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राफेल पेपर लीक मामलाः रक्षा मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- मामला बेहद संवेदनशील

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फ़ाइल फोटो

नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय से राफेल पेपर लीक को लेकर आज उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दाखिल किया गया। रक्षा मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए कहा कि देश की संप्रभुता के साथ समझौता हुआ है। दरअसल, शीर्ष अदालत में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल की इस टिप्पणी ने राजनीतिक भूचाल ला दिया था कि राफेल लड़ाकू विमान के सौदे के दस्तावेज चुरा लिए गए हैं।

हालांकि बाद में अटॉर्नी जनरल ने दावा किया कि राफेल दस्तावेज रक्षा मंत्रालय से चुराए नहीं गए बल्कि उनके कहने का मतलब यह था कि मूल दस्तावेजों की फोटो काॅपी चुराई गई है। याचिकाकर्ताओं ने आवेदन में उन मूल कागजात की फोटो कॉपी का इस्तेमाल किया, जो गोपनीय हैं। इसी मामले में रक्षा मंत्रालय ने अपना पक्ष रखा है।

राफेल पेपर लीक मामले में बुधवार को दाखिल हलफनामे में रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश की संप्रभुता के साथ समझौता हुआ है। सरकार की मर्जी के बगैर राफेल के संवेदनशील दस्तावेजों की फोटो कॉपी की गई, जो चोरी से ऑफिस से बाहर ले जाया गया। इस हलफनामे में आगे कहा गया है कि संप्रभुता और विदेशी संबंध पर विपरीत असर हुआ है। मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। एससी को दिए हलफनामे में रक्षा मंत्रालय ने कहा कि राफेल समीक्षा केस में याचिकाकर्ताओं द्वारा सामने रखे गए दस्तावेज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील हैं, जो लड़ाकू विमान की युद्धक क्षमता से संबंधित है।

गौरतलब है कि राफेल के दस्तावेजों के लीक होने को लेकर विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हो गए थे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने संवेदनशील कागजात के चोरी होने पर सरकार पर निशाना साधते हुए जांच की मांग की थी। हालांकि वेणुगोपाल ने स्थिति को संभालते हुए कहा था कि मुझे बताया गया कि विपक्ष ने आरोप लगाया है कि (सुप्रीम कोर्ट में) दलील दी गई कि फाइलें रक्षा मंत्रालय से चोरी हो गईं। यह पूरी तरह से गलत है। यह बयान कि फाइलें चोरी हो गई हैं, पूरी तरह से गलत है। वेणुगोपाल ने कहा कि राफेल सौदे की जांच का अनुरोध ठुकराने के शीर्ष अदालत के आदेश पर पुनर्विचार की मांग वाली यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और प्रशांत भूषण की याचिका में ऐसे तीन दस्तावेजों को नत्थी किया गया है जो असली दस्तावेजों की फोटो कॉपी हैं।

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सुस्त अर्थव्यवस्था में रफ्तार लाने के लिए वित्त मंत्री ने खोला राहतों का पिटारा

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नई दिल्ली। देश के आर्थिक मंदी की चपेट में जाने की खबरों के बीच केन्द्रीय वित्त मंत्री सीता रमण ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं। देश की सुस्त अर्थव्यवस्था में रफ्तार लाने के लिए सीता रमण ने कई सेक्टरों में राहत का ऐलान किया है।
शुक्रवार को एक प्रेस कांफे्रंस को संबोधित करते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पहले चरण में 70 हजार करोड़ रुपए की धनराशि डालेगी। ऐसा करने से बैंक बाजार में पांच लाख करोड़ रुपए तक की नगदी जारी करने में सक्षम हो जाएंगे। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को भी 30 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
इसके अलावा सरकार ने विदेशी और घरेलू निवेशकों पर सरचार्ज बढ़ोत्तरी का फैसला भी वापस ले लिया है, और यह निर्णय मौजूदा वित्त वर्ष से ही लागू होगा। बता दें कि केन्द्र सरकार ने इस बार के बजट में सुपर-रिच पर सरचार्ज बढ़ाने का ऐलान किया था। सरकार के निर्णय से शेयर बाजार में निवेश से मुनाफा कमाने वाले भी प्रभावित हो रहे थे। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि छोटे एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के अब तक के सभी लंबित जीएसटी रिफंड का भुगतान अगले 30 दिन के भीतर कर दिया जाएगा। जबकि आगे से जीएसटी रिफंट 60 दिनों के भीतर हो जाएगा।

स्टार्टअप और उनके निवेशकों को एंजेल टैक्स से भी मुक्त कर दिया गया है। स्टार्टअप की समस्याओं को सुलझाने के लिए अलग से सेल बनाई जाएगी। वित्त मंत्री ने घर और वाहन खरीदने के लिए सस्ते कर्ज का भी वादा किया है। कहा कि देश के सभी सार्वजनिक बैंक आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में की गयी कटौती का फायदा ग्राहकों को तत्काल देने को तैयार हैं। कर्ज की ब्याज दरों को रेपो रेट से जोड़ा जाएगा इससे सभी तरह के लोन की #EconomyGoneBJPMaun ईएमआई घटेगी, इंडस्टी के लिए भी वर्किंग कैपिटल लोन सस्ता होगा। सरकारी बैंक से यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि लोन पूरा होने के बाद ग्राहकों को उनकी संपत्ति के कागजात 15 दिन के अंदर लौटा दिए जाएं।
ऑटोमोबाइल सेक्टर को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने ऐलान किया 31 मार्च 2020 तक खरीदे गए बीएस-4 वाहन रजिस्टेशन की पूरी अवधि तक के लिए मान्य होंगे। अब वाहन रजिस्टेशन फीस में बदलाव का फैसला जून 2020 तक के लिए टाल दिया गया है। सरकारी विभागों में वाहन खरीद पर लगी रोक को हटाया जाएगा। कारपोरेट इंडस्टी को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि अब सीएसआर के नियमों का उल्लंघन अब अपराध नहीं माना जाएगा।

यह भी पढ़ें-बैंकों के काम-काज में सुधार लाने के लिए दूसरे चरण की विचार गोष्ठियां आयोजित

करदाताओं को राहत देते हुए सीता रमण ने कहा कि इस बार विजयादशमी से करदाताओं को केन्द्रीय सिस्म से नोटिस भेजे जाएंगे। टैक्स के नाम पर किसी को परेशान नहीं किया जाएगा। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार पर कर के नाम पर लोगों को परेशान करने के आरोप फर्जी हैं। कहा कि सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनस और ईज ऑफ लिविंग पर फोकस कर रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी की प्रक्रिया को और आसान किया जाएगा। टैक्स से जुड़े कानूनों में सुधार होगा। #NirmalaSitharaman
इन घोषणाओं से पहले वित्त मंत्री सीता रमण ने देश की जनता और उद्योग जगत में उत्साह और विश्वास भरने का भी प्रयास किया। प्रेस कान्फे्रंस की शुरूआत में वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया के अन्य देशों की अर्थव्यवस्था से बेहतर है। वित्त मंत्री ने कहा कि देश में आर्थिक मंदी जैसी कोई बात नहीं है। कुछ राजनीतिक दलों द्वारा झूठी खबरें फैलायी जा रही हैं। लेकिन अर्थव्यवस्था को मजबूत रखने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें-PM Modi in Paris: भारत में अब टेंपरेरी कुछ भी नहीं रहा, जो था हमने खत्म कर दिया

सीता रमण ने कहा कि वैश्विक जीडीपी वृद्धि दर मौजूदा अनुमान से भी नीचे जा सकती है। पिछले कुछ समय से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध ने वैश्विक बाजार पर असर डाला है। लेकिन भारत की आर्थिक वृद्धि दर दुनिया के कई देशों की तुलना में ऊंची है। वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक सुधार हमारी सरकार के एजेंडा में सबसे ऊपर है, और सुधारों की यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। जानकारी के अनुसार वित्त मंत्री सीतारमण ने हाल ही में अर्थव्यवस्था को लेकर उद्योग जगत की हस्तियों व विशेषज्ञों के साथ बैठक की थी। जिसके आधार पर वित्त मंत्री ने यह घोषणाएं की हैं। सरकार को उम्मीद है कि इन उपायों से देश की सुस्त अर्थव्यवस्था में नए उत्साह का संचार होगा। http://www.satyodaya.com

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क्राइम-कांड

आवारा जानवर हैं या इंसान! कुतिया के साथ रेप की घटना ने सोचने पर कर दिया मजबूर

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मुंबई। सड़क पर इधर-उधर घूमने वाले जानवरों को अक्सर आवारा कहकर बुलाया जाता है। लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जिन्हें देख-सुन मन सोच में पड़ जाता है कि आवारा जानवर हैं या इंसान। महाराष्ट्र के नवी मुंबई के खारगर इलाके में एक व्यक्ति को कुतिया के साथ रेप करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

दरअसल, आरोपी का एक वीडियो स्वतंत्रता दिवस के दिन वायरल हुआ था। वीडियो में दिख रहा था कि आरोपी अपना प्राइवेट पार्ट कुतिया के मुंह में डाल रहा है और उसकी पिटाई भी कर रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद वन्‍यजीवों के लिए काम करने वाली संस्‍था ‘पीटा’ के सहयोग से एनिमल एक्टिविस्‍ट विजय रंगारे ने रेप के आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। आरोपी को पुलिस ने एरेस्ट भी कर लिया है।

पीटा ने आरोप लगाया है कि यह व्यक्ति पहले भी इस तरह की घिनौनी वारदातों को अंजाम दे चुका है। रंगारे ने कुतिया की भी तलाश कर उसका मेडिकल परीक्षण कराया है। यदि रिपोर्ट में रेप की बात साबित हो गई तो आरोपी को 10 साल तक की सजा हो सकती है। फिलहाल आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ये भी पढ़ें: मंदी के बावजूद सोने में बंपर निवेश, जानिए क्यों!

बता दें, यह कोई पहली बार नहीं है जब जानवरों को साथ इस तरह का घिनौना काम करते कोई पकड़ा गया है। कई बार ऐसी खबरें आ चुकी है जहां लोगों ने बकरी, गाय और अन्य जानवरों के साथ आप्राकृतिक संबध बनाया है। मनोचिकत्सकों की मानें तो पशुओं के साथ रेप करने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से काफी डिस्टर्ब होता है। http://www.satyodaya.com

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देश

पतंजलि योगपीठ के CEO आचार्य बालकृष्ण को पड़ा दिल का दौरा, ऋषिकेश एम्स में भर्ती

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नई दिल्ली। योग गुरु स्वामी रामदेव के सहयोगी और पतंजलि योगपीठ के सीईओ आचार्य बालकृष्ण की तबीयत बिगड़ने की वजह से शुक्रवार को उन्हें ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया गया है। ऐसा बताया जा रहा हैं उन्हें दिल का दौरा नहीं बल्कि फूड पॉयजनिंग हुआ है। बता दें कि इससे पहले ख़बर थी कि आचार्य बालकृष्ण को हरिद्वार स्थित हिमालयन हॉस्पिटल से जौलीग्रांट लाया जा रहा है। हालांकि, एम्स ऋषिकेश ने आचार्य बालकृष्ण को इमर्जेंसी में भर्ती कराने की बात कन्फर्म कर दिया है।

ये भी पढ़ें:वाराणसी में सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा

हालत नाजुक होने की वजह से आचार्य बालकृष्ण को हरिद्वार के भूमानंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया लेकिन बाद में ऋषिकेश एम्स के लिए रिफर कर दिया गया। आचार्य बालकृष्ण शुक्रवार दोपहर पतंजलि संस्थान के बहादराबाद के फेज वन स्थित ऑफिस में थे तभी अचानक से उनकी तबीयत खराब हो गई। जिसके बाद वहां के स्टाफ में हड़कंप मच गया। हालांकि डॉक्टरों ने बताया अब उनकी हालत पहले से बेहतर है। http://www.satyodaya.com

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August 24, 2019, 3:23 am
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