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डॉ. रक्षंदा जलील को मिला वाणी फाउण्डेशन विशिष्ट अनुवादक पुरस्कार

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जयपुर। प्रसिद्ध साहित्यिक इतिहासकार डॉ. रक्षंदा जलील को 5वां वाणी फाउण्डेशन विशिष्ट अनुवादक पुरस्कार प्रदान किया गया है। बुधवार को जयपुर स्थित डिग्गी पैलेस के बुकमार्क दरबार हॉल में वाणी प्रकाशन और जयपुर बुक मार्क की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. रक्षंदा जलील को पुरस्कार स्वरूप एक लाख रुपए की धनराशि व वाणी प्रकाशन ग्रुप का सम्मान चिन्ह प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत में नॉर्वे के राजदूत एचई हैंस जैकब फ्राइडनलंड और अभिनेत्री, राजनीतिज्ञ व केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की सदस्य वाणी त्रिपाठी ’टिक्कू’ उपस्थित रहीं।

नॉर्वे के राजदूत एच.ई हेंस जैकब फ्राइडनलंड ने पुरस्कार की घोषणा करते हुए कहा, नॉर्वे के लिए एक छोटी भाषा का देश होने के नाते, अनुवाद और उत्कृष्ट अनुवादक महत्वपूर्ण है। इसलिए हमारे लिए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार का हिस्सा होना मूल्यवान है। यह पुरस्कार वर्तमान के महान अनुवादकों को स्वीकार करते हुए भविष्य के अनुवादकों को प्रोत्साहित करता है। मैं भविष्य में अनुवाद के माध्यम से अधिक अंतर-भाषा आदान-प्रदान की आशा के साथ विजेता को बधाई देता हूं। निर्णायक मण्डल में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की संस्थापक और सह-निदेशक नमिता गोखले, जयपुर बुक मार्क की निदेशक नीता गुप्ता व सांस्कृतिक आलोचक संदीप भूतोड़िया भी मौजूद रहे।

रक्षंदा जलील का संक्षिप्त परिचय

रक्षंदा जलील प्रखर लेखक, आलोचक और साहित्यिक इतिहासकार हैं। उन्होंने तीन लघु कथाओं और आठ अनुवादों का सम्पादन किया है। रक्षंदा जलील ने ‘प्रोग्रेसिव राइटर्स मूवमेंट एज रिफ्लेक्टेड इन उर्दू’ पर पीएचडी की। भाषा में नारीवादी स्त्रीवादी लेखिका डॉ. राशिद जहां की आत्मकथा और इन्तजार हुसैन की लघुकथाओं का एक अनुवाद शामिल हैं। रक्षंदा जलील का निबन्ध संग्रह ‘इनविजिबल सिटी’ बहुत पसन्द किया गया है। यह निबन्ध दिल्ली के प्रसिद्ध स्मारकों पर आधारित है। रक्षंदा ‘हिन्दुस्तानी आवाज’ के नाम से एक संस्था चला रही हैं, जो हिन्दू-उर्दू साहित्य एवं संस्कृति को लोकप्रिय बनाने के लिये समर्पित है।

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डॉ. रक्षंदा जलील ने पुरस्कार प्राप्त करने पर कहा, इस तरह के प्रख्यात जूरी से वाणी फाउंडेशन विशिष्ट अनुवादक पुरस्कार प्राप्त करना बहुत गर्व और सम्मान की बात है। मेरा पहला अनुवाद, प्रेमचंद की लघु कहानियों का एक संग्रह 1992 में प्रकाशित हुआ था। तब से एक लंबी और समृद्ध यात्रा रही है। यह एक सुखद अनुभव है कि अनुवाद देश भर के विभिन्न साहित्यिक मंचों में सम्मान और प्रशंसा प्राप्त कर रहा है और इसमें प्रकाशकों का बड़ा योगदान हैं।

टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक संजोय रॉय ने कहा, प्रत्येक वर्ष वाणी फाउंडेशन और टीमवर्क आर्ट्स वाणी फाउंडेशन विशिष्ट अनुवादक पुरस्कार प्रदान करता है। यह पुरस्कार भारतीय साहित्यिक परिदृश्य में शुरुआत से ही विविधता को संबोधित करता रहा है और इसने कई प्रतिष्ठित लेखकों और कवियों के कामों को चिन्हित किया है। जयपुर बुकमार्क की निदेशक नीता गुप्ता ने कहा, जयपुर बुकमार्क के 7वें संस्करण में अनुवाद हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम नॉर्वेजियन नाटककार इबसेन के नाटकों को हिंदी में लोकार्पित कर रहे हैं और हमारे पास अनुवाद पर केन्द्रित सत्र भी हैं। हम दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों की घोषणा भी कर रहे हैं, जिसमें वाणी फाउंडेशन विशिष्ट अनुवादक पुरस्कार और रोमेन रोलैंड पुरस्कार शामिल हैं।

विकास का माध्यम सिर्फ और सिर्फ अनुवाद है

वाणी फाउण्डेशन के अध्यक्ष अरुण माहेश्वरी ने कहा कि ’वाणी फाउंडेशन अपनी साहित्यिक गतिविधियों के साथ-साथ अनुवाद को विशेष महत्व देता है क्योंकि दुनिया की सभ्यताओं और संस्कृतियों के बीच संवाद का माध्यम सिर्फ अनुवाद ही है। भारतीय सभ्यता, भारतीय संस्कृति और भारत की भाषाओं के बीच संवाद होना और विश्व की भाषाओं के साथ भारतीय भाषा का कदम-ताल होना अपने आप में महत्वपूर्ण है। क्योंकि इससे हमारी सभ्यता, संस्कृति और कला का विकास होता है। विकास का माध्यम सिर्फ और सिर्फ अनुवाद है।

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यह पुरस्कार विशेष रूप से उन अनुवादकों को दिया जाता है जिन्होंने निरन्तर लेखन व अनुवाद के माध्यम से साहित्यिक समृद्धि के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया है, यह पुरस्कार न केवल अनुवादक व लेखक के लिए एक सार्वजनिक मंच तैयार करता है बल्कि पुरस्कार प्राप्त करने वाले विजेता व उसके योगदान को भाषाओं के माध्यम से वासुदेव बैकुंठम की भावना को पोषित करता है।http://www.satyodaya.com

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कोरोना संकट…केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर कोरोना को हराएंगी- पीएम मोदी

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लखनऊ। कोरोना संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की इस दौरान पीएम मोदी ने कोरोना को रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की ओर किए जा रहे उपायों पर भी चर्चा की और सुझाव दिए उन्होंने राज्य सरकारों को आश्वासन दिया कि उनके साथ केंद्र खड़ा है और हर संभव मदद की जाएगी।

मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी की चिंता लॉकडाउन को लेकर दिखी उन्होंने हर राज्यों के मुख्यमंत्रियों से लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने की अपील की साथ ही कहा कि लोगों को जरूरी सामान भी मुहैया कराए जाएं, ताकि किसी को दिक्कत न आए मजदूरों के पलायन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपील की कि हमें हर संभव पलायन को रोकना होगा इसके लिए हर राज्य अपने ओर से सारे इंतजाम करे मजदूरों के लिए शेल्टर होम के साथ उनके खाने-पीने की व्यवस्था की जाए साथ ही मजदूरों से अपील की जाए कि वह सड़कों पर न निकलें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस संकट की घड़ी में केंद्र और राज्य सरकारों के बेहतरीन समन्वय की जरूरत है केंद्र सरकार हर राज्य के साथ खड़ी है और उन्हें जरूरी मदद उपलब्ध कराई जाएगी इस दौरान पीएम मोदी ने राज्यों से मेडिकल सुविधाओं के बारे में भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों में बढ़े कोरोना मरीजों की तादाद पर चिंता जाहिर की उन्होंने कहा कि जिन लोगों में भी सिम्टम्स दिखे उन्हें आइसोलेट किया जाए साथ ही संपर्क में आए सभी लोगों को क्वारनटीन किया जाए अगर क्वारनटीन वार्ड बढ़ाने की जरूरत है तो उसे बढ़ाया जाए।

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लखनऊ। कोरोना वायरस एक जानलेवा महामारी बन चुका है। ये वायरस चीन के वुहान के शहर से निकलकर पूरी दुनिया में फैल चुका है। कोरोना वायरस ( COVID-19 ) ने चीन, अमेरिका, इटली, दक्षिण कोरिया, ईरान, ब्रिटेन, जापान आदि देशों में कहर बरपा रखा है। दुनिया भर में कोरोना वायरस की वजह से अब तक हजारों की जान जा चुकी है, जबकि लाखों लोग संक्रमित है। यह जानलेवा महामारी लगातार तेजी के साथ बढ़ती ही जा रही है। लिहाजा, इसकी चपेट में आकर मरने वालों की बड़ी संख्या को देखते हुए WHO ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया हैं। अब इस वायरस के खतरे से दुनिया को बचाने के लिए कई देशों के वैज्ञानिक कोरोना वायरस के वैक्सीन बनाने में जुटे हुए है। कोरोना वायरस संक्रमण का संक्रमित व्यक्ति के छूने, छींकने या खांसने से फैल सकता है। 

इस महामारी से मुकाबले के पीएम मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आहवान किया और पूरे देश मे 14 अप्रैल तक लॉक डाउन घोषित कर दिया गया है जिसको देश की जनता ने ऐसा समर्थन दिया कि इतिहास बन गया। लॉक डाउन बाद लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं ।

साथ ही अखबार, टीवी, सोशल मीडिया, दोस्तों, परिजनों सभी में इस समय कोरोना वायरस पर बात हो रही है। इससे कुछ लोगों में डर महसूस किया जा रहा है। खासकर महिलाएं और बुजुर्ग बेचैनी और घबराहट महसूस कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने एडवाइजरी जारी कर कुछ ऐसी गतिविधियां सुझाई हैं। जिन्हें करते हुए घरों में समय बिता रहे लोग खुद को व्यस्त रख रहे है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोग घरों में रहने के साथ ही साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दे रहे हैं साथ ही घर पर इंडोर गेम टिक टॉक और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहकर समय बिता रहे हैं।

सत्योदय से कोरोना जंग हैंडवाश के तहत लोगों ने ऐसा ही अनुभव साझा किया है, सत्योदय से बात करने के दौरान जनता कर्फ्यू में अलीगंज की शिवानी दीक्षित कहती हैं कि परिवार में हम तीन लोग है। हम सब हर तीन घंटे में अपना हाथ धोते है। साथ ही अदरक का पानी भी पिया करते है। इसके अलावा घर में डांस पेटिंग करने में ही वक्त बीत जाता है।

लखनऊ के गोमतीनगर निवासी संजय कहते हैं, कि लॉक डाउन में बाहर जाना माना है, तो हमने आफिस का सारा काम घर से ही शुरु कर दिया है। इसके अलावा घर के सभी लोग हर घण्टे हैंडवाश करते हैं।

वहीं, दैनिक जागरण चौराहा की रहने वाली रश्मि कहती हैं, कि कोरोना से बचाव के लिए पूरी साफ सफाई रख रहे हैं। हाथ बराबर धोते हैं टाइम पास के लिए घर में अपने हाथ से अच्छी अच्छी रेसिपी बनाकर परिवारजनों को खिलाती हैं।

आगे गोमती नगर निवासी गरिमा राजपूत का कहना है, कि जनता कर्फ्यू के दौरान मेरा सारा समय घर पर ही बीतता है। कहीं बाहर से घर आने पर सबसे पहले हाथ धोती हूँ। समय पास के लिए घर पर ही व्यायाम किया करती हूँ।

वहीं, सत्योदय से बात करते हुए, जनता कर्फ्यू के दौरान गोमती नगर निवासी गरिमा ने कहती हैं , कि कोरोना वायरस को हराना है, तो हाथ धोना भी जरूरी है। मैं इस बात का ध्यान दे रही हूँ। अकारण हाथ मुँह पर न जाए और एक जरुरी दूरी सभी के साथ रख रही हूँ। समय बिताने के लिए अपने दो पैटी के साथ बगीचे में खेलती भी हूँ और उन्हें सैर भी करवाती हूँ।http://www.satyodaya.com

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सुप्रीम कोर्ट के सभी जज आए आगे, PM केयर फंड में दिए 50-50 हजार रुपए

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नई दिल्ली। देश इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है। 24 घंटे में पहली बार 450 केस सामने आए हैं और 30 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं यूपी में भी पहली बार 24 घण्टे में 2 लोगों की जान जा चुकी है। लोग बचाव और राहत कार्य लिए आगे आ रहे हैं। जिससे सरकार की मदद हो सके। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलग से फंड बनाया है। पीएम केयर्स नाम के इस फंड में कोई भी, कितना भी योगदान दे सकता है। यह एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्‍ट फंड है। जिसमें आम जनता से लेकर सेलिब्रिटीज तक दान दे रहे हैं।

यह भी पढ़ें: लॉकडाउन के दौरान लखनऊ मेट्रो के डिपो से किया जा रहा गरीबों को भोजन वितरण

जिसके बाद बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के जज भी आगे आए। जिन्होंने PM CARES फंड में अपनी ओर से योगदान दिया। सुप्रीम कोर्ट के अधिकारी के मुताबिक चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया समेत टॉप कोर्ट के सभी जजों ने फंड में 50-50 हजार रुपये डोनेट किए हैं। बता दें कि पीएम मोदी ने 28 मार्च की शाम को पीएम केयर्स फंड बनाने की घोषणा की थी। कुछ ही देर बाद बॉलीवुड स्‍टार अक्षय कुमार ने इसमें 25 करोड़ रुपये की धनराशि जमा करने का संकल्‍प लिया। उसके बाद कार्तिक आर्यन ने एक करोड़ रुपये, वरुण धवन ने 30 लाख रुपये, क्रिकेट में ‘भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने 25 लाख रुपये के अलावा रोहित शर्मा ने 45 लाख रुपये, सुरेश रैना ने 31 लाख रुपये का दान दिया है।


रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने फंड में 500 करोड़ रुपये दिए हैं तो वहीं अडानी फाउंडेशन ने इसमें 100 करोड़ रुपये दान किया है। वहीं आग जनता ने पीएम मोदी को निराश नहीं किया है। किसी ने 1000 रुपए तो किसी ने 500 से लेकर 50 रुपए तक पीएम केयर्स में पहुँचा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने फंड में दान देने वालों का ट्विटर पर शुक्रिया भी अदा किया है।http://www.satyodaya.com

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62 रुपये सस्ता हुआ घरेलू रसोई गैस सिलेंडर, आज ले लागू होंगी नई दरें

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लखनऊ। गैर सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) 62 रुपये सस्ता हो गया है। अप्रैल में उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए 779 रुपये चुकाने होंगे। लगातार दूसरे महीने सिलेंडर के दामों में गिरावट दर्ज की गई है। नई दरें बुधवार सुबह से लागू हो गई है।

आईओसी के महाप्रबंधक (एलपीजी) अरुण प्रसाद ने बताया कि तेल कम्पनियों ने कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो) में भी 96 रुपये कम किए हैं। कमर्शियल सिलेंडर अब 1369.50 रुपये का पड़ेगा। पांच किलो वाला सिलेंडर भी 21.50 रुपये कम होने के बाद 286.50 रुपये का हो गया है।

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खाते में 263 रुपये सब्सिडी जाएगी
रसोई गैस सिलेंडर के बाजार भाव (गैर सब्सिडी रेट) में कमी के बाद उपभोक्ताओं के खाते में अब सब्सिडी के रूप में 263 रुपये जाएंगे। इसके बाद उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाला सिलेंडर करीब 516 रुपये का पड़ेगा।

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खाते में 263 रुपये सब्सिडी जाएगी
रसोई गैस सिलेंडर के बाजार भाव (गैर सब्सिडी रेट) में कमी के बाद उपभोक्ताओं के खाते में अब सब्सिडी के रूप में 263 रुपये जाएंगे। इसके बाद उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाला सिलेंडर करीब 516 रुपये का पड़ेगा।http://www.satyodaya.com

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April 2, 2020, 2:58 pm
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