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राहुल-राफेल और सबरीमाला पर सुप्रीम कोर्ट का आया फैसला, जानिए क्या….

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राम मंदिर

फाइल फोटो

नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर के बाद गुरुवार को देश के तीन और बड़े मामलों पर फैसला सुनाया जाएगा। केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर विवाद, कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा अदालत की अवमानना और राफेल विमान सौदे पर दायर पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। राहुल और राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला साफ है, लेकिन सबरीमाला विवाद को अदालत ने बड़ी बेंच को सौंप दिया है।

सबरीमाला विवाद को कोर्ट ने बड़ी बेंच को सौंपा  

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच जजों की बेंच ने सबरीमाला विवाद को बड़ी बेंच को सौंपने का फैसला किया है। अब इस विवाद की सुनवाई 7 जजों की बेंच करेगी। 5 जजों वाली बेंच ने 3:2 के अनुपात से इस मामले को बड़ी बेंच को भेजा है, जबकि इस बीच सबरीमाला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश जारी रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच में जस्टिस नरीमन, जस्टिस चंद्रचूड़ ने तीन जजों से अलग राय रखी। जस्टिस नरीमन का मानना था कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सभी के लिए बाध्य है, इसे लागू करने में कोई ऑप्शन नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सबरीमाला मंदिर पर फैसले का असर सिर्फ यहां तक सीमित नहीं रहेगा, इसका असर अन्य धर्मों में वर्षों से चली आ रही प्रथा पर भी पड़ेगा। अपने पिछले फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने 10 से 50 साल की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर लगी रोक को हटा दिया था।

राफेल सौदे पर पुनर्विचार याचिका हुई खारिज

वहीं राफेल विमान सौदे पर सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई पुनर्विचार याचिकाओं का कमजोर दलीलों का हवाला देकर खारिज कर दिया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी, वकील प्रशांत भूषण ने इस याचिका को दायर किया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि उन्हें नहीं लगता है कि इस मामले में किसी एफआईआर या जांच की जरूरत है।

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जानकारी के मुताबिक पुनर्विचार याचिका में राफेल विमान सौदे की प्रक्रिया और दाम पर सवाल खड़े किए गए थे। पिछले फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए अदालत इसमें दखल नहीं देगा। इस मामले में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने फैसला सुनाया है।

SC ने स्वीकारी राहुल गांधी की माफी….

लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में राहुल गांधी ने बयान दिया था कि अब सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया है कि चौकीदार चोर है। इसी को लेकर राहुल के खिलाफ बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने कोर्ट की अवमानना का केस दाखिल किया था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की माफी स्वीकार कर ली है। हालांकि, सर्वोच्च अदालत ने राहुल को नसीहत देते हुए कहा है कि भविष्य में बयान देते समय सतर्कता बरतें। बता दें सुप्रीम कोर्ट ने ये नसीहत सिर्फ राहुल गांधी को नहीं बल्कि सभी नेताओं को दी है। इस मामले में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने फैसला सुनाया है।http://www.satyodaya.com

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अस्पताल से नहीं मिली एम्बुलेंस, ऑटो में ले गए परिजन कोरोना मरीज का शव

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नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे है। बढ़ते मामलों के बीच प्रशासन की लापरवाही ही सामने आ रही है। जो दिल दहला देने वाली है। मुंबई के बाद तेलंगाना में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। तेलंगाना के निजामाबाद स्थित सरकारी अस्पताल में कोरोना से मरने वाले एक मरीज के शव को ऑटो रिक्शा की मदद से अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। सबसे हौरान करने वाली बात यह थी की इस दौरान अस्पताल प्रशासन की किसी भी तरह की निगरानी नहीं थी।

जानकारी के अनुसार, अस्पताल ने 50 वर्षीय व्यक्ति का शव सीधा अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया था। अस्पताल ने मृतक के परिजनों को एंबुलेंस की सुविधा भी नहीं दी। मामला सामने आते ही निजामाबाद सरकारी अस्पताल के सुप्रीटेंडेंट नागेश्वर राव ने कहा कि मृतक का परिजन अस्पताल में ही काम करता है और उनके अनुरोध पर शव परिजनों को सौंप दिया गया था।

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उन्होंने कहा कि मृतक का परिजन एक युवक की मदद से शव ऑटो रिक्शा में ले गया था। दूसरा युवक भी हमारे अस्पताल के मुर्दाघर में काम करता था। उनके परिजनों ने एम्बुलेंस की प्रतीज्ञा नहीं है। नागेश्वर राव ने आगे बताया 50 वर्षीय मरीज को 27 जून को निजामाबाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह कोरोना पॉजिटिव था। इलाज के दौरान हालत गंभीर होने के चलते उसने शनिवार को दम तोड़ दिया था।http://www.satyodaya.com

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कपिल सिब्बल ने कहा- क्या अस्तबल से सब घोड़े भाग जाएंगे तब जागेगी कांग्रेस?

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लखनऊ। राजस्थान की सियासत में पिछले दो दिन से घमासान मचा हुआ है। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार खतरे में घिर गयी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच आपसी खींचतान ने सरकार का भविष्य अनिश्चित कर दिया है। स्थिति कुछ वैसी ही बन रही है, जैसी कुछ दिन पूर्व मध्य प्रदेश में बनी थी और मुख्यमंत्री कमलनाथ को सीएम की कुर्सी से हाथ धोना पड़ा था। मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ही पार्टी की सरकार गिराई थी तो अब राजस्थान में सचिन पायलट कुछ ऐसी ही भूमिका में हैं। #Sachinpilot #आपणो_मुख्यमंत्री_पायलट

राजस्थान सरकार पर मंडरा रहे इस खतरे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने पार्टी नेतृत्व को आगाह किया है। सिब्बल ने पार्टी नेतृत्व से पूछा है कि क्या हम घोड़ों के अस्पताल से भाग जाने के बाद जागेंगे। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने रविवार को एक ट्वीट में यह बात कही। हालांकि उन्होंने किसी मुद्दे का जिक्र नहीं किया है, लेकिन सिब्बल का इशारा साफ है कि वह किन घोड़ों के भागने की बात कर रहे हैं।#Sachinpilot

सीएम गहलोत ने भाजपा पर लगाया आरोप

बता दें कि पिछले दो दिन से राजस्थान की सियासत में उथल-पुथल मची हुई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच जोर-आजमाइश तो काफी पुरानी है। लेकिन अब विधायकों की खरीद-फरोख्त आरोप-प्रत्यारोप ने मामला तूल पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री गहलोत ने भाजपा पर उनकी सरकार अस्थिर करने का आरोप लगाया है। सीएम गहलोत ने कहा है कि भाजपा उनके विधायकों को खरीदने के लिए 15 से 20 करोड़ तक का ऑफर दे रही है। #आपणो_मुख्यमंत्री_पायलट

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इसी बीच रविवार को सचिन पालयल अचानक दिल्ली पहुंचे। यहां उन्होंने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार पायलट ने सोनिया गांधी से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की शिकायत की है। वहीं राजस्थान भाजपा ने मुख्यमंत्री के आरोपों का खारिज करते हुए इसे कांग्रेस और सरकार की आंतरिक कलह करार दिया है। http://www.satyodaya.com

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महाराष्ट्र में राजभवन तक पहुंचा कोरोना, 16 कर्मचारी मिले पॉजिटिव, मचा हड़कंप

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मुंबई: कोरोना वायरस संक्रमण से परेशान महाराष्ट्र में अब राजभवन तक कोरोना पहुंच गया है।राजभवन में कार्यरत करीब 100 लोगों का कोरोना टेस्ट कराया गया है जिसमे 16 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बताया जा रहा है कि 100 लोगों में अभी तक 55 से 57 लोगों की रिपोर्ट सामने आई है बाकी की रिपोर्ट अभी पेंडिंग में है।

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बता दें कि इससे पहले राजभवन में कार्यरत एक जूनियर इलेक्ट्रिशियन कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, जिसके बाद 100 लोगों का टेस्ट करवाया गया. हालांकि महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी स्वस्थ्य हैं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामलों में एक दिन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई क्योंकि शनिवार को इसके 8,139 नए मामले सामने आए जिससे राज्य में इसके कुल मामले बढ़कर 2,46,600 हो गए।

राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि पिछले 24 घंटे में 223 मरीजों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 10,116 हो गई। कोविड-19 के मामलों में शनिवार की बढ़ोतरी ने एक दिन पहले मामलों में 7,862 की बढ़ोतरी को पीछे छोड़ दिया।http://www.satyodaya.com

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