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Hindi Diwas: जानिए, कितने संघर्षों के बाद हिंदी को राजभाषा का गौरव प्राप्त हुआ

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नई दिल्ली। भारत में हर साल 14 सितंबर को देश में हिन्दी दिवस मनाया जाता है। हर साल देश के लिए इसके योगदान को याद करने और इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हिंदी दिवस मनाया जाता है। 15 अगस्त 1947 देश को आजादी मिलने के दो साल बाद हिंदी को राजभाषा होने का गौरव प्राप्त हुआ था। बता दें व्यौहार राजेन्द्र सिंह हिन्दी के मूर्धन्य साहित्यकार थे। जिन्होने हिन्दी को भारत की राजभाषा बनाने की दिशा में अतिमहत्वपूर्ण योगदान दिया। फलस्वरूप उनके 50वें जन्मदिन के दिन ही, अर्थात 14 सितम्बर 1949 को, हिन्दी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया। 

भारत में हिन्दी भाषा का इतिहास इंडो-यूरोपियन भाषा परिवार के इंडो-आर्यन शाखा से संबद्ध रखता है। ये हम सब जानते हैं कि भारत में सैकड़ों भाषाएं और बोली जाती हैं। लेकिन हिंदी भाषा दुनियाभर में सबसे बोली जाने वाली पांच भाषाओं में से एक है। इसीलिए हिंदी अपने भारत में ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी बोली जाती है। हिंदी की खासियत यह है कि यह समझने में बहुत आसान है और इसे जैसा लिखा जाता है, इसका उच्चारण भी उसी तरह किया जाता है। हमारे देश में 77 फीसदी लोग हिंदी बोलते, समझते और पढ़ते हैं।

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विश्व में जिन देशों में भारत के दूतावास हैं, वहां हिंदी दिवस को खास तौर पर मनाया जाता है। हिंदी भाषा जहां देश के कई राज्‍यों में बोली जाती है। वहीं कई अन्‍य देशों जैसे नेपाल, पाकिस्‍तान,बांग्‍लादेश, अमेरिका, सूरीनाम, युगांडा, मॉरिशस, फिजी, दक्षिण अफ्रीका आदि में भी बोली जाती है।

आपको बता दें 2017 में ऑक्‍सफोर्ड डिक्‍शनरी में पहली बार हिंदी के ‘अच्छा’, ‘बड़ा दिन’, ‘बच्चा’ और ‘सूर्य नमस्कार’ जैसे शब्‍दों को शामिल करके हिंदी का मान बढ़ाया गया। वहीं विश्व आर्थिक मंच की गणना के मुताबिक हिंदी विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक है। हिंदी दिवस मनाने का मकसद यही होता है कि लोग अपनी भाषा की अहमियत को समझें और इसका ज्‍यादा से ज्‍यादा इस्‍तेमाल करें। ऐसे में हिंदी दिवस के मौके पर लोगों से आशा की जाती है कि वे अपने विचार हिंदी में लिखेंगे और हिंदी को अहमियत देंगे।http://satyodaya.com

क्राइम-कांड

6 साल की मासूम को जिंदा जलाया, फिर बोरी से ढक दी अधजली लाश, फैली सनसनी

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चंडीगढ़। पंजाब के होशियारपुर जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जिले के गांव टांडा के जलालपुर में देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई। जब एक 6 साल की मासूम बच्ची को जिंदा जला देने का मामला सामने आया। उसकी अधजली लाश को बोरी से ढक दिया गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही टांडा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्‍ची के शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, इसका पता लगाया जा रहा है। कि मासूम की हत्या से पहले उसके साथ रेप तो नहीं किया गया। फिलहाल बच्ची के अधजले शव को पोस्मार्टम के लिए अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है। बता दें किं इस घटना के बारे में उस समय पता चला जब गांव जलालपुर में बड़ी संख्या में इकठ्ठे हुए लोगों ने टांडा पुलिस को घटना के बारे में सूचित किया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लड़की के बारे में छानबीन करनी शुरू की।

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दोपहर से लापता थी बच्ची
जानकारी के मुताबिक 6 साल की बच्ची के पिता का नाम राहुल है जो सुजीत सिंह नाम के एक व्यक्ति का ड्राइवर है। बच्ची की मां के मुताबिक, उसकी लड़की दोपहर से ही गायब थी। लड़की की तलाश करने पर पता चला कि सुरजीत सिंह का बेटा उनकी बच्ची को अपने साथ ले गया है। इसके बाद जब सुरजीत सिंह की हवेली में जाकर देखा गया तो बोरी के साथ लड़की की अधजली लाश पड़ी हुई थी।
बता दें कि टांडा पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे मै ले लिया  है और पुलिस जांच में जुट गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच की बात कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। पुलिस की मानें तो जल्द ही आरोपी उनकी गिरफ्त में होगा।http://satyodaya.com

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देश

राजस्थान: जयपुर में ऑटोमोबाइल कंपनी के गोदाम में लगी भीषण आग

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जयपुर। राजस्‍थान की राजधानी जयपुर के आमेर में कूकस स्थित एक ऑटोमोबाइल कंपनी के गोदाम में बुधवार को आग लग गई आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की करीब 20 गाड़ियां ने अपना पूरा दमखम लगा दिया लेकिन घटना के कई घंटे बाद भी आग को पूरी तरह से नहीं बुझाया जा सका है हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है और पुलिस ने आसपास के इलाकों को अलर्ट कर दिया है बता दें कि पहले इस फैक्ट्री में एस्सार कंपनी के ट्रैक्टर बना करते थेलेकिन अब इसमें रॉयल इन्फील्ड समेत कुछ कंपनियों के वेयरहाउस बने हुए हैं

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फायर अफसर घनश्याम के अनुसार, जयपुर-दिल्ली हाईवे पर कूकस इंडस्ट्रीयल एरिया में आयशर कंपनी का यार्ड (गोदाम) है जबकि यहां आयशर कंपनी के चारपहिया वाहनों के अलावा सैकड़ों की संख्या में रॉयल इन्फील्ड कंपनी की बाइक काफी बड़े हिस्से में खड़ी रहती हैं वहीं, एक बड़े परिसर में पेंट हाउस बना हुआ था जहां गाड़ियां तैयार की जाती हैं इसके अलावा गाड़ियों के पुर्जे भी बनाए जाते हैं इसके अलावा जब आग की सूचना पर मीडिया पहुंची तो उसे अंदर नहीं जाने दिया गया ऐसे में सवाल उठता है कि फैक्ट्री प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन आखिर क्या छुपाने की कोशिश कर रहा है

पेट्रोल पंप बचा
सूचना मिलने पर एडिशनल डीसीपी सुमित गुप्ता और आमेर के एसीपी सौरभ तिवाड़ी पुलिस दल के  मौके पर पहुंचे जबकि सहायक फायर अफसर देवेंद्र व फायर अफसर घनश्याम की अगुआई में करीब 20 से ज्यादा दमकलकर्मियों और सिविल डिफेंस की टीम ने आग पर काबू पाने के लिए बचाव कार्य शुरू किया जबकि आसपास के लोगों का कहना था कि इस गोदाम के समीप ही एक पेट्रोल पंप भी था गनीमत रही कि पेट्रोल पंप तक आग की लपटें नहीं पहुंची, वरना बड़ा हादसा हो सकता थाhttp://satyodaya.com

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उपचुनाव से ठीक पहले सिंधिया खेमे के दो मंत्रियों ने दिया इस्तीफा, CM ने दी मंजूरी

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भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा की 28 सीटों के लिए उपचुनाव में मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ कई क्षेत्रीय दल और निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं।  ऐसे में यहां से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां बिना विधायक बने छह महीने होने पर मध्य प्रदेश के दो मंत्री तुलसी सिलावट और गोविंद राजपूत ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने दोनों नेताओं के इस्तीफे स्वीकारते हुए राजभवन भेज दिए। बता दें कि दोनों ही नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुये थे। साथ ही इस बार के उपचुनाव भी लड़ रहे हैं।

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दरअसल, संवैधानिक प्रावधान है कि कोई भी मंत्री सदन का सदस्‍य बने बिना 6 महीने से ज्‍यादा समय तक मंत्रीपद पर बने नहीं रह सकता है। ऐसे में इसी प्रक्रिया के चलते दोनों नेताओं को इस्तीफ़ा देना पड़ा।

उपचुनाव की बात करें तो सांवेर विधानसभा उपचुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी के तुलसीराम सिलावट और कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्‌डू के बीच है। हाल ही में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने नामांकन भरा तो वहीं, अगले दिन गुरुवार को प्रेमचंद गुड्‌डू ने नामांकन दाखिल किया। दोनों ने ही नामांकन के साथ अपनी आय का शपथ पत्र भी दिया है। सांवेर से चार बार विधायक रहे मध्यप्रदेश सरकार के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने अबकी बार भाजपा प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया।http://satyodaya.com

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