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डायबिटीज से प्रेग्नेंसी में बच्चों के लिए हो सकती है ये समस्याएं, जानिए वजह

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डायबिटीज एक खतरनाक बीमारी है। अगर यही डायबिटीज गर्भवती महिला को हो जाए तो खतरा और बढ़ जाता है। क्योंकि इसका असर होने वाले शिशु पर भी पड़ता है। प्रेग्नेंसी का समय महिलाओं के लिए सबसे खास होने के साथ बेहद जटिल भी होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिला को खास ख्याल की जरूरत होती है। अगर महिला डायबिटीज से पीड़ित है और अगर उसकी डायबिटीज कंट्रोल में नहीं है तो मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। क्योंकि मां की सेहत का असर सीधा गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता सकता है। एक नई स्टडी की रिपोर्ट में सामने आया है कि प्रेग्नेंसी के समय डायबिटीज होने से बच्चों में भी इस बीमारी का खतरा रहता है।

जानते हैं क्या कहती है स्टडी की रिपोर्ट

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज के कारण गर्भपात तक हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में अगर जन्म लेने वाले बच्चे का आकार सामान्य से बड़ा है तो सी-सेक्शन आवश्यक हो जाता है। इसके अलावा बच्चे के लिए जन्मजात विकृतियों की आशंका बढ़ जाती है। इसके चलते मां और बच्चे दोनों के लिए संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।

स्टडी की रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन बच्चों की मां को प्रेग्नेंसी के समय गेस्टेशनल डायबिटीज होती है, उन बच्चों को 22 की उम्र से पहले डायबिटीज होने का खतरा दूसरे लोगों के मुकाबले अधिक होता है। इस स्टडी के लिए शोधकर्ताओं ने करीब 73,180 महिलाओं को शामिल किया है। जानकारी के मुताबिक, डायबिटीज होने का खतरा बच्चों में सबसे ज्यादा 12 से 22 की उम्र के बीच होता है। प्रेग्नेंसी में महिलाओं में गैस्ट्रिक डायबिटीज होने के कारण उनके बच्चों को भी 22 की उम्र से पहले इस घातक बीमारी का खतरा रहता है। इसके लिए सही डाइट, एक्सरसाइज, दवाइयों का पालन करना बहुत जरूरी है। http://www.satyodaya.com

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‘पीरियड्स समस्या नहीं’ देती है यह कंपनी एक दिन की ‘पेड लीव’

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नई दिल्ली: इजिप्ट की कंपनी ने नया नियम बनाया है। अब कई देशों में सरकार से मांग की जा रही है कि वे इस नियम को सभी कंपनियों के लिए आवश्यक कर दे। उसके मुताबिक उन्हें हर महीने एक दिन की पेड लीव दी जाएगी।  क्योंकि महिलाओं में हर महीने पीरियड्स की समस्या होती है और इस दौरान उन्हें बहुत ज्यादा दर्द होता है। हर महिला को इस समस्या से जूझना पड़ता है।

इस कदम की सराहना करते हुए ब्रिटेन की सरकार से इसको लेकर नियम बनाने की अपील की गई है। इजिप्ट की डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी, Shark and Shrimp में काम करने वाली महिला कर्मचारी को हर महीने मेडिकल सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं होगी। महिला अपने मन से एक दिन का चुनाव कर सकती हैं।

‘मेंस्ट्रुएल लीव’ का कॉन्सेप्ट जापान, साउथ कोरिया, ताईवान, इंडोनेशिया जैसे देशों में पहले से है। यहां तक की भारत की भी कई कंपनियां पेड ‘मेंस्ट्रुएल लीव’ देती हैं। 2015 में पहली बार जाम्बिया पहला अप्रीकन देश था जहां, ‘मेंस्ट्रुएल लीव’ की शुरुआत की गई थी। हालांकि, अभी तक किसी भी यूरोपियन देशों में इसकी शुरुआत नहीं हुई है।http://www.satyodaya.com

 

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मिर्गी से निजात पाने के लिए करें ये काम- डॉ. अरुण कुमार सिंह

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लखनऊ । विश्व मिर्गी जागरूकता दिवस के अवसर पर डॉ. अरुण कुमार सिंह (डी एम न्यूरोलॉजी) ने यूपी प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर कहा कि भारत में हर वर्ष 26 मार्च को एपिलेप्सी (मिर्गी) के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है । डॉ. सिंह ने मिर्गी पर विस्तृत चर्चा करने के साथ ही मिर्गी आने पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए को विस्तार से बताया-

मिर्गी आने पर क्या करें

शांत रहें ,निर्धारित समय पर दवाई लें, रोगी को गिरने से रोकें, रोगी ज्यादा ऊंचाई पर ना जाए, तंग कपडे न पहने, बेल्ट या टाई को पहनना छोड़ दें, एक संतुलित आहार का पालन करें, जब्ती के बाद आश्वस्त रूप से रोगी से बात करें, जब्ती कब तक रहता है यह देखने के लिए समय की जाँच करें ।

यहां भी पढ़ें :सीएम योगी के विवादित बयानों की वजह से भड़की गुल पनाग, अब सोशल मीडिया पर कही ये बात…

मिर्गी आने पर क्या ना करें

डॉक्टर के विमर्श बिना उपचार ना रोकें, डॉक्टर के सलाह से ही दवा लें, जूते, प्याज आदि रोगी के नाक के पास ना रखें, एक जब्ती के दौरान व्यक्ति को स्थान्तरित करने की कोशिश ना करें, मिर्गी के दौरान खाने पीने को कुछ ना दें । http://www.satyodaya.com

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आसपास की कुछ चीजों से हो जाएं सावधान, जो कैंसर के खतरे को बढ़ावा देने में करती है मदद

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कैंसर एक बहुत गंभीर बीमारी है। शुरुवाती दौर में कैंसर के लक्षण आमतौर पर नज़र नहीं आते है , लेकिन व्यक्ति के आस-पास मौजूद कई हानिकारक चीजें अंजाने में शरीर में कैंसर का खतरा बढ़ा सकती है। जिससे व्यक्ति बिलकुल अंजान रहता है । बीते एक दशक में लोगों की जीवनशैली और खानपान बहुत कुछ बदल गया है।  दुनियाभर में हर साल करोड़ों लोगों की मौत कैंसर के कारण होती है । शोधकर्ताओं की रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक 200 से भी ज्यादा प्रकार के कैंसर खोजे जा चुके हैं। आइए जानते है कि कैंसर के खतरे को बढ़ावा देने वाली कौन सी चीजें आपके आसपास मौजूद हैं।

डीजल के धुएं से कैंसर का खतरा :

व्यस्त रोड के आसपास के घरों में रहने वाले लोगों और सड़क पर डीजल का धुंआ झेलने वाले लोगों में कैंसर की संभावना सबसे अधिक होती है। दरअसल डीजल के जलने से कार्सिनोजेन्‍स पैदा होते हैं। डीजल की फैक्‍ट्री और डीजल की गाड़ियों से निकलने वाला धुआं फेफड़ों के कैंसर का मुख्य कारण होता है। निकलने वाला धुआं फेफड़ो के कैंसरका मुख्य कारण होता है यह धुआं ट्रकों, ट्रेन के इंजनों ,कार, बस, जेनेरेटर आदि से निकलता है।

शहरों के प्रदूषण से कैंसर का खतरा :

शहरों में प्रदूषण का स्तर दिन प्रतिदिन बढता ही जा रहा है । वातावरण में गाड़ियो से निकलने वाला धुआं, जहरीली गैंसें, फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुंआ और जहरीले धातु कैंसर के खतरे को बढ़ावा देते है । आमतौर पर जो लोग प्रदूषित शहरों में या फिर फैक्‍ट्रियों के आस-पास रहते हैं, उनमें सिलिकॉन और अभ्रक जैसे हानिकारक तत्वों के कारण कैंसर की संभावना बढ़ जाती है । ऐसे लोगों को फेफड़ों का कैंसर, ब्लड कैंसर, गले और मुंह का कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना ज्यादा होती है।

सिगरेट से निकलने वाले धुएं से भी कैंसर का खतरा :

जो व्यक्ति सिगरेट पीते है, उनको कैंसर का खतरा होता है| लेकिन जो व्यक्ति सिगरेट नहीं पीते है, पर उसका धुआं झेलते है तो उनको भी कैंसर का खतरा उतना ही होता है जितना की सिगरेट पीने वाले व्यक्ति को होता है | सिगरेट में निकोटीन के अलावा 4000 दूसरे खतरनाक केमिकल्स होते हैं, इसमें से लगभग 60 कार्सिनोजेन्‍स होते हैं। जिससे कैंसर का खतरा बहुत अधिक मात्रा में बढ़ जाता है |

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रेडिएशन के कारण :

आजकल कई रोगों के इलाज के लिए रेडिएशन का प्रयोग किया जाता है। इनमें मैमोग्राम, एक्स-रे, सीटी स्कैन आदि शामिल हैं। हालांकि ये सभी जांचे सुरक्षित मानी जाती हैं, पर यदि व्यक्ति के शरीर में कोई रोग पहले से है तो, रेडिएशन के कारण उस रोग को बढ़ावा मिल सकता है ।

प्रोसेस्ड फूड्स के सेवन से कैंसर का खतरा :

पैकेटबंद आहार,  ज्यादा चीनी-नमक वाले आहार, कोल्ड ड्रिंक्स ,रेड मीट ज्यादा फैट वाले आहार और केमिकलयुक्त आहारों के सेवन से भी कैंसर का खतरा होता है। शोध के मुताबिक बहुत ज्यादा प्रोसेस किए गए आहारों में कैंसर खतरा 10 % तक बढ़ जाता है ।

मेकअप के सामान और ब्यूटी प्रोडक्ट्स से भी कैंसर का खतरा :

मेकअप के सामान, टूथपेस्ट, डिओ, परफ्यूम, बालों के जेल, क्रीम, लोशन आदि कई चीजें ऐसी है जो कि शरीर में कैंसर पैदा कर सकती हैं। दरअसल रोजमर्रा के जिन प्रोडक्ट्स में सोडियम लॉरेल सल्फ़ेट होता है, उनसे कैंसर का खतरा होता है। इसके अलावा मरकरी (पारा) भी खतरनाक तत्व है, जो लिपिस्टिक में होता है।

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