Connect with us

देश

इतिहास : आज के दिन फोर्ट विलियम कॉलेज की हुई थी स्थापना, जानिए ये बातें

Published

on

फोर्ट विलियम कोलकाता में हुगली नदी के पूर्वी किनारे पर बना एक किला है, जिसे ब्रिटिश राज के दौरान बनवाया गया था। इसकी स्थापना 10 जुलाई 1800 को हुई थी। इसे इंग्लैंड के राजा विलियम तृतीय के नाम पर बनवाया गया था। इसकी स्थापना लार्ड वेलेजली के समय में हुई थी। बता दें, लॉर्ड वेलेजली 1798-1805 ई. तक भारत के गवर्नर-जनरल रहे थे।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्थित हुगली नदी के किनारे बना फोर्ट विलियम किला भारत में लगभग पिछले 237 सालो से अपना अस्तित्व बनाये हुए है। इस संस्था द्वारा संस्कृत, अरबी, फारसी, बंगला, हिन्दी, उर्दू आदि के हजारों पुस्तकों का अनुवाद हुआ है।

उद्देश्य
यह कॉलेज ब्रिटेन के युवा सिविल अधिकारियों के सामान्‍य शिक्षण और प्रशिक्षण का केंद्र था। इस कॉलेज में सेना के कनिष्ठ अधिकारियों को भी प्रवेश की अनुमति थी, बाद में यह कॉलेज प्राचीन कालीन अध्‍ययन कार्यों का एक महत्‍वपूर्ण केंद्र बन गया। जहां भारतीय और ब्रिटिश विद्वान् विभिन्‍न भारतीय भाषाओं के आधुनिकीकरण के लिए विभिन्‍न भाषायी शोध योजनाओं पर मिलकर काम करते थे, लेकिन कंपनी का निदेशक मंडल इस संस्‍थान को एक खर्चीले अनुभव की संज्ञा देता था, इसलिए 1806 में ‘मार्केस ऑफ वेलेजली’ की स्‍वदेश वापसी के बाद इस संस्‍थान को अनेक आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ा, जिसके फलस्‍वरूप यह संस्‍था एक शिक्षण संस्‍था के रूप में ही कार्य कर सकी।

जानिए ये बातें….

इस किले ने इतिहास में बहुत सारे युद्धों को झेला था, परंतु 23 जून 1757 में हुए प्लासी युद्ध के दौरान इसे बंगाल के नवाब सिराज उद दौलाह ने काफी क्षति पंहुचाई थी, जिसे बाद में ईस्ट इंडिया कंपनी के एक अधिकारी ने पुन: ठीक करवाया गया था।

यह किला कलकत्ता का लगभग 70.9 हेक्टेयर क्षेत्रफल घेरता है, जो उत्तर-दक्षिण दिशा में लगभग 3 कि.मी. तक फैला हुआ है और इसकी चौड़ाई लगभग 1 कि.मी. है।

इस किले का सरकारी कामो के लिए उपयोग वर्ष 1766 ई. से ही शुरू हो गया था, जिसमे अंग्रेजी लोगो के लिए सरकारी स्कूल, सरकारी चिकित्सालय, सरकारी बैंक आदि चीज़े सम्मिलित थी।

यह किला 5 कि.मी. वर्ग में फैला हुआ है जो एक अनियमित अष्टकोणीय के आकार जैसा प्रतीत होता है जो इसे तारे जैसी आकृति भी प्रदान करता है, इसके निर्माण में ईंट और चूने का उपयोग किया गया था।

यह किला अष्टकोणीय आकार का है जिसके 8 में से 5 भाग भूमि से लगते है और बाकी 3 भाग हुगली नदी के तट की तरफ लगते हैं।

इस किले में मुख्यतः 6 प्रवेश द्वार है, जिनके नाम है- चौरंगी, प्लासी, कलकत्ता, जल गेट, सेंट जॉर्जेस और ट्रेजरी गेट।

यह किला पर्यटन के साथ-साथ लोगो को खेल की भी सुविधा उपलब्ध करवाता है, इस किले में वर्तमान समय में 9 गोल्फ कोर्स उपलब्ध है।

देश

इंदौर: पान मसाला के अवैध कारोबार से पाकिस्तानी परिवार बन गया करोड़पति

Published

on

लखनऊ। लाॅकडाउन के बीच मध्य प्रदेश के इंदौर में पान मसाला के अवैध कारोबार का भंडाफोड. हुआ है। जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार कारोबारी पाकिस्तान का रहने वाला है। जो यहां अवैध रूप से रहकर अवैध कारोबार का मकड़जाल फैलाए हुए थे। जांच एजेंसियों ने उसके पास से सवा करोड़ का अवैध पान मसाला और 67 लाख रुपए नगद बरामद किए हैं। गिरफ्तार कारोबारी का नाम गुरुनोमल माटा है।

जानकारी के मुताबिक डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यु (DRI) को काफी दिनों से इंदौर में अवैध मसाला कारोबार की सूचना मिल रही थी। 30 मई को जांच जीएसटी विभाग व राजस्व खुफिया विभाग (डीआरआई) ने कई स्थानों पर छापेमारी कर करोड़ों रुपए का माल बरामद किया था। छापेमारी की भनक लगते ही गुरुनोमल माटा अंडरग्राउंड हो गया था। लेकिन बुधवार को पुलिस व जांच एजेंसियों ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे 17 जून तक के लिए जेल भेज दिया गया है। इस अवैध कारोबार में गुरुनोमल माटा के दो भाई संजय माटा व संदीप माटा भी शामिल हैं। अभी एक भाई फरार है।

यह भी पढ़ें-लखनऊ: अब पटरी के दोनों तरफ एक साथ खुल सकेंगी दुकानें, डीएम ने दिए निर्देश

जांच में सामने आया है कि लाॅकडाउन के बीच माटा परिवार ने जमकर मुनाफाखोरी की। यह सभी ब्रांड के गुटखे बेच रहे थे। अधिक पैसा कमाने के लिए ये इंदौर से ही महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में भी माल सप्लाई कर रहे थे। जांच एजेंसियों ने पता चला है कि संजय माटा व संदीप माटा ने कई ब्रांड के पान मसाल का 30 करोड़ रुपए से अधिक का माल बिना बिल और टैक्स के ही बेच दिया। अभी तक 8 करोड़ की टैक्स चोरी की बात सामने आई है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

देश

मुंबईः हाई सिक्यॉरिटी आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा विजय माल्या

Published

on

नई दिल्ली। बैंकों से धोखधड़ी कर देश छोड़कर भागे शराब कारोबारी विजय माल्या को गुरूवार रात भारत लाया जा सकता है। जिसके बाद उसे मुंबई के हाई सिक्यॉरिटी आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा। जिसको लेकर हलचल तेज हो गई है। उसके खिलाफ मुंबई में मुकदमे दर्ज है और यही पर उससे पूछताछ भी की जाएगी। जानकारी के अनुसार माल्या को आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 में रखे जाने की तैयारी है। माल्या को दो मंजिला ऑर्थर रोड जेल परिसर के अंदर बेहद सुरक्षित इस बैरक में रखा जाएगा। इसको लेकर जेल प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। सुरक्षा व्यवस्था और तगड़ी कर दी गई है।

सूत्रों के मुताबिक विजय माल्या का विमान मुंबई में लैंड करेगा तो सबसे पहले डॉक्टरों की एक टीम उसका मेडिकल चेकअप करेगी। इस दौरान माल्या के साथ सीबीआई और ईडी के कुछ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। वहीं जेल में रहने के लिए बैरक नंबर 12 में विजय माल्या के लिए गद्दा, तकिया, चादर और कंबल का इंतजाम रहेगा। एक मेटल फ्रेम का या लकड़ी का बेड मेडिकल आधार पर दिया जा सकता है। रोशनी हवा और सामान रखने के लिए जगह का इतंजाम होगा। टॉइलट, कपड़े धोने, पीने का साफ पानी और मेडिकल सुविधा भी मिलेगी।

यह भी पढ़ें:- राजस्थान: बिजली बिलों के खिलाफ एबीवीपी का विरोध, थाली में लेकर पहुंचे खून

बता दें कि 2018 के अगस्त में माल्या की याचिका पर सुनवाई के दौरान यूके की कोर्ट ने भारतीय जांच एजेंसियों से उस जेल के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी मांगी थी। जहां प्रत्यर्पण के बाद माल्या को रखा जाएगा। तब कोर्ट मुंबई स्थित ऑर्थर रोड जेल की एक सेल का वीडियो सौंपा गया था। एजेंसियों ने यूके कोर्ट को आश्वस्त किया था कि माल्या की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। लेकिन माल्या ने इसका विरोध करते हुए आशंका जताई थी कि मुंबई जेल में उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। ऑर्थर रोड जेल में पहले भी कई बड़े कैदियों को रखा जा चुका है। जिसमें छोटा राजन, अबू सलेम और मुस्तफा दोसा भी यहीं बंद हैं। वहीं आतंकी अजमल कसाब को भी यही रखा गया था। शीना बोरा मर्डर केस का आरोपी पीटर मुखर्जी व पंजाब नैशनल बैंक को 13,500 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाला विपुल अंबानी भी इस जेल की हवा खा चुका है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

देश

मरकज में शामिल होने वाले विदेशी नागरिक ब्लैकलिस्टेड, गृह मंत्रालय ने लिया फैसला

Published

on

लखनऊ। निजामुद्दीन मरकज मामले में गृह मंत्रालय का फैसला, मरकज़ में शामिल होने वाले विदेशी नागरिकों को 10 साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया है। 960 से ज्यादा विदेशी नागरिकों को तबलीगी जमात की गतिविधियों में शामिल होने के पर रोक लगा दी है। गृह मंत्रालय विभाग ने दिल्ली पुलिस और अन्य राज्यों के पुलिस प्रमुखों को विदेशी कानून और आपदा प्रबंधन कानून के तहत इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा था।

गौरतलब है कि दिल्ली दंगों के पीछे मरकज का कनेक्शन होना सामने आया है। आरोपी का नजदीकी मौलाना साद का बेहद करीबी निकला है। जांच में पता चला है कि दंगों के दौरान भी दोनों लगातार संपर्क में थे। कोरोना संकट के बीच में ही मौलाना साद ने हजरत निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के कार्यक्रम का आयोजन किया था। जिसके बाद उस पर कार्रवाई हुई. यहां बड़ी संख्या में भारतीय और विदेशी मुसलमान पहुंचे थे और उन्होंने तब्लीगी जमात कार्यक्रम में​ हिस्सा लिया। यहां सोशल डिस्टेंसिंग का कोई पालन नहीं किया गया।

इसे भी पढ़ें- वक्फ बोर्ड के ऑफिस पर कब्जे का आरोप, वसीम रिजवी ने सीएम पोर्टल पर की शिकायत

दिल्‍ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने पिछलेे बृहस्पतिवार को दक्षिण दिल्ली स्थित साकेत कोर्ट में 12 नई चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 541 विदेशी नागरिकों को आरोपित बनाया गया। पुलिस अब तक कुल 47 चार्जशीट फाइल कर चुकी है, जिसमें 900 से अधिक जमातियों को आरोपित बनाया गया है। निजामुद्दीन मरकज में इकट्ठे हुए तब्‍लीगी जमात के लोगों की वजह से देश में कोरोना के कई मामले सामने आए थे। इसके बाद मौलाना साद की भी काफी आलोचना हुई। वह आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।http://satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

June 5, 2020, 9:19 am
Rain
Rain
23°C
real feel: 25°C
current pressure: 1000 mb
humidity: 100%
wind speed: 4 m/s N
wind gusts: 4 m/s
UV-Index: 1
sunrise: 4:43 am
sunset: 6:28 pm
 

Recent Posts

Trending