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ममता बनर्जी के भतीजे व टीएमसी सांसद के लिए मुसीबत का सबब बनी पोस्टग्रेजुएट की डिग्री

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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे व सांसद अभिषेक बनर्जी चुनावी हलफनामे में खुद को पोस्टग्रेजुएट बताना मुसीबत का सबब बन गया है। फर्जी डिग्री के मामले में दिल्ली की कोर्ट ने सांसद अभिषेक को तलब कर लिया है। आरोप है कि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में दिए गए नामांकन पत्र में अभिषेक बनर्जी ने फर्जी डिग्री का जिक्र किया था। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अभिषेक बनर्जी को कोर्ट में हाजिर होने का सम्मन जारी किया है। इस मामले को लेकर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। अपनी याचिका में अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने आरोप लगाया था कि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव के नामांकन पत्र में अभिषक बनर्जी ने जिस पोस्टग्रेजुएशन की डिग्री का जिक्र किया है, वह फर्जी है।

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सर्वोच्च न्यायाल के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी की याचिका पर संज्ञान लेते हुए नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सम्मन जारी कर अभिषक बनर्जी को कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए हैं। सार्थक चतुर्वेदी ने अपनी याचिका में बताया था कि पश्चिम बंगाल की डायमंड हार्बर सीट से टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी आईआईपीएम कालेज की जिस पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री का जिक्र किया है, वह फर्जी है।http://www.satyodaya.com

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पाकिस्तान की जेल में बंद 483 भारतीय मछुआरों को रिहा कराने की मांग

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नयी दिल्ली। पाकिस्तान के कराची जेल में बन्द 483 भारतीय मछुआरों को रिहा कराने के लिए सोमवार को राज्यसभा में मांग की गई। वाई एस आर कांग्रेस पार्टी के संसदीय दल के नेता वी विजयसाई रेड्डी ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह मांग उठाई। उन्होंने कहा कि गत वर्ष सितंबर में उनके राज्य के 12 मछुआरे और नवम्बर में 34 मछुआरे पाकिस्तान समुद्री पुलिस द्वारा पकड़े गए और कराची जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए। इस तरह अब तक 483 भारतीय मछुआरे कराची जेल में बन्द हैं और उन्हें रिहा नहीं कराया जा सका। उन्होंने कहा कि उन्होंने तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से इस सम्बंध में मुलाकात की उनके साथ मछुआरों का परिवार भी उनके साथ था। स्वराज ने आश्वासन भी दिया था लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हुआ। श्री रेड्डी ने कहा कि केंद्र सरकार को अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर इन मछुआरों को रिहा करने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही पाकिस्तान पर इसप्रकार का दबाव बनाये ताकि भारतीय दूतावास के अधिकारी उनसे (जेल में बंद मछुआरों से) मिल सके।

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एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के जेलों में इस समय 537 भारतीय नागरिक बंद हैं। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने हाल ही में भारतीय उच्चायोग को उसके यहां की जेलों में बंद भारतीय कैदियों की एक लिस्ट सौंपी थी। जिसमें बताया गया था कि हमारे जेल में कुल 537 भारतीय कैदी बंद हैं, उनमें से 483 मछुआरे और 54 आम नागरिक हैं। दोनों देशों के बीच कैदियों की सूची का आदान-प्रदान 21 मई, 2008 के कांसुलर एक्सेस समझौते के तहत हो रहा है। समझौते के तहत दोनों देशों को साल में दो बार 1 जनवरी और 1 जुलाई को एक दूसरे की हिरासत में रखे गए कैदियों की सूची का आदान-प्रदान करना आवश्यक है। http://www.satyodaya.com

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आसाराम बापू को एक बार फिर HC ने दिया झटका, खारिज की जमानत याचिका…

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आसाराम बापू

फाइल फोटो

नई दिल्ली। आसाराम बापू को हाईकोर्ट ने एक बार फिर दिया झटका। यौन उत्पीड़न के मामले कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका ख़ारिज कर दी है। गुजरात के सूरत दुष्कर्म केस में आसाराम ने जमानत की याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा आसाराम बापू के रेप केस मामले में अभी 10 गवाहों के बयान बाकी हैं।  

वहीं उच्च पीठ की अदालत ने जमानत याचिका ख़ारिज करते हुए कहा कि निचली अदालत ट्रायल जारी रखे और वह गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा दी गई प्रथम दृष्टया टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना अपना काम जारी रखें।

बता दें सूरत की रहने वाली दो सगी बहनों ने आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं के खिलाफ रेप और बंदी बनाकर रखने के अलावा अन्य मामलों में अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई है। इससे पहले भी  आसाराम ने उच्च न्यायालय में उम्रकैद की सजा काटने रोक लगाने के लिए 26 मार्च 2019 को याचिका दायर की थी। वहीं याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने उसे खारिज कर दिया। केवल इतना ही नहीं अदालत ने उसकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी।

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जानकारी के मुताबिक आसाराम पर पहले से ही दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज है। इस मामले में वह जेल में बंद हैं। जोधपुर की अदालत ने राजस्थान में साल 2013 में 16 साल की एक लड़की के साथ रेप करने के मामले में आसाराम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

वहीं आसाराम बापू और उसके चार अन्य सहयोगियों के खिलाफ पुलिस नवंबर 2013 को पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया था। उस दौरान पीड़िता ने आसाराम पर आरोप लगाया कि उन्होंने जोधपुर के नजदीक मनाई इलाके में आश्रम में बुलाया और 15 अगस्त 2013 की रात को उसके साथ रेप किया था।

ऐसे में यूपी के शाहजहांपुर की रहने वाली पीड़िता मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आसाराम के आश्रम में पढ़ाई कर रही थी। आसाराम को मिली सजा के बाद पीड़िता के पिता ने कहा,‘हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और हमें खुशी है कि हम सभी को न्याय मिला। http://www.satyodaya.com 

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लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने ओवैसी को दी नसीहत, जानें क्या है पूरा मामला…

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नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) बिल लोकसभा में पेश किया गया। बिल के मसौदे पर चर्चा के दौरान बवाल इतना बढ़ा कि गृहमंत्री अमित शाह को बोलना पड.ा। हुआ यूं कि भाजपा सांसद और मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर सत्यपाल सिंह बिल पर अपनी बात रख रहे थे। भाजपा सांसद जब अपनी बात रख रहे थे तो एआईएमआईएम प्रमुख व सांसद असदुद्दीन ओवैसी बीच-बीच में टिप्पणी कर रहे थे। लोकसभा अध्यक्ष ने ओवैसी को कई बार ऐसा करने से मना किया लेकिन वह नहीं माने। इससे नाराज होकर गृह मंत्री अमित शाह अचानक खड़े हुए और ओवैसी से कहा कि आपको सुनना ही पड़ेगा।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जब कोई और बोलता है तो आप चुप रहकर सुनते हैं लेकिन जब सत्यपाल सिंह बोल रहे हैं तो आप लगातार बीच में बोल रहे हैं। आपको सुनने की आदत डालनी होगी। गृहमंत्री के इस बयान पर पलटवार करते हुए ओवैसी ने कहा कि मुझे डर लगता है। तब अमित शाह ने जवाब दिया कि श्अगर आपके अंदर डर बैठा है तो हम क्या कर सकते हैं।

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एनआईए संशोधित बिल पर अपनी बात रखते हुए सत्यपाल सिंह ने कहा कि आतंकवाद इसलिए फल-फूल रहा है क्योंकि हम उसे राजनीतिक चश्मे से देखते हैं जबकि हमें उससे मिलकर लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुंबई ने आतंकवाद को खूब झेला है क्योंकि वहां भी इसे राजनीतिक आईने में देखा गया। भाजपा सांसद ने कहा कि हैदराबाद धमाकों में जब पुलिस ने कुछ अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले संदिग्धों को पकड़ा तो सीधे मुख्यमंत्री ने कमिश्नर से कहा कि ऐसा मत कीजिए वरना आपकी नौकरी चली जाएगी। भाजपा सांसद की इसी बात पर हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आपत्ति जताई। जिसके बाद गृहमंत्री ने उन्हें कड़ी नसीहत दे डाली।

गृह मंत्री कहा कि ओवैसी साहब सुनने की भी ताकत रखिए, जब ए. राजा बोल रहे थे तब आप क्यों नहीं खड़े हुए, ऐसे नहीं चलेगा, सुनना भी पड़ेगा। इसके बाद सदन में हंगामा होना शुरू हो गया। बाद में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि दोनों सदस्य जब बोल रहे हैं तो किसी को बीच में नहीं बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ए. राजा और सत्यपाल सिंह के अलग-अलग बिन्दु हैं और मैं किसी को डरा नहीं रहा हूं यह बात आपके जहन में है तो क्या किया जा सकता है।http://www.satyodaya.com

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July 16, 2019, 3:20 am
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