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कुत्ते भी हो रहे हैं किडनी और डायबटीज जैसी बीमारियों का शिकार, जानें वजह…

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आमतौर पर ऐसा देखा जाता है कि इंसानों में थायराइड, हार्ट अटैक, डायबटीज, किडनी फेल जैसी बिमारियां जन्म लेती है, लेकिन इस यह बिमारी कुत्तों में भी पाई जा रही हैं। मसाले और चटपटेदार खाना खाने से एवं अनियमित दिनचर्या से मनुष्य अपनी सेहत पर तो असर डालता ही है साथ ही अपने पालतू जानवरों को ऐसी बीमारियां दे रहा है, जो उन्हें न के बराबर होती थी। जानकारी के मुताबिक करीब 10 फीसदी कुत्ते डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं। सही खान-पान न मिल जाने की वजह से कुत्तों में हार्मोन से संबंधी बीमारियों के साथ हार्ट और किडनी जैसी गंभीर बीमारियां हो रही है।


डॉ. एस के अग्रवाल

पशु चिकित्सक डॉ. एस के अग्रवाल ने बताया कि आजकल कुत्तों को में थायराइड, हार्ट अटैक, डायबटीज, किडनी फेल जैसी बीमारियां घेर रही है, उसका मुख्य कारण होम मेड फूड और रेडीमेड फ़ूड दोनों ही है । ऐसा कहना गलत होगा कि जो व्यक्ति अपने पालतू कुत्तों को केवल होम मेड फ़ूड देते है, केवल उनको ही बीमारियों का शिकार होना पड़ता है,यह बीमारियां दोनों तरह के खान-पान से हो सकती हैं। डॉक्टर ने आगे बताया कि कुत्तों के लिए बनाए गए रेडीमेड फूड जैसे पेडीग्री, रॉयल कैनिन आदि को खाने के बाद भी अनेक तरह की बीमारियां उनको हो रही है। आम तौर पर कुत्तों में सबसे ज्यादा किडनी से सम्बंधित परेशानी देखने को मिल रही हैं। डॉ. एस के अग्रवाल ने कुत्तों को बीमारियों से बचाव के लिए उपाय बताते हुए कहा कि उनका नियतकालीन चेकअप और सुइंया लगवाए, जिससे कुत्तों में होने वाली बिमारियों से बचाव हो सकता है और समय से पहले होने वाली बीमारी से बचाव भी कर सकते हैं ।

इसी क्रम में बात करते हुए डॉ. ने कहा कि आज कल मार्केट में जो पेट्स शॉप्स खुल रही है, वो पेट्स के लिए फ़ूड बेचने के साथ ही उनके इलाज में भी शामिल हो गये है, जिससे कि कुत्तों को अनेक तरह की बीमारियां हो रही है और इससे कुत्तों की जान को भी खतरा रहता है । क्योंकि पेट्स शॉप्स पर काम कर रहें लोगों को उस तरह से कोई जानकारी नहीं होती है, जो कुत्तों के लिए पूरी तरह से लाभदायक हो। इसके साथ ही बताया कि पेट्स शॉप्स अपनी अधिक बिक्री के लिए भी कुत्तों को कई प्रकार की दवाओं का सेवन करवाने के लिए कहते है, जो कि कुत्तों के स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर डालती है
। इसके साथ ही वह कुत्तों के मालिकों को सलाह अनेक तरह की सलाह भी देते है
। वहीं कुत्तों को बचाव आदि के लिए एक या दो सुइंया ही लगनी है, तो वह उससे ज्यादा भी सुइंया लगा देते हैं। साथ ही बताया कि कुत्तों की जान की सुरक्षा के लिए पेट्स शॉप्स के ऊपर इलाज के लिए रोकथाम लगाई जानी चाहिए और कुत्तों के मालिक को भी इसके लिए अधिक से अधिक जागरूक करना चाहिए।

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कुत्तों में डायबिटीज को लेकर बताया कि पांच साल पहले तक कुत्तों में डायबिटीज के मामले बिल्कुल न के बराबर थे। कुत्तो में यह बिमारी होने की वजह यह है कि कुत्ता मूलत: मांसाहारी जीव है, लेकिन इंसान ने उसे पालतू बनाकर अपनी पसंद की खुराक देना शुरू कर दिया, कारणवश बीमारी भी इंसानों वाली हो रही हैं।

कुत्तों में किडनी फेल होने की बीमारी में तेजी से इजाफा हो रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि 6-7 साल की उम्र के बाद 10 में से 3 पालतू कुत्तों की किडनी फेल हो रही है। जिसका सबसे बड़ा कारण है पानी। जिन घरों में बोरिंग वाला पानी आता है वह पानी बिना फ़िल्टर किये ही सीधे कुत्तों को पीने के लिए दे दिया जाता है । पानी में लौह धातुओं के चलते कुत्तों की किडनी फेल हो रही है। बता दें कि किडनी फेल होने की दूसरी बड़ी वजह मोटापा व डायबिटीज है। http://www.satyodaya.com

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केजीएमयू ने कोरोना जांच के लिए खरीदे चार थर्मल स्कैनर, अलग-अलग जगहों पर स्थापित

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लखनऊ। केजीएमयू प्रशासन ने कोरोना के मदेद्नजर संक्रमित मरीजों की जांच के लिए चार थर्मल स्कैनर खरीदें हैं। इन्हें अलग-अलग जगहों पर स्थापित किया गया है। जिससे परिसर में कहीं भी आए संक्रमित मरीजों को जांच के बाद अलग किया जा सके।

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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके ओझा ने चार स्थानों पर थर्मल स्कैनर लगाए गए हैं। इनमें ओपीडी, ट्रॉमा सेंटर, लारी कार्डियोलॉजी विभाग व संक्रामक रोग यूनिट में। स्कैनर से मरीज के शरीर के तापमान का पता लगाने में मदद मिलेगी। ऐसे मरीजों को भीड़ से अलग करने में मदद मिलेगी। थर्मल स्कैनर के आने पर केजीएमयू कर्मचारी परिषद ने स्वागत किया है। http://www.satyodaya.com

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सरकारी, निजी व चिकित्सा संस्थानों में 10 हजार बेड की तैयारी तेज

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सेवानिवृत्त चिकित्सा कर्मियों की ली जाएंगी सेवाएं

लखनऊ। प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सभी 51 सरकारी, निजी व चिकित्सा संस्थानों में 10 हजार बेड की व्यवस्था के लिए गंभीर हो गए हैं। प्रदेश में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर विभाग के प्रमुख सचिव डाॅ. रजनीश दुबे ने सभी मेडिकल कालेजों में टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं। इन टास्क फोर्सों के तहत हर मेडिकल कालेज में सात तरीके की प्रबंधन समितियां बनेंगीं।

इन समितियों में आइसोलेशन वार्ड एवं क्रिटिकल मैनेजमेंट समिति, ट्रायज मैनेजमेंट समिति, ओपीडी मैनेजमेंट समिति, उपकरण और औषधियों के लिए लॉजिस्टिक मैनेजमेंट समिति, डेटा मैनेजमेंट समिति और मानव संसाधन और सेनेटाइजन की व्यवस्था के लिए हॉस्पिटल मैनेजमेंट समिति हैं। इसके साथ ही प्रमुख सचिव ने कहा है कि सभी मेडिकल कालेजों की ओपीडी, आईपीडी व ओटी की सेवाएं फिलहाल स्थगित रहेंगी।

उन्होंने सभी मेडिकल कालेज के संचालकों, निदेशकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि इन सेवाओं में लगे डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य चिकित्साकर्मियों का आकलन कर उन्हें सूचित करें। चूंकि ये चिकित्साकर्मी खाली हो चुके हैं, ऐसे में इन्हें कोराना वायरस के चिकित्सा के कामों में लगाया जा सके।

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डाॅ. दुबे ने कोरोना वायरस के मद्देनजर स्टेट नोडल ऑफिसर के तौर पर डाॅ. राम मनोहर लोहिया संस्थान के डाॅ. विक्रम सिंह को नियुक्त किया गया। निर्देश दिए गए हैं कि अब तक सरकारी में 483 और निजी मेडिकल कालेजों में 383 बेड की व्यवस्था की गई है। अब जबकि 10 हजार बेड की व्यवस्था करनी है तो सरकारी निजी मेडिकल कालेजों और चिकित्सा संस्थानों के सेवानिवृत्त चिकित्सा कर्मियों की सेवा ली जाएंगी। ऐसे में उनकी भी सूची तैयार कराई जाए।

दूसरी तरफ चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आइसोलेशन वार्ड, क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट और इंफेक्शन प्रिवेन्ट मैनेजमेंट के तहत लखनऊ के संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में सभी सरकारी व प्राइवेट मेडिकल कालेजों के हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स और प्रोवाइडर्स का प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। http://www.satyodaya.com

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घरेलू उड़ानों से विदेश से लखनऊ पहुचें यात्रियों की तलाश तेज

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सिंगर कनिका मुम्बई से घरेलू उड़ान से आई थी लखनऊ

लखनऊ। कोरोना से मचे दहशत के बीच शासन की सख्ती से स्वास्थ्य विभाग एलर्ट है। विदेश से मुम्बई, दिल्ली, कोलकाता या अन्य किसी एयरपोर्ट पर उतरकर बाद में घरेलू उड़ान से लखनऊ चल दिए। ऐसे यात्रियों के बारे में स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहले से ही पड़ताल कर ले रही है। एयरपोर्ट पर उतरते ही इन यात्रियों की जांच की जा रही है। एयरपोर्ट के अन्तरराष्ट्रीय टर्मिनल पर विमानों की आवाजाही फिलहाल बंद है। ऐसे में जो टीमें वहां जांच कर रही थीं उनको घरेलू टर्मिनल पर तैनात कर दिया गया है।

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इनको निर्देश हैं कि जिन यात्रियों के बारे में सूचना मिले उनकी जांच करें। हाल ही में बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर लंदन से मुम्बई आई थी। इसके बाद वहां से घरेलू उड़ान पकड़ कर लखनऊ आ गई। क्योंकि घरेलू उड़ानों में यात्रियों की जांच नहीं हो रही इसलिए आसानी से एयरपोर्ट से बाहर निकल गई। उसने कई पार्टियां की। बाद में पता चला कि वह कोरोना संक्रमित हैं। ऐसे यात्रियों की अब पहचान की जा रही है।

आपको बता दें कि, यात्री किस देश से होकर आया है, इसके पहले जिस एयरपोर्ट पर विदेश से आया वहां क्या मोहर लगाई गई, यात्री अस्वस्थ तो नहीं है। ऐसे कई बिन्दु हैं जिसको ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट पर मेडिकल टीमें जांच कर रही हैं। http://www.satyodaya.com

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April 1, 2020, 6:26 pm
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