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भोपाल में साध्वी प्रज्ञा का दिग्विजय सिंह को टक्कर देना लगभग तय, कहा “मैं किंगमेकर थी अब संगठन आदेश पर खुद बनूंगी किंग’

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मध्य प्रदेश की भोपाल सीट से कांग्रेस ने अपने दिग्गज नेता और एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को उतारा है। कमलनाथ द्वारा आरएसएस मुख्यालय को बैन किए जाने पर दिग्विजय सिंह ने इस फैसले का विरोध किया था। इसके बाद चर्चाएं ये चलीं कि कभी संघ का विरोध वाले दिग्विजय सिंह इस कसभा चुनाव में हिन्दू कार्ड खेल रहे हैं। शायद यही वजह है कि भाजपा यहां से हिन्दू छवि वाला प्रत्याशी खोज रही हो। बताया जा रहा है कि बीजेपी के आधा दर्जन नेताओं के नाम की चर्चा के बाद पार्टी ने अपना मनचाहा प्रत्याशी चुन लिया है जिसकी औपचारिक घोषणा जल्द ही कर दी जाएगी।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश की इस महत्वपूर्ण सीट पर बीजेपी के टिकट से साध्वी प्रज्ञा सिंह का चुनाव लड़ना तय है। मालेगांव बम ब्लास्ट में शक के आधार पर गिरफ्तारी के बाद काफी समय तक जेल में कैद रहीं साध्वी प्रज्ञा ने बीजेपी ज्वॉइन कर ली है। साध्वी को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता दिलाई गई। इससे पहले सुबह शिवराज की अगुवाई में बीजेपी नेताओं की मीटिंग हुई थी।

बीजेपी ज्वॉइन करने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि चुनाव लडूंगी और जीतूंगी। उन्होंने कहा कि कोई चुनौती नहीं है मेरे लिए, मैं धर्म पर चलने वाली हूं। मैं शाम को वापस आ रहीं हूं। मेरे साथ जो कुछ भी हुआ वो भी बताऊंगी। बता दें, कांग्रेस ने इस सीट से दिग्विजय सिंह को टिकट दिया है।

बीते दिनों एक इंटरव्यू के दौरान साध्वी प्रज्ञा ने कहा था कि यदि संगठन का आदेश होगा तो वह ‘धर्मयुद्ध’ लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा था कि अभी तक मैं किंगमेकर की भूमिका में थी लेकिन अब यदि संगठन के आदेश पर किंग बनना पड़े तो वे इसके लिए तैयार हूं।

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साध्‍वी ने कहा था कि जिस दिग्विजय सिंह ने हिंदू धर्म को पूरे विश्व में बदनाम किया, भगवा ध्‍वज को आतंकवाद का रूप बताया, अध्‍यात्‍म और त्‍यागमय जीवन पर आक्षेप किए और राष्‍ट्रधर्म को कलंकित किया, उसके खिलाफ यदि मुझे चुनाव लड़ना पड़े तो पीछे नहीं हटूंगी।

साध्वी प्रज्ञा, मध्य प्रदेश के एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। परिवारिक पृष्ठभूमि के चलते वे संघ व विहिप से जुड़ी और फिर बाद में संन्यास ले लिया। 2008 में हुए मालेगांव बम विस्फोट में उन्हें शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया गया। हाल ही में वे दोषमुक्त हुई हैं।

भाजपा में पहले भोपाल सीट से शिवराज सिंह चौहान को टिकट देने की बात चल रही थी। इसके अलावा उमा भारती, कैलाश विजयवर्गीय, नरेंद्र सिंह तोमर, वीडी शर्मा (जो अब खजुराहो से बीजेपी प्रत्याशी हैं), प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लुणावत, वर्तमान सांसद आलोक संजर के नाम भी चर्चा में थे लेकिन आखिरकार साध्वी प्रज्ञा को ये टिकट देना तय हुआ। बता दें कि भोपाल लोकसभा सीट पर 12 मई को चुनाव होना है। इसके लिए 16 अप्रैल से नामांकन शुरू हो गया है। http://www.satyodaya.com

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स्मृति ईरानी ने इंस्टाग्राम पर अपनी दो तस्वीरें शेयर कर लिखा मजेदार कैप्शन

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लखनऊ। अमेठी की सांसद और केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। टीवी धारावाहिक ’क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ से पहचान बनाने वाली स्मृति ईरानी की सियासी पारी भी जोरदार है। राहुल गांधी को उनकी परंपरागत सीट से हराकर स्मृति ईरानी एक जुझारू नेता बनकर उभरी हैं। शुक्रवार को अपने बीते दिनों को याद करते हुए स्मृति ईरानी ने सोशल मीडिया पर #FlashbackFriday लिखते हुए दो तस्वीरें पोस्ट की। अमेठी सांसद ने इन तस्वीरों के साथ मजेदार कैप्शन भी लिखा।

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स्मृति ईरानी ने इंस्टाग्राम पर अपने पुराने दिनों की (माॅडलिंग के समय) एक तस्वीर को वर्तमान समय की तस्वीर के साथ जोड़कर पोस्ट किया है। इन तस्वीरों के नीचे ईरानी ने कैप्शन लिखा, #FlashbackFriday …. गाजर से कद्दू बनने तक की कहानी।
अमेठी सांसद की इस पोस्ट को काफी तारीफ मिल रही है। इन तस्वीरों को हजारों लाइक्स मिल चुके हैं। प्रशंसक कमेंट भी कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, मैं इसका कैप्शन कुछ तरह होना चाहिए था, क्योंकि कद्दू भी कभी गाजर था… मशहूर निर्माता एकता कपूर ने भी स्मृति ईरानी की कमेंट कर किया है। एकता ने लिखा, मैं इस लड़की को जानती हूं।http://www.satyodaya.com

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सरकार बनाने को लेकर शिवसेना, एनसीपी-कांग्रेस में बनी सहमति

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर चल रही उठापटक के बाद एनसीपी-कांग्रेस और शिवसेना के गठन का रास्ता साफ हो गया है। गुरुवार को एनसीपी और कांग्रेस की दिल्ली में बैठक के बाद शुक्रवार को मुंबई में एनसीपी-कांग्रेस और शिवसेना ने एक साथ बैठक चली। जहां सरकार बनाने पर लगभग सहमति बन गयी है। बैठक के बाद उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा एनसीपी-कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की नौबत बीजेपी की वजह से आई। राज्य में दोबारा चुनाव न कराने पड़ें, इसलिए हमने गठबंधन किया है और साथ मिलकर सरकार बनाने का फैसला लिया है।

महाराष्ट्र में शिवसेना के उद्धव ठाकरे का मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है। एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाया जाएंगा। लेकिन आज तीनों दलो ने अभी यह तय नही किया है कि सरकार कब बनेंगी। सूत्रों के मुताबिक अभी कुछ बिंदुओ पर सहमत नही बनी है। बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बातचीत अभी चल रही है। कल फिर मंत्रिमंडल को लेकर बात होगी।

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बैठक के बाद शरद पवार ने कहा ये साफ है कि तीनों दलों ने उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर सहमति दे दी है। उन्होंने कहा कि शनिवार को तीनों पार्टियों की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस है। पार्टियों के बीच चर्चा अभी चल रही है। शनिवार हम फैसला करेंगे कि राज्यपाल से कब मिलना है।http://www.satyodaya.com

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कोलकाता के काॅलेज में संस्कृत के मुस्लिम शिक्षक का जोरदार स्वागत

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लखनऊ। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में संस्कृत के मुस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति पर मचे हंगामे के बीच कोलकाता के एक कॉलेज ने संस्कृत विभाग में एक मुस्लिम व्यक्ति को सहायक प्राध्यापक के रूप में नियुक्त किया गया है। रमजान अली नाम के व्यक्ति की नियुक्ति बेलूर के रामकृष्ण मिशन विद्यामंदिर में की गई है। उनके पास उत्तर बंगाल के एक कॉलेज में नौ वर्ष अध्यापन करने का अनुभव है। अली ने कहा कि छात्रों और संकाय सदस्यों की ओर से किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत से वह अभिभूत हैं।

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अली ने मंगलवार से बेलूर कॉलेज में पढ़ाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्राचार्य स्वामी शास्त्राज्ञानदाजी महाराज तथा अन्य सभी ने मेरा स्वागत किया। महाराज ने कहा कि मेरी धार्मिक पहचान का कोई मतलब नहीं है। कुछ मायने रखता है तो वह है भाषा पर मेरी पकड़, उसे लेकर मेरा ज्ञान और इस ज्ञान को छात्रों के साथ साझा करने की मेरी क्षमता। बीएचयू में चल रहे विवाद के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मैं मानता हूं कि संस्कृत भारत की समावेशी प्रवृत्ति, समृद्ध परंपरा को परिलक्षित करती है। यह मत भूलिए कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। कोई भी व्यक्ति दूसरे धर्म के लोगों को संस्कृत के पठन-पाठन से कैसे रोक सकता है? http://www.satyodaya.com

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November 23, 2019, 12:36 am
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