Connect with us

देश

ओडिशा में काटा गया देश में अब तक का सबसे बड़ा चालान…

Published

on

संशोधित मोटर व्हीकल कानून लागू होने के पहले ही ओडिशा ने बनाया रिकार्ड

नई दिल्ली। देश भर में मोटर व्हीकल कानून लागू होने के बाद यातायात नियमों के उल्लंघन और कागज सही न होने पर वाहनों के भारी भरकम चालान काटे जा रहे हैं। यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना वाला कानून जब से लागू हुआ है, देश के कोने से भारी भरकम जुर्माने वाले चालान कटने की खबरें वायरल हो रही हैं। इसी क्रम में ओडिशा के संबलपुर में छह लाख रुपए से ज्यादा का चालान कटने की खबर आयी है। बताया जा रहा है कि यहां एक ट्रक मालिक पर ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 6,53,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जानकारी के मुताबिक देश भर में अब तक का यह सबसे भारी भरकम चालान काटा गया है। यह चालान 10 अगस्त को काटा गया था जबकि नया मोटर व्हीकल एक्ट पहली सितंबर से लागू हुआ है। इस घटना की जानकारी 14 सितम्बर को सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक संबलपुर के आरटीओ ने ट्रक नंबर एनएल 08 डी 7079 के लिए यह चालान काटा था। ट्रक मालिक शैलेश शंकर लाल गुप्ता पिछले पांच साल 21 जुलाई से 30 सितंबर 2019 से रोड टैक्स नहीं भर रहे थे। जिसके चलते यह टैक्स 6,40,500 रुपये तक पहुंच गया था। आरटीओ ने जरूरी दस्तावेज नहीं रखने को लेकर भी जुर्माना ठोंका। ट्रक मालिक पर जनरल ऑफेंस के तहत 100 रुपये, हवा और ध्वनि प्रदूषण के मानकों का उल्लंघन करने पर 1000 रुपये, माल वाहन में यात्री ढोने के आरोप में 5000 रुपये, बिना अनुमति के वाहन चलाने के आरोप में 5000 रुपये और इंश्योरेंस नहीं कराने के आरोप में 1000 रुपये का चालान काटा गया है।

यह भी पढ़ें-बिग बी ने ‘तुम मेरी हो’ सॉन्ग को लेकर किया ट्वीट, KRK ने दिया ऐसा जवाब…

गौरतलब है कि इससे पहले सबसे बड़ा चालान दिल्ली में हरियाणा के एक ट्रक का काटा गया था। जिसकी रकम दो लाख 500 रुपए थी। इससे करीब पांच दिन पहले राजस्थान के एक ट्रक चालक ने रोहिणी कोर्ट में 1 लाख 47 हजार 7 सौ रुपये का चालान भरा था। वहीं ओडिशा में ही 10 सितंबर को एक ट्रक ड्राइवर पर 86 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया था। हालांकि, ट्रक ड्राइवर के कुछ दस्तावेज पेश करने के बाद इसे 70 हजार रुपए पर तय कर दिया गया था।http://www.satyodaya.com

देश

झारखंड विधानसभा चुनावः बीजेपी ने जारी की स्टार प्रचारकों की सूची

Published

on

फाइल फोटो

नई दिल्ली। झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 40 स्टार प्रचारकों की सूची शनिवार को जारी कर दी है। इन स्टार प्रचारकों की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, बीएल संतोष, रघुवर दास, योगी आदित्यनाथ, अर्जुन मुंडा, प्रह्लाद जोशी, रविशंकर प्रसाद, धर्मेंद्र प्रधान, मुख्तार अब्बास नकवी, स्मृति इरानी, अरुण सिंह, जुएल उरांव, केशव प्रसाद मौर्य, अर्जुन राम मेघवाल जैसे नेताओं को जगह दी गई है।

इसके अलावा लिस्ट में नित्यानंद राय, ओम प्रकाश माथुर, सौदान सिंह, नंद किशोर यादव, मनोज तिवारी, सनी देओल, रवि किशन, लक्ष्मण गिलुआ, बीडी राम, राम विचार नेताम, सुदर्शन भगत, समीर उरांव, करिया मुंडा, धर्मपाल सिंह, दीपक प्रकाश, सुनील सिंह, अन्नपूर्णा देवी, संजय सेठ, रविंद्र राय, मंगल पांडेय, महेंद्र सिंह और आदित्य साहू शामिल हैं।

यह भी पढ़ें:- सामाजिक समस्याओं को लेकर लोगों में जागरुकता लाए मीडिया: नायडू

इससे पहले झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने शनिवार को अपने उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी कर दी। इस सूची में भाजपा ने तीन और सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। भाजपा ने अब तक कुल 71 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। पहले चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र केसरी शामिल हैं।

बता दें कि पहले चरण में 30 नवंबर को मतदान होना है। निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को जांच के बाद उम्मीदवारों की सूची जारी की। 22 उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को रद्द किया गया है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

देश

पीएम मोदी के सलाहकार से मिला इप्सेफ का प्रतिनिधि मंडल

Published

on

लखनऊ। इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्सेफ) का पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य सलाहकार पीके सिन्हा से पीएमओ में मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने श्री सिन्हा को केन्द्र व राज्य कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल ने पीएम मोदी को संबोधित ज्ञापन में मांग की है कि स्वायत्तशासी संस्थाओं के कर्मचारियों को बोनस भुगतान कराया जाए। पिछले कई वर्षों से इन कर्मचारियों को बोनस नहीं मिला है। इसमें केंद्रीय विश्वविद्यालय एवं अन्य संस्थाएं शामिल हैं।

ज्ञापन में मांग की गयी है कि केन्द्र व राज्य कर्मचारियों की आयकर सीमा बढ़ा कर आठ लाख रुपए की जाए, आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारियों के लिए नीति बनाकर उनकी सेवाएं सुरक्षित करने तथा उनका वेतन उनके खाते में जमा किया जाय। रिक्त पदों पर विनियमित किया जाय, रिक्त पदों पर तेजी से नियुक्तियां की जाएं तथा नियमित पदों पर नियमित नियुक्ति ही की जाय। प्रतिनिधि मंडल ने मांग की है कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुरूप 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी को एक इन्क्रीमेंट के लाभ से वंचित न रखा जाए। जिन कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग का लाभ नहीं मिला है, उन्हें 01 जनवरी 2016 से एरियर के साथ भुगतान किया जाय। एनसीपी में पदोन्नति पद का वेतन दिया जाए। अर्जित अवकाश में सरकारी छुट्टियों को शामिल न किया जाए।

यह भी पढ़ें-उद्योग व्यापार मंडल ने ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनियों के खिलाफ निकाला पैदल मार्च

इप्सेफ के महामंत्री प्रेम चंद्र ने बताया कि मांगों पर दबाव बनाने के लिए 12 दिसंबर को देशभर के जनपदों में धरना प्रदर्शन करके प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजे जाएंगे। ज्ञापन में आग्रह किया गया है कि मांगों पर बातचीत करके सार्थक निर्णय लिया जाए जिससे कर्मचारियों की नाराजगी दूर हो सके। श्री सिन्हा ने आश्वासन दिया है कि इप्सेफ की मांगों पर प्रधानमंत्री से बात करके कर्मचारियों के हित में निर्णय कराने का प्रयास करेंगे। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वीपी मिश्र ने किया। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचंद, राष्ट्रीय सचिव अतुल मिश्रा एवं सदस्य राजकुमार सिंह शामिल थे।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

देश

सामाजिक समस्याओं को लेकर लोगों में जागरुकता लाए मीडिया: नायडू

Published

on

नईदिल्ली: उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु ने मीडिया से राष्ट्रहित में स्वतंत्र, निष्पक्ष और संतुलित खबर देने तथा सामाजिक समस्याओं को लेकर लोगों में जागरुकता लाने के लिए अभियान चलाने का अनुरोध किया है। नायडु ने यहाँ राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर आयाेजित समारोह को सम्बोधित करते हुये कहा कि स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान पत्रकारिता मिशन था और उस दौरान उसने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उन्होंने कहा “मिशन अब कमीशन हो गया है।”

यह भी पढ़ें:डाॅ. कफील खान का निलंबन वापस लेने के लिए सीएम योगी को पत्र लिखेगा आईएमए

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता राष्ट्रीय हितों, देश की एकता एवं अखंडता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर स्वतंत्र और जिम्मेदारी पूर्ण ढंग से की जानी चाहिये। समाचार को समाचार के रूप में पेश किया जाना चाहिये, उसकी व्याख्या नहीं की जानी चाहिये। लोकतंत्र में प्रेस को अभिव्यक्ति की आजादी है, लेकिन समाचार देने के बाद ही उसकी व्याख्या की जानी चाहिये, पहले नहीं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि पत्रकारिता जिम्मेदारी से की जानी चाहिये और समाचार को लेकर जो सूचना हो उसकी पुष्टि कर ली जानी चाहिये। इससे सूचना का महत्व बढ़ जाता है। उन्होंने कहा “आज ऐसी स्थिति हो गयी है कि किसी घटना के संबंध में एक अखबार को पढ़ने से उसकी सही तस्वीर नहीं बनती है। विभिन्न अखबार एक ही खबर को अलग-अलग ढंग से पेश करते हैं।”http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

November 17, 2019, 3:11 am
Fog
Fog
18°C
real feel: 18°C
current pressure: 1010 mb
humidity: 93%
wind speed: 0 m/s N
wind gusts: 0 m/s
UV-Index: 0
sunrise: 5:57 am
sunset: 4:46 pm
 

Recent Posts

Top Posts & Pages

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 10 other subscribers

Trending