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हलाल मीट बेचने का दावा कर घिरा McDonalds, ट्विटर पर #BoycottMcDonalds कर रहा है ट्रेंड

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लखनऊ। भारत में फूड डिलिवर कंपनी जोमैटो के बाद ग्लोबल रेस्ट्रॉन्ट चेन मैकडॉनल्ड्स विवादों में आ गई है। इस बार भी वजह धार्मिक ही है। दरअसल, मैकडॉनल्ड्स ने अपने एक ट्वीट में दावा किया है कि उसके सभी रेस्ट्रॉन्ट में हलाल मीट मिलता है। उसके इस ट्वीट के बाद ट्विटर पर मैकडॉनल्ड्स के बहिष्कार की मांग #BoycottMcDonalds जोर पकड़ रही है। ट्विटर यूजर ने मैकडी पर आरोप लगाया कि वह गैर-मुस्लिमों को हलाल मीट खाने को मजबूर कर रही है।  

दरअसल, ट्विटर पर एक यूजर hibailyas89 ने मैकडी से सवाल किया था कि ‘क्या मैकडी भारत में हलाल सर्टिफाइड है?’ इस सवाल के जवाब में मैकडी ने कहा कि हमारे सभी रेस्तरां हलाल सर्टिफाइड हैं।

एक और ट्वीट कर मैकडी ने कहा कि ‘हमारे सभी रेस्त्रां के पास हलाल सर्टिफिकेट्स हैं। आप अपनी संतुष्टि और पुष्टि के लिए रेस्त्रां मैनेजर से सर्टिफिकेट दिखाने को कह सकते हैं।’

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बस मैकडी का ये ट्वीट आना था और बवाल कट गया। तमाम यूजर ने ट्वीट कर मैकडी को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। upasanatigress नाम के एक ट्विटर हैंडल ने लिखा कि, ‘वाह हमें नहीं पता था कि आप एक इस्लामिक फूडचेन फ्रैंचाइजी हैं। मैं इस रेस्त्रां का खाना कभी नहीं खाऊंगी जो इस्लामी रीति-रिवाजों से खाना परोसता है। भारत में आप सिर्फ 15% मुसलमानों को खाना खिलाकर कारोबार नहीं चल सकता।’

वहीं, एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि, ‘हिंदू, सिख समेत तमाम गैर-मुस्लिम कस्टमर्स को हलाल मीट खाने को मजबूर कर रहे हैं? क्या यह अल्पसंख्यकवाद की अत्याचार थोपना नहीं है? हिंदूओं की धार्मिक भावना का क्या? हम आपके 80% ग्राहक हैं, फिर भी हम मायने नही रखते? क्या हमें मैकडी का बहिष्कार करना पड़ेगा?’

बता दें, इसके पहले जोमैटो के भी हलाल मीट पर विवाद हो चुका है। जोमैटो ने भी इसी तरह का एक बार ट्वीट किया था। वहीं, हालही में जब एक व्यक्ति ने गैर-हिंदू डिलिवरी बॉय से खाना लेने से इंकार कर दिया था। तब भी काफी विवाद हुआ था। तब जोमैटो ने कहा था कि खाने का कोई धर्म नहीं होता। लेकिन उनके इस ट्वीट पर लोगों ने जोमैटो के हलाल मीट वाले ट्वीट की याद दिलाकर जमकर आलोचना की थी। वहीं, पश्चिम बंगाल में भी जोमैटो के डिलिवरी इम्प्लॉय हड़ताल पर चले गए थे। उनका कहना था कि उनसे जबरन बीफ और सुअर के मांस की डिलिवरी करवाई जा रही है। http://www.satyodaya.com

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गुजरात पर मंडरा रहा चक्रवाती तूफान का खतरा, अगले 24 घण्टे अहम

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अहमदाबाद। बीच गुजरात पर चक्रवात तूफान का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग ने इस तटवर्ती राज्य में अगले 24 घंटे में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। गुजरात के लिए अगले 24 घंटे काफी अहम हैं। बता दें कि मानसून ने जाते-जाते पूरे देश में कहर बरपा रखा है। देश के अधिकांश राज्य बारिश के कारण प्रभावित हैं और बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है। उत्तर प्रदेश हो या फिर मध्य प्रदेश, सभी जगह बाढ़ का तांडव दिख रहा है। नदियां विकराल रूप धारण कर चुकी हैं।
मौसम विभाग ने बताया कि इसके एक गहरे दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है और इसके बाद 24 घंटे में यह चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व अरब सागर पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब गुजरात में वेरावल से पश्चिम-दक्षिण तट से लगभग 170 किलोमीटर दूर है। भारतीय मौसम विभाग ने रविवार को यह जानकारी दी है। मौसम विभाग की जानकारी के बाद सरकार ने लोगों को चेतावनी जारी कर दी है। लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गयी है। मौसम विभाग ने मछुआरों से समुद्री तटों से दूर रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार, अगले 72 घंटे में यह पश्चिम-उत्तर से ओमान तट की ओर बढ़ सकता है। विभाग ने बताया कि गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में चक्रवाती तूफान से कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है और अगले 24 घंटे के दौरान तटीय जिलों के दूरदराज के क्षेत्रों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

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मौसम विभाग ने बताया कि अरब सागर के पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्व क्षेत्र में बना निम्न दाब 15 किलोमीटर की रफ्तार से पश्चिम-उत्तरपश्चिम की तरफ बढ़ रहा है। रविवार को दिन के 11ः30 बजे यह वेरावल से 170, पाकिस्तान के कराची से 570 व मस्कट के ओमान से 1170 किलोमीटर दूर था। मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी गई है। कि वे अगले 48 घंटे के दौरान पूर्व-मध्य और आसपास के उत्तर-पूर्वी अरब सागर और गुजरात तट पर न जायें। क्योंकि समुद्र में 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने से स्थिति काफी विकट हो सकती है। http://www.satyodaya.com

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चुनावी दंगलः अमित शाह ने कहा, नेहरू की गलती का परिणाम है पीओके और धारा 370

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नई दिल्ली। निश्चित रूप से जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का फैसला ऐतिहासिक है। गलत तरह से थोपा गया यह कानून ही था जो जम्मू कश्मीर आज तक खुद को भारत से अलग समझता रहा। लेकिन पीएम मोदी ने दूसरी बार सत्ता में आते ही जम्मू कश्मीर को धारा 370 और 35ए से मुक्त करते हुए राज्य के पुर्नगठन का ऐलान किया। मोदी सरकार अपने इस ऐतिहासिक काम को जमकर भुना भी रही है। महाराष्ट और हरियाणा विधानसभा चुनावों का ऐलान हो चुका है। भाजपा के राष्टीय अध्यक्ष व गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई से चुनावी अभियान का आगाज किया। अमित शाह ने चुनावी कार्यक्रम का शुभांरभ धारा 370 और 35ए से किया और पाकिस्तान के बहाने कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। गृहमंत्री ने कहा कि धारा 370 देश को एक सूत्र में बांधने में बाधक था।

भाजपा ने दूसरी बार सत्ता में आते ही सबसे पहले इस बाधा को समाप्त किया। भाजपा और जनसंघ ने इसके अस्तित्व में आने के समय ही विरोध किया था। आजादी के 70 वर्षों से यह जम्मू कश्मीर और भारत के जुड़ाव में सबसे बड़ी बाधा रही। कांग्रेस और गांधी परिवार को निशाने पर लेते हुए अमित शाह ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू की गलती के कारण ही आज पीओके बना और आज भी मौजूद है। अमित शाह ने कहा कि अगर 1947 में जवाहरलाल नेहरू ने युद्धविराम का ऐलान न किया होता तो पीओके भारत का होता। कहा कि संस्कृति की रक्षा के लिए देश के किसी भी भाग को विशेष धारा या अनुच्छेद की जरूरत नहीं है। गुजरात, महाराष्ट और केरल को अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए तो कभी धारा 370 की जरूरत नहीं पड़ी।

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कहा कि धारा 370 के कारण ही जम्मू कश्मीर आतंकवाद की चपेट में आ गया। धारा 370 की वजह से ही घाटी में कश्मीरी पंडितों की सरेआम संहार हुआ और उन्हें भागने के लिए मजबूर कर दिया गया। धारा 370 के कारण ही जम्मू कश्मीर में 40 हजार से ज्यादा लोग मारे गए। लेकिन कांग्रेस पूछती है कि धारा 370 हटाने की क्या जरूरत थी। कांग्रेस का युवराज कहता है कि इसकी क्या जरूरत है। गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा के लिए धारा 370 राजनीतिक मुद्दा नहीं है। भाजपा की तीन पीढ़ियों ने कुर्बानी दी है।
अमित शाह ने कहा कि जिन रियासतों की भारत में विलय की जिम्मेदारी सरदार बल्लभ भाई पटेल के पास थी, उन सभी को भारत में मिला लिया गया लेकिन एकमात्र जम्मू कश्मीर, जिसकी जिम्मेदारी नेहरू पर थी, उसका 70 साल तक भारत में पूर्ण विलय नहीं हो पाया।http://www.satyodaya.com

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उत्तराखंड: लोनी बॉर्डर से मनसा देवी जा रही श्रद्धालुओं की बस पलटी, 41 घायल

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देहरादून: लोनी बॉर्डर से मनसा देवी के दर्शन के लिए हरिद्वार जा रही बस   लिब्बरहेड़ी के पास हाईवे पर बने डिवाइडर से टकराकर पलट गई। बताया जा रहा है कि 41 श्रद्धालु घायल हो गए। वहीं घायलों की मदद के लिए ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसके साथ ही ग्रामीणों ने घटना की सूचना मौके पर पुलिस को पहुंचाई। जिसके बाद पुलिस घायलों को एंबुलेंस व निजी वाहनों रुड़की के सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। वहीं डॉक्टर्स ने तीन की हालत नाजुक बताकर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है।  

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पुलिस ने बताया कि लोनी बॉर्डर (गाजियाबाद) स्थित एक आश्रम से धार्मिक यात्रा के लिए बसें चलती हैं। वहीं इस आश्रम से शनिवार सुबह एक बस कालका मंदिर होते हुए हरिद्वार स्थित मनसा देवी के लिए लगभग 42 श्रद्धालुओं को लेकर निकली थी। वहीं जैसे ही बस मंगलौर के लब्बरहेड़ी गांव के पास हाईवे पर पहुंची, तभी बस ने अपना नियंत्रण खो दिया और वह डिवाइडर से टकराकर पलट गई। घटना की सूचना घायलों के परिजनों को पहुंचा दी गई है। सभी श्रद्धालु गाजियाबाद, दिल्ली, नोएडा और औरैया के रहने वाले हैं। साथ ही पुलिस के मुताबिक कि यह हादसा बस चालक को झपकी आने के कारण हुआ है। http://www.satyodaya.com

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September 23, 2019, 7:40 am
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