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वैश्विक महामारी COVID-19 के मद्देनजर SC में होगी केवल अर्जेंट मामलों की सुनवाई

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लखनऊ। कोरोना वायरस के चलते जहां देश का हर कोई खौफजादा है। वहीं सु्प्रीम कोर्ट भी काफी सतर्क हो गया है। सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली वैश्विक महामारी COVID-19 के मद्देनजर केवल अर्जेंट मामलों तक सीमित रहेगी। शुक्रवार को कोरोना वायरस पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने ये फैसला लिया है। साथ ही कहा है सुप्रीम कोर्ट की अधिसूचना में कहा गया है कि संबंधित वकीलों को छोड़कर कोर्ट रूम में किसी को भी रहने इजाजत नहीं दी जाएगी।

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दिल्ली के एक और कोरोना पीड़ित मरीज को ठीक होने का बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दिल्ली के दो मरीज अब तक कोरोना के संक्रमण को हराकर ठीक हो चुके हैं। सफदरजंग अस्पताल से जिस दूसरे कोरोना पीड़ित मरीज को ठीक होने के बाद छुट्टी मिली है, वह उत्तम नगर इलाके का रहने वाला है। इस मरीज को मार्च के पहले सप्ताह में सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किया गया था और 6 मार्च को इसमें वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई थी।

वायरस से निपटने के लिए रोज नए एहतियातन

कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए दिल्ली सतर्क हो गई है। एहतियातन रोज नए कदम उठाए जा रहे हैं। विभिन्न माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। नगर निगम ने अपने सामुदायिक भवनों में सभी तरह के आयोजनों पर 31 मार्च तक रोक लगा दी है। वहीं, इस्कॉन ने भी अपने गेस्ट हाउस में विदेशी यात्रियों का आगमन रोक दिया है। जामिया ने अपने छात्रों को हॉस्टल खाली करने की सलाह दी है। इससे पहले आईआईटी ने अपने छात्रों को रविवार रात तक हॉस्टल खाली करने को कहा था।

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सामुदायिक भवनों में सभी आयोजन निलंबित

कोरोना की मार शादी समारोह और दूसरे आयोजनों पर पड़ रही है। निगम के सामुदायिक भवनों में कोरोना के चलते 31 मार्च तक सभी आयोजन रद्द कर दिए गए हैं। इससे महीनों पहले शादी के लिए र्बुंकग कराने वाले परेशान हैं। कुछ परिवार बारात में चंद लोग बुलाकर घर पर ही निकाह करने की तैयार कर रहे हैं तो कुछ तिथि आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं। टैंट बुकिंग करने वाले और निगम वधु पक्ष को बुकिंग कैंसिल होने की जानकारी दे रहे हैं।http://www.satyodaya.com

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डिप्टी CM और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए गए सचिन पायलट, ट्विटर पर दिया ये जवाब

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नई दिल्ली: राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर संकट बरकरार है। आज एक बार फिर विधायक दल की बैठक में सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों के नहीं पहुंचने पर कांग्रेस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें डिप्टी सीएम पद से हटा दिया है। यही नहीं सचिन से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद भी छीन लिया गया है। मंत्री विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया है। कांग्रेस के एक्शन के बाद सचिन पायलट ने ट्विटर पर प्रतिक्रिया दी है। पायलट ने अपने ट्वीट में लिखा कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।

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बता दें कि राजस्थान में जब से सियासी ड्रामा शुरू हुआ है, तब से यह पहला मौका है जब सचिन पायलट ने सार्वजनिक तौर प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को हटाए जाने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि, “मजबूर होकर सचिन पायलट को हटाना पड़ा। 6 माह से सचिन का रवैया ठीक नहीं था। रोज ट्वीट करके बयान देते रहते थे। मैंने हर विधायक का काम किया। जो फैसले हुए उससे कोई खुश नहीं।”

गोविंद सिंह डोटासरा होंगे राजस्थान के नए प्रदेश अध्यक्ष
गोविंद सिंह डोटासरा को राजस्थान कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। बता दें कि गोविंद सिंह डोटासरा सीकर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रहे हैं। डोटासरा राजस्थान सरकार में शिक्षा राज्य मंत्री भी हैं।

इसके अलावा विधायक गणेश घोघरा यूथ कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष होंगे। हेम सिंह शेखावत सेवादल के नए प्रदेश मुख्य संगठक होंगे। तीनों पदों पर नियुक्ति की घोषणा पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई। कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में रणदीप सुरजेवाला ने घोषणा की।.http://www.satyodaya.com

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नेपाली PM को कुर्सी से उतारने को लाखों शिष्य उतरेंगे सड़कों पर- अखाड़ा परिषद

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लखनऊ। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के द्वारा दिए गए विवादित विवादित बयान पर मामले ने तूल पकड़ लिया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने नेपाल के प्रधानमंत्री के बयान पर आपत्ति जताते हुए विशाल प्रदर्शन की चेतावनी दी है। अखाड़ा परिषद ने नेपाल की सड़कों पर प्रदर्शन का ऐलान भी किया है। वहीं वेद और पुराण में वर्णन का जिक्र करते हुए रामदास महाराज ने कहा कि नेपाल में सरयू है ही नहीं। रामदास महाराज ने कहा कि मेरे लाखों शिष्य नेपाल में रहते हैं।

उनके इस विवादित बयान से लाखों की संख्या में भक्त सड़क पर उतर कर विरोध करेंगे। वहीं अखाड़ा परिषद के महंत नरेंद्र गिरि ने इस विवादित बयान पर कहा, कि कल से नेपाल में हमारे लाखों शिष्य से सड़कों पर उतर कर 1 महीने के भीतर ओली को पीएम की कुर्सी से उतार देंगे। महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि नेपाल हिंदू राष्ट्र था लेकिन जब से वह माओवादियों का शासन आया है। तब से चीजें बिगड़ रही हैं पहले माओवादी थे लेकिन अब आतंकवादी होते जा रहे हैं। नरेंद्र गिरी ने भी कहा, कि अयोध्या भारत में और इसी अयोध्या दुनिया का नेतृत्व किया है।

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नेपाल के पीएम ने जो बयान दिया वह निंदनीय है इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। भगवान राम के जन्म स्थान को लेकर विवादित टिप्पणी के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री अपने ही देश में घिर गए हैं। नेपाल के कई नेताओं ने खुलकर ओली के इस बयान का विरोध किया है। वहीं रामदल ट्रस्ट के अध्यक्ष रामदास महाराज ने कहा कि पूरे विश्व की संस्कृत राजधानी अयोध्या है वेद रामायण पुराण में देख लीजिए उसमें साफ लिखा है कि जहां सरयू है वहां अयोध्या है। नेपाल में तो सरयू है ही नहीं पूरे भूमंडल में राजा होते थे सबका चक्रवर्ती सम्राट भारत के उत्तर प्रदेश के अयोध्या के महाराजा होते थे।

वहीं धर्मगुरु महंत परमहंस ने कहा कि केपी शर्मा खुद नेपाली नही हैं। केपी शर्मा पूरे नेपाल को पाकिस्तान की तर्ज पर भिखारी बनाने पर तुले हैं। नेपाल की जनता को धोखा दे रहे हैं चीन ने नेपाल के 2 दर्जन से अधिक गांवों पर क़ब्ज़ा कर रखा है। उसको छिपाने के लिए भगवान राम के नाम का आश्रय ले रहे हैं ट्रस्ट के सदस्य महेंद्र दास ने कहा कि हमारे लिए अयोध्या एक है और यही रहेगा राजनीति में कोई कुछ भी बोल सकता है। लेकिन मुख्य अयोध्या वह है जहां सरयू माता है राम जी का अयोध्या यही है। http://www.satyodaya.com

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राजस्थान में सरकार बचाने की कवायद तेज, पायलट को मनाने में जुटी कांग्रेस

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नई दिल्ली: राजस्थान में कांग्रेस सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट लगातार बगावत कर रहे हैं। इस बीच राज्य में जारी सियासी घमासान के बीच पार्टी ने मंगलवार को एक बार फिर विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसे साथ ही पार्टी सचिन पायलट को लगातार मनाने की कोशिश में जुटी है। पायलट को बैठक के लिए न्योता भेजा गया है। पार्टी ने पायलट से कहा है कि वह बैठक में आकर मतभेद दूर करें।

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वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सचिन पायलट बैठक में नहीं जाएंगे। सचिन पायलट ने उल्टा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चुनौती दी है कि विधानसभा में बहुमत साबित करके दिखाएं।
इससे पहले कल सोमवार को सचिन पायलट ने खुलकर बागी तेवर अपना लेने के बाद कांग्रेस ने सोमवार सुबह जयपुर में विधायक दल की बैठक बुलाई थी, लेकिन इसमें पायलट और उनके समर्थक विधायक नहीं पहुंचे। बाद में कांग्रेस ने दावा किया कि गहलोत सरकार को 109 विधायकों का समर्थन हासिल है।


विधायकों को होटल में शिफ्ट किया

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, गहलोत सरकार के प्रति अपना समर्थन जताने वाले 100 से अधिक विधायकों को जयपुर के फेयर मॉन्ट होटल में रखा गया है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार रात संवाददाताओं को बताया कि मंगलवार सुबह 10 बजे कांग्रेस विधायक दल की एक और बैठक होगी। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि बागी तेवर दिखा रहे पायलट एवं कुछ अन्य विधायक इस बैठक में भाग लेंगे।http://www.satyodaya.com

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