारी वह कोरोना के चलते अदालत में मौजूद होने की छूट दी गई थी, इन लोगों ने घर से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत का फैसला सुना।#BabriDemolitionCase

कुल 49 अभियुक्तों में से 17 की हो चुकी है मौत

बता दें कि सीबीआई ने विवादित ढांचा विध्वंस मामले में कुल 49 लोगों को आरोपी बनाया था। इसमें ज्यादातर लोग भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए थे। कोर्ट के फैसले से लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, डॉ. राम विलास वेदांती, चंपत राय, महंत धर्मदास, सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह, प्रकाश शर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दुबे, गांधी यादव, रामजी गुप्ता, ब्रज भूषण शरण सिंह, कमलेश त्रिपाठी, रामचंद्र खत्री, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडेय, अमर नाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, महाराज स्वामी साक्षी, विनय कुमार राय, नवीन भाई शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धर्मेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़, धर्मेंद्र सिंह गुर्जर को बड़ी राहत मिली है।

17 अभियुक्तों की मौत

28 वर्षों से चली आ रही इस कार्यवाही के दौरान अब तक 17 अभियुक्तों की मौत हो चुकी है।अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णु हरि डालमिया, मोरेश्वर सावें, महंत अवैद्यनाथ, महामंडलेश्वर जगदीश मुनि महाराज, बैकुंठ लाल शर्मा, परमहंस रामचंद्र दास, डॉ. सतीश नागर, बालासाहेब ठाकरे, तत्कालीन एसएसपी डीबी राय, रमेश प्रताप सिंह, महात्यागी हरगोविंद सिंह, लक्ष्मी नारायण दास, राम नारायण दास और विनोद कुमार बंसल। http://www.satyodaya.com

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महिलाओं के खिलाफ अपराध में 7% का इजाफा, हर दिन दर्ज हो रहे 87 रेप केस- NCRB

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लखनऊ। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में दुनियाभर में लगे लॉकडाउन के बीच एक नई चुनौती सामने आ गई है। आज दुनियाभर में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में भारी बढ़ोतरी आई है। भारत में 2019 में प्रतिदिन बलात्कार के औसतन 87 मामले दर्ज हुए और साल भर के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 4,05,861 मामले दर्ज हुए जो 2018 की तुलना में सात प्रतिशत अधिक हैं।सरकार की ओर से जारी ताजा आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, देश में 2018 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 3,78,236 मामले दर्ज हुए। आंकड़ों के अनुसार 2019 में बलात्कार के कुल 32,033 मामले दर्ज हुए जो साल भर के दौरान महिलाओं के विरुद्ध अपराध के कुल मामलों का 7.3 प्रतिशत था। केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाला NCRB देश भर के क्राइम डेटा को इकट्ठा कर उसका एनलासिस करती है।

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एजेंसी ने 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों और 53 महानगरों के आंकड़ों को समेटने के बाद तीन हिस्सों में रिपोर्ट तैयार की है। नवीनतम सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2019 में भारत में प्रतिदिन हत्या के औसतन 79 मामले दर्ज किए गए। 2019 में हत्या के कुल 28,918 मामले दर्ज किए गए। जो 2018 (29,017 मामलों) की अपेक्षा 0.3 प्रतिशत कम है।

गृह मंत्रालय ने बताया कहा कि नवीनतम डेटा में पश्चिम बंगाल द्वारा आंकड़े साझा नहीं किए गए जिसकी वजह सेराष्ट्रीय और शहर-वार आंकड़ों के लिए 2018 के डेटा का उपयोग किया गया है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का धन्यवाद किया जिन्होंने कोरोनोवायरस प्रकोप के दौरान डेटा इकट्ठा करने का काम किया। http://www.satyodaya.com

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