Connect with us

देश

चांद पर लैंडिंग से 2 किलोमीटर पहले टूटा संपर्क, भावुक होकर इसरो अध्यक्ष को पीएम मोदी ने लगाया गले

Published

on

चंद्रयान मिशन- 2

फाइल फोटो

नई दिल्ली। ‘भारत चंद्रयान मिशन- 2’ को तब बेहद झटका लगा जब लैंडर ‘विक्रम’ बीती रात चांद पर उतरते हुए इसरो से सम्पर्क टूट गया। जिसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार की सुबह देश के नाम राष्ट्र को संबोधन करने के लिए इसरो सेटंर पहुंचे। इसरो सेंटर पहुंचकर पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों का न सिर्फ हौसला बढ़ाया बल्कि उन्होंने कहा कि मैं आपके साथ हूं और पूरा देश आपके साथ है।

बता दें पीएम मोदी जब बेंगलुरु के स्पेस सेंटर से बाहर निकल रहे थे तो इसरो अध्यक्ष के सिवन को उन्होंने गले लगा लिया और इस दौरान काफी भावुक हो गए। पीएम मोदी ने इसरो अध्यक्ष को काफी समय तक गले लगाए रखा और उनके हौसले को भी बढ़ाया।

जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी संबंधित घटनाक्रम के मद्देनजर आज सुबह आठ बजे राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ”आप वो लोग हैं जो मां भारती के लिए उसकी जय के लिए जीते हैं। आप वो लोग हैं जो मां भारती के जय के लिए जूझते हैं। आप वो लोग हैं जो मां भारती के लिए जज्बा रखते हैं। और इसलिए मां भारती का सिर ऊंचा हो इसके लिए पूरा जीवन खोज में बिता देते हैं। अपने सपनों को समाहित कर देते हैं।”

ये भी पढ़ें:राजस्थान: AK-47 से लैस बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में थाने से मोस्टवांटेड को छुड़ाया

पीएम मोदी ने आगे कहा, ”साथियों मैं कल रात को आपकी मनोस्थिति को समझता था। आपके आंखें बहुत कुछ कहती थीं। आपके चेहरे की उदासी मैं पढ़ पाता था और इसलिए ज्यादा देर मैं आपके बीच नहीं रुका। कई रातों से आप सोए नहीं है फिर भी मेरा मन करता था कि एक बार सुबह फिर से आपको बुलाऊं आपसे बातें करूं।

इतना ही नहीं पीएम मोदी ने कहा इस मिशन के साथ जुड़ा हुआ हर व्यक्ति एक अलग ही अवस्था में था। बहुत से सवाल थे और बड़ी सफलता के साथ आगे बढ़ते हैं और अचानक सब कुछ नजर आना बंद हो जाए। मैंने भी उस पल को काफी महसूस किया है। जब कम्युनिकेशन ऑफ आया और आप सब हिल गए थे। मैं देख सब देख रहा था। मन में स्वाभाविक प्रश्न था क्यों हुआ कैसे हुआ। इससे बहुत सारी  उम्मीदें थी। मैं देख रहा था कि आपको उसके बाद भी लगता था कि कुछ तो होगा। क्योंकि उसके पीछे आपका परिश्रम था। पल-पल आपने इसको बड़ी जिम्मेदारी बढ़ाया था।

वैज्ञानिकों को ढाढस बधाते हुए पीएम मोदी ने कहा साथियों आज भले ही कुछ रुकावटे हाथ लगी हों, लेकिन इससे हमारा हौसला कमजोर नहीं होना चाहिए,बल्कि और मजबूत होना चाहिए।”

पीएम मोदी ने कहा, ”हमारे अपने रास्ते के आखिरी कदम पर रुकावट आई हो, लेकिन हम इससे अपने मंजिल के रास्ते से डिगे नहीं है। आज भले ही हम अपनी योजना से चांद पर नहीं जाए लेकिन किसी कवि को आज की घटना का लिखना होगा तो जरूर लिखेगा कि हमनें चांद का इतना रोमांटिक वर्णन किया है कि चंद्रयान के स्वभाव में भी वह आ गया। इसलिए आखिरी चरण में चंद्रयान चंद्रमा को गले लगाने के लिए दौड़ पड़ा। आज चंद्रमा को छूने की हमारी इच्छा शक्ति, संकल्प और प्रबल और भी मजबूत हुई है। उन्होंने कहा आज पूरा देश वैज्ञानिकों के साथ है।http://www.satyodaya.com

देश

प्रमोद तिवारी ने कहा- जागिए मोदी जी! देश में कोरोना संक्रमण की स्थिति विकराल है…

Published

on

कहा, महामारी को रोकने के लिए अपनी कार्ययोजना बताए मोदी सरकार

लखनऊ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर चिंता जताई है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के मामले में हम सोवियत रूस को पीछे कर छोड़कर दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। कांग्रेस नेता ने कोरोना के आंकड़े पेश करते हुए कहा, केन्द्र जागे, मोदी जी! जागिये, और जनता की मदद कीजिये। सोमवार को जारी अपने एक बयान में प्रमोद तिवारी ने कहा, आज देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या करीब 7 लाख हो चुकी है। सोवियत रूस में कोरोना से मरने वालों की संख्या लगभग 10 हजार है, जबकि भारत में अब तक करीब 20 हजार लोग इस महामारी से जान गंवा चुके हैं।

सोवियत रूस में सक्रिय मामलों की संख्या लगभग 2 लाख 20 हजार हैं, वहीं भारत में लगभग 2 लाख 53 हजार एक्टिव केस हैं। सोवियत रूस में सीरियस संक्रमितों की संख्या 2300 है, वहीं भारत में लगभग 9,000 लोग गंभीर रूप से कोरोना की चपेट में हैं। श्री तिवारी ने कहा कि यह हालत तब हैं, जब रूस में लगभग 2 करोड़ 50 लाख लोगों की टेस्टिंग हुई है जबकि भारत में मात्र 97 लाख लोगों की टेस्टिंग हुई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि हमने 2 करोड़ 50 लाख लोगों की टेस्टिंग की होती तो शायद यह संख्या कई गुना अधिक होती।

इन सवालों के मांगे जवाब

श्री तिवारी ने कहा है कि मुझे ताज्जुब है कि कोरोना की इतनी विकराल स्थिति बन जाने के बाद भी केन्द्र सरकार कोई ‘रोडमैप’ नहीं बता रही है। केन्द्र सरकार आखिर क्या करने जा रही है? कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने का वह उपदेश तो दे रही है लेकिन वह स्वयं क्या कर रही है? वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, प्रधानमंत्री से अनुरोध है कि अब वह वह जाग जाएं। कोरोना पाॅजिटिव मरीजों की संख्या 7 लाख पर पहुंच जाना खतरनाक संदेश है।

कोरोना के मामले में केन्द्र ने बरती लापरवाही

श्री तिवारी ने कहा कि नवम्बर, 2019 में चीन के वुहान में कोरोना संक्रमण की बात सामने आ चुकी थी। लेकिन भारत सरकार ने जनवरी, 2020 में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगाया, ऐसा क्यों? कहा कि 21 दिन का लाॅकडाउन लगाने के पहले विरोधी दलों के नेताओं से विचार-विमर्श क्यों नहीं किया गया? 21 दिन का लाॅकडाउन लगाने के पूर्व मजदूरों, छात्रों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं आदि को सुरक्षित अपने घर आने के लिए 7 दिन का समय क्यों नहीं दिया गया?

न्याय योजना के प्रस्ताव पर चुप क्यों है सरकार?

कांग्रेस नेता ने कहा कि एक अध्ययन से पता चला है कि ज्यादातर कोरोना संक्रमित लोग या तो कोरोना योद्धा हैं, सरकारी कर्मचारी हैं या फिर रोज कमाकर खाने वाले गरीब और साधारण तबके के लोग। रोजी-रोटी के लिए जोखिम उठाने वाले गरीब तबके के लोगों व किसानों को न्याय योजना के तहत अगले 6 महीने तक सरकार हर महीने 7500 रुपए दे। ताकि इन लोगों को घरों से कम निकलना पड़े और कोरोना का संक्रमण भी कम फैले। सरकार इस पर क्यों नहीं ध्यान दे रही है? इसके लिये कोई कार्यक्रम क्यों नहीं चला रही है? श्री तिवारी ने कहा है कि गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, आगरा (उत्तर प्रदेश) साहित देश के उन्हीं 7 राज्यों में कोरोना संक्रमण का प्रभाव अधिक है जहांॅ ‘‘नमस्ते ट्रंप’’ कार्यक्रम हुआ था।

देश में कोरोना टेस्टिंग बढ़ाई जाए

श्री तिवारी ने कहा कि मेरा अनुरोध है कि जनता को आत्म निर्भर बनाने के नाम पर उसे ‘राम भरोसे’ न छोंड़ा जाए। केन्द्र सरकार भी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये सार्थक पहल करे। क्योंकि एक दिन में उत्तर प्रदेश में लगभग 1000 और देश में लगभग 25,000 संक्रमितों के मामले सामने आना गम्भीर चिन्ता का विषय है। श्री तिवारी ने कहा है कि बरसात के मौसम में गांव, देहात में सर्दी, जुखाम, खांसी और ज्वर होना आम बात है। कहीं प्रत्येक व्यक्ति इसे कोरोना न समझे, इसलिये टेस्टिंग बढ़ाई जाय। अभी जो टेस्टिंग हो रही है, वह देश की आबादी के हिसाब से 1 प्रतिशत से भी कम है।

यूपी में अपराधी बेलगाम, भाषण नहीं कार्रवाई की जरूरत

कांग्रेस नेता ने कहा कि कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की शहादत को नमन करते हुए कहा, अब साफ हो गया है कि यूपी में अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं। यदि बदमाश 20- 25 सशस्त्र सिपाहियों के दस्ते पर हमला कर सकते है, तो आम जनता में उनका खौफ किस कदर होगा। श्री तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार जवाब दे कि 60 अपराधों के आरोपी विकास दुबे को अभी तक पुलिस गिरफ्तार करके जेल क्यों नहीं भेज पाई? श्री तिवारी ने कहा कि जिस तरह प्रयागराज में सामूहिक हत्या हुई। गाजियाबाद में सामूहिक हत्या हुई। प्रदेश में जिस तरह सामूहिक बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं, उससे स्पष्ट है कि सिर्फ भाषण की नहीं बल्कि प्रभावी कार्रवाई करने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री गलवान घाटी तक क्यों नहीं गए?

प्रधानमंत्री के लेह (लद्दाख) दौरे पर कांग्रेस नेता ने कहा, मैं भी लेह जा चुका हूं। बहुत से भारतीय लेह जाते हैं। समुद्र तल से 3524 मीटर की ऊॅचाई पर लद्दाख में बसा हुआ यह सुन्दर शहर है। जहाॅं से पाकिस्तान की सीमा सबसे नजदीक है, गलवान घाटी और अलयावंचीग लगभग 200- 250 किमी दूर है। लेकिन यदि प्रधानमंत्री गलवान घाटी में अग्रिम पंक्ति के सैनिकों के पास तक जाते तो सीमा पर लड़ने वाले सैनिकों का मनोबल और साहस बढ़ जाता।

साथ ही चीन को कड़ा संदेश जाता। श्री तिवारी ने कहा कि समझ में नहीं आया कि यूएसए और यूके सहित दुनिया के कई देशों ने भारतीय सेना के 20 सैनिकों के शहीद होने पर चीन का नाम लेकर उसकी निंदा की। लेकिन प्रधानमंत्री के भाषण में चीन का जिक्र तक नहीं हुआ। ऐसा क्यों ? कहा कि मोदी द्वारा चीन का नाम न लेना भारतीय सेना के मनोबल को गिराने वाला है। यह शहीद हुए 20 सैनिकों की शहादत का अपमान है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

देश

पीएम मोदी के तेवर व अजीत डोभाल की बातचीत के बाद पीछे हटी चीनी सेना

Published

on

नई दिल्ली। भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव के बीच कुछ नरमी देखने को मिल रही है। चीनी सेना दो से तीन किलोमीटर पीछे हट गई है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रविवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ लगभग दो घंटे बातचीत के बाद हुआ है। बताया जा रहा है कि डोभाल के साथ बातचीत का ही नतीजा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास गलवन घाटी में आज चीनी सेना पीछे हटी है। सूत्रों का कहना है कि बातचीत सौहार्दपूर्ण और दूरदर्शी तरीके से हुई। एनएसए डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी की बातचीत पूरी तरह से और स्थायी तौर पर शांति वापस लाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए एक साथ काम करने पर केंद्रित रही। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच रविवार को फोन पर बातचीत हुई। उन दोनों ने बातचीत के दौरान भारत-चीन सीमाई इलाकों के वेस्टर्न सेक्टर में हाल के दिनों में हुए विवाद पर गहरी और खुलकर चर्चा की। विदेश मंत्रालय ने कहा दोनों पक्ष इस बात राजी हुए कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव मुक्त करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए। साथ ही, दोनों पक्षों को भारत चीन सीमाओं पर चरणबद्ध तरीके से तनाव को खत्म करना चाहिए। मंत्रालय की तरफ से आगे कहा गया कि भारत चीन सीमा पर द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल के तहत शांति और अमन की बहाली के लिए एनएसए अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच बातचीत जारी रहेगी।

यह भी पढ़ें:- लेह में मोदी : भारत का मस्तक है लद्दाख, यह भूमि भारतीयों के मान-सम्मान की प्रतीक

बता दें कि अजीत डोभाल लद्दाख पर पहले से ही सक्रिय हैं और चीन की हर हरकत पर उनकी नजर भी है। वहीं बताया जा रहा है कि पीएम मोदी का अचानक लद्दाख जाना यह भी डोलाभ का ही प्लान था। जानकारी के अनुसार चीनी सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के हवाले से जानकारी दी कि चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि भारत और चीन के बीच 30 जून को हुई तीसरी कमांडर स्तर पर वार्ता के बाद दोनों देश सीमावर्ती इलाकों में सैनिकों को पीछे करने और उनकी संख्या कम करने के लिए प्रभावी कदम उठा रहे हैं।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

देश

एमपी राज्यपाल का मेडिकल बुलेटिन: लालजी टंडन की हालत नाजुक मगर नियंत्रण

Published

on

लखनऊ। मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन की हालत गंभीर बनी हु्ई है। 11 जून को स्वास्थ्य खराब होने पर मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी हालत में किसी प्रकार का सुधार नही आया है। मंगलवार को मेदांता के डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत गंभीर है लेकिन स्थिर बनी हुई है। लालजी टंडन के फेफड़ों की स्थित में सुधार आया है। मधुमेह और संक्रमण नियंत्रण में है। लीवर किडनी भी पहले से बेहतर है। अभी लालजी टंडन को क्रिटिकल केयर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

इसे भी पढ़ें- Lucknow: गलवान घाटी में तैनात सूबेदार के घर हुई लाखों की चोरी, जांच में जुटी पुलिस

यूरीन में दिक्क्त होने पर लालजी टंडन के परिवार वालों ने लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया था। 13 जून को पेट में रक्तस्राव होने पर उनका ऑपरेशन करना पड़ा। इसके बाद से वह लगातार क्रिटिकल केयर वेंटिलेटर पर थे। बीच-बीच में कुछ देर के लिए वेंटिलेटर हटाया गया। 27 जून को उन्हें प्रेशर में ऑक्सीजन देने के लिए बाई-पैप मशीन पर रखा गया, लेकिन, उन्हें राहत नहीं मिली। http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

July 7, 2020, 5:11 am
Fog
Fog
26°C
real feel: 27°C
current pressure: 1000 mb
humidity: 100%
wind speed: 18 m/s NE
wind gusts: 18 m/s
UV-Index: 0
sunrise: 4:49 am
sunset: 6:34 pm
 

Recent Posts

Trending