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कर्नाटक कांग्रेस के पांच और बागी विधायक पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली। कनार्टक का सियासी संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा है। बागी विधायक और खुद स्पीकर पहले ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। अब कांग्रेस के पांच और विधायक शीर्ष अदालत पहुंच चुके हैं। इन पांच विधायकों ने अदालत में याचिका दाखिल कर कहा है कि विधानसभा स्पीकर उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इन विधायकों में सुधाकर, रोशन बेग, एमटीबी नारगाज, मुनिरत्न और आनंद सिंह के नाम हैं। अब इन पांच विधायकों के साथ ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले बागी विधायकों की संख्या 15 हो गई है। इससे पहले कर्नाटक में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा से इस्तीफा देने वाले असंतुष्ट विधायकों को मनाने के लिए पर्दे के पीछे से बातचीत शुरू कर दी थी। उधर मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी बागी विधायकों को लगातार मनाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। हालांकि उन्हें अभी तक सफलता नहीं मिली है। कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले एवं जल संसाधन मंत्री डी के शिवकुमार भी स्थिति को संभालने में लगे हुए हैं। # Karnatakapoliticalcrisis

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कर्नाटक के सियासी संकट पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि इन प्रयासों का कोई नतीजा नहीं निकलेगा क्योंकि सरकार का पतन निकट है। येदियुरप्पा ने यहां पत्रकारों से कहा, कांग्रेस और जद(एस) में भ्रम है जिसके कारण विधायक पार्टी छोड़ रहे हैं। विधायकों को वापस लाने के लिए एक व्यवस्थागत साजिश चल रही है। येदियुरप्पा ने दावा किया कि राज्य सरकार बहुमत खो चुकी है। उन्होंने कहा कि विश्वास मत कराना निरर्थक है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन के 10 असंतुष्ट विधायकों के इस्तीफे पर अध्यक्ष को 16 जुलाई तक यथास्थिति बरकरार रखने के आदेश दिए थे जिसके बाद कुमारस्वामी ने सदन में विश्वास मत कराने की घोषणा कर दी थी। कर्नाटक में पिछले साल त्रिशंकु विधानसभा के बाद गठबंधन सरकार बनी थी। सरकार गठन से लेकर अब तक स्वामी सरकार पर संकट के बादल ही मंडरा रहे हैं। सरकार अब गंभीर संकट से गुजर रही है। उसके 16 विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। अगर 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर किए जाते हैं तो कर्नाटक सरकार का गिरना तय है।

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डिप्टी CM और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए गए सचिन पायलट, ट्विटर पर दिया ये जवाब

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नई दिल्ली: राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर संकट बरकरार है। आज एक बार फिर विधायक दल की बैठक में सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों के नहीं पहुंचने पर कांग्रेस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें डिप्टी सीएम पद से हटा दिया है। यही नहीं सचिन से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद भी छीन लिया गया है। मंत्री विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया है। कांग्रेस के एक्शन के बाद सचिन पायलट ने ट्विटर पर प्रतिक्रिया दी है। पायलट ने अपने ट्वीट में लिखा कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।

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बता दें कि राजस्थान में जब से सियासी ड्रामा शुरू हुआ है, तब से यह पहला मौका है जब सचिन पायलट ने सार्वजनिक तौर प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को हटाए जाने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि, “मजबूर होकर सचिन पायलट को हटाना पड़ा। 6 माह से सचिन का रवैया ठीक नहीं था। रोज ट्वीट करके बयान देते रहते थे। मैंने हर विधायक का काम किया। जो फैसले हुए उससे कोई खुश नहीं।”

गोविंद सिंह डोटासरा होंगे राजस्थान के नए प्रदेश अध्यक्ष
गोविंद सिंह डोटासरा को राजस्थान कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। बता दें कि गोविंद सिंह डोटासरा सीकर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रहे हैं। डोटासरा राजस्थान सरकार में शिक्षा राज्य मंत्री भी हैं।

इसके अलावा विधायक गणेश घोघरा यूथ कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष होंगे। हेम सिंह शेखावत सेवादल के नए प्रदेश मुख्य संगठक होंगे। तीनों पदों पर नियुक्ति की घोषणा पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई। कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में रणदीप सुरजेवाला ने घोषणा की।.http://www.satyodaya.com

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नेपाली PM को कुर्सी से उतारने को लाखों शिष्य उतरेंगे सड़कों पर- अखाड़ा परिषद

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लखनऊ। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के द्वारा दिए गए विवादित विवादित बयान पर मामले ने तूल पकड़ लिया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने नेपाल के प्रधानमंत्री के बयान पर आपत्ति जताते हुए विशाल प्रदर्शन की चेतावनी दी है। अखाड़ा परिषद ने नेपाल की सड़कों पर प्रदर्शन का ऐलान भी किया है। वहीं वेद और पुराण में वर्णन का जिक्र करते हुए रामदास महाराज ने कहा कि नेपाल में सरयू है ही नहीं। रामदास महाराज ने कहा कि मेरे लाखों शिष्य नेपाल में रहते हैं।

उनके इस विवादित बयान से लाखों की संख्या में भक्त सड़क पर उतर कर विरोध करेंगे। वहीं अखाड़ा परिषद के महंत नरेंद्र गिरि ने इस विवादित बयान पर कहा, कि कल से नेपाल में हमारे लाखों शिष्य से सड़कों पर उतर कर 1 महीने के भीतर ओली को पीएम की कुर्सी से उतार देंगे। महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि नेपाल हिंदू राष्ट्र था लेकिन जब से वह माओवादियों का शासन आया है। तब से चीजें बिगड़ रही हैं पहले माओवादी थे लेकिन अब आतंकवादी होते जा रहे हैं। नरेंद्र गिरी ने भी कहा, कि अयोध्या भारत में और इसी अयोध्या दुनिया का नेतृत्व किया है।

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नेपाल के पीएम ने जो बयान दिया वह निंदनीय है इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। भगवान राम के जन्म स्थान को लेकर विवादित टिप्पणी के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री अपने ही देश में घिर गए हैं। नेपाल के कई नेताओं ने खुलकर ओली के इस बयान का विरोध किया है। वहीं रामदल ट्रस्ट के अध्यक्ष रामदास महाराज ने कहा कि पूरे विश्व की संस्कृत राजधानी अयोध्या है वेद रामायण पुराण में देख लीजिए उसमें साफ लिखा है कि जहां सरयू है वहां अयोध्या है। नेपाल में तो सरयू है ही नहीं पूरे भूमंडल में राजा होते थे सबका चक्रवर्ती सम्राट भारत के उत्तर प्रदेश के अयोध्या के महाराजा होते थे।

वहीं धर्मगुरु महंत परमहंस ने कहा कि केपी शर्मा खुद नेपाली नही हैं। केपी शर्मा पूरे नेपाल को पाकिस्तान की तर्ज पर भिखारी बनाने पर तुले हैं। नेपाल की जनता को धोखा दे रहे हैं चीन ने नेपाल के 2 दर्जन से अधिक गांवों पर क़ब्ज़ा कर रखा है। उसको छिपाने के लिए भगवान राम के नाम का आश्रय ले रहे हैं ट्रस्ट के सदस्य महेंद्र दास ने कहा कि हमारे लिए अयोध्या एक है और यही रहेगा राजनीति में कोई कुछ भी बोल सकता है। लेकिन मुख्य अयोध्या वह है जहां सरयू माता है राम जी का अयोध्या यही है। http://www.satyodaya.com

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राजस्थान में सरकार बचाने की कवायद तेज, पायलट को मनाने में जुटी कांग्रेस

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नई दिल्ली: राजस्थान में कांग्रेस सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट लगातार बगावत कर रहे हैं। इस बीच राज्य में जारी सियासी घमासान के बीच पार्टी ने मंगलवार को एक बार फिर विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसे साथ ही पार्टी सचिन पायलट को लगातार मनाने की कोशिश में जुटी है। पायलट को बैठक के लिए न्योता भेजा गया है। पार्टी ने पायलट से कहा है कि वह बैठक में आकर मतभेद दूर करें।

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वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सचिन पायलट बैठक में नहीं जाएंगे। सचिन पायलट ने उल्टा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चुनौती दी है कि विधानसभा में बहुमत साबित करके दिखाएं।
इससे पहले कल सोमवार को सचिन पायलट ने खुलकर बागी तेवर अपना लेने के बाद कांग्रेस ने सोमवार सुबह जयपुर में विधायक दल की बैठक बुलाई थी, लेकिन इसमें पायलट और उनके समर्थक विधायक नहीं पहुंचे। बाद में कांग्रेस ने दावा किया कि गहलोत सरकार को 109 विधायकों का समर्थन हासिल है।


विधायकों को होटल में शिफ्ट किया

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, गहलोत सरकार के प्रति अपना समर्थन जताने वाले 100 से अधिक विधायकों को जयपुर के फेयर मॉन्ट होटल में रखा गया है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार रात संवाददाताओं को बताया कि मंगलवार सुबह 10 बजे कांग्रेस विधायक दल की एक और बैठक होगी। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि बागी तेवर दिखा रहे पायलट एवं कुछ अन्य विधायक इस बैठक में भाग लेंगे।http://www.satyodaya.com

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