Connect with us

देश

पूर्वांचल के चौतरफा विकास की तैयारी में योगी आदित्यनाथ

Published

on

सीएम योगी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वान्चल के विकास का ठोस मॉडल तैयार करते हुए उसमें कृषि,पर्यटन, शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, निर्यात आदि पर पूरी तरह से फोकस किया जाए। 

ये भी पढ़े: कर्नाटक: बागी विधायकों को मनाने मुंबई पहुंचे शिवकुमार, बोले मित्रों से मिलने आया इतनी दूर…..

योगी आदित्यनाथ ने यह विचार मंगवार देर शाम यहां लोक भवन में आयोजित पूर्वान्चल विकास बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्वान्चल विकास के इस मॉडल में रोजगार के प्रचुर अवसर प्रदान करने की भी क्षमता होनी चाहिए, तभी यह अपने उद्देश्य को पूरा कर सकेगा। उन्होंने कहा कि पूर्वान्चल में विकास और रोजगार की अपार सम्भावनाएं मौजूद हैं। इन सम्भावनाओं के दोहन के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करना होगा। राज्य सरकार पूर्वान्चल के विकास के लिए कटिबद्ध है।http://www.satyodaya.com

देश

देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा गुरु नानक देव का 550वां प्रकाश पर्व

Published

on

लखनऊ। भारत ही नहीं दुनिया में सिख धर्म की नींव रखने वाले गुरु नानक देव की जयंती पर इसे प्रकाश उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। आज मंगलवार यानि 12 नवंबर को नानक की 550वीं जयंती है। जिसे लेकर बड़े-बड़े आयोजन किए जा रहे है। श्रद्धालु जगह- जगह नगर कीर्तन और धार्मिक जुलूस निकाल रहे। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे है और भजन गा रहे है। हर तरफ गुरबानी का स्वर गूंज रहा है। गुरुद्वारों में शबद-कीर्तन का कार्यक्रम चल रहा है। जहां रुमाला भी चढ़ाया जा रहा है। वहीं जगह- जगह पर लोगों को भक्त लंगर लगाकर खाना खिला रहे हैं ।

वही लोगो का मानना है कि गुरु नानक कमाने से ज्यादा बांटने को जरूरी मानते थे। इसलिए भक्त लंगर लगाकर खाना खिलाते है। उनका सबसे सच्चा सौदा तेरा तेरा करके हर चीज बांट देने का उनका नजरिया जीवन की अहम सीख दे जाता है।

यह भी पढ़ें:- आज मनाई जा रही गुरु नानक देव की 550वीं जयंती, जानिए उन के बारे में ये खास बातें

बता दें कि गुरु नानक का जन्म पंजाब के तलवंडी में हुआ था। जो अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित ननकाना साहिब में है। तलवंडी को अब ननकाना साहिब नाम से जाना जाता है। जो सिखों का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माना जाता है। यह पर्व कार्तिक पूर्णिमा को मनाया जाता है। गुरु नानक देव सिख समुदाय के पहले गुरु थे। इस दिन देव दीपावली भी मनाई जाती है। इस लिए आज यह त्योहार हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। वह कमाने से ज्यादा बांटने को जरूरी मानते थे। उन्होंने सबसे सच्चा सौदा किया था। तेरा तेरा करके हर चीज बांट देने का उनका नजरिया जीवन की अहम सीख दे जाता है।

यह भी पढ़ें:- गुरु नानक जयंती के मौके पर पीएम मोदी ने देशवासियों को वीडियो शेयर कर दी बधाई

गुरु नानक के उपदेश- ईश्वर एक है। वह सर्वत्र विद्यमान है। हम सबका पिता वही है इसलिए सबके साथ प्रेम पूर्वक रहना चाहिए। कभी भी किसी का हक नहीं छीनना चाहिए बल्कि मेहनत और ईमानदारी की कमाई में से जरुरतमंद को भी कुछ देना चाहिए। स्त्री-जाति का आदर करना चाहिए। वह सभी स्त्री और पुरुष को बराबर मानते थे।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

देश

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन: शिवसेना के ‘कैकेयी हठ’ ने लोकतंत्र को दिलाया ‘वनवास’

Published

on

लखनऊ। शिवसेना को माया मिली न राम। मुख्यमंत्री पद की जिद ने शिवसेना को कहीं न नहीं छोड़ा। 24 अक्टूबर को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से छिड़े सत्ता संघर्ष का परिणाम महाराष्ट में राष्टपति शासन के रूप निकला। एनसीपी और कांग्रेस पर भरोसा करके अपने ’बड़े भाई’ (भाजपा) से बगावत करने वाली ‘सेना’ अब महाराष्ट्र के इस सियासी संकट की सबसे बड़ी खलनायक बन गयी है। हिन्दुत्ववादी पार्टियों भाजपा-शिवसेना की यारी करीब 30 साल पुरानी है। दोनों पार्टियों अंत तक एक-दूसरे के टूटने का इंतजार करती रहीं। लेकिन न अंत तक न तो सेना अपने हठ से डिगी और न ही भाजपा झुकी।

यह भी पढ़ें-महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश, मोदी कैबिनेट की आपात बैठक जारी

रविवार को राज्यपाल की दी समय अवधि खत्म होने के बाद भाजपा ने सरकार बनाने से हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद शिवसेना ने एनसीपी के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन सरकार’ शुरू किया। लेकिन अंतिम क्षणों तक कांग्रेस का ग्रीन सिग्नल न मिलने के कारण सेना का ‘ऑपरेशन सरकार’ परवान नहीं चढ़ सका। सोमवार शाम 7ः30 बजे तक आदित्य ठाकरे अपनी ‘फौज’ के साथ राजभवन में इस उम्मीद में डटे रहे कि हाथ का सहारा मिल जाए तो वह सिंहासन पर बैठ जाएं। लेकिन ’मैडम’ किसी नजीजे पर नहीं पहुंची। उधर राज्यपाल भी कमान खींचे हुए थे। भगत सिंह कोश्यारी ’सेना’ को अब और मौका देने के मूड में नहीं थे। #MaharashtraPolitics

समय सीमा खत्म होते ही कोश्यारी ने एनसीपी को न्यौता भेज दिया। राजनीतिक के मंझे हुए खिलाड़ी शरद पवार की पार्टी ने राजभवन को दो टूक कह दिया, हम कांग्रेस के साथ वार्ता करने के बाद ही कुछ आश्वासन दे सकेंगे। इधर कांग्रेस में कस-मकश का दौर जारी था। बदले हालात में किंग मेकर की भूमिका में आई कांग्रेस कई दौर की बैठक के बावजूद किसी नतीजे पर नहीं पहंुच पाई। उम्मीद थी कि राज्यवाल कांग्रेस को भी न्यौता भेजेंगे, लेकिन खैर ऐसा नहीं हुआ। मंगलवार को राज्यपाल ने केन्द्र को राष्टपति शासन लागू करने की सिफारिश को केन्द्र को भेज दी। फारिश स्वीकार होने में देर नहीं लगी और शाम होते-होते महाराष्ट्र राष्ट्रपति शासन के हवाले हो गया। करीब 20 दिन तक चले शिवसेना के ’कैकेयी हठ’ ने महाराष्ट्र में लोकतंत्र को अनिश्चित समय के लिए वनवास हो गया। अब गेंद फिर से चुनाव आयोग के पाले में है। #President’s Rule

यह भी पढ़ें-महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन को मंजूरी, शिवसेना पहुंची सुप्रीम कोर्ट

बता दें कि 21 अक्टूबर हरियाणा व महाराष्ट्र में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों का परिणाम 24 अक्टूबर को घोषित हो चुके हैं। हरियाणा में मनोहरलाल खट्टर की अगुवाई में नई सरकार ने कामकाज संभाल लिया है। लेकिन महाराष्ट्र में सत्ता संग्राम खिंचता ही चला गया। 288 सदस्यों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत का जादुई आंकड़ा 145 है। चुनाव के बाद भाजपा-शिवसेना गठबंधन को सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत मिल गया। भाजपा ने 105, शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की। एनसीपी 54 विधायकों के साथ तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। जबकि 44 विधायकों के साथ कांग्रेस चौथे नंबर पर रही। चुनाव परिणाम के बाद शिवसेना मुख्यमंत्री पद को लेकर 50-50 के फार्मूले पर अड़ गयी। यहीं से बात बिगड़ती चली गयी।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग, वैज्ञानिकों ने भारतीय माॅनसून को ठहराया जिम्मेदार

Published

on

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में भयानक आग लगी हुई है। जिसमें अब तक करीब तीन लोगों की मौत होने की खबर है और 150 से अधिक घर आग की चपेट में आ गए है। हजारों लोग अपना घर छोड़कर दूसरी जगह पर जाने लगे है। ऑस्ट्रेलिया के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य न्यू साउथ वेल्स को आग आपातकाल घोषित कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें:- भारत का नया नक्शा जारी होने के बाद नेपाल में विरोध प्रदर्शन

वहीं एक हैरत में डाल देने वाली खबर आई है। जिसमें कहा गया है कि भारतीय मानसून का देरी से वापस जाने से वहां वर्षा अधिक नही हो सकी है। जिससे मौसम शुष्क हो गया है। इसी की वजह से इतनी भयानक आग लग गई है। एक वैज्ञानिक ने ईंधन, मौसम और भौगोलिक स्थितियों का शोध कर कहा है कि इस आग का लगना, भारत में मानसून के देर से खत्म होना है। जहां यह आपको सोचने के लिए मजबूर कर देगा कि लगभग 10 हजार किलोमीटर दूर जो मौसम है। वह असल में वहां यह असर कैसे डाल सकता है। लेकिन वहां के वैज्ञानिकों ने कहा है कि वैश्विक तंत्र आपस में जुड़े है। हम इन्हें अलग नही देख सकते है। http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

November 12, 2019, 11:21 pm
Partly cloudy
Partly cloudy
20°C
real feel: 20°C
current pressure: 1010 mb
humidity: 80%
wind speed: 0 m/s N
wind gusts: 0 m/s
UV-Index: 0
sunrise: 5:53 am
sunset: 4:48 pm
 

Recent Posts

Top Posts & Pages

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 10 other subscribers

Trending