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ये हैं वो दिग्गज भाजपा नेता जिन्होंने मोदी राज में दुनिया को कहा अलविदा…

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नई दिल्ली: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली का शनिवार को दिल्ली AIIMS में निधन हो गया। अरुण जेटली के निधन की खबर आने के बाद राजनीतिक गलियारों में ही नहीं बल्कि देश में शोक की लहर दौड़ गई। देश ने एक और दिग्गज नेता को खो दिया।

तो आईए ऐसे ही बीजेपी के 5 दिग्गज नेताओं के बारे में जानते हैं, जो कुछ ही समय के अंतराल पर इस दुनिया को अलविदा कह गए…

अरुण जेटली-

अरुण जेटली का जन्म 28 दिसम्बर 1952 को दिल्ली में हुआ था। वह अधिवक्ता एवं राजनेता थे। वे बीजेपी के प्रमुख नेता एवं पूर्व वित्त मन्त्री थे। वे राजग(राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के शासन में केन्द्रीय न्याय मन्त्री के साथ-साथ कई बड़े पदों पर आसीन रह चुके हैं। जेटली 1991 से भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य थे। वह 1999 के आम चुनाव से पहले की अवधि के दौरान भाजपा के प्रवक्ता बनाए गए। बीजेपी के सत्ता में आने के बाद उन्हें 13 अक्टूबर 1999 को सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। 26 मई 2014 को जेटली को नवनिर्वाचित प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वित्त मंत्री के रूप में चुना गया। उनकी मृत्यु 24 अगस्त 2019 को हो गई।

गोपीनाथ मुंडे

इसी तरह भाजपा के एक और वरिष्ठ नेता गोपीनाथ मुंडे की मृत्यु 3 जून 2014 को दिल्ली में एक सड़क दुर्घटना में हो गई थी। श्री मुंडे का जन्म 12 दिसंबर 1949 को महाराष्ट्र में हुआ था। वह एक भारतीय राजनेता थे। उन्होंने 1995 में विधानसभा के चुनावों में सफलता के बाद महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री थे। वे अपनी पहचान ज़मीन से जुड़े कार्यकर्ता के तौर पर बनाई और साथ ही एक कृषक भी थे। मई-2014 में वह नरेन्द्र मोदी मंत्रिमंडल में शामिल हुए थे, लेकिन उसके कुछ दिनों बाद ही दिल्ली में एक कार दुर्घटना में उनका देहान्त हो गया। वे 40 साल से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे। मुंडे महाराष्ट्र की विधानसभा में 1980 से  2009 तक विधायक रहे वे दिसम्बर 2001 में बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और लोकसभा के सदस्य चुने गये। महाराष्ट्र से मुंडे 29 जनवरी 2007 को महासचिव बनाया गया है। 3 जून 2014 को दिल्ली में एक सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गयी। मृत्यु के 1 सप्ताह पहले ही वह केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में अपना पदभार संभाल चुके थे।

अटल बिहारी वाजपेयी-

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। वह भारत के दसवें प्रधानमंत्री थे। वे पहले 16 मई से 1 जून 1996 तक, तथा फिर 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। वह हिन्दी कवि, पत्रकार व एक प्रखर वक्ता थे। वे भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में एक थे, और 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने लम्बे समय तक अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया। 2005 में वाजपेयी ने राजनीति से संन्यास ले लिया। सर्वतोमुखी विकास के लिये किये गये योगदान तथा असाधारण कार्यों के लिये 2015 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। 16 अगस्त 2018 को एक लम्बी बीमारी के बाद दिल्ली के एम्स में वाजपेयी का निधन हो गया। बता दें कि अटल सरकार ने 11 और 13 मई 1998 को परमाणु परीक्षण विस्फोट करके भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित किया था। उनकी मृत्यु 16 अगस्त 2018 को दिल्ली के एम्स में हो गई थी।

मनोहर पार्रीकर

मनोहर पार्रीकर का जन्म 13 दिसम्बर 1955 को म्हापसा में हुआ था। वह भारत के एक राजनेता थे जो तीन बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे। इसके अलावा वे भारत के रक्षा मन्त्री भी रहे। वे उत्तर प्रदेश से राज्य सभा सांसद भी रहे थे। वे भारत के किसी राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले वह पहले व्यक्ति हैं। जिसके बाद स्वास्थ्य खराब होने के कारण उनकी मृत्यु 17 मार्च 2019 को पणजी में हो गयी।

सुषमा स्वराज

सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को अंबाला छावनी में हुआ था। वह एक भारतीय महिला राजनीतिज्ञ और भारत की पूर्व विदेश मंत्री थीं। वे वर्ष 2009 में भारत की बीजेपी द्वारा संसद में विपक्ष की नेता चुनी गयी थीं। इसके पहले वह दिल्ली की पहली महिला मुख्यमन्त्री भी रहीं। 1977–82 हरियाणा विधान सभा की सदस्य निर्वाचित, 1977–79 हरियाणा सरकार में श्रम एवं रोजगार मंत्री बनीं, 1987–90 हरियाणा विधानसभा की सदस्य निर्वाचित, 1990–96 राज्य सभा में चुनी गईं।  10 मार्च 1998 में दिल्ली विधानसभा के हौज खास निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुई। दिल्ली विधान सभा सीट से त्यागपत्र दिया और लोक सभा सीट जारी रखी। 2000 से 2006 तक राज्य सभा सदस्य रहीं। 26 मई 2014 से 24 मई 2019 तक विदेश मंत्री रहीं। जिसके बाद 06 अगस्त 2019 को उनकी मृत्यु दिल्ली के एम्स में हो गई। http://www.satyodaya.com

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दिल्ली हिंसा: केजरीवाल का ऐलान, मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख का मुआवजा

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नई दिल्ली। दिल्ली में हुई हिंसा के बाद अब हालात में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। हिंसा में कई लोगों की जान चली गई थी। वही एक पेट्रोल पंप और घर को आग के हवाले कर दिया गया था। जिसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हिंसा में कमी आई है। इस हिंसा में सभी को नुकसान हुआ है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को हिंसा पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। राहत राशि का ऐलान करते हुए दिल्ली सरकार के मुखिया केजरीवाल ने मृतकों के परिजनों को 10 -10 लाख रुपया मुआवजा देने की बात कही है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार के फरिश्ते स्कीम के तहत सभी घायलों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा दी जाएगी।

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उन्होंने कहा कि मृतकों के साथ गंभीर रूप से घायल लोगों को 2 लाख और जिसका दंगे में घर दुकान जल गई हैं। उन्हें 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा साथ की हिंसा में अनाथ होने वाले बच्चों को 3-3 लाख मुआवजा दिया जाएगा। वहीं हिंसा में आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन का नाम सामने आ रहा है। जिस पर केजरीवाल ने कहा कि अगर आप का कोई नेता हिंसा में शामिल होने का दोषी पाया जाता है तो उसे दोगुनी सजा दी जाए। जो भी इस मामले में दोषी पाया जाए उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।http://www.satyodaya.com

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दिल्ली हिंसा पर चिंतित मुस्लिम धर्मगुरू खालिद रशीद ने की न्यायिक जांच की मांग

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लखनऊ। दिल्ली में दंगो के बाद जो स्थितियां बनी हैं और जिस तरह पिछले कई दिनो से वहां हालात खराब हुए हैं। उस पर धर्मगुरू चिंतित हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और मुस्लिम धर्म गुरू मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने दिल्ली के हालातों पर चिंता जाहिर की है।

खालिद रशीद ने कहा कि कि हम लोग दिल्ली के हालातों से परेशान हैं। वहां जल्द से जल्द अमन बहाल हो और सरकार से ये मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच हो। जो भी कसूरवार हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिये। लोगों से भी इस बात की अपील है कि किसी के बहकावे मे न आए। अपने पड़ोसियों पर भरोसा रखे। लोग एक दूसरे के साथ रहे। मिलजुल कर एक दूसरे की मदद करें। जिनके घरों में नुकसान हुआ है उसकी मदद करें।

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खालिद रशीद ने कहा कि राजनेताओं के जहरिले बयानों पर कतई ध्यान न दे औऱ सरकार ऐसे नेताओं पर सख्त कार्रवाई करें। सरकार माहौल को खुशगवार बनाने में सहयोग करे। खालिद ऱशीद ने कहा ऐसे हालातों में हम सब को एक दूसरे की मदद करनी चाहिये। ये देश गंगा-जमुनी तहजीब के केंद्र रहा है, इसको हमेशा बनाए रखिये। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे।

आपको बता दें दिल्ली में जिस तरह से सीएए के खिलाफ और समर्थन कर रहे लोगों के एक दूसरे के सामने आ जाने के बाद से वहां हालात तनाव पूर्ण हो गए थे। दंगे में अबतक 34 लोगों की जान जा चुकी है। दिल्ली के कई इलाकों में तनाव अभी भी कायम है। कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात है गृहमंत्री खुद मामले में नजर बनाए हुए है।http://www.satyodaya.com

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जानिए कौन हैं ताहिर हुसैन, जिन पर IB कर्मचारी अंकित शर्मा को मारने का लगा आरोप

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अंकित शर्मा

फाइल फोटो

नई दिल्ली। दिल्ली के दंगों में अपनी जान गंवाने वालों में इंटीलेंज ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा भी शामिल थे। अंकित शर्मा के परिवारवालों ने अपने बेटे की मौत के लिए आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षद हाजी ताहिर हुसैन पर आरोप लगाया है। वह फिलहाल पुलिस से बच रहे हैं।

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। ये वीडियो नॉर्थ ईस्ट दिल्ली की हिंसा का चांदबाग इलाके का है। वीडियो में कुछ उपद्रवी एक मकान की छत से पत्थर और पेट्रोल बम नीचे फेंक रहे हैं। बताया जाता है कि जिस मकान की छत से हमला हो रहा है। वह  मकान मुस्तफाबाद विधानसभा में नेहरू विहार वार्ड से आप के पार्षद हाजी ताहिर हुसैन का है।

वहीं इस आरोप पर ताहिर हुसैन ने जवाब देते हुए कहा कि यह मकान उन्हीं का है, लेकिन जिस वक्त ये हमला हुआ वो घर पर नहीं थे, वहां से जा चुके थे। ताहिर हुसैन का कहना है कि अंकित की मौत से दुखी हूं। अंकित के परिवार के साथ हूं। दंगाई किसी के नहीं होते। मुझे नहीं पता मेरे घर की छत से कौन पेट्रोल बम और पत्थर फेंक रहा था।

ताहिर हुसैन की छत से दंगाईयों ने किया हमला

आरोप है कि ताहिर हुसैन ने वीडियो जारी कर अफवाह फैलाई थी कि उनके घर पर अटैक हुआ है, जबकि वीडियो के मुताबिक हमला उनकी छत से ही हो रहा है। अब इस वीडियो के तार इसी इलाके में रहने वाले आईबी के कर्मचारी अंकित शर्मा की मौत से जुड़ रहे हैं।

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बता दें अंकित शर्मा के परिवार ने ताहिर हुसैन को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। परिवार के मुताबिक, अचानक बाहर से पड़ोस में रहने वाले एक परिवार की मदद के लिए गुहार सुनाई दी। गुहार सुनकर अंकित जब मदद के लिए बाहर आ गए। हालांकि अंकित की मां ने उन्हें रोका भी, लेकिन उन्होंने मां की नहीं सुनी। अंकित उस वक्त जो घर से निकला, फिर वापस नहीं लौटा, लौटी तो अंकित की लाश, वह भी पास के नाले से बरामद हुई।

वायरल वीडियो के जांच की उठी मांग

वहीं आस-पड़ोस में रहने वाले लोग भी ताहिर हुसैन पर ही हिंसा फैलाने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि ताहिर हुसैन से अंकित शर्मा को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने सभी आरोपों से साफ़ इनकार कर दिया। वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है, ये तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा।http://www.satyodaya.com

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February 27, 2020, 9:13 pm
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