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ख़ैरियत

फॉगिंग व एंटी लार्वा छिड़काव के लिए और बढ़ेंगी पांच मशीनें

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एक सप्ताह के भीतर आएंगी मशीनें
लखनऊ। राजधानी में बढ़ते डेंगू के प्रकोप से बचाने के लिए नगर निगम ने भी कमर कस लिया है। पांच मशीनें और वाहन खरीदारी के लिए जेम पोर्टल पर ऑर्डर भी दे दिया गया है। नगर निगम प्रशासन के मुताबिक एक सप्ताह के भीतर मशीनें आ जाएंगी। वहीं नगर आयुक्त ने डेंगू से बचाने के लिए जनता से सहयोग मांगा है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग इन दिनों शहर भर में फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कर रहा है। बावजूद इसके डेंगू के नए मरीज सामने आ रहे हैं। इस समस्या को देखते हुए नगर आयुक्त इन्द्रमणि त्रिपाठी ने जनता से सहयोग मांगा है और कहा है कि केवल बाहर की गई फॉगिंग और एंटी लार्वा के छिड़काव से डेंगू का मच्छर नहीं खत्म होगा। इसके लिए जनता को जागरूक होकर सहयोग करना होगा।

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उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक बार लोगों को अपने घरों में साफ-सफाई जरूर करनी चाहिए। डेंगू का लार्वा साफ पानी में पनपता है इसलिए घरों में फ्रिज के पीछे, गमलों, पानी के टैंक व कबाड़ में पानी इक्टठा न होने दें। वहीं नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम ने डेंगू से निपटने के लिए पांच मशीनें और वाहन खरीदारी के लिए जेम पोर्टल पर ऑर्डर भी दिया गया है। जो एक सप्ताह के भीतर आ जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर निगम संयुक्त रूप से डेंगू के लार्वा की जांच कर रहा है। इसके अलावा फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव भी हो रहा है। मौजूदा समय में 95 साइकिल माउटेंन और 25 बड़े वाहनों से फॉगिंग की जा रही है।http://www.satyodaya.com

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ख़ैरियत

हर खांसी-जुकाम, बुखार कोरोना नहीं, डाॅक्टर की सलाह से ही लें दवाः डाॅ. केपी त्रिपाठी

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लखनऊ। मौसम बदलने से साथ ही लोगों को सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार शुरू हो गया है। जिससे लोगों में कोरोना को लेकर आजकल तरह-तरह की भ्रांतियां और भय है। सामान्य खांसी और बुखार को भी लोग कोरोना वायरस का संक्रमण समझकर भयभीत हो जा रहे हैं। यह कहना है राष्ट्रीय वेक्टर जनित नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डाॅक्टर के. पी. त्रिपाठी का। उनका स्पष्ट कहना है कि हर खांसी, जुकाम या बुखार कोरोना नहीं होता है। लोग कोविड के लक्षण समझ धोखा खा जाते हैं। उन्होंने कोरोना के लक्षण बताते हुए कहा कि कोरोना पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है। नाक बहती है और बदन में थकान रहती है। सामान्य जुकाम में ऐसा नहीं होता है। इसमें व्यक्ति बिना दवा के अपनी प्रतिरोधक क्षमता से ही ठीक हो जाता है। डाॅक्टर त्रिपाठी का कहना है अगर खांसी जुकाम या बुखार आ रहा हो तो स्वयं इलाज न करें। तुरन्त प्रशिक्षित चिकित्सक को दिखाएं।

डाॅ. त्रिपाठी ने बताया की बुधवार एक जुलाई से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू हो रहा है। इसके तहत सभी प्रथम पंक्ति कार्यकर्ता को यह निर्देश दिया गया है कि वह किसी भी घर के दरवाजे और कुण्डी को छुए बगैर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के उपाय, लक्षण, उपचार तथा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र के विषय में जागरूक करेंगी। इस बार आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्लाइड नहीं बनायेंगी बल्कि संबंधित व्यक्ति को स्वास्थ्य केंद्र भेजकर स्लाइड बनवाई जायेगी। आशा कार्यकर्ताओं को यह निर्देश दिए गए हैं कि बुखार या कोरोना के समान लक्षणों वाले मरीजों के बारे में तुरंत स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करें। साथ ही बाहर से आये लोगों को प्राथमिकता से देखें।

वायरल बुखार के मुख्य लक्षण

उन्होंने बताया वायरल बुखार मुख्यतः बदलते मौसम के कारण होता है। अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर हम इससे बच सकते हैं। वायरल बुखार के मुख्य लक्षण हैं- खांसी, जुकाम, गले में दर्द, बुखार, जोड़ों में दर्द, उलटी और दस्त। जबकि मलेरिया में सर्दी और कंपकपी के साथ में एक दिन छोड़कर बुखार आता है। तेज बुखार और सिर दर्द होता है। बुखार उतरने पर पसीना आता है। कमजोरी महसूस होने के साथ उलटी आती है। वहीं डेंगू में तेज बुखार के साथ सिर, पीठ और जोड़ों में दर्द होता है। आंखें लाल हो जाती हैं। हथेली और पैर लाल होने लगते हैं। गंभीर स्थिति में नाक और मसूड़ों से खून भी आने लगता है।

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मच्छररोधी लगाए क्रीम

डाॅ. के. पी. त्रिपाठी ने कहा कि बरसात के मौसम में पानी के भराव के कारण मच्छर अधिक होते हैं। इसलिए घर व आस-पास साफ-सफाई रखें, पानी न इकठ्ठा होने दें। पूरी बांह के कपड़े पहने। मच्छररोधी क्रीम लगायें। घर का ताजा व अच्छे से पका हुआ खाना खाएं। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल व सब्जियों का सेवन करें। उन्होंने कहा कि इन सबके साथ इस बात का अवश्य ध्यान रखें। यदि आवश्यक न हो तो घर से न निकले। अगर घर से निकलते हैं तो मास्क अवश्य लगायें। सार्वजनिक स्थानों पर 2 गज की दूरी बनाकर रखें और बार-बार चेहरे को न छुएं।http://www.satyodaya.com

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कोरोना वायरस

नगर निगम के बाबू समेत 32 में कोरोना संक्रमण की पुष्टि

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जोन-8 निगम कार्यालय को सेनेटाइज करते हुए 48 घंटे के लिए बंद

लखनऊ। राजधानी में कोरोना वायरस ने पूरी तरह से पांव फैला लिया है। कोरोना के चपेट में नगर निगम का बाबू भी आ गया है। माना जा रहा है कि जोन-8 में हाउसटैक्स जमा करने आए हुए लोगों से यह संक्रमित हुआ है। बाबू की तैनाती हाउसटैक्स वसूलने के लिए की गई थी। हांलाकि बाबू तबीयत खराब होने पर खुद छुट्टी लेकर घर में ही क्वारंटीन हो गया था। उसे केजीएमयू में भर्ती कराया गया है। इसके साथ ही जोन-8 कार्यालय को सेनेटाइज करते हुए 48 घंटे के लिए बंद करा दिया गया है। वहीं उसके निवास स्थान सआदतगंज को भी सील कर दिया गया है। उसके संपर्क में आए लोगों के नमूने भेजे गए हैं।

सीएमओ प्रवक्ता योगेश रघुवंशी के मुताबिक नगर निगम के बाबू समेत 32 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गई है। बाबू के अलावे सआदतगंज में तीन और मरीज कोरोना की चपेट में आए हैं। वहीं विजयनगर में चार व गोमतीनगर एवं इन्दिरानगर के तीन-तीन मरीज कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। इसके अलावा आलमबाग, माल एवेन्यू, आईआईएम रोड के दो-दो मरीज शामिल हैं। जबकि त्रिवेणीनगर, चिनहट, अलीगंज, महानगर, विकासनगर, चैक, वृन्दावन योजना, राजाजीपुरम, कृष्णा नगर, तुलसीदास मार्ग, जफर खेड़ा, गोमती नगर विस्तार के एक-एक मरीज में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गई है। इन सभी को शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

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सीएमओ प्रवक्ता ने बताया कि सर्विलान्स एवं कान्टेक्ट ट्रेसिंग के आधार पर 439 लोगों के सैम्पल टीम द्वारा लेकर जांच के लिए केजीएमयू भेजे गये। इसके अलावा नैपियर रोड, नगरिया ठाकुरगंज, शीशमहल, वजीरबाग, हुसैनाबाद, बालागंज, चैैपटिया आदि क्षेत्रों में संक्रमण से मुक्ति के लिए टीमों द्वारा कार्य किया गया। टीम ने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया। टीम द्वारा कुल 2985 घर का भ्रमण किया गया तथा 13395 जनसंख्या को आच्छादित भी किया।

कोरोना से जीती जंग

कोरोना से मचे दहशत के बीच इससे मरीज भी पूरी तरह से स्वस्थ हो रहे हैं। 16 मरीजों ने कोरोना से जंग जीत लिया है। यह मरीज राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती थे। जिन्हें छुट्टी दे दी गई है। इनमें केजीएमयूू के 5, एलबीआरएन-9, ईएसआई हास्पिटल-2 के स्वस्थ मरीज शामिल हैं।

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कोरोना वायरस

केजीएमयू में कोरोना जांच का आंकड़ा एक लाख के पार

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पूरे प्रदेश में जांच मामले में प्रथम स्थान पर पहुंचा केजीएमयू

लखनऊ। केजीएमयू में कोरोना जांच का आंकड़ा एक लाख के पार हो गया है। इसके साथ ही केजीएमयू पूरे प्रदेश में कोविड जांच के मामले में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। देश में भी बहुत कम ही ऐसी लैब हैं जिन्होंने लाख का आकड़ा पार किया हो। हांलाकि उत्तर प्रदेश में अब तक लगभग सात लाख लोगों के कोरोना संक्रमण की जांच की जा चुकी है, जिसमें से एक लाख चैदह हजार सात सौ छियासी केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब में की गई है।

यह जानकारी केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएलबी भटट् एवं माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. अमिता जैन ने ऑनलाइन ऐप के माध्यम से आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। इस उपलब्धि पर प्रो. भटट ने बताया कि केजीएमयू में एक लाख चैदह हजार सात सौ छियासी जांच में सेे तीन हजार उन्सठ रिपोर्ट ही पॉजिटिव आई हैं। प्रदेश में वर्तमान समय तक लगभग 23 हजार पॉजिटिव पाए गए मरीजों में से तीन हजार से ज्यादा लोगों की जांच केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा की गई है।

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कुलपति ने कहा कि संस्थान के माइक्रोबायोलॉजी में स्थापित कोरोना जांच टेस्ट क्षमता लगभग 2 हजार करने की है बावजूद लगातार दो हजार पांच सौ से ज्यादा टेस्ट प्रतिदिन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार भी लैब में 2668 टेस्ट किए गए है। कुलपति ने इसके लिए माइक्रोबायोलॉजी की विभागाध्यक्षा प्रो. अमिता जैन और उनकी टीम की सराहना की।

प्रदेश समेत देशभर में कोविड-19 की धीमी जांच के सवाल पर केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएलबी भटट् ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आवश्यकता से कहीं ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब तक लगभग 7 लाख कोरोना जांच किए गए हैं। जिसमें से 23 हजार की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है जो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह के मुताबिक 30 गुना होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अपर लिमिट पर टेस्ट किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब संक्रमण तेजी से फैल रहा है टेस्ट की भी क्षमता को बढ़ाया जाएगा।

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माइक्रोबायोलॉजी की विभागाध्यक्षा प्रो. अमिता जैन ने बताया कि केजीएमयू को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस नामित किया जाने के साथ ही कुछ अतिरिक्त जिम्मदारियां भी मिली थी। इस दौरान प्रतिकुलपति प्रो. जीपी सिंह एवं सीएमएस प्रो. एसएन शंखवार उपस्थित रहे।http://www.satyodaya.com

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July 13, 2020, 3:41 am
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