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नुसरत जहां ने की दुर्गा पूजा, मौलवी बोले बदल लें अपना धर्म

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कोलकाता। बंगाली अभिनेत्री व तृणमूल कांग्रेस सांसद नुसरत जहां एक बार फिर चर्चा में हैं। रविवार को नुसरत जहां एक दुर्गा पूजा में सम्मिलित हुईं और डांडिया भी किया। दुर्गा पूजा पंडाल में नुसरत जहां यह भक्ति भाव कुछ इस्लामी कट्टरपंथियों को पसंद नहीं आया। तृणमूल सांसद का वीडियो वायरल होने के बाद दारुल उलूम देवबंद के एक मौलवी ने उन पर निशाना साधा है। मौलवी ने कहा कि नुसरत जहां को अपना धर्म बदल लेना चाहिए।

इससे पहले पूजा में नारियाल फोड़ने की वजह से चर्चा में आईं थी। 2019 के लोसभा चुनाव के दौरान एक बंगाली व्यवसायी के साथ विवाह बंधन में बंधी नुसरत जहां तब भी काफी चर्चा रहीं, जब वह साड़ी पहनकर, हांथों में मेंहदी और मांग में सिंदूर लगा कर लोकसभा में पहुंची थीं।
नुसरत जहां ने गैर मुसलमान से हिन्दू रीति रिवाज से शादी की है। वह मांग में सिंदूर व गले में मंगलसूत्र पहनती हैं। गैर मुस्लिम से शादी किये जाने व मंगलसूत्र पहने पर उनके खिलाफ फतवा जारी किया जा चुका है।

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मौलवी ने कहा, नुसरत जहां ने ऐसा पहली बार नहीं किया है। वह पहले भी ऐसे कार्यक्रमों में जाती रही हैं। इस्लाम का जो हुक्म है उसके मुताबिक, अल्लाह के अलावा किसी और की पूजा करना हराम है।’ यदि उन्हे पूजा पाठ करनी है। तो उन्हें अपना नाम और धर्म बदल लेना चाहिए। वह पहले ही गैर-मुसलमान से शादी कर चुकी हैं। इस्लाम को ऐसे लोगों की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है।http://www.satyodaya.com

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिले शिया धर्म गुरू, इराक यात्रा पर लगी रोक हटाने की मांग

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लखनऊ। एक दिन के दौरे पर लखनऊ आए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मंगलवार को आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने मुलाकात की। धर्म गुरू ने रक्षा मंत्री से इराक जाने वाले जायरीनों पर लगी रोक हटाने की मांग की। शिया धर्म गुरू ने कहा कि करबला ईराक़ में हज़रत इमाम हुसैन और नजफ़ इराक में हज़रत अली के पवित्र रौजे हैं। जहां भारत सहित दुनिया भर के जायरीन हर वर्ष अपनी अकीदत लेकर पहुंचते हैं। ईरान-अमेरिका तनाव के दौरान भारत सरकार ने जनवरी 2020 में इराक जाने पर रोक लगा दी थी। साथ ही अब इमीग्रेशन क्लीरियंस पर भी रोक लगा दी गयी थी।

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धर्म गुरू ने रक्षा मंत्री को बताया कि 2 सप्ताह बाद हजरत इमाम अली का जन्मदिन है। इस मौके पर दुनिया भर के लोग इराक जाते हैं। लेकिन भारत सरकार द्वारा ईराक यात्रा पर प्रतिबंध के चलते भारतीय मुसलमानों में बेचैनी है। मौलाना ने कहा कि हमारी गुजारिश है कि भारत सरकार इराक जाने के लिए जायरीनों को जल्द से जल्द इमीग्रेशन क्लीरियंस पर लगी रोक हटा ले। ताकि श्रद्धालु ईराक जा सकें। मौलाना की अपील पर रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार इस जल्द ही कोई निर्णय लेगी। रक्षा मंत्री और मौलाना यासुब अब्बास की मुलाकात के दौरान रायबरेली के बछरावां से भाजपा विधायक राम नरेश रावत भी मौजूद रहे।http://www.satyodaya.com

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खुलासा: मुंबई हमले को #HinduTerror साबित करना चाहता था लश्कर-ए-तैयबा

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तत्कालीन पुलिस कमिश्नर ने अपनी किताब में किया सनसनीखेज खुलासा

लखनऊ। मुंबई के 26/11 आतंकी हमले को लेकर पूर्व पुलिस कमिश्नर ने बड़ा खुलासा किया है। हमले के समय मुंबई के पुलिस कमिश्नर रहे राकेश मारिया ने दावा किया है कि लश्कर-ए-तैयबा मुंबई हमले को ‘हिन्दू आतंकवाद’ की पहचान देना चाहता था। पूर्व पुलिस कमिश्नर में इस हमले को लेकर अपनी किताब ’लेट मी से इट नाउ’ में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। राकेश मारिया के इस खुलासे ने सोशल मीडिया पर नई बहस को छेड़ दिया है। # LetMeSayItNow

पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर ने अपनी किताब में बताया है कि आतंकी अजमल कसाब को बेंगलुरू के समीर दिनेश चौधरी का पहचान पत्र मुहैया कराया गया था। साथ कसाब की कलाई पर हिन्दू धर्म का प्रतीक कलावा भी बंधा हुआ था। पाकिस्तान का आतंकी संगठन चाहता था कि भारतीय मीडिया मुंबई हमले को हिन्दू आतंकवाद की हेडलाइन देकर छापे। अगर कसाब मौके पर ही मार दिया गया होता तो आतंकी संगठन का यह मंसूबा सफल हो जाता। लेकिन इस हमले के एकमात्र जिंदा पकड़े गए आतंकी ने अपनी पहचान पाकिस्तान के फरीदकोट निवासी अजमल कसाब के रूप में बताई। लश्कर इस बड़े हमले को भारत के ही हिन्दुओं द्वारा किया गया हमला साबित करने के लिए खतरनाक साजिश रची थी। #Kasab #HinduTerror

खबरों के मुताबिक पुलिस अधिकारी ने अपनी किताब में खुलासा किया है कि इस हमले को अंजाम देने वाले सभी 10 आतंकियों को हिन्दू आईडी उपलब्ध कराई गयी थी। राकेश मारिया ने अपनी किताब में बताया है कि कसाब को जिंदा रखना हमारी सबसे पहली प्राथमिकता थी। जबकि मुंबई पुलिस के सभी अधिकारियों और जवानों में उसके प्रति गुस्सा और नफरत थी। हम प्रतिदिन कसाब से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करते थे और सुरक्षा के बारे में पूछताछ करते थे। कसाब ने पाकिस्तान के आतंकी संगठन की कई गोपनीय जानकारियां साझा की थीं। हर दिन की मुलाकात और बात का ही असर था कि वह मुझे सम्मानपूर्वक जनाब कहकर बुलाने लगा था।

लश्कर ने कसाब को दिया था विशेष पैकेज

पूर्व पुलिस अधिकारी ने कसाब के हवाले से अपनी किताब में दावा किया है कि लश्कर में तीन चरणों का प्रशिक्षण खत्म होने पर उसे 1 लाख 25 हजार रुपए और एक सप्ताह का हाॅलीडे पैकेज दिया गया था। ये पैसे उसने अपनी बहन की शादी के लिए दे दिए थे।

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बता दें कि 26 नवंबर 2008 को लश्कर के 10 आतंकी समुद्र के रास्ते मुंबई में घुसे और जमकर तबाही मचाई। आतंकियों ने एक साथ मुंबई के कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी। जिसमें 155 लोग मारे गए थे जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे। इन स्थानों में ताज होटल, नरीमन हाउस, छत्रपति शिवाजी हवाई अड्डा भी शामिल थे। कसाब को 21 नवंबर 2012 में पुणे जेल में फांसी पर लटका दिया गया।http://www.satyodaya.com

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पाकिस्तान से आए हिंदूओं ने बयां किया दर्द, कहा- शव जलाने पर भी है पाबंदी

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कहा, भारतीय वीजा मिल जाए तो जला दिया जाता है पासपोर्ट

नई दिल्ली। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक लोग कैसे रहते होगें यह कभी आपने सोचा है। उनको कितनी यातनाएं झेलनी पड़ती है। जिसकी आपबीती पाकिस्तान से भारत आए हिन्दू और सिख परिवारों ने बताई। उन लोगों ने बताया कि वहां हमें किसी का भी अंतिम संस्कार करने की इजाजत नही है। वहां के पड़ोसी ही शव को जलाने नहीं देते हैं। यदि शव को जला दिया जाता है। तो हजारों की भीड़ इकट्ठा को जाती है और मारपीट करने के साथ ही घर में तोड़फोड़ करती है। वो लोग शव को कब्रिस्तान में दफन करने का दबाव बनाते हैं।

पाकिस्तान से आए इन शरणार्थियों ने भारत सरकार से गुहार लगाई हैं कि उन्हें भारत में शरण दी जाए। उनके परिवारों को अनेक यातनाएं दी जाती हैं और उनकी बेटियों के साथ दुष्कर्म किया जाता है साथ ही उनकी संपतियों पर कब्जा किया जा रहा है। इन लोगों ने सीएए का विरोध कर रहे लोगों से भी अपील की है कि उन्हें नागरिकता देने का विरोध न किया जाए।

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पाकिस्तान से 10 परिवार इसी हफ्ते भारत आए हैं। भारत आए पंजूराम ने कहा पाकिस्तान में निकाह के लिए लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष तय है। लेकिन हमारी 13-14 साल की बच्चियों का अपहरण किया जा रहा है। अपहरण के बाद 40-50 साल के आदमी से हमारी बच्चियों का जबरन निकाह और इस्लाम कबूल करवाया जा रहा है। जब कभी हमने इन वारदातों का विरोध किया तो हमारे खिलाफ जबरदस्त हिंसा की गई। इस पर पुलिस से शिकायत की जाती है। तो पुलिस भी उन्हीं लोगो का साथ देती है। वहीं पाकिस्तान से आयी एक लड़की ने कहा कि हम लोग तीर्थयात्रा के बहाने रात के अंधेरे में ट्रकों में सवार होकर वहां से निकल पाए हैं। उसने बताया कि किसी तरह से यदि किसी हिंदू या सिंख को भारतीय वीजा मिल जाए तो उस व्यक्ति का पासपोर्ट जला दिया जाता है। http://www.satyodaya.com

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