Connect with us

ख़ैरियत

डायबिटीज बीमारी से मुक्त होने के लिए जरुरी है, खान पान का विशेष ध्यान…

Published

on

लखनऊ। डायबिटीज बीमारी से मुक्त होने के लिए जरुरी नहीं है कि नियमता से दवाईयों का सेवन करें। इसके लिए जरुरी है कि आप समयानुसार सेहत का ध्यान रखें, साथ ही अपने खान पान में परिवर्तन लाए। तभी आप डायबिटीज जैसी बीमारी से मुक्त हो सकते हैं। यह जानकारी कल्चरल टुरिज्म विभाग केजीएमयू के प्रिंसपल सेक्रेटरी जितेन्द्र कुमार ने दी।

राजधानी स्थित केजीएमयू के शताब्दी अस्पताल में डायबिटीज बीमारी पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में केजीएमयू के कई विभाग के शोध छात्र-छात्राएं, डॉक्टर्स व अन्य लोग मौजूद रहे। सेमीनार में जितेन्द्र कुमार ने सभी शोध छात्रों को डायबिटीज बीमारी से सम्बन्धित तमाम प्रकार की जानकारी दी। इसके साथ होने वाले कई तरह के रोगों से बचने के लिए उपाय भी बताए।

ये भी पढ़ें: धारा 370 हटने का असर: हवाई यात्रा के लिए चार घण्टे पहले पहुंचना होगा एयरपोर्ट

जितेन्द्र कुमार ने डायबिटीज से सम्बंधित जानकारी देते हुए बताया कि ये एक खतरनाक बीमारी है। इसकी वजह से इंसान को हार्टअटैक भी आ जाता है। लेकिन ये कोई उम्र की बीमारी नहीं है, जो इसी अवस्था में आ सकती है, ये बीमारी किसी को भी हो सकती है। साथ ही कहा जब तक की वो इंसान अपने सेहत का ध्यान न रखे।

आगे कहा कि लोगों को ऐसा लगता है, डायबिटीज दवाईयों के सेवन करने से ठीक हो सकता है, लेकिन नहीं इसके लिए जरुरी है कि हम और शरीर को फुर्तीला रखें। जितेन्द्र कुमार ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले कई वर्ष पहले हमने डायबिटीज पर काम किया था। उसके बाद मालूम हुआ कि डायबिटीज को किसी दवाई से नहीं बल्कि शरीर को स्वस्थ रखने से दूर होगा। वहीं कहा कि इसके लिए हम सभी को अपने वातावरण व खान-पान को सही करने की जरुरत है।  http://www.satyodaya.com

ख़ैरियत

मौसम बदलते ही बीमारी का कहर शुरु, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़

Published

on

लखनऊ। बदलते मौसम और बारिश से राजधानी के सरकारी अस्पतालों में बुखार, बदन व पेट दर्द, उल्टी-दस्त, खांसी और जुकाम के मरीज काफी संख्या में पहुंच रहे हैं। औसतन पांच से छह बड़े अस्पतालों में ही 40 हजार से अधिक मरीज पहुंचे। अस्पतालों में सबसे ज्यादा भीड़ फिजीशियनों के यहां देखने को मिली। 

बलरामपुर, सिविल, लोहिया में मंगलवार को तीन हजार से अधिक नए मरीजों का पंजीकरण हुआ। वहीं ओपीडी में पुराने (फॉलोअप केस) मरीज आठ से नौ हजार के करीब पहुंचे। सबसे ज्यादा मरीज अस्पतालों के फिजीशियनों ने देखे। इन तीनों अस्पतालों में तीन से चार फिजीशियनों ने अलग-अलग ओपीडी में मरीज देखे। एक फिजीशियन ने सैकड़ों की संख्या में मरीज देखे। स्थिति यह रही कि सुबह आठ बजे से शुरू हुई ओपीडी में दोपहर ढाई बजे तक मरीज इलाज कराते रहे। डॉक्टरों ने अधिक देर तक मरीज देखे। 

यह भी पढ़ें: युवक ने लगाई नदी में छलांग, तलाश में जुटी पुलिस

सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया कि तीन हजार से ऊपर नए पर्चे, जबकि फॉलोअप में आठ से नौ हजार मरीज पहुंचे। लोहिया के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि 10 हजार से अधिक मरीज पहुंचे। वहीं, बलरामपुर का भी कुछ यही हाल रहा। जानकारी के मुताबिक सिविल में- 3280 बलरामपुर- 3300 लोहिया- 3250 लोकबंधु- 1500 रामसागर मिश्र- 1800 आरएलबी- 800डफरिन- 850 झलकारी बाई- 500 पर्चे बने।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

ख़ैरियत

फैजुल्लागंज पीएचसी में मरीजों की खून जांच बंद, निजी पैथोलॉजी में जाने को हुए मजबूर…

Published

on

लखनऊ। फैजुल्लागंज में संक्रामक रोगों के मामले आने के बाद भी यहां के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। यहां बने पीएचसी में मरीजों की खून की जांच बंद है। जांच के लिए लोगों को मजबूरन निजी पैथोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं किसान की पत्नी सहित कई बुखार पीड़ितों के खून की जांच पीएचसी में नहीं हुई। किसान की पत्नी ने पायल बेचकर मिले रुपयों से निजी सेंटर पर टाइफाइड की जांच कराई। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब दो लाख आबादी होने के बाद भी खून की जांच एवं अन्य व्यवस्थाएं पीएचसी में स्वास्थ्य विभाग ने नहीं की है। 

यह भी पढ़ें: ट्रंप से बात करने पर PM मोदी पर भड़के ओवैसी, अमेरिकी राष्ट्रपति को लेकर कही ये बात…

फैजुल्लागंज की लक्ष्मी (54) ने सोमवार को श्याम विहार कॉलोनी में सीएमओ की ओर से लगे स्वास्थ्य शिविर में दिखाया तो उन्हें टाइफाइड की जांच के लिए कहा गया। लक्ष्मी के मुताबिक जब वह पीएचसी पहुंची तो उन्हें जांच नहीं होने की बात कहकर लौटा दिया गया। लक्ष्मी को तीन माह से बुखार चढ़-उतर रहा है। लक्ष्मी के मुताबिक उनके इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह ज्यादा देर तक खड़ी हो सकें। इसलिए वह किसी सरकारी अस्पताल में नहीं गईं। उन्होंने रुपए न होने पर अपनी पायल बेची। उससे मिले रुपए से 450 रुपए निजी सेंटर में देकर जांच कराई। वहीं फैजुल्लागंज के कृष्णलोक नगर निवासी आशीष शुक्ला, रामादेवी, बबली, नरेश, शत्रोहन, बिट्टू को बिना जांच के पीएचसी से वापस भेज दिया गया।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

ख़ैरियत

कार्यवाहक प्रधानाचार्य ने बच्चों को बांटे फफूंद लगे लड्डू, शिक्षकों ने बाहर फेंकवाया

Published

on

लखनऊ। राजधानी में चौक थाना क्षेत्र स्थित दिगंबर जैन इंटर कॉलेज में बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। जहां प्रधानाचार्य अनुराधा सिंह ने 15 अगस्त का बचा हुआ लड्डू बच्चों को बांटा। लेकिन शिक्षकों ने बच्चों को फफूंदी लगा लड्डू खाने से मना कर दिया और बाहर फेंकवा दिया।

ये भी पढ़े- हैदराबाद: बेटे ने की पिता की हत्या, लाश के टुकड़े कर बाल्टियों में भरा

बता दें कि इस लड्डू के खाने से कई बच्चों की तबियत भी बिगड़ सकती थी। वहीं दिगंबर जैन इंटर कॉलेज में हंगामे का बाद डिब्बा और लड्डू लेकर कार्यवाहक प्रधानाचार्य अनुराधा सिंह फरार हो गई। http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

August 25, 2019, 8:42 pm
Fog
Fog
30°C
real feel: 37°C
current pressure: 1000 mb
humidity: 88%
wind speed: 1 m/s ENE
wind gusts: 1 m/s
UV-Index: 0
sunrise: 5:12 am
sunset: 6:04 pm
 

Recent Posts

Top Posts & Pages

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 9 other subscribers

Trending