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लोकसभा में आजम बोले- कहीं खत्म न हो जाए शादी और निकाह का रिवाज

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तीन तलाक बिल पर कहा, कुरान की राय से अलग कोई बात नहीं मानेंगे

नई दिल्ली। मुस्लिम महिलाओं को सुरक्षा व समानता का अधिकार दिलाने के लिए मोदी सरकार तीन तलाक बिल को लोकसभा में पास कराने के लिए पूरा जोर लगा रही है। वहीं दूसरी ओर लोकसभा में कुछ सदस्य इसका विरोध कर रहे हैं। सोमवार को राष्टपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए रामपुर से सपा सांसद आजम खान ने वह कुरान की राय को ही सर्वोच्च मानेंगे। सपा के वरिष्ठ नेता ने साफ कहा कि यह व्यक्तिगत मामला है और इसमें कुरान से हटकर कोई बात स्वीकार नहीं की जाएगी। संसद में आजम ने अल्पसंख्यकों के हितों को लेकर मोदी सरकार की आलोचना की। आजम ने कहा, कोई एक तलाक मानता है, माने। कोई दो मानता है, माने। कोई तीन तलाक मानता है, माने। नहीं मानता है मत माने। मैं कहता हूं कि यह हमारा व्यक्तिगत मामला है, इस पर कुरान जो फैसला देता है। उस राय से हटकर कोई बात कबूल नहीं की जाएगी, हरगिज नहीं की जाएगी। आजम खान के ऐसा कहने पर लोकसभा में काफी हंगामा हुआ।

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सरकार पर निशाना साधते हुए आजम ने कहा, ये जो महिलाओं के बड़े हमदर्द बनते हैं, महिला हितों की बड़ी वकालत करते हैं, महिलाओं के दुख और दर्द के बारे में भी बताएं। सपा नेता ने कहा कि सबरीमाला मामले में एक पैमाना और मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं के लिए अलग पैमाना क्यों? उन्होंने आगे कहा, मुझे इस बात का भी अंदेशा है कि कहीं लोग शादी, निकाह और मंडप से डरने न लगें और शादी का रिवाज ही खत्म हो जाए और लिव-इन रिलेशन को ही लोग पसंद करने लगें। बता दें कि संसद में पेश यह विधेयक एक ही बार में तीन तलाक कहने (तलाक-ए-बिद्दत) पर रोक लगाने के लिए है। 3 तलाक बिल पिछली लोकसभा में पारित हो चुका था, लेकिन सोलहवीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने के कारण और राज्यसभा में लंबित रहने के कारण यह निष्प्रभावी हो गया। अब सरकार इसे फिर से सदन में लेकर आई है। जिसका कांग्रेस भी विरोध कर रही है।http://www.satyodaya.com

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निर्मला सीतारमण ने कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, गुजरात में भी हालत खराब

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नई दिल्ली। देश के कई राज्य इन दिनों बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ के चलते लाखों लोग बेघर हो चुके हैं जबकि सैकड़ों लोग जांन गंवा चुके हैं। गुजरात में जारी भारी वर्षा के बीच दीवार और मकान गिरने की दो अलग अलग घटनाओं में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गयी तथा पांच अन्य घायल हो गये। कर्नाटक में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और अब तक बाढ़ जनित घटनाओं में मरने वाले लोगों की संख्या 24 हो गयी है।
मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने शनिवार को तीसरे दिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद कहा कि बाढ़ जनित घटनाओं में अब तक 24 लोगों की मौत होने के साथ-साथ 24 मवेशियों के मरने की भी खबर है। उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी संपत्तियों समेत राज्य की बहुत अधिक संपत्तियों का नुकसान हो गया है। इस बीच केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण भी बेंगलुरू पहुंचीं और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया।

भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दमकल कर्मियों और गैर-सरकारी संगठनों समेत विभिन्न बचाव दलों ने अब तक बाढ़ के पानी में फंसे 2.35 लाख लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। बाढ़ में 1.5 लाख हेक्टेयर खेतों में फसले बर्बाद हो गयी हैं और सैंकड़ों मकान ढह गये या क्षतिग्रस्त हो गये हैं। श्री येदियुरप्पा ने कहा कि शुरुआती अनुमान के अनुसार बाढ़ की वजह से कर्नाटक को 6,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है और राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से पुनर्वास कार्यों को पूरा करने के लिए तत्काल राहत के रूप में 3,000 करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध किया है। बाढ़ में अपना घर खो देने वाले लोगों के लिए नये आश्रय के निर्माण की जरूरत है। अभी तक केंद्र सरकार ने 200 करोड़ रुपये ही जारी किये हैं।

वहीं दूसरी ओर गुजरात के अहमदाबाद में जारी भारी वर्षा के बीच दीवार और मकान गिरने की दो अलग अलग घटनाओं में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गयी तथा पांच अन्य घायल हो गये।
पुलिस ने बताया कि अहमदाबाद शहर के बोपल इलाके के निसर्ग बंगलोज में एक निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से इसके निकट बनी झोपड़ी में सो रहे एक मजदूर परिवार के चार सदस्यों की आज तड़के मौत हो गयी। मृतकों की पहचान दिनेश (35) उसकी पत्नी रमनाबेन (30) और तीन साल की एक पुत्री और दो साल के पुत्र के तौर पर की गयी है।
उधर, खेड़ा जिले के नडियाद शहर के प्रगतिनगर इलाके में तीन मंजिल के एक पुराने मकान के कल देर रात गिर जाने से दो महिलाओं तथा एक बच्ची समेत चार लोगों की मौत हो गयी तथा पांच अन्य घायल हो गये।http://www.satyodaya.com

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आर्टिकल 370 पर भारत को मिला रूस का साथ

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नई दिल्ली। पाकिस्तान दुनिया में जगह-जगह घूमकर भारत के खिलाफ षडयंत्र रचने का प्रयास कर रहा है लेकिन हर जगह उसे मुंह की खानी पड़ रही है। संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, चीन हर जगह से पाक ने भीख मांग ली लेकिन उसे कुछ न मिला। वहीं, रूस ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 में संशोधन करने के भारत सरकार के निर्णय का समर्थन करते हुए इसे संवैधानिक दायरे के भीतर करार दिया है।

रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है कि हम चाहते हैं कि भारत-पाक के बीच फिर से संबंध सामान्य हो जाएं। इसी के साथ यह उम्मीद करते हैं कि दोनों देशों के बीच मतभेदों को राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों द्वारा द्विपक्षीय आधार पर 1972 के शिमला समझौते और 1999 के लाहौर घोषणा के प्रावधानों के अनुसार हल किया जाएगा।

उन्होंने उम्मीद जताई है कि दोनों ही देश जम्मू-कश्मीर राज्य की स्थिति में परिवर्तन के कारण क्षेत्र में विवाद से बचेंगे। इसके साथ ही हम यह भी मानते हैं कि भारत ने जो आर्टिकल 370 में संशोधन किया है वह भारतीय संविधान की प्रक्रिया के अनुसार किया है।

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के संबंध में फैसला लेने के बाद भारत ने कई देशों को राजनयिक माध्यम से स्थिति स्पष्ट की है। यहां तक कि विदेश मंत्री के स्तर पर भी बात की गई। दूसरे देशों ने भी भारत की स्थिति को स्वीकार किया और पाकिस्तान का पर्दाफाश हो गया है।

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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान परेशान है। क्योंकि वो न तो अब लोगों को गुमराह कर पाएगा और न ही साजिशें रच पाएगा। इसलिए वह एक भय का माहौल दुनिया के सामने बनाने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के बारे में निर्णय संविधान के अनुसार किए गए हैं और यह भारत का आंतरिक मामला है। इस फैसले के अच्छे परिणाम सामने आएंगे। इतना ही नहीं, प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने से बाज आना चाहिए। http://www.satyodaya.com

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पूर्व सपा नेता सुरेन्द्र सिंह नागर और संजय सेठ ने थामा भाजपा का दामन

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नयी दिल्ली। समाजवादी पार्टी से दिग्गज नेताओं का पलायन जारी है। हाल ही में करीब आधा दर्जन नेताओं ने साइकिल का साथ छोड़ दिया है। धारा 370 को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव के रुख से नाराज सपा से राज्य सभा सांसद सुरेन्द्र सिंह नागर और संजय सेठ ने भी पिछले दिनों पार्टी और राज्य सभा से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद शनिवार को दोनों नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। नागर और सेठ ने भाजपा मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री भूपेन्द्र यादव की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। श्री नागर ने इस अवसर पर कहा कि भाजपा के सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास से प्रेरित होकर वह पार्टी में शामिल हुये हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने संविधान के अनुच्देद 370 को हटाकर नया इतिहास रच दिया है। इस घटना ने उन्हें भाजपा में शामिल होने को प्रेरित किया। श्री सेठ ने कहा कि वह पार्टी की अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करेंगे।

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श्री नागर और श्री सेठ ने हाल ही में राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। श्री सेठ सपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष भी थे। श्री नागर दो बाद उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के सदस्य और दो बार सांसद रहे हैं। इस मौके पर श्री यादव ने कहा कि श्री नागर जमीन से जुड़े कार्यकर्ता हैं तथा समाजिक न्याय की राजनीति करते रहे हैं। जबकि श्री सेठ समाजसेवा से जुड़े रहे हैं। इस अवसर पर सपा से भाजपा में पहले ही शामिल हो चुके नरेश अग्रवाल और नीरज शेखर भी उपस्थित थे। श्री नागर और श्री सेठ ने बाद में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की।http://www.satyodaya.com

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