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लाइफ स्टाइल

ओशो की 10 ऐसी बातें जो बदल देंगी आपकी सोच का नजरिया…

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रिलिजन डेस्क: आचार्य रजनीश यानी ओशो दुनिया के महान विचारकों में से एक माने जाते हैं। ओशो ने अपने विचारों को बहुत ही सटीक और नई सोच वाली बातें कही हैं। ओशो की बातों में गहरा आध्यात्मिक अर्थ तो होता ही है साथ ही उनकी बातें इतनी साधारण तरीके से कही हुई होती हैं कि कोई भी आसानी से समझ सके। गूढ़ आध्यात्मिक चिंतन को ओशो ने सरल शब्दों में पिरोया है। जिस दिन आप ने यह सोच लिया कि आपने ज्ञान पा लिया है, आपकी मृत्यु हो जाती है क्योंकि अब ना कोई आश्चर्य होगा, ना कोई आनंद और ना कोई अचरज। अब आप एक मृत वाला जीवन जीएंगे। आत्म ज्ञान एक समझ है कि यहीं सबकुछ है, यही बिलकुल सही है, बस यही है। आत्म ज्ञान यह जानना है कि ना कुछ पाना है और ना कहीं जाना है। अर्थ मनुष्य द्वारा बनाए गए हैं क्योंकि आप लगातार अर्थ जानने में लगे रहते हैं, इसलिए आप अर्थहीन महसूस करने लगते हैं। हर चीज में अर्थ निकालना गलत है।

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कुछ चीजों को वैसे ही स्वीकारिए जैसी वो हैं। प्रसन्नता सद्भाव की छाया है, वो सद्भाव का पीछा करती है। प्रसन्न रहने का कोई और तरीका नहीं है। जीवन कोई दुःखद घटना नहीं है, यह एक हास्य है. जीवित रहने का मतलब है हास्य का बोध होना। अधिक से अधिक भोले, कम ज्ञानी और बच्चों की तरह बनिए. जीवन को मजे के रूप में लीजिये क्योंकि यही वास्तविकता में जीवन है। अगर आप एक दर्पण बन सकते हैं तो आप एक ध्यानी भी बन सकते हैं। ध्यान दर्पण में देखने की कला है। उस तरह से मत चलिए जिस तरह डर आपको चलाए। उस तरह से चलिए जिस तरह प्रेम आपको चलाए। उस तरह चलिए जिस तरह ख़ुशी आपको चलाए।http://www.satyodaya.com

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कोरोना वायरस

टमाटर से तैयार यह स्वादिष्ट इंडियन सूप बढ़ाएगा आपकी इम्यूनिटी

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अगर आपकी रोग इम्युनिटी सिस्टम कमजोर है तो आप जल्दी जल्दी बीमार पड़ेंगे। इसीलिए खुद को स्वस्थ रखने के लिए इम्युनिटी सिस्टम मजबूत रखना होगा। ऐसे में आप घर में टमाटर का जूस बनाकर पी सकते हैं। अगर आप रोजाना टमाटर का जूस लेते हैं तो आपकी सेहत में निखार आएगा. टमाटर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन-सी पाया जाता है. यह एंटी ऑक्सीडेंट एक्टिविटी की तरह कार्य करता है।

#tomato soup

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सामग्री

1 कप पानी, 1 चुटकी नमक, 2 टमाटर, ½ टी स्पून काली मिर्च

बनाने की विधि

टमाटरों को पानी से अच्छी तरह धो कर साफ कर लें. अब इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर मिक्सी में एक कप पानी डालकर 2-3 मिनट के लिए चलाएं. इसके बाद एक ग्लास में इसे निकालें और ऊपर से हल्का नमक मिलाएं. लीजिए आपका इम्यूनिटी बूस्टर टमाटर का जूस बनकर तैयार है।http://www.satyodaya.com

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लाइफ स्टाइल

थकान को दूर और मन को शांत करने के लिए जरुर करें योगासन

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नई दिल्ली: योग के प्रति लोगों का झुकाव पिछले कुछ समय में काफी बढ़ा है। अधिकतर लोग अपनी शारीरिक व मानसिक समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए विभिन्न योगासनों का सहारा लेते हैं। योगासन की क्रियाएं हमारे पैरासिम्पैथेटिक नवर्स सिस्टम को सक्रिय कर देती हैं। जिससे हमारा शरीर और मन रिलैक्स होने लगता है। योग के दौरान शरीर से टेंशन दूर होने लगती है। जबकि  मांसपेशियां रिलैक्स होने लगती हैं। पैरासिम्पैथेटिक नव्र्स सिस्टम के सक्रिय होने से एंड्रोफिंस को रिलीज़ होने में मदद मिलती है। इन्हें हैपी हार्मोन्स भी कहा जाता है। योगासन के अभ्यास और प्राणायाम में सांस लेने और छोडऩे से स्ट्रेस और एंग्ज़ायटी को दूर रखने में काफी हद तक मदद मिलती है।

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उत्थित त्रिकोणासन

इस आसन में ट्विस्ट के साथ ही स्ट्रेचिंग को शामिल किया जाता है। उत्थित त्रिकोणासन न सिर्फ रीढ़ की हड्डी को खोलने में बल्कि एंग्ज़ायटी को दूर करने में भी मदद करता है। इसे करने के लिए एकदम सीधे खड़े हो जाएं। पैरों में गैप बनाएं। अब दाएं हाथ को ज़मीन पर रखते हुए बाएं हाथ को एकदम सीधा रखने का प्रयास करें। इस अवस्था में 30 सेकंड तक रुकें। ठीक दूसरे हाथ से भी करने का प्रयास जारी रखें।

धनुरासन

यह आसन न सिर्फ शोल्डर्स बल्कि सीने, और गर्दन की मांसपेशियों को भी एक्सपेंड करने में मदद करता है। यह पेट के निचले हिस्से की मांसपेशियों और पीठ को मज़बूत बनाता है और शरीर की कोर स्ट्रेंथ को स्ट्रॉन्ग बनाने में मददगार है।

दंडासन

यह आसन शरीर में कोर स्ट्रेंथ विकसित करने में मदद करता है। इसका अभ्यास पहली नज़र में आसान दिख सकता है। लेकिन सांसों को नियमित रूप से लेने और छोडऩे के साथ ही रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने में काफी ज़ोर लगाना पड़ता है।  एक बार जैसे ही आप इस आसन को करना बंद करते हैं, रीढ़ पुरानी स्थिति में वापस आ जाती है। इसके साथ ही सारा स्ट्रेस और तनाव भी कम करने में मदद मिलती है। इस बेसिक से दिखने वाले आसन को करने से स्ट्रेस को कम किया जा सकता है। इसे कम से कम तीन बार दोहराएं।

शवासन

शवासन, एंग्ज़ाइटी और डिप्रेशन को दूर करने के लिए किए जाने वाले योगासनों में से सबसे बेहतर है। शवासन न सि$र्फ शरीर बल्कि दिमाग को ज़बरदस्त आराम देता है। कठिन वर्कआउट में आमतौर पर स्ट्रेचिंग, ट्विस्टिंग, कांट्रैक्टिंग और मसल्स की इवर्टिंग शामिल होती है। ऐसे योगासन के बाद शरीर को रीचार्ज करने के लिए आराम बेहद ज़रूरी है।

किसी भी तरह की हाई इंटेंसिटी वर्कआउट या योग के बाद शवासन का अभ्यास ज़रूर करना चाहिए। महज़ 5-10 मिनट शवासन का अभ्यास करने से ही पूरे शरीर को एनर्जी मिल जाती है। योग से शरीर के नर्वस सिस्टम में ढेर सारी न्यूरोमस्क्युलर इनफॉर्मेशन पहुंचती है। इसे करने के लिए सीधे लेट जाएं। पैरों के बीच में थोड़ा गैप रखें। दोनों हाथों को भी फैलाएं। सिर एकदम छत की ओर होना चाहिए।http://satyodaya.com

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लाइफ स्टाइल

जानें, मच्छर के काटने पर होने वाली मलेरिया बीमारी के लक्षण व बचाव

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नई दिल्ली: मलेरिया संक्रमित मच्छर के काटने से होता है। ‘प्लाज्मोडियम’ नाम के पैरासाइट से होने वाली बीमारी मलेरिया है। यह मादा ‘ऐनाफिलीज’ मच्छर के काटने से होता है। जो गंदे पानी में पनपते हैं। ये मच्छर आमतौर पर सूर्यास्त के बाद रात में ही ज्यादा काटते हैं। कुछ केसेज में मलेरिया अंदर ही अंदर बढ़ता रहता है। ऐसे में बुखार ज्यादा ना होकर कमजोरी होने लगती है और एक स्टेज पर पेशंट को हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है, जिससे वह ऐनमिक हो जाता है। वैसे तो मलेरिया आमतौर पर बारिश के मौसम में जुलाई से नवंबर के बीच ज्यादा फैलता है। मलेरिया में हर व्यक्ति की बॉडी कैसे रिऐक्ट करेगी इसका लेवल अलग-अलग होता है।

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मलेरिया के लक्षण
मलेरिया में आमतौर पर एक दिन छोड़कर बुखार आता है और मरीज को बुखार के साथ कंपकंपी (ठंड) भी लगती है। अचानक ठंड के साथ तेज बुखार और फिर गर्मी के साथ तेज बुखार आता है। इसमें पसीने के साथ बुखार कम होना और कमजोरी महसूस होती है। एक, दो या तीन दिन बाद बुखार आते रहना भी एक लक्षण है।
मलेरिया से कैसे बचें?
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अखिलेश उपाध्याय ने बताया। कि अगर कोई व्यक्ति ऐसे इलाके में रहता है। जहां मलेरिया का संक्रमण काफी फैल रहा है। तो वह एंटी मलेरिया की दवाई खाकर खुद को लक्षणों से हफ्तों से महीनों तक बचा सकता है। हालांकि सभी को ऐसे इलाकों को जल्द से जल्द छोड़ने की सलाह दी जाती है। वहीं, अगर ऐसा कोई शख्स इस तरह के किसी इलाके से लौटा है। इसका पक्का इलाज है। 12 महीने के भीतर डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए।http://satyodaya.com

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July 7, 2020, 5:16 am
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