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स्वास्थ विभाग का डेंगू सर्वेक्षण, चार अस्पतालों सहित कई सरकारी विभागों में पाए गए डेंगू के लारवा

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लखनऊ। राजधानी में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅक्टर नरेंद्र अग्रवाल के आदेश के बाद एक टीम ने लगभग 200 जगहों पर सैंपल इखट्टा किए। इसमें 35 जगह डेंगू के लारवा पाए गए। सर्वेक्षण के दौरान मच्छर जनक की स्थितियां पाए जाने पर पर कई अस्पतालों और सरकारी विभागों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं सीएमओ विभाग की ओर से बलरामपुर और टीवी चिकित्सालय के स्टाफ क्वार्टर, सीटीवीएस केजीएमयू, 32वीं वाहिनी पीएसी, शिक्षा भवन, विधायक निवास राजेंद्र नगर में बीमारी का संक्रमण पाया गया है।

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वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅक्टर नरेंद्र अग्रवाल द्वारा लोगों से अपील की गई है कि वर्तमान में मच्छर जनित रोगों का संक्रमण काल चल रहा है। इससे बचाव नियंत्रण हेतु लोगों को घर के आस-पास पानी का जमाव ना होने देना और शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने और रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना है। बुखार होने पर तत्काल नजदीक के राष्ट्रीय स्वास्थ्य केंद्र निशुल्क जांच एवं उपचार हेतु पहुंचे एवं खुद से दवा करने की कोशिश बिल्कुल ना करें। बहराल डेंगू को रोकने के लिए हर साल विभाग द्वारा इसी तरह के कार्यक्रमों को चलाया जाता है, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है कि इसका कोई प्रभावी असर देखने को मिला हो। http://www.satyodaya.com

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शिरडी के साईं बाबा ने आज ही के दिन त्यागा था अपना शरीर, 101 साल हुए पूरे

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नई दिल्ली। साईं बाबा को समाधि लिए आज 101 वर्ष पूरे हो चुके हैं। 15 अक्टूबर 1918 को साईं बाबा ने शिरडी में समाधि ली थी। ऐसा कहा जाता है कि साईं महज 16 साल की उम्र में शिरडी आए थे और 1918 तक वो यहीं रहे। जिस दिन साईं ने समाधि ली थी उस दिन दशहरा भी था।

शिरडी वाले साईं बाबा का वास्तविक नाम, जन्मस्थान और जन्म की तारीख किसी को नहीं पता है। हालांकि साईं का जीवनकाल 1838-1918 तक माना जाता है। साईं 16 साल की उम्र में शिरडी आए और चिर समाधि में लीन होने तक यहीं रहे।

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कहते हैं कि दशहरे के कुछ दिन पहले ही सांईं बाबा ने अपने एक भक्त रामचन्द्र पाटिल को विजयादशमी पर ‘तात्या’ की मृत्यु की बात कही। तात्या बैजाबाई के पुत्र थे और बैजाबाई सांईं बाबा की परम भक्त थीं। तात्या, सांईं बाबा को ‘मामा’ कहकर संबोधित करते थे, इसी तरह सांईं बाबा ने तात्या को जीवनदान देने का निर्णय लिया।

सांईं बाबा ने शिर्डी में 15 अक्टूबर दशहरे के दिन 1918 में समाधि ले ली थी। 27 सितंबर 1918 को सांईं बाबा के शरीर का तापमान बढ़ने लगा। उन्होंने अन्न-जल सब कुछ त्याग दिया। बाबा के समाधिस्त होने के कुछ दिन पहले तात्या की तबीयत इतनी बिगड़ी कि जिंदा रहना मुमकिन नहीं लग रहा था। लेकिन उसकी जगह सांईं बाबा 15 अक्टूबर, 1918 को अपने नश्वर शरीर का त्याग कर ब्रह्मलीन हो गए। उस दिन विजयादशमी (दशहरा) का दिन था।http://www,satyodaya.com

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चंबल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन में पहुंची सिनेमा की हस्तियां

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चंबल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में उभरा सिनेमा का सरोकार

जगम्मनपुर (पचनद)। पांच नदियों के संगम स्थल पचनद के बीहड़ी क्षेत्र में तीन दिवसीय चंबल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन किया गया। प्रख्यात फिल्मकार स्वर्गीय के. आसिफ की याद में यह समारोह तीन वर्षों से आयोजित हो रहा है। समारोह के दौरान देश भर से आई सिनेमा से जुडी हस्तियों ने लोगों को संबोधित भी किया। स्वर्गीय के. आसिफ ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में मुगल-ए-आजम जैसी शानदार और यादगार फिल्म बनाकर भारतीय सिनेमा को अमर कर दिया, उन्ही की याद में ये फिल्म फेस्टिवल पिछले तीन सालों से आयोजित हो रहा है। चंबल फाउंडेशन के द्वारा स्वर्गीय के. आसिफ की याद में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आयोजित कर बीहड में फिल्म संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। लगातार तीसरे साल आयोजित इस फिल्म फेस्टिवल में शनिवार को लखनऊ, दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद तक से फिल्म जगत की दिग्गज हस्तियों ने पहूंच कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

फिल्म फेस्टिवल के पहले दिन दूर-दराज से आये कलाकारों और स्थानीय जनता के द्वारा साझे तौर पर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर प्रख्यात फिल्मकार, फिल्म विश्लेषक एवं संगीतज्ञ डाॅ. राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि के. आसिफ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल देश के गांव-गांव तक फिल्म संस्कृति को पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि अब तक फिल्म फेस्टिवल भारत सरकार के सहयोग से गोवा में आयोजित होता रहा है। चंबल फाउंडेशन की टीम उसको चंबल घाटी में लाकर बीहड़ों के बीच की स्थानीय जनता तक पहुंचाने का काम कर रही है। चंबल फाउंडेशन का ये प्रयास चंबल घाटी में पहले से मौजूद कला और संस्कृति की गहरी आस्था को आगे बढ़ाने और निखारने का काम कर रहा है। चर्चित कवि, मीडिया विश्लेषक और भारत सरकार की साहित्यक-संस्कृतिक पत्रिका ‘‘आजकल’’ के प्रधान संपादक राकेश रेणु ने रेखांकित किया कि सिनेमा के दर्शक और उसकी कच्ची सामग्री गांवों-कस्बों में मौजूद है।

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अक्सर अधिकतर फिल्मों की कहानी गांवों-कस्बों से ली जाती है और शूटिंग के लिये भी लोकेशन के तौर पर गांवों-कस्बों की जमीन का इस्तेमाल किया जाता है फिर फिल्म फेस्टिवल का आयोजन बड़े-बड़े शहरों में ही क्यों किया जाये। उन्होंने कहा कि अब जरूरत है कि फिल्म जगत के नये, ऊर्जावान और संकल्पबद्ध युवा फिल्म संस्कृति और फिल्म फेस्टिवल को देश के भीतरी इलाकों, छोटे शहरों और गांवों-कस्बों तक ले जायें। चंबल फाउंडेशन की कोशिश से ना केवल यमुना-चंबल क्षेत्र बल्कि समूचे उत्तर प्रदेश में फिल्म संस्कृति और फिल्म फेस्टिवल का विकास होगा।

तेलगु और हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता-निर्देशक आदित्य ओम ने उद्घाटन सामारोह को संबोधित करते हुए कहा कि के. आसिफ चम्बल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल बहुत ही सराहनीय प्रयास है। विश्व का बेहतरीन सिनेमा की वादियों में लाने का और इस इलाके को देश और विदेश के सिनेमा मानचित्र से जोड़ने की अनूठी पहल है। चंबल फाउंडेशन के इस प्रयास को सलाम करता हूं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि निर्देशक के तौर पर मैं इस देश की अनसुनी-अनदेखी कहानियों को वैश्विक स्तर पर लाने का प्रयास कर रहा हूं। इसी कड़ी में अपनी अगली फिल्म ‘मैला‘ शूट करने यहां आया हूँ। चंबल की समस्याएं और संस्कृति मेरे प्रयत्नों से सिनेमा कैनवास पर उपयुक्त जगह पायेगी। सबके साझा सहयोग से चंबल घाटी का वास्तिवक सिनेमा गढ़ने में मदद मिलेगी।http://www.satyodaya.com

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एयरपोर्ट पर चेन्नई फ्लाइट में बम की सूचना से मचा हड़कम्प

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लखनऊ। राजधानी के सरोजनीनगर स्थित चौधरी चरण सिंह अमौसी एयरपोर्ट पर बम होने की सूचना से हड़कंप मच गया। पीयूष वर्मा नामक यात्री ने चेन्नई जा रही इंडिगो फ्लाइट में बम होने की सूचना दी। जिसके बाद मौके पर एयरपोर्ट अधिकारी और पुलिस पहुंच गई। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी किया साथ ही अधिकारी पीयूष से भी पूछताछ करने में जुटे रहे।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बताया कि पीयूष वर्मा नाम के पैसेंजर को 6E447 द्वारा दिल्ली की यात्रा करनी थी। फ्लाइट के उड़ान का समय रात के 10:40 का था। लेकिन गेट नं- 5 के पास ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ की टीम को पीयूष वर्मा का व्यवहार कुछ आसामान्य लगा। पूछताछ के दौरान पीयूष ने बताया कि चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट में बम है। जैसे ही ये सूचना मिली हड़कंप मच गया।

सीआईएसएफ की टीम ने तुरंत सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क कर दिया। एयरपोर्ट डायरेक्टर, सीनियर कमांडेंट, बॉम्ब डिटेक्शन एंड डिस्पोजल टीम (BDDS), सीआईएसएफ के डॉग स्कॉड और सीआईएसएफ की क्विक रिएक्शन टीम, सीओ कृष्णानगर, इंस्पेक्टर सरोजनीनगर एयरपोर्ट पहुंचे। चेन्नई जा रही फ्लाइट की उड़ान को रोक दिया गया और जांच की जाने लगी।

वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन करने के साथ ही काफी जांच करने के बाद एयरपोर्ट पर चेन्नई फ्लाइट में बम मिलने की सूचना फर्जी निकली। जिसके बाद से ही चेन्नई जाने वाले यात्री पीयूष वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही सूचना देने वाले पीयूष वर्मा के खिलाफ तहरीर मिलने पर सरोजनीनगर पुलिस आगे की कार्रवाई भी करने में जुट गई है। वहीं पूरी जांच करने के बाद ही चेन्नई की फ्लाइट को उड़ान भरने की मंजूरी मिल गई और वह कुछ देर बाद ही उड़ान भर्ती बनी।http://www.satyodaya.com

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October 16, 2019, 5:55 am
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