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मेधावी छात्रा के साथ दरिंदगी, जिंदा जलाकर शव पेड़ पर लटकाया, सोशल मीडिया पर न्याय के लिए उठी आवाज

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रायचूर। महिला हिंसा से जुड़े मामले आए दिन अखबारों की सुर्खियां बन रहे हैं। सरकार और संस्थाओं के लाख प्रयास के बाद भी समाज में महिलाओं के साथ खौफनाक घटनाओं में कमी नहीं आई है। ताजा मामला कर्नाटक के रायचूर का है। यहां एक इंजीनियरिंग छात्रा को बेरहमी से जलाकर मार डाला गया और उसकी जली हुई लाश एक सुनसान जगह पर पेड़ से लटकी हुई पाई गई। हत्या के इस मामले को सुसाइड दिखाने की कोशिश भी की गई। लाश के पास एक सुसाइड नोट भी मिला, लेकिन प्रारंभिक जांच में मामला खुलकर सामने आ गया।#JusticeForMadhu:

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रायचूर में बीती 16 अप्रैल को एक इंजीनियरिंग की छात्रा मधु का जला हुआ शव पाया गया था। शव एक सुनसान जगह पर पेड़ से लटका हुआ था। पुलिस ने घटना स्थल पर छानबीन की तो वहां से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। जिसमें लिखा था कि उसने खुद अपनी जाल ली है। क्योंकि परीक्षा में उसके नंबर अच्छे नहीं आए थे। लेकिन हत्यारे चूक गए। सुसाइड नोट मिलने पर सवाल खड.ा हो गया कि अगर छात्रा ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या की तो उसकी लाश को पेड़ से किसने लटकाया।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की जांच पड़ताल शुरू की। लेकिन मधु के परिवार को शक था कि उसकी हत्या की गई है। मृतक छात्रा के घरवालों ने रायचूर के पुलिस अधीक्षक किशोर बाबू से मुलाकात कर उन्हें घटना के बारे में अवगत कराया।

 

एसपी किशोर ने मीडिया को बताया कि पुलिस को शिकायत मिली है कि छात्रा की हत्या की गई है। इस संबंध में पुलिस ने एक मामला दर्ज किया है और एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार भी कर लिया है। मामले की तफ्तीश जारी है। उधर, मधु की दर्दनाक मौत को लेकर युवाओं में खासा रोष है। नाराज यूजर्स हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर पीड़िता के लिए न्याय की गुहार लगा रहे हैं। कुछ यूजर्स ने मौका-ए-वारदात की भयावह तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की हैं। कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि उसके साथ बलात्कार भी किया गया था। शुक्रवार की सुबह तक change-org पर मधु के लिए न्याय की मांग करने वाली याचिका को 20,000 से अधिक हस्ताक्षर मिल चुके थे। हालांकि अभी तक पुलिस ने घटना स्थल की कोई तस्वीर जारी नहीं की है। अभी तक पकड़े गए आरोपी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली हैं। लेकिन उसकी तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो रही है।http://www.satyodaya.com

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एससी छात्रों की प्रवेश परीक्षा 30 जून को होगी आयोजित…

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6 जनपदों के कालेजो में होगा निःशुल्क पंजीकरण

लखनऊ। भारत सरकार द्वारा केन्द्र पुरोनिधानित अनुसूचित जाति मेरिट उच्चीकृत योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए यह योजना प्रदेश के राजकीय जुबली इण्टर कालेज लखनऊ, राजकीय इण्टर कालेज आगरा, राजकीय जुबली इण्टर कालेज गोरखपुर, राजकीय जुबली इण्टर कालेज मुरादाबाद, राजकीय इण्टर कालेज झांसी, राजकीय इण्टर कालेज इलाहाबाद सहित कुल 6 जनपदों के मुख्यालय पर स्थित इण्टर कालेजों में संचालित है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति के छात्रों को रेमेडियल कोंचिंग प्रदान कर उनके शैक्षिक अवरोधों को दूर कर उनके मेरिट को उच्चीकृत किया जाता है।

निदेशक समाज कल्याण उत्तर प्रदेश जगदीश प्रसाद ने बताया कि विगत वर्षो की तरह यह योजना चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 में इन चयनित विद्यालयों में संचालित रहेगी। इसके लाभ के लिए इस वर्ष कक्षा-9 में इन छः राजकीय इण्टर कालेजों में अनुसूचित जाति के 20-20 प्रतिभाशाली छात्रों का चयन किया जायेगा। चयन के लिए एक प्रतियोगात्मक प्रवेश परीक्षा इन केन्द्रों पर आगामी 30 जून को आयोजित की जायेगी। जो विद्यार्थी कक्षा-8 की परीक्षा में सम्मिलित हुए हैं तथा परीक्षाफल घोषित नहीं हुआ है, वह भी प्रवेश परीक्षा के लिए पात्र होंगे। इच्छुक अनुसूचित जाति छात्र इन विद्यालयों में निःशुल्क पंजीकरण करायें। पंजीकरण के समय तहसीलदार द्वारा जारी जाति प्रमाण-पत्र की (प्रमाणित छायाप्रति) जमा करना अनिवार्य होगा।

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निदेशक समाज कल्याण ने बताया कि योजनान्तर्गत चयनित छात्रों को अन्य योजना के माध्यम से मिलने वाली सुविधा से वंचित कर दिया जायेगा, परीक्षा के आधार पर कक्षा-9 में प्रवेश हेतु रेमेडियल कोचिंग की व्यवस्था रहेगी। यह छात्र अपनी वार्षिक परीक्षा में उत्तीर्ण होकर आगामी वर्षों में कक्षा-10, 11 व 12 में प्रवेश लेकर इस योजना में लाभान्वित होते रहेंगे। उन्होने यह भी बताया कि विशेष जानकारी हेतु उपरोक्त राजकीय इण्टर कालेजों के प्रधानाचार्य से सम्पर्क किया जा सकता है।http://www.satyodaya.com

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भाजपा कार्यकाल में किसान सबसे ज्यादा परेशान – अखिलेश यादव

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कर्ज में डूबे किसानों की आत्महत्या जारी है

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में किसान सबसे ज्यादा परेशान है। किसानों को न तो लागत का ड्योढ़ा मूल्य मिल रहा है और ना ही उनकी आय दुगुनी करने का वादा पूरा करने की दिशा में कुछ होता दिखता है। घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य भी उन्हें नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों को 2-2 हजार की तीन किश्तें देने का प्रलोभन देकर भाजपा ने लोकसभा चुनावों में वोटो का सौदा किया था उनके बैंक खातों से अब रकम वापस ली जा रही है। जिसके कारण ही कर्ज में डूबे किसानों की आत्महत्या जारी है।

सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने गन्ना किसानों को बहुत धोखा दिया है उसकी कुनीतियों के कारण पेराई सत्र खत्म होने के बाद भी गन्ना किसानों को उनकी कीमत नहीं मिल पाई है। गन्ना किसानों का 10,343 करोड़ रूपए से ज्यादा बकाया है। किसानों का यह बकाया अदा करने में भाजपा सरकार हीला हवाली कर रही है लेकिन मील मालिकों पर सख्ती करने से बच रही है। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार गन्ना किसानों के साथ जो छल प्रपंच कर रही है उसके परिणाम स्वरूप गन्ना की पैदावार घटी है। गन्ना पेराई के समय चीनी मीलों के रवैये के चलते बड़ी संख्या में तौल में गड़बड़ी के साथ पर्चियों में भी खेल किया गया। बड़ी सख्या में किसान का गन्ना खेतों में ही खड़ा रह गया। चीनी मीलों ने 806.9 लाख क्विंटल गन्ना कम खरीदा। चीनी उत्पादन भी इसलिए 12.7 लाख क्विंटल घट गया है।

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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सच तो यह है कि भाजपा गांव-किसान खेती को प्राथमिकता देने के बजाय कारपोरेट जमात के हितों के लिए काम करती है। किसानों की मदद के बजाय वह चीनी मील मालिकों के साथ उदारता बरतती है। बाहर से चीनी आयात करती है, गन्ना किसान की उपेक्षा करती है। उन्होंने कहा कि किसान की खेती का क्षेत्रफल घटता जा रहा है, यह चिंता का विषय है। भाजपा सरकार का यही रवैया रहा तो नया संकट खड़ा हो जाएगा।http://www.satyodaya.com

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दो लाख हाजी हिन्दुस्तान से हज के सफर पर होंगे रवाना…

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लखनऊ। मुसलमानों का पाक और मुकद्दस हज का सफर काफी नजदीक आ गया है। इस बार हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार तकरीबन दो लाख हाजी अपना धार्मिक कार्य पूरा करने हज के मुबारक सफर पर जाएंगे।हिंदुस्तानी हाजी दुनिया में दूसरे पायदान पर मक्का मदीना में हज करने वालों में शुमार किए जाएंगे। जिसको लेकर मुस्लिम रहनुमाओं ने भी मोदी हुकूमत की तारीफ के साथ केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का भी शुक्रिया अदा किया है। इस साल दुनिया में सबसे ज्यादा एशिया से मुसलमान हज करने जाएंगे। पूरे एशिया में इंडोनेशिया अव्वल और भारत दूसरे नंबर पर रहेगा, जबकि पाकिस्तान इस्लामिक देश होने के बावजूद तीसरे नंबर पर है।भारत में सबसे ज्यादा हाजी यूपी के होंगे। यूपी में सबसे ज्यादा हाजी लखनऊ एयरपोर्ट से 21 जुलाई से जाना शुरू होंगे।

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गौरतलब है की इस बार सऊदी हुकूमत ने भारत को 25 हजार सीटों का ज्यादा कोटा बिना किसी एक्स्ट्रा फीस के दिया है,जो पीएम मोदी की कोशिशों और सऊदी सरकार से भारत सरकार के अच्छे संबंध का भी नतीजा माना जा रहा है।इसी एक्स्ट्रा कोटे को मिलाकर भारत के हाजियों की तादाद 2 लाख पहुंच गई है। हज 2019 के तहत बड़ी तादाद में हिंदुस्तान से हाजियों के सफर और बेहतर बंदोबस्त के लिए शिया सुन्नी उलमा ने भी मोदी सरकार और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की तारीफ की है। मजहबी रहनुमाओं का कहना है कि पहले कोटा कम होने की वजह से कितने हाजी हज के सफर से महरूम हो जाते थे या फिर उनको अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था जिससे अब कुछ हद तक हाजियों को राहत जरूर मिलेगी। इसके अलावा मजहबी रहनुमाओं का कहना है कि मुख्तार अब्बास नकवी बराबर अल्पसंख्यक के मसले मसाइल को लेकर बेहतर काम कर रहे हैं,जो काबिले तारीफ है और इसमें पीएम मोदी की भी जितनी तारीफ की जाये कम है।

हम आपको बताते चलें कि सऊदी हुकूमत के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पिछले साल हज 2018 में दुनिया भर के कुल 23 लाख 71665 मुसलमानों ने हज किया था। इनमें छह लाख 12953 हाजी स्थानीय थे और 17 लाख 58 हजार 711 हाजी विभिन्न देशों के थे। इन हाजियों में सबसे ज्यादा एक लाख 75 हजार 13 हाजी भारत के थे। इस साल सऊदी हुकूमत में भारत का 25 हजार सीटों का कोटा बढ़ा दिया है जिसके चलते भारत में सबसे ज्यादा 33 हजार हाजी उत्तर प्रदेश के होंगे। जिसमें 15 हजार से ज्यादा हाजी लखनऊ एयरपोर्ट से हज के पाक और मुकद्दस सफर के लिए रवाना होंगे जिसमें इस बार यूपी से 99 महिलाओं ने भी बिना महरम के हज पर जाने के लिए आवेदन उत्तर प्रदेश राज्य समिति में किया है जिनका चयन बिना लॉटरी के किया जायेगा।http://www.satyodaya.com

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June 18, 2019, 8:34 pm
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