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दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर छाई स्मॉग की चादर, वायु गुणवत्ता हुई गंभीर

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नई दिल्ली: वायु गुणवत्ता मंगलवार सुबह एक बार फिर पड़ोसी राज्यों में जल रही पराली के कारण जहरीली बन गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम 11.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केन्द्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि सर्दियों के आगाज के साथ ही, न्यूनतम तापमान में गिरावट से हवा में ठंडक बढ़ गई है और भारीपन आ गया है। जिससे प्रदूषक तत्व जमीन के निकट जमा हो रहे हैं।

दिल्ली के लोधी रोड इलाके में आज तड़के पीएम 2.5 का स्तर 500 और पीएम 10 का स्तर 497 दर्ज किया गया, जो कि गंभीर श्रेणी में आता है। इसी तरह ग्रेटर नोएडा (नॉलेज पार्क-3) में एक्यूआई का स्तर 458 रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बवाना में 445, आनंद विहार में 442 और द्वारका सेक्टर 8 में 442 रहा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के नोएडा में एक्यूआई 436, जबकि गाजियाबाद में एक्यूआई 445 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा, गुड़गांव और फरीदाबाद में एक्यूआई क्रमश: 436, 365 और 404 रहा।

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सफर की तरफ से रीयल टाइम बेस पर जारी आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता शाम 6 बजे 467 तक पहुंच गई थी। इसमें सबसे ज्यादा मात्रा पीएम 2.5 की थी। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तरी पाकिस्तान व जम्मू कश्मीर में चक्रवाती हवाएं चल रही हैं। इससे दिल्ली का मौसम भी प्रभावित हुआ है। बीते 24 घंटों में पराली जलाने के सिर्फ 740 मामले रिकार्ड किए गए, पर हरियाणा की तरफ से दिल्ली पहुंचने वाली हवाओं की चाल तेज होने से पराली के धुएं का दिल्ली के प्रदूषण में हिस्सा बढ़ गया।

बता दें कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 0-50 के बीच ‘अच्छा’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101-200 के बीच ‘मध्यम’, 201-300 के बीच ‘खराब’, 301-400 के बीच ‘अत्यंत खराब’, 401-500 के बीच ‘गंभीर’ और 500 के पार ‘बेहद गंभीर’ एवं आपात माना जाता है। http://www.satyodaya.com

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निर्भया के गुनहगारों का डेथ वाॅरंट जारी, 22 जनवरी को दी जाएगी फांसी

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लखनऊ। देश-दुनिया को दहला देने वाले दिल्ली के निर्भया कांड में करीब 8 वर्ष बाद फाइनल फैसला आ गया है। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के बाद निर्भया के सभी दोषियों का डेथ वाॅरंट जारी कर दिया। 22 जनवरी को सुबह 7 बजे चारों दरिंदों अक्षय, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और मुकेश सिंह को फांसी पर लटकाया जाएगा। तिहाड़ जेल प्रशासन को तैयारी के लिए 14 दिन का वक्त मिला है। इस बीच दोषी चाहें तो वह क्यूरेटिव पिटीशन या दया याचिका भी दाखिल कर सकते हैं। इससे पहले हुई सुनवाई में कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन से दोषियों को फांसी की नोटिस जारी करने को कहा था।

जिसके बाद जेल प्रशासन ने दोषियों को नोटिस जारी कर दया याचिका दाखिल करने के बारे में पूछा था। #Nirbhaya चार में से एक दोषी अक्षय ने कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में सजा पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी, जिसे शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया था। पटियाला कोर्ट से पहले भी दिल्ली की निचली अदालत से दोषियों को फांसी की सजा दी जा चुकी है।

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मंगलवार दोपहर बाद 3ः30 बजे खचाखच भरे कोर्ट रूम में निर्भया केस की सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान निर्भया की मां और दोषियों के वकील के बीच तीखी बहस भी हुई। दोषियों के वकील ने कहा, हम सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करेंगे। इस पर कोर्ट रूम में मौजूद निर्भया की मां के वकील ने विरोध करते हुए कहा, गुनहगार सजा में देरी करना चाहते हैं। निर्भया की मां के वकील ने कहा, क्योंकि दोषियों की कोई याचिका कहीं लंबित नहीं है, इसलिए जल्द से जल्द डेथ वाॅरंट जारी किया जाए। बता दें कि डेथ वाॅरंट में ही फांसी की जगह, तारीख और समय का जिक्र होता है।

मेरी बेटी को मिला इंसाफ

फैसले के बाद निर्भया की मां ने कहा, हमारी बेटी को न्याय मिल गया है। मैं कोर्ट के फैसले से खुश हूं। दोषियों को फांसी की सजा विकृत मानसिकता के लोगों के लिए एक संदेश होगा, साथ ही कोर्ट का फैसला महिलाओं को सशक्त बनाएगा। न्यायपालिका पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा। पीड़िता के पिता ने भी कोर्ट के फैसले पर खुशी जाहिर की।

वर्ष 2012 के 16 दिसंबर की वह काली रात

बता दें कि 16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली की सड़कों पर मेडिकल की एक छात्रा के साथ चलती बस में 6 लोगों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। बस के डाइवर, कंडक्टर समेत छह लोगों ने चलती बस में पीड़िता के साथ गैंगरेप किया। विरोध करने पर निर्भया और उसके साथी को जमकर पीटा। निर्भया के निजी अंगों को क्षत-विक्षत कर दिया। घटना के बाद पूरे देश में लोग सड़कों पर उतर आए थे। निर्भया को बचाने की हर कोशिश नाकाम हो गयी और उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके केस के बाद तत्कालीन यूपीए सरकार ने महिला अपराधों के लिए सख्त कानून बनाए। दोषियों को सख्त सजा का प्रावधान किया गया। छहों आरोपियों को पकड़ कर केस शुरू किया गया। निर्भया के छह दोषियों में एक के नाबालिग होने के चलते उसका केस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में चला गया था। जो अब छूट चुका है। जबकि एक दोषी ने तिहाड़ जेल में ही आत्महत्या का चुका है। http://www.satyodaya.com

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रवींद्रनाथ महतो बने झारखंड विधानसभा के नए अध्यक्ष

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रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नाला से विधायक रवींद्रनाथ महतो पांचवें झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष आज चुन लिए गए। विधानसभा सत्र के कल पहले दिन अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए जाने के निर्धारित समय 12 बजे तक केवल झामुमो के रवींद्रनाथ महतो ने ही पर्चा भरा था। विपक्ष की ओर से किसी भी विधायक द्वारा नामांकन नहीं किया गया। इस तरह अध्यक्ष पद पर उनके चुने जाने की मात्र औपचारिकता शेष बची थी। आज श्री महतो के विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित होने की औपचारिक घोषणा कर दी गई।

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उल्लेखनीय है कि झारखंड में संथालपरगना प्रमंडल के नाला विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार विधायक चुने गए श्री महतो को झामुमो अन्य पिछड़ा वर्ग का महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता है। वह नाला विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2005, 2014 और 2019 में निर्वाचित हुए थे। दुमका जिले में नाला प्रखंड के पटनपुर गांव में गोलक बिहारी दास और श्रीमती रुक्मिणी देवी के घर जन्में महतो ने झामुमो के साथ अपने राजनीति करियर की शुरुआत की। वह नाला विधानसभा सीट से पांच बार चुनाव लड़े, जिनमें से तीन बार विजयी हुए। उन्होंने इस सीट पर पहली बार 2005 में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) के विशेश्वर खान को पराजित कर जीत हासलि की थी। बंगला और हिंदी भाषा के जानकार महतो ने बीएड की डिग्री हासिल की है। उनके छोटे भाई संजीव महतो रसायन शास्त्र के विभागाध्यक्ष है।http://www.satyodaya.com

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पाकिस्तान की जेल में बंद 20 भारतीय मछुआरे रिहा, लौटे वतन

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नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच इस समय संबंध तनावपूर्ण चल रहे है। इसी बीच पाकिस्तान सद्भावना दिखाते हुए 20 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया। सोमवार को पाकिस्तानी रेंजरों ने इन भारतीय मछुआरों को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंपा। रिहा मछुआरों में ज्यादातर आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं।

भारतीय अधिकारियों ने बताया कि सभी भारतीय मछुआरों की तुरन्त चिकित्सीय जांच कराई गई। रिहा हुए मछुआरों में एस किशोर, एन धनराजू, गरमर्थी, राम बाबू, एस अप्पा राव, जी रामा राव, बी अप्पन्ना, एन नरसिंह, वी सैमुअल, के. यारय्या, डी. एस. नारायण, के. राजू, के. वेंकटा, एस. कल्यान, भाविरुदु, सेमसन राव और गिर सोमनाथ शामिल है। वतन लौटते ही देश की मिट्टी को किया प्रणाम।

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बता दें कि यह सभी मछुआरे 2018 से पाक जेल में बंद थे। पाकिस्तानी तटरक्षक ने नवंबर 2018 में पाकिस्तानी जल क्षेत्र में जाने के लिए गिरफ्तार कर लिया था। मछुआरे सिंध प्रांत में कराची के मालिर जिला कारागार से रिहा होने के बाद रविवार को ट्रेन से लाहौर पहुंचे थे। सूत्रों के अनुसार अब भी पाक की जेलों में करीब 200 भारतीय मछुआरे बंद हैं।http://www.satyodaya.com

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January 7, 2020, 10:31 pm
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