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सपा सांसद अमर सिंह का निधन, सिंगापुर में चल रहा था इलाज

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद अमर सिंह (64) का निधन हो गया है। अमर सिंह पिछले कुछ दिनों से सिंगापुर में अपना इलाज करवा रहे थे। शनिवार को उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। भारतीय राजनीति में हमेशा चर्चित रहे अमर सिंह की बाॅलिवुड में भी काफी पहचान थी। वर्ष 2013 में अमर सिंह की किडनी फेल हो गयी थी। जिसके बाद उन्होंने किडनी ट्रांसप्लांट कराई थी। पिछले कुछ समय से उनकी तबियत खराब चल रही थी। जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर जाना पड़ा था।

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अमर सिंह, सपा संरक्षक मुलायम सिंह के बेहद करीबी थे। अमर सिंह बाॅलिवुड की बच्चन फैमिली के भी बहुत करीब थे। कहा जाता है कि एक समय जब अमिताभ बच्चन आर्थिक रूप से काफी परेशान थे, तो अमर सिंह ने उनकी मदद की थी। तभी से वह बच्चन परिवार के करीबी बन गए।

2019 के आम चुनाव में भाजपा के टिकट पर रामपुर से चुनाव लड़ीं जयाप्रदा और अमर सिंह के बीच काफी घनिष्ठता थी।#AmarSingh

कोरोना से लोगों को किया था सावधान

हाल ही में अमर सिंह ने अस्पताल से ही अपना एक वीडियो संदेश जारी किया था। जिसमें उन्होंने कोरोना महामारी से लोगों को सावधानी रहने की सलाह दी थी। श्री सिंह ने कहा था कि यह बहुत घातक रोग है, इसलिए खुद भी बचें और अपने परिवार, समाज और देश को इस महामारी से बचाएं।

अमर सिंह का राजनीतिक सफर

अमर सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में 27 जनवरी 1956 को हुआ था। अमर सिंह ने अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत 1996 में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद के तौर पर की थी। इसके बाद 2002 और 2008 में भी वह राज्यसभा के लिए चुने गए। अकसर अपने बयानों के चलते चर्चा में रहने वाले अमर सिंह कई संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे।

सपा में रहते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान के साथ उनके रिश्ते कभी भी सामान्य नहीं रहे। 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले अमर सिंह और सपा मुखिया अखिलेश यादव के बीच भी संबंध तल्ख हो गए। हालांकि सपा कोटे से अमर सिंह राज्यसभा सदस्य बने रहे।

कई संस्थानों में किया काम, एक किताब भी लिखी

राजनीति में आने से पहले अमर सिंह ने कई संस्थानों में भी काम किया। श्री इंडियन एयरलाइंस और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के डायरेक्टर भी रहे। उन्होंने नेशनल टेक्सटाइल्स काॅरपोरेशन के डायरेक्टर का पद भी संभाला। अमर सिंह ने रिलिजन इन पॉलिटिक्सः गांधियन पर्सपेक्टिव इन द प्रेजेंट कनटेक्स्ट नाम की एक किताब भी लिखी है। 1987 में अमर सिंह ने पंकजा कुमारी सिंह के साथ विवाह किया था। उनके दो बेटियां हैं।http://www.satyodaya.com

क्राइम-कांड

6 साल की मासूम को जिंदा जलाया, फिर बोरी से ढक दी अधजली लाश, फैली सनसनी

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चंडीगढ़। पंजाब के होशियारपुर जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जिले के गांव टांडा के जलालपुर में देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई। जब एक 6 साल की मासूम बच्ची को जिंदा जला देने का मामला सामने आया। उसकी अधजली लाश को बोरी से ढक दिया गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही टांडा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्‍ची के शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, इसका पता लगाया जा रहा है। कि मासूम की हत्या से पहले उसके साथ रेप तो नहीं किया गया। फिलहाल बच्ची के अधजले शव को पोस्मार्टम के लिए अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है। बता दें किं इस घटना के बारे में उस समय पता चला जब गांव जलालपुर में बड़ी संख्या में इकठ्ठे हुए लोगों ने टांडा पुलिस को घटना के बारे में सूचित किया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लड़की के बारे में छानबीन करनी शुरू की।

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दोपहर से लापता थी बच्ची
जानकारी के मुताबिक 6 साल की बच्ची के पिता का नाम राहुल है जो सुजीत सिंह नाम के एक व्यक्ति का ड्राइवर है। बच्ची की मां के मुताबिक, उसकी लड़की दोपहर से ही गायब थी। लड़की की तलाश करने पर पता चला कि सुरजीत सिंह का बेटा उनकी बच्ची को अपने साथ ले गया है। इसके बाद जब सुरजीत सिंह की हवेली में जाकर देखा गया तो बोरी के साथ लड़की की अधजली लाश पड़ी हुई थी।
बता दें कि टांडा पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे मै ले लिया  है और पुलिस जांच में जुट गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच की बात कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। पुलिस की मानें तो जल्द ही आरोपी उनकी गिरफ्त में होगा।http://satyodaya.com

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देश

राजस्थान: जयपुर में ऑटोमोबाइल कंपनी के गोदाम में लगी भीषण आग

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जयपुर। राजस्‍थान की राजधानी जयपुर के आमेर में कूकस स्थित एक ऑटोमोबाइल कंपनी के गोदाम में बुधवार को आग लग गई आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की करीब 20 गाड़ियां ने अपना पूरा दमखम लगा दिया लेकिन घटना के कई घंटे बाद भी आग को पूरी तरह से नहीं बुझाया जा सका है हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है और पुलिस ने आसपास के इलाकों को अलर्ट कर दिया है बता दें कि पहले इस फैक्ट्री में एस्सार कंपनी के ट्रैक्टर बना करते थेलेकिन अब इसमें रॉयल इन्फील्ड समेत कुछ कंपनियों के वेयरहाउस बने हुए हैं

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फायर अफसर घनश्याम के अनुसार, जयपुर-दिल्ली हाईवे पर कूकस इंडस्ट्रीयल एरिया में आयशर कंपनी का यार्ड (गोदाम) है जबकि यहां आयशर कंपनी के चारपहिया वाहनों के अलावा सैकड़ों की संख्या में रॉयल इन्फील्ड कंपनी की बाइक काफी बड़े हिस्से में खड़ी रहती हैं वहीं, एक बड़े परिसर में पेंट हाउस बना हुआ था जहां गाड़ियां तैयार की जाती हैं इसके अलावा गाड़ियों के पुर्जे भी बनाए जाते हैं इसके अलावा जब आग की सूचना पर मीडिया पहुंची तो उसे अंदर नहीं जाने दिया गया ऐसे में सवाल उठता है कि फैक्ट्री प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन आखिर क्या छुपाने की कोशिश कर रहा है

पेट्रोल पंप बचा
सूचना मिलने पर एडिशनल डीसीपी सुमित गुप्ता और आमेर के एसीपी सौरभ तिवाड़ी पुलिस दल के  मौके पर पहुंचे जबकि सहायक फायर अफसर देवेंद्र व फायर अफसर घनश्याम की अगुआई में करीब 20 से ज्यादा दमकलकर्मियों और सिविल डिफेंस की टीम ने आग पर काबू पाने के लिए बचाव कार्य शुरू किया जबकि आसपास के लोगों का कहना था कि इस गोदाम के समीप ही एक पेट्रोल पंप भी था गनीमत रही कि पेट्रोल पंप तक आग की लपटें नहीं पहुंची, वरना बड़ा हादसा हो सकता थाhttp://satyodaya.com

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उपचुनाव से ठीक पहले सिंधिया खेमे के दो मंत्रियों ने दिया इस्तीफा, CM ने दी मंजूरी

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भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा की 28 सीटों के लिए उपचुनाव में मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ कई क्षेत्रीय दल और निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं।  ऐसे में यहां से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां बिना विधायक बने छह महीने होने पर मध्य प्रदेश के दो मंत्री तुलसी सिलावट और गोविंद राजपूत ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने दोनों नेताओं के इस्तीफे स्वीकारते हुए राजभवन भेज दिए। बता दें कि दोनों ही नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुये थे। साथ ही इस बार के उपचुनाव भी लड़ रहे हैं।

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दरअसल, संवैधानिक प्रावधान है कि कोई भी मंत्री सदन का सदस्‍य बने बिना 6 महीने से ज्‍यादा समय तक मंत्रीपद पर बने नहीं रह सकता है। ऐसे में इसी प्रक्रिया के चलते दोनों नेताओं को इस्तीफ़ा देना पड़ा।

उपचुनाव की बात करें तो सांवेर विधानसभा उपचुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी के तुलसीराम सिलावट और कांग्रेस के प्रेमचंद गुड्‌डू के बीच है। हाल ही में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने नामांकन भरा तो वहीं, अगले दिन गुरुवार को प्रेमचंद गुड्‌डू ने नामांकन दाखिल किया। दोनों ने ही नामांकन के साथ अपनी आय का शपथ पत्र भी दिया है। सांवेर से चार बार विधायक रहे मध्यप्रदेश सरकार के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने अबकी बार भाजपा प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया।http://satyodaya.com

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