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उत्तर प्रदेश से निर्विरोध निर्वाचित होकर राज्य सभा सांसद बने सुधांशु त्रिवेदी

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लखनऊ। राज्य सभा उप चुनाव में भारतीय पार्टी के उम्मीदवार सुधांशु त्रिवेदी निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। सुधांशु त्रिवेदी को उत्तर प्रदेश राज्य सभा सीट से भेजा गया है। यह सीट पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन के बाद खाली हुई थी। जेटली इस सीट से 2018 में निर्वाचित हुए थे। इस खाली सीट पर सुधांशु ने राज्यसभा की सीट के लिए शुक्रवार को अंतिम दिन नामांकनपत्र जमा किया था। उत्तर प्रदेश की इस रिक्त सीट पर हुए उपचुनाव में किसी विपक्षी पार्टी ने अपने उम्मीदवार नहीं उतारे थे। जिसके चलते सुधांशु त्रिवेदी की जीत पहले से तय मानी जा रही थी।
विधानसभा के विशेष सचिव बीबी दुबे ने बताया कि बुधवार को नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तारीख थी और त्रिवेदी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है। दुबे ने बताया कि त्रिवेदी अपना निर्वाचित प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री आशुतोष टंडन, ब्रजेश पाठक, मोहसिन रजा और उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर की मौजूदगी में त्रिवेदी को राज्यसभा सदस्य के तौर पर निर्वाचन का प्रमाण-पत्र सौंपा गया।

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पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली से जुड़ाव होने के कारण यह सीट काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। मैकेनिकल इंजीनियरिंग से पीएचडी सुधांशु त्रिवेदी को सबसे कम उम्र में मुख्यमंत्री का सूचना सलाहकार होने और भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह के राजनीतिक सलाहकार होने का श्रेय भी है। लखनऊ से ताल्लुक रखने वाले सुधांशु को राज्यसभा में भेजने का फैसला लेकर भाजपा नेतृत्व ने उनको ब्राह्मण चेहरे के तौर पर उभारने का संकेत भी दिया है। वहीं संगठन को भी महत्व दिया है। सुधांशु त्रिवेदी लंबे समय से संगठन के लिए कार्य कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि राजनाथ सिंह के भी करीबी हैं। बता दें कि सुधांशु त्रिवेदी लंबे समय से पार्टी के प्रवक्ता के तौर पर काम कर रहे थे। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा का भी नाम इस सीट के लिए चल रहा था। लेकिन दोनों नामों पर सुंधाशु त्रिवेदी भारी पड़े। http://www.satyodaya.com

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राजस्थान में सरकार बचाने की कवायद तेज, पायलट को मनाने में जुटी कांग्रेस

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नई दिल्ली: राजस्थान में कांग्रेस सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट लगातार बगावत कर रहे हैं। इस बीच राज्य में जारी सियासी घमासान के बीच पार्टी ने मंगलवार को एक बार फिर विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसे साथ ही पार्टी सचिन पायलट को लगातार मनाने की कोशिश में जुटी है। पायलट को बैठक के लिए न्योता भेजा गया है। पार्टी ने पायलट से कहा है कि वह बैठक में आकर मतभेद दूर करें।

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वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सचिन पायलट बैठक में नहीं जाएंगे। सचिन पायलट ने उल्टा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चुनौती दी है कि विधानसभा में बहुमत साबित करके दिखाएं।
इससे पहले कल सोमवार को सचिन पायलट ने खुलकर बागी तेवर अपना लेने के बाद कांग्रेस ने सोमवार सुबह जयपुर में विधायक दल की बैठक बुलाई थी, लेकिन इसमें पायलट और उनके समर्थक विधायक नहीं पहुंचे। बाद में कांग्रेस ने दावा किया कि गहलोत सरकार को 109 विधायकों का समर्थन हासिल है।


विधायकों को होटल में शिफ्ट किया

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, गहलोत सरकार के प्रति अपना समर्थन जताने वाले 100 से अधिक विधायकों को जयपुर के फेयर मॉन्ट होटल में रखा गया है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार रात संवाददाताओं को बताया कि मंगलवार सुबह 10 बजे कांग्रेस विधायक दल की एक और बैठक होगी। इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि बागी तेवर दिखा रहे पायलट एवं कुछ अन्य विधायक इस बैठक में भाग लेंगे।http://www.satyodaya.com

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कोरोना संकट में डीजल ने बनाया रिकॉर्ड, पहली बार 81 रुपये के पार पहुंचा दाम

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लखनऊ। एक तरफ जहां पूरा देश जहां कोरोना संकट से जूझ रहा है। देश में डीजल ने एतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। देश में लॉकडाउन के बीच सोमवार को डीजल के दाम 81 रुपये प्रति लीटर के पार हो गए हैं। आज ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने डीजल के दाम में 11 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही राजधानी दिल्ली में डीजल के दाम 81.05 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। जिसकी वजह से आम आदमी की जेब पर फिर एक बार बड़ा झटका लगा है। वही पेट्रोल के दाम में अभी कोई इजाफा नहीं हुआ है। सरकारी तेल कंपनियों ने आज पेट्रोल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया। और राजधानी दिल्ली मैं 80.46 रुपये प्रति लीटर के भाव पर ही स्थिर हैं।

पेट्रोल के दाम में आखिरी बार 29 जून को बदलाव हुआ था 14 दिनों से पेट्रोल के दाम में कोई नहीं अंतर आया है। बीते रविवार को भी डीजल के दाम में 16 पैसे की बढ़त की गई थी और ये 80.94 रुपये प्रति लीटर तक जा पहुंची थी। ये भी डीजल का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर था। दरअसल अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल जारी है और इसके चलते देश में डीजल की कीमतों पर असर देखा जा रहा है। देश में प्रत्येक राज्य पेट्रोल व डीजल पर अलग-अलग स्थानीय बिक्री कर अथवा मूल्य वर्धित कर (वैल्यू एडेड टैक्स) वैट लगाते हैं। इस कारण ग्राहकों के लिए राज्यों के हिसाब से डीजल और पेट्रोल की दरें बदल जाती हैं।

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रोज सुबह 6 बजे ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव करती हैं। पिछले 5 हफ्तो में डीजल की कीमतों में 25 बार इजाफा किया गया है और पेट्रोल के दाम 21 बार बढ़ाए गए हैं। 7 जून से अब तक पेट्रोल की कीमतों में 9.17 रुपये और डीजल की कीमतों में 11.66 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में पेट्रोल 80.43 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 87.19 रुपये, चेन्नई में 83.63 रुपये और कोलकाता में 82.10 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। वहीं डीजल की बात करें तो दिल्ली में सबसे ज्यादा महंगा बिक रहा है और 81.05 रुपये प्रति लीटर पर जा पहुंचा है. मुंबई में डीजल 79.27 रुपये, चेन्नई में 78.11 रुपये और कोलकाता में 76.17 रुपये प्रति लीटर के दाम पर बिक रहा है। http://www.satyodaya.com

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रस्सी से लटका मिला भाजपा विधायक का शव, कटघरे में ‘ममता सरकार’

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भाजपा ने अपने विधायक की हत्या का आरोप लगाकर ममता सरकार को घेरा

लखनऊ। पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक की संदिग्ध हालात में मौत ने राज्य में सियासी हंगामा खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित भाजपा नेताओं ने अपने विधायक की मौत के लिए ममता के गुंडाराज को जिम्मेदार ठहराया है। बंगाल भाजपा ने अपने विधायक की मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।

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पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में सोमवार को भाजपा विधायक देवेंद्र नाथ राय का शव सोमवार सुबह उनके आवास पर फांसी से लटकता हुआ पाया गया। देवेंद्र नाथ राय दिनाजपुर जिले के हेमताबाद से विधायक थे। विधायक शव रस्सी से लटकता देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दिवंगत विधायक की जेब से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। पुलिस का दावा है कि राय ने अपनी मौत के लिए दो लोगों को जिम्मेदार ठहराया है।

पत्नी ने लगाया हत्या का आरोप

राय की पत्नी चंद्रिमा राय ने अपने पति की हत्या का आरोप लगाया है। पत्नी का कहना है कि विधायक की हत्या कर शव रस्सी से लटका दिया गया। राय की पत्नी ने हत्यारों के लिए सख्त सजा की मांग की है।

भाजपा ने ममता सरकार को घेरा, सीबीआई जांच की मांग

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजीजू और बंगाल भाजपा ने अपने विधायक की हत्या का आरोप लगाते हुए ममता सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सोमवार को एक ट्वीट कर कहा, यह सुसाइड नहीं मौत है। पश्चिम बंगाल के हेमताबाद से भाजपा विधायक की संदिग्ध जघन्य हत्या हैरान करने वाली है और यह खेदजनक है।

यह ममता सरकार के गुंडाराज और ध्वस्त कानून व्यवस्था को बताता है। जनता ऐसी सरकार को माफ नहीं करेगी। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। वहीं बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है। घोष ने राय इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।

राज्यपाल ने कहा, सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी

इस संदिग्ध हत्या पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भी सवाल उठाए हैं। राज्यपाल ने एक ट्वीट में लिखा, ममता सरकार की राजनीतिक हिंसा और प्रतिशोध के खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। भाजपा विधायक देवेंद्र नाथ राय की मौत से हत्या के आरोप सहित कई गंभीर सवाल उठे हैं। सच्चाई को सामने लाने और राजनीतिक हिंसा को खत्म करने के लिए इस मामले की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच जरूरी है।http://www.satyodaya.com

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July 14, 2020, 2:21 pm
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