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रांची: शाम के बाद न निकले घर के बाहर, जानें किन जगहों पर चक्रवात फनी दे सकता है दस्तक…

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देर शाम चक्रवाती तूफ़ान मचा सकता है तबाही

रांची। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘फनी’ ने ओडिशा में दस्तक दे दी है।ऐसे में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने चक्रवाती तूफान फनी को लेकर राज्य के 13 जिलों को विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिये हैं। जिलों के अधिकारियों ने बचाव सम्बन्धी कार्रवाई शुरू कर दी है।शुक्रवार को शाम 5:30 बजे से शनिवार शाम 5:30 बजे तक पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, साहेबगंज, पाकुड़ व गोड्डा जिले में 40-60 किमी\प्रति घंटा की रफ़्तार से तीज हवा,बारिश और वज्रपात होने की संभावनाएं हैं।

ऐसे में सभी लोगों को सतर्क व बचाव के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।फनी को लेकर सभी जिलों के आपात कंट्रोल रूम को एक्टिव रहने को कहा गया है। वहीं प्रशासनिक व अनिवार्य सेवाओं से संबंधित पदाधिकारियों का अवकाश रद्द करते हुए उन्हें इससे निपटने के तरीके ढूंढने के लिए कहा गया है।

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अनिवार्य सेवा पुलिस, स्वास्थ्य सरकारी व निजी, विद्युत, पेयजल, यातायात, वन व पर्यावरण, ब्लड बैंक, दवा दुकान, एंबुलेंस आदि को 24 घंटे सक्रिय रहने को कहा गया है। मेला, शादी व अन्य समारोहों के लिए मजबूत पंडाल बनाने को कहा गया है। यथा संभव अवधि में कार्यक्रम स्थगित रखने का प्रयास करने को कहा गया है। सरकारी और गैर-सरकारी सभी स्कूल दो दिनों के लिए बंद किये गए हैं।

अग्निशमन व आपातकालीन सेवा के अधिकारियों, कर्मचारियों को उपलब्ध रहने को कहा गया है। संबंधित उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। सभी सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों से कहा जा रहा है कि उनके आसपास के कमजोर व सूखे पेड़ों की कटाई करायें। सभी सीओ, बीडीओ, मेडिकल अफसर, सीडीपीओ, बीएसओ को अपने क्षेत्र में सतर्क रहने का निर्देश देने को कहा गया है।

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इसके साथ ही आम-जनता से शांत रहने की अपील की जा रही है। अपने साथ-साथ अपने आस-पास के लोगों की भी सहयता करे। किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें। किसी भी बात की पुष्टि के लिए आधिकारिक सूचना का इन्तजार करें।http://www.satyodaya.com

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रांची: बुर्का पहन कर आई छात्रा को कॉलेज ने नही दी डिग्री

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लखनऊ । पिछले कई दिनों से कॉलेजों में ड्रेस कोड को लेकर गहमागहमी मची हुई है। कई कॉलेज में ड्रेस को लेकर अजीबोगरीब नियम बनाए जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला रांची के मारवाड़ी कॉलेज की ग्रेजुएशन सेरेमनी में हुआ है। जहां डिग्री लेने निशत फातिमा को डिग्री नहीं दिया गया। क्योंकि वो बुर्का पहनकर डिग्री लेने आई थीं।

निशत ने सत्र 2011-14 में मारवाड़ी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। निशत को नहीं मालूम था कि बुर्का पहनकर डिग्री लेने आना उनके लिए इतना तकलीफदेह होगा। निशत ने ग्रेजुएशन में बीएससी गणित ऑनर्स में 93 फीसदी अंक हासिल किए थे। उन्हें कॉलेज में सभी विषयों में उसे सबसे अधिक अंक मिले थे।

आप को बता दें कि निशत कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुर्का पहन कर आई थी। समारोह में गोल्ड मेडल के लिए उनका नाम पुकारा गया। उन्हें सबसे पहले मेडल लेना था। लेकिन वहीं नाम बुलाने के साथ ही मंच से घोषणा कर दी गई कि वह कॉलेज द्वारा तय ड्रेस कोड में नहीं आई हैं। इस लिए उन्हें समारोह में डिग्री नहीं दी जाएगी। इसके बाद वह मंच पर नहीं चढ़ी। जिसके बाद दूसरे टॉपर्स को मेडल और डिग्री देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

ड्रेस कोड तय होने के बावजूद बुर्के में आने पे निशत के पिता मुहम्मद इकरामुल हक ने कहा कि बुर्का हमारी परंपरा में शामिल है। बता दें कि टॉपर्स को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और रांची विवि के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय ने डिग्री प्रदान की।

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ग्रेजुएशन सेरेमनी को लेकर कॉलेज की ओर से ड्रेस कोड पहले से तय किया गया था। जिसमें छात्र को सफेद रंग का कुर्ता पायजामा और छात्राओं को सलवार-सूट, दुपट्टा या साड़ी ब्लाउज में आना था। इसके लिए कॉलेज द्वारा पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था। http://www.satyodaya.com

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विवाद में बीच-बचाव करने गए किशोर की चाकू गोदकर हत्या

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प्रतिकात्मक चित्र

नई दिल्ली। गुरुग्राम हमेशा से ही जटिल घटना के चलते सुर्खियों में रहा है। लेकिन इस बार मामला कुछ अलग ही है, जहां दो बदमाश आपस में ही भीड़ गए। यह देखकर एक लड़के ने झगड़ा रोकने का प्रयास किया। इसी बीच बदमाशों ने लड़के को चाकू मार दी। जिससे गंभीर रुप से घायल हो गया। जिसके बाद इलाज के लिए उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत्य घोषित कर दिया। वहीं पुलिस मामले की जांच कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

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जानकारी के मुताबित सदर थाना क्षेत्र की यह वारदात है। जहां एक 17 साल के किशोर संजीत को बदमाशों ने पहले बेसबॉल से पीटा फिर उस पर चाकुओं से हमला कर दिया। वारदात में शामिल हत्या के दो आरोपियों को रविवार देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

बता दें कि इससे पहले गुरुग्राम में गुरुवार को दंपति की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में दंपति को 7 साल के बेटे की आंखों के सामने अंजाम दिया गया था। घटनास्थल पर पहुंची क्राइम टीम को शुरुआती जांच में लगा है कि इस अंजाम को देने से पहले हत्यारों ने उसके पति को शराब भी पिलाई होगी। जिसके बाद दंपति का कत्ल किया गया होगा। जिस मकान में दंपति का कत्ल किया गया, वहां पति-पत्नी किराये पर रहते थे। पत्नी ज्योति के साथ कत्ल किया गया विक्रम सिंह जिला इटावा, यूपी का रहने वाला था।http://satyodaya.com

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कमल हासन बोले, कोई शाह, सुल्तान या सम्राट हम पर हिन्दी नहीं थोप सकता…

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नई दिल्ली। हिन्दी दिवस पर हिन्दी को राष्टभाषा बनाने की अपील के बाद से हिन्दी पर राजनीति थमती नजर नहीं आ रही है। गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद से ही कांग्रेस व दक्षिण भारतीय राज्यों में हिन्दी विरोध तेज हो गया है। कनार्टक से लेकर तमिलनाडु तक सभी तमाम राजनीति दलों ने गृहमंत्री के बयान पर आपत्ति जतायी है। हिन्दी की इस लड़ाई में दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार रहे कमल हासन भी कूद पड़े हैं। कमल हासन राजनीति में अभी नए-नए ही आए हैं। कमल हासन ने चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी मातृभाषा तमिल ही रहेगी।

कमल हासन ने सोमवार को ट्वीटर पर एक वीडियो अपलोड करते हुए लिखा, पूरे देश पर एक भाषा को थोपा नहीं जा सकता, अगर ऐसा होता है तो बड़ा आंदोलन होगा, यह आंदोलन तमिलनाडु के जल्लीकट्टू की तुलना में बड़ा होगा। इतना ही नहीं, कमल हासन ने कहा कि 1950 में जब भारत गणतंत्र बना तो यह वादा किया गया था कि देश में प्रत्येक भाषा और कल्चर का सम्मान किया जाएगा और उन्हें संरक्षण दिया जाएगा। कमल हासन ने चेतावनी देते हुए कहा कि कोई शाह, सुल्तान या सम्राट इस वादे को तोड़ नहीं सकता। कहा कि जल्लीकट्टू मात्र विरोध प्रदर्शन था। हमारी भाषा के लिए जंग उससे बड़ी होगी।

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अभिनेता ने कहा कि देश के कई राजाओं ने अपना सब कुछ देश की एकता के लिए न्यौछावर कर दिया। लेकिन लोगों ने अपनी भाषा और संस्कृति को नहीं छोड़ा, न कोई छोड़ना चाहता है। कमल हासन ने कहा कि देश में किसी पर कुछ थोपा नहीं जा सकता। एक स्तम्भ के पास खड़े होकर शूट किए गए वीडियो में कमल हासन ने कहा कि तमिल को लंबे समय तक जीने दो, देश को समृद्ध होने दो। बता दें कि इससे पहले 15 सितंबर को हिन्दी दिवस पर गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था, हिन्दी हमारी राजभाषा है, लेकिन पूरे देश को एकता के सूत्र में पिराने के एक भाषा होनी चाहिए और वह हिन्दी ही हो सकती है। गृहमंत्री के इस बयान के बाद से ही दक्षिण भारतीय राजनीतिक दलों में हिन्दी विरोध की होड़ लग गई।

स्वामी ने दिया करारा जवाब

कमल हासल के हिन्दी विरोधी वीडियो पोस्ट करते ही भाजपा नेता व वकील सुब्रमण्यम स्वामी ने भी ट्वीट किया है। स्वामी ने लिखा, एमके स्टालिन हिन्दी थोपने की बात कर रहे हैं। तमिलनाडु में हिन्दी न पढ़ाने को लेकर वो क्या कहेंगे? हिन्दी को भी तमिलनाडु में आॅप्शनल भाषा बनने देना चाहिए। http://www.satyodaya.com

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September 17, 2019, 1:31 am
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