Connect with us

देश

चक्रवात ‘बुलबुल’ का कहर लगातार जारी, तेज तूफान ने ली 3 की जान…

Published

on

बुलबुल

फाइल फोटो

नई दिल्ली। ‘महा’ के बाद अब चक्रवाती तूफान ‘बुलबुल’का कहर देशभर में जारी है। बीते शनिवार चक्रवाती तूफ़ान बुलबुल ने  आधी रात को पश्चिम बंगाल के सागर आइलैंड और बांग्लादेश के खेपुपारा इलाके में दस्तक दी। इससे कई जगह भूस्खलन की खबर है जिससे सुंदरबन डेल्टा पर उत्तर-पूर्व में बांग्लादेश को नुकसान पहुंचा। हालांकि दक्षिण परगना और कोलकाता में बारिश रुक गई है, लेकिन तेज हवाओं से खतरा बना हुआ है।

आपको बता दें इन सभी इलाकों में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। तेज हवाओं की चपेट में आने से अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। बंगाल में तूफान की वजह से 24 परगना उत्तरी, 24 परगना दक्षिणी, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिमी मिदनापुर, हावड़ा, कोलकाता और झाड़ग्राम प्रभावित हुए हैं। ऐसे में ममता सरकार ने इन सात जिलों के स्कूलों में अवकाश का ऐलान किया है। वहीं निजी स्कूलों से भी ऐसा करने के लिए कहा गया है। वहीं आपदा प्रतिक्रिया बल भी राहत और बचाव सामग्रियों के साथ परिस्थिति से निपटने के लिए सतर्क है। इस चक्रवाती तूफान का असर ओडिशा में भी देखने को मिला, जहां तेज हवा के चलते सैकड़ों पेड़ उखड़ गए। हालांकि सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और दमकल के कर्मचारी लगाए गए।

ये भी पढ़ें:सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने पर पुलिस ने 37 लोगों को किया गिरफ्तार

बता दें ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में 1070 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बालासोर और जगतसिंहपुर जिले में भी 1500 से ज्यादा लोगों फंसे हुए थे। जिन्हें बाद में सुरक्षित जगहों पर भेजा गया। वहीं केंद्रपाड़ा जिले के राजकनिका पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत गजराजपुर गांव में एस्बेस्टस गिरने से 70 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हो गई है। मृतक की पहचान गणेश्वर मलिक के रूप में हुई है। यह हादसा तब हुआ जब बुजुर्ग अपने घर में सो रहा था।

इसके साथ ही लोगों को समुद्र के नजदीक या तटीय क्षेत्रों में जाना भी बंद कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार लगभग रात ढाई बजे सुंदरबन नेशनल पार्क (बंगाल का दक्षिण 24 परगना जिला) से 12 किमी दक्षिण-पश्चिम की ओर बंगाल और बांग्लादेश के तटीय इलाकों में बुलबुल तूफान का दबाव दर्ज किया गया। इन इलाकों के तटीय क्षेत्रों में अगले 12 घंटे तक स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है।

मछुआरों को समुद्र किनारे ना जाने की मिली सलाह

उत्तरी ओडिशा और बंगाल के तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने का सख्त निर्देश दिया गया है। अगले 18 घंटे तक बंगाल की खाड़ी में न जाने की हिदायत दी गई है। वहीं तेज तूफान के कारण दक्षिण असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के कुछ इलाकों में अगले 36 घंटे में मध्यम या भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया गया है।http://www.satyodaya.com

देश

केरल में मॉनसून ने दी दस्तक, 9 जिलों में येलो अलर्ट घोषित

Published

on

नई दिल्ली। देश में मॉनसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। मॉनसून अपने तय समय पर केरल में दस्तक दे चुका है। जिसके बाद राज्य के 9 जिलों में यलो अलर्ट जारी के दिया गया है।  जिसमें तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, मलप्पुरम और कन्नूर जिला शामिल है।

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल पहुंच गया है। भारतीय मौसम विज्ञान के उप महानिदेशक आनंद कुमार शर्मा ने सोमवार को कहा कि आज केरल में मॉनसून का आगमन हुआ। कम दवाब के क्षेत्र की वजह से बने अवसाद के कारण 3-4 तारीख के बीच दादरा नगर हवेली, नॉर्थ कोंकण, नॉर्थ मध्य महाराष्ट्र, दमन दीव में भारी बारिश होगी। यहां लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि केरल के ज्यादातर इलाकों में भारी बारिश हो रही है। जिसकी चलते तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक तिरुवनंतपुरम में दिन का तापमान 25 डिग्री तक चला गया है। केरल के दक्षिण तटीय इलाकों और लक्षद्वीप में बीते चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है।

यह भी पढ़ें:- मुंबई: संगीतकार वाजिद खान का निधन, किडनी की बीमारी से थे पीड़ित

बता दें कि मौसम विभाग ने  पहले ही मॉनसून से होने वाली बारिश बताया था। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने रविवार को कहा था कि अभी तक मॉनसून केरल नहीं पहुंचा है। हम नियमित रूप से इस पर नजर बनाए हुए हैं। 1 जून को केरल में मॉनसून के दस्तक देने का अनुमान है। भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून हर साल जून से लेकर सितंबर तक 4 महीनों तक रहता है। यह सबसे पहले केरल में प्रवेश करता है। इसके बाद अलग-अलग वक्त पर देश की अलग-अलग जगहों पर पहुंचता है। वहीं विभाग के मुताबिक इस साल मॉनसून सामान्य रहेगा।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

देश

World Milk Day 2020: जाने, क्यों और कैसे हुई थी इस दिन को मनाने की शुरूआत

Published

on

दुनियाभर में आज यानि 1 जून विश्व दुग्ध दिवस के रूप में मनाया जाता है। सबसे पहले दुग्ध दिवस की शुरूआत आज से बीस साल पहले की गई थी। जिसे यूनाइटेड नेशन ने शुरू किया था। इस दिन की शुरूआत करने का उद्देश्य दुनिया में दूध की महत्ता बतानी थी क्योंकि ये दुनिया में सबसे ज्यादा पोषक खाद्य पदार्थ है। इसके साथ ही ये दिन डेयरी क्षेत्र के लिए भी बेहद खास दिन है। दूध और दूध से बने पदार्थों के फायदे और इनकी खासियत बताने के लिए इस दिन को शुरू किया गया था। इसके साथ ही विश्व दुग्ध दिवस मनाने से लोगों को ये भी पता चला कि कैसे डेयरी क्षेत्र लाखों लोगों के जीवनयापन का केंद्र है।

#world milk day

यह भी पढ़ें: इलाहाबाद: गंगा दशहरा पर साधु-संतों ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी


विश्व दुग्ध दिवस की स्थापना किसने की?
विश्व दुग्ध दिवस संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) द्वारा स्थापित की गयी थी ये एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस है, जो वैश्विक भोजन के रूप में दूध के महत्व को पहचानता है। 2001 के बाद से हर साल 1 जून को यह दिन मनाया जाता है। इस साल विश्व दुग्ध दिवस ’20th Anniversary of World Milk Day’ यानि 20 वीं सालगिरह है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

देश

विश्‍व में सबसे ज्‍यादा COVID-19 प्रभावित देशों की सूची में भारत 7वें स्‍थान पर

Published

on

लखनऊ: देश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है और रविवार को भारत यूरोप के सबसे अधिक प्रभावित दो देशों जर्मनी और फ्रांस को पीछे छोड़ कर सातवें स्थान पर पहुंच गया। जर्मनी में संक्रमितों की संख्या एक लाख 83 हजार से कुछ ज्यादा है, जबकि जर्मनी में एक लाख 88 हजार से कुछ ज्यादा संक्रमित हैं। रविवार की देर शाम तक भारत में संक्रमितों की संख्या एक लाख 89 हजार से ऊपर पहुंच गई। अब भारत से ऊपर छह देश हैं, जिनमें से तीन देशों- इटली, स्पेन और ब्रिटेन में संक्रमितों की संख्या का बढ़ना कम हो गया या बंद हो गया है। भारत के अलावा सिर्फ तीन देशों- अमेरिका, ब्राजील और रूस में संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

यह भी पढ़ें: लॉकडाउन 5.0 में सरकार ने दी रियायत, यात्रियों के लिए रूटीन ट्रेनों का संचालन शुरू

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 8392 नये मामले सामने आए हैं जिससे संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,90,535 हो गयी। इस दौरान और 230 लोगों की मृत्यु के बाद कुल मृतकों की संख्या 5394 हो गयी। स्वस्थ होने की तुलना में नये मामलों की दर अधिक होने के कारण सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 93,322 हो गयी है।

देश में महाराष्ट्र ​राज्य ​सबसे ज्यादा प्रभावित​ ​ 

कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा संक्रमित महाराष्ट्र में रविवार को 2,487 मामले आए, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 67,655 हो गई। महाराष्ट्र के बाद इपीसेंटर के तौर पर उभरे तमिलनाडु में पहली बार एक हजार से ज्यादा मामले आए। राज्य में रविवार को 1,149 मामले सामने आए, जिसके बाद राज्य में मरीजों की संख्या 22,333 पहुंच गई। तमिलनाडु में पिछले चार दिन से आठ से सौ ज्यादा मामले आ रहे थे।

कोरोना से एक दिन में 173 मौतें

कोरोना वायरस से संक्रमितों में मरने वालों की संख्या में रविवार को लगातार तीसरे दिन बड़ा इजाफा हुआ। रविवार की देर शाम तक देश भर में 173 लोगों की मौत हुई। इसमें गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश का आंकड़ा शामिल नहीं है। तभी अंदाजा है कि देर रात तक देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या दो सौ से ज्यादा हो जाएगी। गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को छोड़ कर मरने वालों का आंकड़ा रविवार की शाम तक 5,358 पहुंच गया था।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

June 2, 2020, 11:20 am
Mostly cloudy
Mostly cloudy
31°C
real feel: 38°C
current pressure: 1010 mb
humidity: 70%
wind speed: 1 m/s SSE
wind gusts: 1 m/s
UV-Index: 5
sunrise: 4:43 am
sunset: 6:27 pm
 

Recent Posts

Trending