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500 तरह की दवा बनाना जानती हैं जंगल की दादी मां, झोपड़ी को बना दिया अस्पताल

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केरल। तिरुवनंतपुर जिले के कल्लार में लक्ष्मीकुट्टी जंगलों के बीच रहती हैं। महिला की खास बात यह है कि वो 500 के करीब हर्बल दवाएं तैयार करना जानती हैं। लक्ष्मीकुट्टी कविताएं लिखती हैं और दक्षिण भारत के इंस्टीट्यूट में नैचुरल मेडिसिन पर लेक्चर देती हैं। इसके अलावा वो केरल के कल्लार में केरल फोल्कलोर एकेडमी में शिक्षिका भी हैं। उन्हें साल 2018 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

बहुत से लोग प्यार लक्ष्मी कुट्टी को वनामुथस्सी नाम से भी पुकारते हैं। मलयालम भाषा में इसका अर्थ होता है जंगल की दादी मां। लक्ष्मीकुट्टी उन आदिवासी महिलाओं में से एक हैं जिन्होंने स्कूल जाना उस वक्त शुरू किया जब इलाके में शिक्षा को लेकर उतनी जागरुकता नहीं थी, ये बात 1950 की है। वह सर्प दंश, जहरीले कीड़े के काटने का इलाज करती हैं।

लक्ष्मीमूर्ति ताड़ के पत्तों से बनी अपनी छोटी सी झोपड़ी में रहती हैं जो कि चारों हर्बल औषधियों के पौधों से घिरी है। वह अपने यहां आने वाले लोगों को चिकित्सा देती हैं। साथ ही चिकित्सा करने के दौरान उनके शब्दों का मरहम भी लोगों को स्वस्थ्य करने में मददगार होता है।

1995 में जब उन्हें केरल सरकार ने नेचुरोपैथी अवॉर्ड से सम्मानित किया तो दुनिया को उनकी शक्ति के बारे में पता चला। लक्ष्मीकुट्टी को जड़ी-बूटी और पेड़ों का इस्तेमाल कर उसे औषधि के रूप में इस्तेमाल करने का गुण उनकी मां से मिला। बीच जंगल में रहने वाली लक्ष्मीकुट्टी के पास अब तक हजारों लोग पहाड़ों को पार कर इलाज कराने आ चुके हैं।

लक्ष्मीकुट्टी ने पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किए जाने के बाद कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि सरकार ने मुझे इतना बड़ा सम्मान दिया, मैं जंगल में रहती हूं और पेड़, पौधों का इस्तेमाल कर औषधि बनाती हूं, आजकल हर तरफ जंगल और पेड़ नष्ट किए जा रहे हैं, मैं चाहती हूं कि सरकार इस ओर भी ध्यान दें, शोध की मदद से हम कई बीमारियों का इलाज इन्हीं पेड़-पौधों से निकाल सकते हैं।

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केजीएमयू ने कोरोना जांच के लिए खरीदे चार थर्मल स्कैनर, अलग-अलग जगहों पर स्थापित

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लखनऊ। केजीएमयू प्रशासन ने कोरोना के मदेद्नजर संक्रमित मरीजों की जांच के लिए चार थर्मल स्कैनर खरीदें हैं। इन्हें अलग-अलग जगहों पर स्थापित किया गया है। जिससे परिसर में कहीं भी आए संक्रमित मरीजों को जांच के बाद अलग किया जा सके।

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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीके ओझा ने चार स्थानों पर थर्मल स्कैनर लगाए गए हैं। इनमें ओपीडी, ट्रॉमा सेंटर, लारी कार्डियोलॉजी विभाग व संक्रामक रोग यूनिट में। स्कैनर से मरीज के शरीर के तापमान का पता लगाने में मदद मिलेगी। ऐसे मरीजों को भीड़ से अलग करने में मदद मिलेगी। थर्मल स्कैनर के आने पर केजीएमयू कर्मचारी परिषद ने स्वागत किया है। http://www.satyodaya.com

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सरकारी, निजी व चिकित्सा संस्थानों में 10 हजार बेड की तैयारी तेज

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सेवानिवृत्त चिकित्सा कर्मियों की ली जाएंगी सेवाएं

लखनऊ। प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सभी 51 सरकारी, निजी व चिकित्सा संस्थानों में 10 हजार बेड की व्यवस्था के लिए गंभीर हो गए हैं। प्रदेश में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर विभाग के प्रमुख सचिव डाॅ. रजनीश दुबे ने सभी मेडिकल कालेजों में टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं। इन टास्क फोर्सों के तहत हर मेडिकल कालेज में सात तरीके की प्रबंधन समितियां बनेंगीं।

इन समितियों में आइसोलेशन वार्ड एवं क्रिटिकल मैनेजमेंट समिति, ट्रायज मैनेजमेंट समिति, ओपीडी मैनेजमेंट समिति, उपकरण और औषधियों के लिए लॉजिस्टिक मैनेजमेंट समिति, डेटा मैनेजमेंट समिति और मानव संसाधन और सेनेटाइजन की व्यवस्था के लिए हॉस्पिटल मैनेजमेंट समिति हैं। इसके साथ ही प्रमुख सचिव ने कहा है कि सभी मेडिकल कालेजों की ओपीडी, आईपीडी व ओटी की सेवाएं फिलहाल स्थगित रहेंगी।

उन्होंने सभी मेडिकल कालेज के संचालकों, निदेशकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि इन सेवाओं में लगे डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य चिकित्साकर्मियों का आकलन कर उन्हें सूचित करें। चूंकि ये चिकित्साकर्मी खाली हो चुके हैं, ऐसे में इन्हें कोराना वायरस के चिकित्सा के कामों में लगाया जा सके।

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डाॅ. दुबे ने कोरोना वायरस के मद्देनजर स्टेट नोडल ऑफिसर के तौर पर डाॅ. राम मनोहर लोहिया संस्थान के डाॅ. विक्रम सिंह को नियुक्त किया गया। निर्देश दिए गए हैं कि अब तक सरकारी में 483 और निजी मेडिकल कालेजों में 383 बेड की व्यवस्था की गई है। अब जबकि 10 हजार बेड की व्यवस्था करनी है तो सरकारी निजी मेडिकल कालेजों और चिकित्सा संस्थानों के सेवानिवृत्त चिकित्सा कर्मियों की सेवा ली जाएंगी। ऐसे में उनकी भी सूची तैयार कराई जाए।

दूसरी तरफ चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आइसोलेशन वार्ड, क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट और इंफेक्शन प्रिवेन्ट मैनेजमेंट के तहत लखनऊ के संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में सभी सरकारी व प्राइवेट मेडिकल कालेजों के हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स और प्रोवाइडर्स का प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। http://www.satyodaya.com

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घरेलू उड़ानों से विदेश से लखनऊ पहुचें यात्रियों की तलाश तेज

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सिंगर कनिका मुम्बई से घरेलू उड़ान से आई थी लखनऊ

लखनऊ। कोरोना से मचे दहशत के बीच शासन की सख्ती से स्वास्थ्य विभाग एलर्ट है। विदेश से मुम्बई, दिल्ली, कोलकाता या अन्य किसी एयरपोर्ट पर उतरकर बाद में घरेलू उड़ान से लखनऊ चल दिए। ऐसे यात्रियों के बारे में स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहले से ही पड़ताल कर ले रही है। एयरपोर्ट पर उतरते ही इन यात्रियों की जांच की जा रही है। एयरपोर्ट के अन्तरराष्ट्रीय टर्मिनल पर विमानों की आवाजाही फिलहाल बंद है। ऐसे में जो टीमें वहां जांच कर रही थीं उनको घरेलू टर्मिनल पर तैनात कर दिया गया है।

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इनको निर्देश हैं कि जिन यात्रियों के बारे में सूचना मिले उनकी जांच करें। हाल ही में बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर लंदन से मुम्बई आई थी। इसके बाद वहां से घरेलू उड़ान पकड़ कर लखनऊ आ गई। क्योंकि घरेलू उड़ानों में यात्रियों की जांच नहीं हो रही इसलिए आसानी से एयरपोर्ट से बाहर निकल गई। उसने कई पार्टियां की। बाद में पता चला कि वह कोरोना संक्रमित हैं। ऐसे यात्रियों की अब पहचान की जा रही है।

आपको बता दें कि, यात्री किस देश से होकर आया है, इसके पहले जिस एयरपोर्ट पर विदेश से आया वहां क्या मोहर लगाई गई, यात्री अस्वस्थ तो नहीं है। ऐसे कई बिन्दु हैं जिसको ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट पर मेडिकल टीमें जांच कर रही हैं। http://www.satyodaya.com

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April 2, 2020, 8:07 pm
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