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लखनऊ। देश में लगातार जारी आंदोलनों का असर अब भारत की वैश्विक स्तर पर खराब रैकिंग के रूप में सामने आ रहा है। इकानॉमिक इंटेलिजेंस यूनिट ने डेमोक्रेसी इंडक्स जारी किया है, जिसमें भारत की रैकिंग में 10 पायदान की गिरावट आई है। 2018 में भारत जहां 41वें स्थान पर था वहीं, 2019 में 51वें स्थान पर आ गया है। इकानॉमिक इंटेलिजेंस यूनिट ने ‘नागरिक स्वतंत्रता में कमी’  रैकिंग में गिरावट का प्राथमिक कारण बताया है।

बता दें, डेमोक्रेसी इंडेक्स 5 बिंदुओं, चुनाव प्रक्रिया, बहुलतावाद, नागरिक स्वतंत्रता और सरकार के कामकाज पर देश को आंकता है। भारत की रैकिंग में गिरावट की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में लोकतंत्र में संघर्ष और नागरिक स्वतंत्रता में कमी आई है, जिस वजह से 10 पायदान खिसककर भारत 51वें स्थान पर आ गया है। उनके कुल स्कोर के आधार पर, देशों को चार प्रकार के शासन में वर्गीकृत किया जाता है ‘पूर्ण लोकतंत्र’ (8 से अधिक स्कोर), त्रुटिपूर्ण लोकतंत्र 6 से अधिक स्कोर और 8 से कम या उसके बराबर, मिलाजुला शासन 4 से अधिक स्कोर और 6 से कम या उसके बराबर, अधिनायकवादी शासन 4 से कम या बराबर स्कोर।’

2018 में भारत का कुल स्कोर 7.23 से गिरकर 6.90 हो गया है। इस हिसाब से भारत त्रिटिपूर्ण लोकतांत्रिक राज्यों में है। यह दुनिया भर में 165 स्वतंत्र राज्यों और दो क्षेत्रों के लिए लोकतंत्र की वर्तमान स्थिति की संक्षिप्त स्थिति बताता है।

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चीन में अधिनायकवादी शासन

वहीं, रैकिंग में भारत के पड़ोसी देश चीन की स्थिति और भी खराब है। इस रिपोर्ट के अनुसार, चीन में अधिनायकवादी शासन है।  2019 के सूचकांक में चीन का स्कोर गिर कर 2.26 हो गया और यह वैश्विक रैंकिंग में अब 153 वें स्थान पर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘पिछले कुछ सालों में, विशेष रूप से शिनजियांग के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव तेज हो गया है। 2019 में जनता की डिजिटल निगरानी जारी रही जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बाधा को दर्शाती है।’

अन्य उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों की स्थिति

ब्राजील 6.86 के स्कोर के साथ 52 वें स्थान पर है तो रूस 3.11 के स्कोर के साथ 134 वें स्थान पर है। इसमें पाकिस्तान 4.25 के स्कोर के साथ सूची में 108 वें स्थान पर है जबकि श्रीलंका 6.27 के स्कोर के साथ 69 वें स्थान पर है। बांग्लादेश 5.88 स्कोर के साथ 80 वें स्थान पर है।

ये देश रहे शीर्ष पर

इकानॉमिक इंटेलिजेंस यूनिट के डेमोक्रेसी इंडक्स में नार्वे को शीर्ष स्थान मिला है। वहीं, दूसरे और तीसरे नंबर पर क्रमश: आइसलैंड और स्वीडन हैं। शीर्ष 10 में अन्य देशों में चौथे स्थान पर न्यूजीलैंड, फिनलैंड (5 वें), आयरलैंड (6 वें), डेनमार्क (7 वें), कनाडा (8 वें), ऑस्ट्रेलिया (9 वें) और स्विट्जरलैंड (10 वें) शामिल हैं। इस इंडेक्स में सबसे आखिरी स्थान पर उत्तर कोरिया है, जिसे 167वां स्थान मिला है। http://www.satyodaya.com

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देश

शराब बंदी के लिए काम कर रहे संगठनों ने शराब मुक्त भारत का लिया संकल्प

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लखनऊ। इस्कॉन मंदिर के आडिटोरियम पूर्व कैलाश नई दिल्ली में मिलिता ओडिशा निशा निबरन अभिरंजन संस्था ने “शराब-मुक्त-भारत” राष्ट्रीय सम्मेलन कार्यक्रम बीते रविवार को आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पूरे देश भर से शराब बंदी के लिये काम कर रहे संगठन के लोग उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिवंश नारायण ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के रूप में बिहार राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपसभापति राज्यसभा हरिवंश नारायण, मुख्यमंत्री प्रतिनिधि मिजोरम, मुख्यमंत्री प्रतिनिधि आंध्र प्रदेश, भारती छाबड़ा (शराबबंदी आंदोलन) उपस्थित रहे।

नीतीश कुमार ने लोगों के बीच अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में शराबबंदी से राजस्व को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा बल्कि राजस्व में फायदा पहुंचा। लोगों को शराब मुक्त भारत संकल्प के प्रति जागरूक किया। इसे पूरे भारत में लागू करने के संघर्ष संकल्प की बात कही। इस कार्यक्रम में अतिथि उत्तर प्रदेश शराबबंदी संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुर्तुजा अली व इंसानियत वेलफेयर सोसाइटी ब्लड डोनेशन के संस्थापक अध्यक्ष कुदरत उल्ला खान इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेI उत्तर प्रदेश शराबबंदी संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुर्तुजा अली ने अपने विचार व्यक्त किए और पूरे उत्तर प्रदेश में शराबबंदी की बात कही। शराब मुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को लेकर आगे बढ़ने की बात कही।

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वहीं इंसानियत वेलफेयर ब्लड डोनेशन के अध्यक्ष कुदरत उल्ला खान ने इस संकल्प में पूर्ण रूप से योगदान देने की बात कही। इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए कटिबद्ध परिश्रम के साथ मुर्तुजा अली का साथ देने की बात कही। सभी राज्यों से आए लोगों ने शराबबंदी के संदर्भ में अपने-अपने विचार रखे।http://www.satyodaya.com

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दिल्लीः निर्माणाधीन इमारत ढही, चार घंटे के बाद एक मजदूर का शव मिला

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नई दिल्ली। दिल्ली के चितरंजन पार्क इलाके में रविवार को एक निर्माणाधीन इमारत ढह गयी। जिसमें कुछ लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं घटनास्थल पर बचाव और राहत कार्य जारी है। दमकल सेवा से 5 गाड़िया मौके पर मौजूद है।

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जानकारी के अनुसार चितरंजन पार्क इलाके में दोपहर 1 निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई। दमकल विभाग ने बताया कि दोपहर 2.13 बजे उन्हें इसकी सूचना मिली। जिसके तुरंत बाद दमकल की पांच गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। वहीं चार घंटे के बाद एक मजदूर का शव निकाला जा सका है।http://www.satyodaya.com

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केजरीवाल का शपथ ग्रहण: समारोह में पहुंचे एक मात्र विपक्षी नेता को नहीं मिली बैठने की जगह

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लखनऊ। किसी फिल्मी कहानी की तरह अन्ना आंदोलन से निकले अरविंद केजरीवाल देखते-देखते ही दिल्ली में छा गए। बिना किसी पूर्व अनुभव के अचानक राजनीति में कामयाबी के झण्डे गाड. देने का वाकया बहुत कम देखने को मिलता है। रविवार को लगातार तीसरी बार अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। आम आदमी पार्टी सरकार पार्ट-3 के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्ष पूरी तरह से नदारद रहा। अरविंद केजरीवाल ने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया था, जो आए नहीं। विपक्ष का एकमात्र नेता केजरीवाल सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का साक्षी बनने पहुंचा था, लेकिन चूंकि वह बिन बुलाया मेहमान था, इसलिए समारोह में न उसे कहीं ठौर मिला न ठिकाना। यह नेता थे रोहिणी विधानसभा क्षेत्र से चुने गए भाजपा विधायक विजेन्द्र गुप्ता।

समारोह में उचित स्थान और सम्मान न मिलने पर विधायक विजेन्द्र गुप्ता का दर्द झलक पड़ा। भाजपा विधायक ने कहा, विपक्ष में होने के नाते समारोह में शामिल होना मेरा नैतिक कर्तव्य है। लेकिन यहां आप नेताओं के रिश्तेदारों को आगे बैठाया गया और मुझे पीछे ढकेल दिया गया। भाजपा विधायक का आरोप है कि मुझे कार्यक्रम स्थल पर गाड़ी भी पार्क नहीं करने दी गयी। मैंने काफी दूर अपनी गाड़ी पार्क की और तब कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा। बाद में पुलिस की सहायता से भाजपा विधायक मिंटो ब्रिज पर खड़ी अपनी कार तक पहुंचे और घर गए।

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विधायक विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि आप में भी परिवारवाद पनप रहा है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उम्मीद थी कि नई सरकार कुछ करेगी, लेकिन मुझे अभी से निराशा झलक रही है।

विपक्ष पूरी तरह से रहा गायब

बता दें कि तीसरी बार मुख्यमंत्री की शपथ ले रहे अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा या कांग्रेस का कोई भी नेता मौजूद नहीं रहा। केजरीवाल ने पीएम मोदी को छोड़कर किसी राज्य के मुख्यमंत्री को न्यौता भी नहीं भेजा था। इसके अलावा दिल्ली कांग्रेस का कोई नेता भी कार्यक्रम में नहीं पहुंचा। 70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा के चुनाव में इस बार आम आदमी पार्टी ने 62 सीटें जीती हैं, जबकि भाजपा ने 8 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं कांग्रेस के खाते में पिछली बार की तरह इस बार भी एक भी सीट नहीं आई।http://www.satyodaya.com

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