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ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार में उतारे बांग्लादेशी कलाकार, गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट

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कोलकाता। अपने संघर्षशील स्वभाव के चलते पश्चिम बंगाल में वामदलों के मजबूत गढ. को धराशाई करने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कभी उनकी जीवटता व जिद्दी स्वभाव के लिए जाना जाता है लेकिन हाल के वर्षों में वह अपने विवादित फैसलों के चलते ही ज्यादा सुर्खियों में रहीं हैं। अपने ऐसे ही एक और निर्णय के चलते एक बार फिर से वह चर्चा में हैं। जानकारी के अनुसार लोकसभा चुनाव में मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए ममता बनर्जी बांग्लादेशी कलाकारों की मदद ले रही हैं। भारतीय जनता पार्टी ने इस पर आपत्ति जाहिर की है। वहीं सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर बांग्लादेशी अभिनेता फिरदौस अहमद और गाजी अब्दुन नूर की कुछ तस्वीरें चुनाव प्रचार करते हुए वायरल हो रही है।

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बांग्लादेशी एक्टर पश्चिम बंगाल के बॉर्डर इलाके जैसे रायगंज क्षेत्र में लोगों से तृणमूल कांग्रेस को वोट देने की अपील कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि मामला सामने आने के बाद बांग्लादेशी सितारे फिरदौस और नूर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पश्चिम बंगाल भाजपा ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास इन दोनों बांग्लादेशी सितारे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा ने पूछा है कि आखिर ये दोनों भारत मे किस हैसियत से किसी खास पार्टी के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे हैं? सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने भारत के चुनावों में बांग्लादेशी कलाकारों से चुनाव प्रचार कराए जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। कई लोगों ने अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के भारत में रहने के मुद्दे को भी साथ में उठाया है।

भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट कर कहा, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को को बांग्लादेश से कुछ ज्यादा ही प्रेम है, बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए उनका प्यार सगी मौसी से भी ज्यादा है। अब बांग्लादेशी घुसपैठियों के वोट पक्का करने के लिए वे प्रचार में भी बांग्लादेशी कलाकारों को बुला रही हैं। क्या ये पश्चिम बंगाल की जनता का अपमान नहीं है?

पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश के सुपरस्टार फिरदौस अहमद के चुनाव प्रचार पर गृह मंत्रालय ने सिलीगुड़ी के प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने पूछा है कि क्या कोई बांग्लादेशी सुपरस्टार ने प्रचार किया है? अभी तक रिपोर्ट नहीं दी गई है।

गृह मंत्रालय के पाले में गेंद

बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में फिरदौस रैली में पहुंचने के बाद सवाल खड़ा हुआ कि क्या कोई भी विदेशी नागरिक आकर चुनावों के दौरान किसी भी राजनीतिक पार्टी के उम्मीदवार के लिए वोट मांग सकता है! चुनाव आयोग के नियमों में इस बात का जिक्र नहीं है कि कोई विदेशी नागरिक आ कर चुनाव प्रचार में शामिल हो सकता है या नहीं।
वहीं अगर विदेश मंत्रालय की बात की जाए तो सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विदेश मंत्रालय किसी भी विदेशी नागरिक को वीजा जारी करता है लेकिन उससे पहले की जो पड़ताल होती है उसमें वह बाकायदा इस बात का जिक्र करता है कि आखिर वह देश में किस मकसद से आ रहा है। अब तक की जानकारी से ये तो साफ हो गया है कि चुनाव आयोग और विदेश मंत्रालय के नियमों के हिसाब से फिरदौस का चुनाव प्रचार करना गैरकानूनी नहीं है।

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अब बात करें गृह मंत्रालय के नियम कानून की तो सूत्रों के मुताबिक अगर गृह मंत्रालय को ऐसी शिकायत मिलती है जिसमें कहा गया हो कि विदेशी नागरिक ने जिस मकसद से भारत आने की बात कही थी उस मकसद से अलग किसी गतिविधि में शामिल रहा है तो फिर गृह मंत्रालय ऐसे शख्स के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। अब गृह मंत्रालय इस पूरे मामले की जांच पड़ताल करेगा। बांग्लादेशी कलाकारों ने अगर गृह मंत्रालय के नियम कानूनों का उल्लंघन किया है तो निश्चित रूप से उन्हें लेने के देने पड. सकते हैं लेकिन इस पूरी जांच प्रक्रिया में कई झोल हैं। जिससे बहुत संभव है कि बांग्लादेसी कलाकार सख्त कार्रवाई से बच भी जाएं।http://www.satyodaya.com

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भाजपा ने दिल्ली की चार सीटों समेत सात प्रत्याशियों के नामों का किया ऐलान

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 सुमित्रा महाजन की इंदौर सीट से ललवानी को मिला मौका

सात उम्मीदवारों का ऐलान, दिल्ली से मनोज तिवारी और हर्षवर्धन को टिकट

नई दिल्ली। भाजपा ने रविवार को सात लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। दिल्ली में कांग्रेस और आप की रणनीति पर नजरें गड़ाए भाजपा ने यहां की चार सीटों जबकि मध्य प्रदेश के इंदौर, पंजाब के अमृतसर और यूपी की घोषी सीट से प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने चांदनी चैक लोकसभा सीट से दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से मनोज तिवारी, वहीं, पश्चिमी दिल्ली से प्रवेश वर्मा, दक्षिणी दिल्ली से रमेश बिधूड़ी को मैदान में उतारा है। दिल्ली की बाकी तीन सीटों को लेकर भाजपा ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं। बता दें कि लोकसभा चुनाव-2019 में आम आदमी पार्टी सभी सातों सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है, जबकि कांग्रेस ने किसी भी सीट पर अपने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है।
वहीं मध्य प्रदेश इंदौर से भाजपा ने शंकर ललवानी को टिकट दिया है, यह सीट भाजपा की दिग्गज नेता व मौजूदा लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन की है। यहां से वह नौ बार जीत कर संसद पहुंची । लेकिन इस बार वह चुनावी मैदान में नहीं हैं। जबकि अमृतसर से हरदीप पुरी भाजपा के चेहरा होंगे। यूपी के घोषी सीट से हरिनारायण राजभर भाजपा की और से चुनावी रण में भेजे गए हैं।  लंबे इंतजार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव-2019 के दिल्ली की चार सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।

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गौरतलब है कि दिल्ली में लोकसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर सस्पेंस अब भी जारी है। शनिवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह ने कहा था कि कांग्रेस गठबंधन के लिए तैयार नहीं हुई है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा कि दिल्ली में लोकसभा की सात सीटों पर 4-3 फॉर्मूला पर आम आदमी पार्टी से बात चल रही थी। अगर आम आदमी पार्टी इस फॉर्मूला से तैयार है तो कांग्रेस भी तैयार है।

2014 में सभी सीटों पर बीजेपी का कब्जा था

पिछले लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी। चांदनी चैक से हर्षवर्धन, पूर्व दिल्ली से महेश गिरि, नई दिल्ली से मीनाक्षी लेखी, उत्तर पूर्वी दिल्ली से मनोज तिवारी, उत्तर पश्चिम दिल्ली से उदित राज, दक्षिण दिल्ली से रमेश बिधूड़ी और पश्चिम दिल्ली से प्रवेश वर्मा ने जीत दर्ज की थी। पिछली बार मोदी लहर थी, जिसके चलते बीजेपी ने आसानी से सभी सीटें जीत ली थी, लेकिन इस बार मुकाबला कड़ा होने की उम्मीद जतायी जा रही है।

2014 में कांग्रेस के पास चली गई थी अमृतसर सीट

करीब दो दशक तक अमृतसर लोकसभा सीट बीजेपी का गढ़ रहा था, लेकिन 2014 के चुनाव में यह सीट कांग्रेस के खाते में चली गई। कांग्रेस के दिग्गज नेता अमरिंदर सिंह ने बीजेपी के बड़े नेता अरुण जेटली को 1 लाख से ज्यादा वोटों से हरा दिया। कैप्टन अमरिंदर सिंह को 48 फीसद वोट के साथ कुल 4,82,876 वोट मिले, जबकि जेटली को 37.74 फीसद वोट के साथ 3,80,106 वोट मिले। 2019 में बीजेपी हरदीप पुरी को मैदान में उतारी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि उनका मुकाबला कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू से हो सकता है।

कौन हैं शंकर लालवानी

लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण में 11 अप्रैल को 20 राज्य की 91 सीटों और दूसरे चरण में 18 अप्रैल को 12 राज्य की 95 लोकसभा सीटों पर मतदान हो चुका है। अब 23 अप्रैल को तीसरे चरण का मतदान होना है। भाजपा ने मध्यप्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट से शंकर लालवानी को टिकट मिला है। लालवानी को सुमित्रा महाजन की मजबूत सीट से मौका दिया गया है। भाजपा में कुछ नेता ऐसे रहे हैं जिनका नाम कभी फीका नहीं पड़ा।

उन्हीं में से एक हैं शंकर लालवानी। साल 1993 में विधानसभा क्षेत्र-4 से लालवानी को भाजपा अध्यक्ष का कार्यभार मिला। इसके तीन साल बाद 1996 में हुए नगर निगम चुनाव में उन्हें जयरामपुर वार्ड से टिकट मिला था। इसमें उन्होंने अपने भाई और कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश लालवानी को हराया और पार्षद बने। लालवानी ने सभापति जैसे महत्वपूर्ण पद का भी कार्यभार संभाला।

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वह तीन बार पार्षद रहे लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। हालांकि, कुछ समय बाद पार्टी ने उन्हें नगर अध्यक्ष बना दिया। नगर अध्यक्ष के पद पर रहते हुए ही उन्हें इंदौर नगर निगम प्राधिकरण की जिम्मेदारी दी गई थी। इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रहे लालवानी का मुकाबला कांग्रेस के पंकज संघवी से होना है। इंदौर सीट भाजपा के लिए खासी महत्वपूर्ण है। इस सीट पर भाजपा पिछले आठ लोकसभा चुनाव लगातार जीतती आई है। इस बार लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के इस सीट से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। इसके बाद भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को इस सीट से मुख्य दावेदार माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने भी इस सीट से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद लालवानी को मौका दिया गया है।http://www.satyodaya.com

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पाकिस्तान अगर हमारा पायलट न लौटाता तो वह कत्ल की रात होतीः पीएम मोदी

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चित्तौड़गढ़ में बोले मोदी, राजस्थान में पानी की किल्लत के लिए कांग्रेस जिम्मेदार

अहमदाबाद, जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तर गुजरात के पाटण और राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में जनसभाएं कीं। गुजरात के पाटण में एक चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचे पीएम मोदी पाकिस्तान पर जमकर बरसे। मोदी ने कहा कि अगर पाकिस्तान हमारे पायलट अभिनंदन वर्धमान को नहीं लौटाता तो वह ‘कत्ल की रात होती। उन्होंने गुजरात के पाटण में एक रैली में कहा कि प्रधानमंत्री की कुर्सी रहे या ना रहे, लेकिन उन्होंने फैसला किया है कि या तो वह जिंदा रहेंगे या आतंकवादी जिंदा बचेंगे। मोदी ने कहा कि शरद पवार कहते हैं कि मुझे नहीं पता कि मोदी क्या करेंगे। अगर उन्हें नहीं पता कि मोदी कल क्या करेंगे तो इमरान खान को कैसे पता होगा?
पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी शिविर पर हवाई हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों के बीच 27 फरवरी को टकराव हुआ जिसमें भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान का विमान पड़ोसी देश में जा गिरा और उन्हें पकड़ लिया गया। पाकिस्तान ने एक मार्च की रात को पायलट को रिहा कर दिया था। इसका जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि पायलट को पकड़ने के बाद विपक्ष ने इस पर उनसे जवाब मांगना शुरू कर दिया।

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मोदी ने कहा, सरकार आने के बाद बम धमाके करने वाली गैंग जम्मू-कश्मीर तक ही सीमित रह गई। 26/11 मुंबई हमले के बाद देश चाहता था कि आतंकियों को करारा जवाब दिया जाए, लेकिन तब सरकार ने हिम्मत नहीं दिखाई। उरी और पुलवामा हमले के बाद हमने सेना को खुली छूट दी। आतंकियों को जवाब मिला। एयर स्ट्राइक हुई और खेल खत्म।
पीएम मोदी ने कहा, हमने संवाददाता सम्मेलन किया और पाकिस्तान को आगाह किया अगर हमारे पायलट के साथ कुछ भी हुआ तो आप दुनियाभर में बताते रहेंगे कि मोदी ने आपके साथ यह किया। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने दूसरे दिन कहा कि मोदी ने 12 मिसाइल तैयार रखी हैं और कहा कि हमला हो सकता है तथा स्थिति बिगड़ जाएगी। पाकिस्तान ने दूसरे दिन पायलट को लौटाने की घोषणा कर दी, नहीं तो वह ‘कत्ल की रात होने जा रही थी।
राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की कुर्सी रहे या ना रहे, लेकिन उन्होंने फैसला किया है कि या तो वह जिंदा रहेंगे या आतंकवादी जिंदा बचेंगे।
पीएम मोदी ने गुजरात की जनता से लोकसभा चुनाव की सभी 26 सीटों पर भाजपा को जिताने की अपील करते हुए कहा कि मेरे गृह राज्य के लोगों का कर्तव्य है कि ‘धरती के पुत्र की देखभाल करें, गुजरात में सभी 26 सीटें मुझे दीजिए। मेरी सरकार सत्ता में वापस आएगी लेकिन अगर गुजरात ने भाजपा को 26 सीटें नहीं दी तो 23 मई को टीवी पर चर्चा होगी कि ऐसा क्यों हुआ।

बता दें, गुजरात की सभी 26 लोकसभा सीटों के लिए 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए चुनाव प्रचार रविवार को ही खत्म होने वाला है। भाजपा की गुजरात इकाई की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि गांधीनगर लोकसभा सीट के तहत आने वाले अहमदाबाद के रानिप इलाके में मतदाता के तौर पर पंजीकृत मोदी 22 अप्रैल की रात को गुजरात आएंगे और अगली सुबह अपना वोट डालेंगे।
गुजरात से पहले रविवार सुबह पीएम मोदी ने सबसे राजस्थान में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। चित्तौड़गढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने पानी की समस्या को लेकर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। जनसभा के दौरान मोदी ने कहा, सिंधु जल संधि के तहत हमारे हिस्से का पानी रोक लिया होता तो आज पानी की किल्लत नहीं होती। कांग्रेस यहां के लोगों से वोट लेती रही और राजस्थान के हिस्से का पानी पाकिस्तान को पिलाती रही है, आप प्यासे रहे। मोदी ने कहा, अब भाजपा सरकार ने पाकिस्तान की ओर बहने वाले पानी पर एक बांध योजना शुरू की है। आने वाले दिनों में आपके हिस्से का पानी आपको मिलेगा, पाकिस्ताान को नहीं।

हर रोज दुनिया में कहीं न कहीं खून बिखेर रहा आतंकवाद: मोदी

रविवार सुबह श्रीलंका में सिलसिलेवार तरीके से हुए बम धमाकों की ओर ध्यान दिलाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा- श्रीलंका में चर्च और होटलों में धमाके हुए। आज विश्व में ईस्टर का पर्व मनाया जा रहा है। निर्दोष लोग चर्च में पूजा कर रहे थे, उसी समय आतंकवादियों ने उन्हें मार दिया। आतंकवाद कितना भयंकर है, हर दिन दुनिया में कहीं न कहीं खून बिखेर रहा है। भारत, श्रीलंका के साथ मजबूती के साथ खड़ा है। भारत हर मदद के लिए तैयार है। मोदी ने कहा कि जब आप कमल के निशान का बटन दबाएंगे, मन में तय करिएगा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए बटन दबा रहे हैं। आप बटन दबाओेगे, आतंकवाद के खिलाफ मुझे लड़ने की ताकत मिलेगी।#IndiaBoleNamoPhirSe
राजस्थान के बाड़मेर में एक चुनावी रैली में पीएम मोदी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि भारत ने पाकिस्तान की धमकियों से डरने की नीति को छोड़ चुका है। वर्ना आए दिन बोलते रहते थे, हमारे पास न्यूक्लियर बटन है…हमारे पास न्यूक्लियर है बटन…तो हमारे पास क्या है भाई…क्या हमने इसे दिवाली के लिए रखा है? पीएम मोदी ने कहा, भारत ने पाकिस्तान की धमकी से डरने की नीति को छोड़ दिया, ये ठीक हुआ ना? आप भी यही चाहते हैं ना? हमने आतंकियों के मन में डर पैदा किया, ये ठीक किया ना? हमने पाकिस्तान की सारी हेकड़ी निकाल दी, उसे कटोरा लेकर घूमने के लिए मजबूर कर दिया, ठीक किया ना?
पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान को मिली खुली छूट के कारण हमारे देश में आतंकी हमले भी तो बहुत आम थे। आतंक के सरपरस्तों को सबक सिखाने के लिए उन्हें उनके घर में घुसकर मारा। पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यहां अनेक पूर्व सैनिक हैं, जिन्होंने 1971 की लड़ाई में हिस्सा लिया था। तब हमारे सैनिकों के शौर्य के कारण पाकिस्तान का एक बड़ा हिस्सा हमारे कब्जे में था, 90 हजार पाक सैनिक हमारे पास थे, लेकिन उसके बाद शिमला में क्या हुआ? दुनियाभर से जो दबाव भारत पर पड़ा उसको तब की सरकार झेल नहीं पाई। 90 हजार सैनिक भी वापस कर दिए और सारी जमीन भी।

पीएम ने कहा कि वो सुनहरा मौका था, जम्मू कश्मीर की समस्या को हल करने का, घुसपैठ की समस्या को हल करने का, लेकिन कांग्रेस ने मौका गंवा दिया। परिणाम पूरा भारत आज तक भुगत रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि राजस्थान जिस तरह पूरी मजबूती से हमेशा इस चौकीदार के साथ खड़ा रहा है, वो एक बड़ी वजह है, कि मैं देशहित में बड़े और कड़े फैसले ले पाया। वो काम कर पाया, जिसका इंतजार आपको, देश के लोगों को बरसों से था। वो फैसले ले पाया, जो कांग्रेस की सरकारों ने दशकों से लटका कर रखे हुए थे। किसानों को लागत का डेढ़ गुणा देने की बरसों पुरानी मांग को पूरा करने का काम आपके इस चैकीदार ने ही किया।
पीएम मोदी ने कहा कि कालेधन और भ्रष्टाचार पर प्रहार के लिए नोटबंदी और बेनामी संपत्ति कानून लागू करने जैसे कड़े फैसले भी आपके इस चैकीदार ने ही लिए बाड़मेर की रिफाइनरी को कांग्रेस ने लटकाकर, उलझाकर रखा था। इस क्षेत्र का भाग्य बदलने वाली इस रिफाइनरी के लिए इस चैकीदार की सरकार ने काम शुरू करवाया। सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग दशकों से चल रही थी। समाज को बांटने में लगी कांग्रेस ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया, जबकि बिना किसी शोर-शराबे के, बिना किसी का हक छीने, चैकीदार की सरकार ने ये फैसला भी लागू करवाया।
उन्होंने कहा कि मां भारती में आस्था रखने वाली संतानों के लिए नागरिकता संशोधन कानून पास करवाने का प्रयास भी आपके इस चौकीदार ने किया। देश के लिए मर-मिटने वाले वीर बेटे-बेटियों के लिए हम जितना करें, वो कम ही है, लेकिन कांग्रेस और उसके साथियों के लिए सेना के वीर जवानों के लिए सोच कुछ और है। कांग्रेस ने 2009 में वादा किया था कि सेना के आधुनिकीकरण के लिए हथियार, लड़ाकू विमान, समंदर पर चलने वाले जहाज, समंदर से आसमान तक का सुरक्षा घेरा मजबूत करेंगे, लेकिन हुआ क्या? दशकों से चला आ रहा राफेल विमान का सौदा, ठप हो गया. कांग्रेस मलाई खाने की कोशिश करती ही रह गई।

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उन्होंने कहा कि इस दौरान पुराने पड़े मिग विमान गिरते गए, हमारे बहादुर पायलटों की जानें जाती रहीं, वायुसेना की ताकत घटती रही। स्थिति ये थी कि सेना के पास आधुनिक तोप नहीं थी, पर्याप्त गोला बारूद नहीं था, बुलेट प्रूफ जैकेट नहीं थी, पर्याप्त नाइट विजन डिवाइस नहीं थे, आधुनिक राइफलें तक नहीं थीं। पिछली सरकार में लाखों करोड़ के दूसरे घोटालों के साथ कांग्रेस ने एक और घोटाला किया- हेलिकॉप्टर घोटाला। मिशेल मामा के साथ मिलकर, कांग्रेस ने ईमानदार करदाताओं की कमाई लूट ली।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने दशकों बाद सेना को आधुनिक तोप दी. हमने कांग्रेस के सारे दलालों को दूर भगाते हुए राफेल लड़ाकू विमान के लिए सीधे फ्रांस सरकार से सौदा किया। ये जहाज कुछ महीनों में ही भारत के आसमान में होगा। जिस तेजस विमान को कांग्रेस ने बेसहारा छोड़ दिया था, उसे बनाने की प्रक्रिया को हमने नए सिरे से तेज किया। अब दुनिया की सबसे आधुनिक राइफल्स का निर्माण भारत में ही हो रहा है। जिस बुलेट प्रूफ जैकेट के लिए कांग्रेस ने बरसों तक हमारे सैनिकों को तरसाया था, वो बुलेट प्रूफ जैकेट अब भारत में ही बनाकर सैनिकों को दी जा रही है। इतना ही नहीं हमारी सरकार के दौरान ही भारत दुनिया की उन शक्तियों में शामिल हुआ जिनके पास जल, थल, नभ, तीनों जगहों से न्यूक्लियर हमला करने की क्षमता है।
उन्होंने कहा कि 2022 में जब देश आजादी के 75 वर्ष मनाएगा, तब तक हम विकास के 75 सिद्धियों की तरफ कदम बढाएंगे। 2022 तक किसानों को अपनी आय दोगुनी करने के लिए सक्षम करेंगे। 2022 तक हर गरीब-बेघर के पास अपना पक्का घर होगा। 2022 तक कोई भी अंधेरे में नहीं रहेगा। 2022 तक हर परिवार के पास गैस का कनेक्शन होगा।

कल उदयपुर और जोधपुर में रैलियां

राजस्थान में दो दिन में पीएम मोदी की चार सभाएं होंगी। रविवार को चित्तौड़गढ़ और बाड़मेर में चुनावी रैलियों के बाद सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी उदयपुर और जोधपुर में जनसभा करेंगे। लोकसभा चुनावों की आचार संहिता लागू होने के बाद राजस्थान में उनका यह पहला चुनावी दौरा है। चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले मोदी ने फरवरी में टोंक और चूरू में चुनावी सभाएं की थीं।http://www.satyodaya.com

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हीमैन और ड्रीमगर्ल के बाद भाजपा चाहती है ‘ढाई किलो के हाथ का साथ’, शाह के मनाने पर सनी देओल लड़ सकते हैं इस सीट से चुनाव

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हीमैन पापा और ड्रीमगर्ल मम्मी को अपने साथ जोड़ने के बाद भाजपा अब ढाई किलो हाथ वाले पुत्र को भी अपने साथ जोड़ने का पूरा जोर लगा रही है। जी हां, सनी देओल के बीजेपी में शामिल होने की खबरों ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि कुछ समय पहले खबर आई थी कि धर्मेंद्र को सनी देओल का राजनीति में आना पसंद नहीं है इसीलिए सनी देओल ने साफ़ कर दिया था कि अभी उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं। लेकिन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह उन्हें मानाने पहुंच गए। पुणे में हुई इस बैठक के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ सनी देओल की एक फोटो वायरल हो रही है। इस फोटो में अमित शाह और सनी देओल हैं।

खबरों की मानें तो भाजपा सनी को अमृतसर से चुनाव लड़ाने की सोच रही है। हालांकि गुरदासपुर सीट पर भी नाम अभी तय नहीं। विनोद खन्ना चार बार गुरदापुर सीट से सांसद रह चुके हैं।

2017 में विनोद खन्ना के निधन के बाद ये सीट कांग्रेस के पाले में आ गई । 2017 के उपचुनाव में इस सीट पर कांग्रेस के सुनील जाखर को जीत हासिल हुई थी । सनी देओल के पिता धर्मेंद्र और सौतेली मां हेमा मालिनी का राजनीति से पुराना नाता रहा है। धर्मेंद्र बीजेपी के टिकट पर 2004 में राजस्थान की बीकानेर सीट से चुनाव लड़ चुके हैं और उन्हें यहां जीत भी मिली थी। वहीं उनकी सौतेली मां हेमा मालिनी अभी मथुरा से बीजेपी सांसद हैं।

अमरोहा के भाजपा नेता तरुण राठी ने शुक्रवार शाम को फेसबुक वाल पर एक फोटो पोस्ट की जिसमें अमित शाह और सनी देयोल बैठे हैं, साथ ही राठी भी नजर आ रहे हैं। राठी ने लिखा कि ‘आज पुणे में प्रिय मित्र सनी देयोल व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी के साथ लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा की।’ राठी ने इस फोटो के बारे में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। इतना तय है कि भाजपा सनी को अमृतसर से लड़ाने की कोशिश में है।

अमृतसर में भाजपा पिछली दफा हार का स्वाद चख चुकी है। मोदी की भयंकर लहर में भी भाजपा के दिग्गज नेता अरुण जेटली का कैप्टन अमरिंदर सिंह के हाथों करीब एक लाख वोट से हार जाना भाजपा को अभी नासूर की तरह चुभता है। ऐसे में भाजपा का अमृतसर से जीतना प्रतिष्ठा का सवाल बना चुका है।

वैसे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सनी देओल को मानाने की पहले भी कोशिश की लेकिन उन्होंने कहा था कि वह फिलहाल राजनीति में आने को तैयार नहीं हैं। मगर इस बार उन्हें मानाने पहुंचे हैं अमित शाह। वह मना पाए या नहीं, यह आने वाले दिनों में पता चलेगा। वह मान गए तो अमृतसर में पार्टी की राह आसान होगी, वरना कैंडिडेट ढूंढना चुनौती होगी। प्रदेश के किसी भी नेता को फिलहाल मीटिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अभी ये भी साफ नहीं हुआ है कि सनी कब बीजेपी में शामिल होंगे।

बॉलीवुड का राजनीति से बहुत पुराना नाता रहा है। पार्टियां जब कभी इस तरह की मुश्किल में पड़ी हैं तो उन्होंने फिल्मी सितारों का ही सहारा लिया है। फिर भले वो फिर भले ही कांग्रेस का दिलीप कुमार को कृष्ण मेनन के प्रचार में उतरना हो, संजय दत्त का सपा के लिए रोड शो करना हो या फिर अमिताभ, धर्मेंद्र और हेमा मालिनी जैसे सितारों का चुनाव लड़ना हो। अब इस बार देखना ये होगा कि अमित शाह और सनी देओल की इस बैठक का क्या नतीजा निकलता है। क्या इस बार अमृतसर सनी पाजी को अपने भाजपा उम्मीदवार के रूप में देखेगा या फिर सनी अपने कहे मुताबिक राजनीति से दूरी बना कर रखेंगे। http://www.satyodaya.com

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