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दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी बने देश के सबसे बड़े दानी, एकबार फिर परोपकार के लिए दान कर दी इतनी संपत्ति…

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फ़ाइल फोटो

मुंबई। आपने अक्सर लोगों को कहते सुना होगा कि अगर मेरे पास पैसा होता तो मैं खूब परोपकार के काम करता, गरीबों के उत्थान के लिए पैसे खर्च करता, ये करता वो करता, लेकिन बहुत ही ऐसे लोग हैं जो धन होते हुए अपने धन का इस्तेमाल वास्तव में गरीबों के उत्थान व दान धर्म के लिए करते हैं। अपने देश में एक ऐसा ही नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। हम बात कर रहे आईटी दिग्गज और विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी की। प्रेमजी ने एक बार फिर अपनी उदारता का परिचय देते हुए अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा दान करने का फैसला किया है। प्रेमजी ने अपनी कंपनी विप्रो लिमिटेड के 34 फीसदी शेयर परोपकार के लिए दान कर दिए हैं। इन शेयरों का बाजार मूल्य 52,750 करोड़ रुपये है।

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने बयान में कहा कि अजीम प्रेमजी ने अपनी निजी संपत्तियों का त्याग कर, उसे धर्मार्थ कार्य के लिए दान कर परोपकार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बढ़ाई है। जिससे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के परोपकार कार्यों को सहयोग मिलेगा। बयान के मुताबिक इस पहल से परोपकारी कार्य के लिए प्रेमजी द्वारा दान की गई कुल रकम 145,000 करोड़ रुपये (21 अरब डॉलर) हो गई है। जो कि विप्रो कंपनी के आर्थिक स्वामित्व का 67 फीसदी है।

इससे अजीम फाउंडेशन दुनिया की बड़ी फाउंडेशन की सूची में शुमार हो गई है। 73 वर्षीय प्रेमजी ऐसे पहले भारतीय हैं जिन्होंने ‘द गिविंग प्लेज’ ‘The Giving Pledge’  इनीशिएटिव पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल की शुरुआत बिल गेट्स और वॉरेन बफेट ने की थी। जिसके तहत अपनी 50 फीसदी संपत्ति परोपकारी कार्य के लिए देने का वादा किया जाता है। अजीम प्रेमजी ने ‘अजीज प्रेमजी फाउंडेशन’ समाजसेवा के लिए बनाई है। जो मुख्य रूप से शिक्षा के क्षेत्र में काम करती है। इस क्षेत्र में काम करने वालों को ये फाउंडेशन आर्थिक मदद भी देती है। फाउंडेशन का लक्ष्य पब्लिक स्कूलिंग को बेहतर करना है।

ये फाउंडेशन कर्नाटक, उत्तराखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पुडुचेरी, तेलंगाना, मध्यप्रदेश और उत्तर-पूर्वी राज्यों में सक्रिय है। बीते पांच साल में वंचित तबकों के लिए काम कर रहे करीब 150 एनजीओ को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से फंड मिला है। प्रेमजी को फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘शेवेलियर डी ला लीजन डी ऑनर’ भी मिल चुका है। उन्हें ये सम्मान समाजसेवा करने, फ्रांस में आर्थिक दखल और आईटी उद्योग विकसित करने को लेकर दिया गया। उनसे पहले ये सम्मान पाने वाले भारतीय बंगाली अभिनेता सौमित्र चटर्जी और बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान हैं।

प्रेमजी के पिता हाशिम प्रेमजी भी अपने समय के जानेमाने व्यापारी थे। उन्हें बंटवारे के बाद जिन्ना ने पाकिस्तान का वित्त मंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन उन्होंने भारत में रहना ही पसंद किया। आपको बता दें कि हाल ही में जारी की गई फोर्ब्स की दुनिया के अरबपतियों की सूची में विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी 22.6 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ 36 वें स्थान पर थे।   http://www.satyodaya.com

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अंतरराष्ट्रीय

पाकिस्तानः कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने पाक के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से की मुलाकात

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नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। उनके एक नेता ने फिर से लोगों को पार्टी की आलोचना करते की दावत दे दी है। नवजोत सिंह सिद्धू के बाद एक और कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा पाकिस्तान पहुंच गए हैं। उन्होंने वहां के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से मुलाकात की। सिन्हा दो दिन के दौरे पर पाकिस्तान गए हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बयान जारी करते हुए कहा है। कि यह एक निजी तौर पर मुलाकात है। जिसके बाद राजनीति में एक बार फिर से चर्चा तेज हो गई है।

बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा लाहौर में एक शादी समारोह में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान गए हुए हैं। वहीं मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने इस पर सहमति जताई कि इस उपमहाद्वीप में अमनचैन को बढ़ावा देने के लिए काम करने की अत्यधिक आवश्यकता है। अल्वी के दफ्तर की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि दोनों के बीच कश्मीर समेत अन्य मुद्दों पर भी बातचीत हुई। हालांकि, शत्रुघ्न ने सफाई देते हुए कहा है कि उनका यह दौरा पूरी तरह से निजी था और इसका राजनीति से कोई लेना देना नहीं है।

यह भी पढ़ें:- डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर पाकिस्तान को कश्मीर पर मध्यस्थता की उम्मीद

अल्वी के ऑफिस ने ट्वीट किया कि भारतीय राजनीतिज्ञ शत्रुघ्न सिन्हा ने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से लाहौर में शनिवार को मुलाकात की। उन्होंने दोनों देशों के बीच शांति का पुल बनाने के महत्व पर चर्चा की। सिन्हा ने कश्मीर में 200 से अधिक दिनों के लॉकडाउन पर राष्ट्रपति की चिंता का समर्थन किया। इस ट्वीट पर भारतीय यूजर्स प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग यहां तक कह रहे हैं कि वे शत्रुघ्न को अपने पास ही रख लें, तो कुछ शत्रुघ्न सिन्हा के बहिष्कार की मांग कर रहे हैं।http://www.satyodaya.com

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दिल्ली के कई इलाकों में शाहीनबाग जैसे प्रदर्शन, जाफराबाद व चांदबाग में सड़कें जाम

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लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हंगामा बढ़ गया है। शाहीनबाग के बाद अब दिल्ली के कई और इलाकों में सीएए विरोध प्रदर्शनों के चलते अराजकता की स्थिति बन गयी है। पिछले करीब 45 दिनों से जाफराबाद में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने शनिवार को यहां की सड़क को बंद कर दिया। जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया। रविवार को यह हंगामा और तेज हो गया। भारी संख्या में जुटी महिलाएं मेट्रो स्टेशन के नीचे ही प्रदर्शन करने लगीं। जिसके बाद डीएमआरसी ने स्टेशन को बंद कर दिया। सड़क बंद होने से यहां भीषण जाम लग गया है। स्थानीय लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। शनिवार देर रात यहां प्रदर्शनकारियों व दिल्ली पुलिस के बीच टकराव भी हुआ था। #Jafrabad

ऐसी ही स्थिति चांदबाग में भी देखने को मिली है। चांदगंज के वजीराबाद और खुरेजी में प्रदर्शनकारियों ने सड.कों को जाम कर दिया। जिससे यहां भी यातायात ठप हो गया। और चांदबाग क्षेत्र में भीषण जाम लग गया है। यहां प्रदर्शनकारी महिलाओं ने #CAAProtests खजूरी से नंदनगरी की तरफ से जाने वाले मार्ग पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। फिलहाल जाफराबाद और चांदबाग क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने आजादी के नारे लगाए। साथ सरकार से सीएए को वापस लेने की मांग की। #पाकिस्तान_के_यार_भाईजान

यह भी पढ़ें-मोहनलालगंज व बीकेटी के गांवों से हुआ ‘खेलो लखनऊ’ का आगाज

बता दें कि शाहीनबाग में पिछले 70 दिनों से महिलाएं सीएए के खिलाफ धरने पर बैठी हैं। धरना प्रदर्शन के दो महीने से ज्यादा समय से नोएडा से फरीदाबाद और कालिंदी कुंज जाने वाली सड़क अवरुद्ध है। जिसके चलते स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाहीनबाग प्रदर्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं भी दाखिल की गयी हैं। लेकिन अभी तक प्रदर्शनकारियों को हटाया नहीं जा सका है। http://www.satyodaya.com

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पीएम मोदी की तारीफ करने वाले न्यायाधीश को भाकपा ने बताई उनकी मर्यादा

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कहा, न्यायाधीश, जज और वरिष्ठ अधिवक्ता करें निष्पक्ष आचरण का पालन

लखनऊ। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ न्यायाधीश द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ करना भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी को रास नहीं आया है। भाकपा ने रविवार को एक प्रेस नोट जारी कर शीर्ष न्यायापालिका के न्यायाधीश के आचरण पर सवाल उठाए हैं। भाकपा ने कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय एवं हाईकोर्ट के जजों द्वारा संविधान के निर्देशों और निष्पक्षता का पालन करना लोकतांत्रिक कर्तव्य है। साथ ही उनका यह भी दायित्व होता है कि वह न्यायिक मर्यादाओं में रहते हुए अपने आचरण का पालन करें।

भाकपा के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अनजान ने कहा, हाल ही में अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के तीसरे पायदान के वरिष्ठ न्यायाधीश अरुण मिश्रा ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। जो सुप्रीम कोर्ट के जजों की गरिमा और आचरण के विरुद्ध है। भाकपा नेता ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज भी सत्तारूढ़ दलों के प्रमुख लोगों की खुलकर वंदना शुरू कर देंगे तो न्यायपालिका की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़े होने लगेंगे। जजों और न्यायाधीशों के ऐसे आचरण से न्यायपालिका पर लोगों के अटल विश्वास को चोट पहुंचेगी।

यह भी पढ़ें-राम मंदिर निर्माण का रास्ता निकलना भी पीएम मोदी के नेतृत्व करिश्मा: सीएम योगी

अतुल कुमार अनजान ने कहा कि हाल के वर्षों में सुप्रीम कोर्ट के कुछ जजों द्वारा मर्यादा से बाहर निकलकर की गईं कार्यवाहियों से देश में एक गंभीर बहस छिड़ गयी है। भाकपा नेता ने कहा कि न्यायाधीश और वरिष्ठ अधिवक्ताओं से उम्मीद की जाती है कि वह लोकतंत्र को सजीव और जन आस्था का प्रतीक बनाए रखने के लिए निष्पक्ष आचरण का पालन करें। विशेषकर जब वह संवैधानिक पदों पर बैठे हों तो किसी एक दल या व्यक्ति के प्रति समर्पण की भावना से दूर रहें।

जानिए, क्या कहा था जस्टिस अरुण मिश्रा ने

बता दें कि बीते शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश अरुण मिश्रा ने एक कार्यक्रम में पीएम मोदी को अंतरराष्टीय स्तर पर प्रशंसनीय व्यक्तित्व, दूरद्रष्टा और बहुमुखी प्रतिभा वाला नेता बताया। न्यायाधीश ने कहा कि पीएम मोदी की सोच वैश्विक स्तर की है, लेकिन वह स्थानीय हितों की अनदेखी भी नहीं करते। जस्टिस अरुण मिश्रा ने देश में करीब 1500 से ज्यादा पुराने कानूनों को खत्म करने के लिए पीएम मोदी और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की तारीफ की।http://www.satyodaya.com

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February 23, 2020, 6:58 pm
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