Connect with us

अपना शहर

बाइक सवार युवक ने युवती को मारी टक्कर, अस्पताल में तोड़ा दम…

Published

on

प्रतिकात्मत चित्र

लखनऊ । राजधानी की सड़कों पर तेज़ रफ़्तार का कहर लगातार जारी है। जिसके चलते आए दिन हादसे होते रहते है। इसी से जुड़ा एक मामला सामने आया है। जहां पैदल जा रही एक युवती को बाइक सवार ने जोरदार टक्कर मारी दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गयी। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी की तलाश कर रही है।

ये भी पढ़े- दिनदहाड़े एक युवक को गोली मारकर की हत्या, आरोपी फरार…

यह घटना गुडम्बा थाना क्षेत्र की है। जहां रिंग रोड पर नगमा नाम की युवती पैदल जा रही थी। उसी दौरान बाइक सवार तेज़ रफ़्तार से आ रहा था और उसे जोरदार टक्कर मार दी। इस सड़क हादसे में युवती गंभीर रूप से घायल हो गयी। इसके बाद राहगीरों की सूचना पर पहुँची पुलिस ने घायल युवती को ट्रामा सेंटर भेजा। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और बाइक सवार की तलाश में जुटी हुई है।http://www.satyodaya.com

अपना शहर

Phoenix Mills Limited कर रहा है शॉपिंग मॉल Phoenix Palacio का शुभारंभ

Published

on

लखनऊ:  08 जुलाई, 2020 भारत धीरे-धीरे अनलॉक हो रहा है। और इसके साथ ही लखनऊ में नए शॉपिंग मॉल फीनिक्स पलासियो को खोला गया है। ये मॉल 13.53 एकड़ में फैला है। साथ ही इसका बिल्ट-अप क्षेत्र 1 मिलियन वर्ग फीट है। इसमें शॉपिंग मॉल्स के इतिहास की अब तक की सबसे भव्य वास्तुकला दिखाई देगी। शहीद पथ एक्सप्रेस वे पर बना यह मॉल बिल्कुल अलग छाप छोड़ता है। स्तंभों से साथ लंबाई में बना बाहरी हिस्सा पहली ही नज़र में लुभाता है। मॉल में तीन बड़े एंट्री गेट (उत्तर, दक्षिण और पश्चिम) और इसमें 200 फीट ऊंचा म्युझिकल फव्वारा है। जो गोल आकार के एंट्री गेट में पहुचने से पहले ही आनेवालों को इस की भव्यता से परिचित कराता है। फीनिक्स पलासियो में यूरोपीय और अवधी प्रभाव के साथ क्लासिक वास्तुकला का शानदार मेल किया गया है। जो शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक स्वभाव को दर्शाता है।

यह भी पढ़ें: नहीं रहे शोले के सूरमा भोपाली कॉमेडियन जगदीप,फैंस ने साल 2020 पर निकाली भड़ास

सबसे खास यह है कि इसे कोविड-19 के दौर में शुरू किया जा रहा है। फीनिक्स पलासियो यहां आने वाले खरीदारों की भलाई और सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। यहां आनेवाले कई खरीदार ऐसे होंगे जो लॉकडाउन के बाद पहली बार किसी मॉल में जाएंगे। मॉल ने अपनी परिचालन प्रक्रियाओं में दुनिया भर में लागू बेहतरीन तरीकों को शामिल किया है ताकि खरीदारों को सुरक्षित और तनाव-मुक्त वातावरण में शानदार अनुभव दिया जा सके। फीनिक्स पलासियो ने हर टचप्वाइंट को कोविड से मुक्त रखने में काफी निवेश किया है। इनमें न्यूनतम संपर्क सेवाएँ (मिनिमल कांटेक्ट सर्विसेज), सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए फ़्लोर मार्कर, बैग की यूवी स्क्रीनिंग, प्री-सैनिटाइज़्ड शॉपिंग ट्रॉलियां, आसान पहुँच के लिए कई जगहों पर रखे गए हैंड सैनिटाइज़र, और रिटेल आउटलेट्स व कार पार्किंग में संपर्क रहित भुगतान शामिल हैं। ये उपाय उपभोक्ताओं, खुदरा भागीदारों और कर्मचारियों के लिए लागू किए गए हैं, जो सभी के लिए सुरक्षित अनुभव सुनिश्चित करेंगे।

द फीनिक्स मिल्स लिमिटेड के नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन, श्री अतुल रुइया ने कहा, ” फीनिक्स पलासियो 5 मिलियन वर्गफीट से अधिक के विस्तार के रूप में हमारे द्वारा लखनऊ, पुणे, बेंगलुरु, इंदौर और अहमदाबाद में विकसित किए जा रहे पांच मॉल्स में से पहला है जो शुरू हो रहा है। इस विस्तार से वित्तवर्ष 24 तक हमारा मॉल पोर्टफोलियो दोगुना हो जाएगा। हमें विश्वास है कि जैसे-जैसे देश अनलॉक होगा, सरकारी दिशा निर्देशों के कठोर अनुपालन और खुदरा क्षेत्र में दुनिया भर की बेहतरीन प्रथाओं को अपनाने से सेक्टर का पुनरुद्धार होगा। फीनिक्स मिल्स का ध्यान मॉल प्रबंधन में नए बेंचमार्क सेट करके अपने भागीदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर केंद्रित है और हम आज लखनऊ में फीनिक्स पलासियो के उद्घाटन की घोषणा करते हुए न्यू नार्मल की तरफ अपना कदम रख रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में फीनिक्स पलासियो को शुरू करना दर्शाता है कि मॉल के माध्यम से हम लोगों की सेवा करने और हमसे जुड़े समुदायों को आजीविका प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

द फीनिक्स मिल्स की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर – मॉल्स,  सुश्री रश्मि सेन ने कहा,””हम अपने मॉल्स में भव्यता और विलासिता के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अपने कस्टमर्स को अभूतपूर्व अनुभव देना चाहते हैं। हम फीनिक्स पलासियो में शुरुआती महीने में करीब 150 ब्रांड के साथ मॉल शुरू करने जा रहे हैं और हम इस बात से बेहद खुश हैं कि हमारे भागीदारों ने वर्तमान कारोबारी माहौल में हम पर विश्वास व्यक्त किया है।”

फीनिक्स पलासियो के साथ भागीदारी करने वाले जाने-माने ब्रांड्स के बारे में उन्होंने कहा, “हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मॉल पूरी तरह से लीज़ प रहै। कई प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय ब्रांड्स ने हमारे साथ भागीदारी की है, जिनमें से कुछ पहली बार लखनऊ में अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। फीनिक्स पलासियो लखनऊ में 60 नए ब्रांड पेश करेगा। एचएंडएम, एल्डो, मैंगो, बाथएंडबॉडीवर्क्स, स्टीवमैडेन, दकलेक्टिव, अंडरआर्मर, ब्रूक्सब्रदर्स, अरमानीएक्सचेंज, गैस, कवरस्टोरी, चार्ल्स और कीथ जैसे ब्रांड लखनऊ शहर में पहली बार दिखाई देंगे। स्टारबक्स भी फीनिक्स पलासियो के साथ लखनऊ में शुरुआत करेगी। लाइफस्टाइल, वेस्टसाइड, मार्क्स एंड स्पेंसर, शॉपर्स स्टॉप, पैंटालून्स, मैक्स और बिगबाजार जैसे एंकर ब्रांड फीनिक्स पलासियो में खरीदारी के अनुभव को बेहतर बनाएंगे। ”

फीनिक्स पलासियो के सेंटर डायरेक्टर, श्री संजीव सरीन ने कहा, “फीनिक्स यूनाइटेड के ज़रिए लगभग एक दशक से लखनऊ से जुड़ा होने के कारण हम शहर के उपभोक्ताओं को गहराई से समझते हैं। फीनिक्स यूनाइटेड ने लॉकडाउन के बाद फिर से खुलने पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी है, यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से बेहतरी के रास्ते पर है। सुरक्षा पर हमारा पूरा जोर और अभूतपूर्व ब्रांड पोर्टफोलियो हमें कुछ ही समय में क्षेत्र में जानी-मानी जगह बना देगा। गोमती नगर एक्सटेंशन में होने से फीनिक्स पलासियो न केवल लखनऊ शहर के बल्कि कानपुर, बाराबंकी, रायबरेली, फैजाबाद और वाराणसी जैसे आसपास के शहरों और कस्बों के ऐसे उपभोक्ताओं को भी आकर्षित करेगा जो प्रीमियम और लक्जरी ब्रांड्स की खरीदारी के साथ बेहतरीन अनुभव लेना चाहते हैं।”

फिनिक्सि पलासियो में सुरक्षा के उपाय:

  • मॉल में चौबीसों घंटे सैनीटाइज़ेशन की व्य5वस्थाक, बार-बार छूए जाने वाले स्थांनों का डीप सैनीटाइज़शन
  • भीड़ पर नियंत्रण के लिए रियल टाइम कस्टएमर डेन्स्टिी चेक
  • हरएंट्रीगेट पर थर्मल कैमरे से स्क्री निंग
  • हैंडबैग्से को डिस्इंसफेक्टय करने के लिए यूवी स्कैथनर्स
  • चेहरे पर मास्क लगाना अनिवार्य
  • सीपीडब्यूमास डी और आईएसएचआरएई के मुताबिक, सुरक्षित सैंट्रज एयर कंडिशनिंग
  • जूतों-चप्पललों को डिस्इंएफेक्टं करने के लिए सैनीटाइज़ेशन मैट
  • स्टो र के अंदर, लाइनों में, एस्केजटर और एलीवेटर में सोशल डिस्टैं सिंग के नियमों का कड़ाई से पालन
  • शॉपिंग बैग्सट को डिस्इंइफेक्टम करने के लिए यूवी बॉक्स
  • फूड कोर्ट सामान्ये के मुकाबले 50% क्षमता के साथ काम करेंगेhttp://satyodaya.com
Continue Reading

अपना शहर

राजधानी के हाॅर्नर कॉलेज ने मनाया अपना स्वर्ण जयंती समारोह

Published

on

लखनऊ। राजधानी के महानगर विस्तार स्थित हाॅर्नर कॉलेज ने अपने स्थापना के 50 वर्ष पूरे कर लिए हैं। मंगलवार को काॅलेज ने अपना स्वर्ण जयंती समारोह मनाया। कोविड-19 के चलते समारोह फीका रहा। सीमित संख्या में शिक्षकों व अतिथियों के साथ छोटा सा कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम का आयोजन काॅलेज के बहुउद्देशीय सभागार ‘दी एट्रिअम’ में हुआ। कार्यक्रम में सिटी मॉन्टेसरी स्कूल गोमतीनगर कैंपस-2 की वरिष्ठ प्राचार्य मंजीत बत्रा, प्रिंसिपल वेरा हजेला स्टेशन रोड कैंपस और चैक कैंपस की अदिति शर्मा, स्प्रिंग डेल ग्रुप ऑफ स्कूल्स की निदेशक रीता खन्ना, बिड़ला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल दीया बैजल सहित कुछ अन्य लोग अतिथियों के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में हाॅर्नर कॉलेज के इतिहास पर एक मल्टी मीडिया प्रस्तुत किया गया, जिसका यू-ट्यूब पर सीधा प्रसारण किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. माला मेहरा ने काॅलेज की स्थापना, उदेश्य आदि के बारे में जानकारी देते हुए सभी को उनके निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

ऐसी हुई थी काॅलेज की स्थापना

प्रधानाचार्या ने बताया कि हाॅर्नर कॉलेज की स्थापना 1969 में हुई थी और अप्रैल, 1969 में मुख्यमंत्री सीबी गुप्ता ने इसका शिलान्यास किया था। स्कूल 5 जुलाई 1970 को 5 शिक्षकों और 32 छात्रों के साथ प्राथमिक कक्षाओं के लिए शुरू हुआ था। स्कूल का नाम मिस्टर डिक हाॅर्नर के नाम पर रखा गया, जो इसके संस्थापक डॉ सुरेन्द्र सिंह के मित्र थे। सुरेंद्र सिंह हरदोई के ग्राम मंजला के रहने वाले थे। जबकि उनकी पत्नी दिल्ली से थीं। वे कड़ी मेहनत और शिक्षा के माध्यम से संयुक्त राज्य अमेरिका पहुंचे, जहां उन्होंने अपने शैक्षिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाया और जल्द ही शादी कर ली। दोनों विद्धानों ने 1956 से 1968 तक अमेरिका में समय बिताया।

व्हाइट हाउस तक बढ़ाया भारत का मान

उन्होंने व्हाइट हाउस तक भारत को बढ़ावा देकर अपने राष्ट्र में प्रशंसा हासिल की। सुरेंद्र सिंह अमेरिका के तत्कालीन उपराष्ट्रपति, ह्यूबर्ट हम्फ्री के एक मित्र बन गए। इसी दौराव वह भारत के प्रधानमंत्री पं जवाहर लाल नेहरू से मिले। पीएम नेहरू, इंदिरा गांधी, बीके नेहरू, राजदूत टीएन कौल और कई गणमान्य भारतीय व्यक्तियों ने युवा जोड़े से भारत लौटने और अपनी मातृभूमि की सेवा करने का आग्रह किया। इसके बाद सुरेन्द्र सिंह 1968 में भारत लौटे और जिला हरदोई में और उसके आसपास सरकार के लिए कई स्कूलों के अलावा हाॅर्नर स्कूल की स्थापना की।

अवध विवि फैजाबाद के संस्थापक कुलपति भी बने डॉ. सुरेंद्र सिंह

प्रिंसिपल ने बताया कि तत्कालीन राज्यपाल अकबर अली ने डॉ. सुरेंद्र सिंह के पैतृक गाँव हरदोई में बैंक और स्कूल का उद्घाटन किया। बाद में, महामहिम चेन्ना रेड्डी और मुख्यमंत्री एच.एन. बहुगुणा ने डॉ. सिंह को अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद के संस्थापक कुलपति के रूप में आमंत्रित किया। अपने स्वयं के प्रयासों के माध्यम से हाॅर्नर स्कूल की प्रगति हुई और वह निरंतर आगे बढ़ता गया। 1985 में हाई स्कूल शुरू करने के लिए सरकार से एक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किया।

उसके बाद भारतीय स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा, नई दिल्ली के लिए परिषद से संबद्ध हो गया। विद्यालय में छात्रों को समायोजित करने के लिए एक मंजिल की स्थापना हो चुकी थी।। 1990 के बाद कॉमर्स स्ट्रीम में इंटरमीडिएट सेक्शन (12वीं कक्षा) और फिर 2000 में साइंस स्ट्रीम से संबद्धता निश्चित हुई।

पिछले 50 वर्षों में काॅलेज से निकले हजारों छात्रों ने हासिल किया मुकाम

प्रिंसिपल ने बताया पिछले 50 गौरवशाली वर्षों ने हजारों पूर्व छात्र चिकित्सा, इंजीनियरिंग, आईएएस, वेंचर कैपिटलिज्म, लघु उद्योग उद्यमिता और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में अपने व्यक्तिगत विकास में सफलता के शिखर पर पहुंचे हैं। इस संस्था का संकल्प शिक्षण अधिगम परिणामों के लिए अत्याधुनिक शिक्षण पद्धतियों को प्रदान करने का है। क्योंकि हाॅर्नर काॅलेज आर्थिक, जातिगत एवं धर्मगत भावनाओं से ऊपर उठकर शिक्षा प्रदान करता हैं। क्योंकि शिक्षा सभी के लिए एक समान है।

यह भी पढ़ें-रायबरेली, सीतापुर, हरदोई व लखीमपुर-खीरी तक बढ़ेगा लखनऊ विवि का क्षेत्राधिकार

विद्यालय में 40 प्रतिशत छात्रों को विभिन्न छात्रवृत्तियां और रियायतें दी जाती हैं। ताकि सभी को शिक्षा का लाभ मिल सके। राष्ट्र निर्माण की दिशा में सेवा प्रदान करने के लिए संस्थापक अपनी मातृभूमि में लौट आए थे और यह संकल्प उनके जीवन का मुख्य आधार बन गया। इस प्रकार गौरवशाली 50 वर्ष उनके ‘मानव सेवा हीभगवान की सेवा’ (सर्विस टू मैन इज सर्विस टू गोड) के मिशन का एक प्रमाण है। उनका आदर्श लेट द लैम्प ऑफ विजडम लाइट द वे’ है। यहाँ एक उज्जवल भविष्य के लिए अपने संस्थापकों की इस विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

समय के साथ बदलती तकनीक से बिठाया तालमेल

प्रिसिपल ने बताया कि पिछले दशक में कॉलेज की उन्नति में तेजी से वृद्धि हुई। जिसमें शहर के 1100 स्कूलों के बीच स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में 6वाँ सबसे स्वच्छ विद्यालय होने के साथ-साथ सेनेटरी टॉवल वेंडिंग मशीनों और इंक्रीब्यूटर्स के साथ आदर्श स्कूल बन गया। तकनीकी प्रगति के विषय में पहले 1980 में कंप्यूटर शिक्षा के साथ पहला स्कूल होने के साथ 2000 में अपनी स्वतंत्र वेबसाइट होस्ट करने के लिए अपने स्वतंत्र ऐप के साथ पहला स्कूल और डेबिट और क्रेडिट कार्ड मशीनों के साथ पहला पूरी तरह से नगदी रहित (कैशलैस) स्कूल बना।

यह भी पढ़ें-यूपीः पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1,196 नए मामले, आंकड़ा पहुंचा 31,156

ऑनलाइन भुगतान और पेटीएम सुविधाएं विद्यालय मैं शुरू हो गई। हाॅर्नर कॉलेज को 2013 से ऑनलाइन परीक्षा की शुरुआत करने वाले एकमात्र स्कूल होने का गौरव प्राप्त है। अब कोरोना महामारी के दौरान कक्षा 9 से 12 के लिए ऑनलाइन परीक्षाओं का संचालन किया है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

अपना शहर

गंभीर चूक: कोरोना जांच के लिए भेजी गई गर्भवती का लाइन में खड़े-खड़े हो गया प्रसव

Published

on

लोहिया संस्थान में गंभीर लापरवाही, दर्द से कराहती महिला को डाक्टरों ने लाइन में लगवाया

लखनऊ। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्‍थान में एक बार फि‍र अव्‍यवस्‍था का मामला सामने आया है, सोमवार को संस्‍थान की जच्‍चा-बच्‍चा इमरजेंसी में पहुंची महिला को कोविड जांच के लिए परचा बनाने की लाइन में भेज दिया गया, जहां महिला को प्रसव हो गया। जानकारी के अनुसार गर्भवती महिला डिलीवरी के लिए संस्‍थान की जच्‍चा-बच्‍चा इमरजेंसी पहुंची थी, लेकिन वहां मौजूद डॉक्‍टर ने महिला को भर्ती न कर उससे पहले कोविड जांच करा कर आने को कहा।

महिला कोविड जांच के लिए परचा बनवाने की लाइन में लग गयी। इसी बीच उसकी प्रसव पीड़ा तीव्र हो गयी और उसने वहीं शिशु को जन्‍म दे दिया। ऐसी‍ स्थिति देख वहां हड़कम्‍प मच गया, आनन-फानन में महिला और शिशु को लेबर रूम ले जाकर आगे की प्रक्रिया पूरी की गयी।

संस्‍थान प्रशासन ने माना, लापरवाही हुई

इस बारे में संस्‍थान के प्रवक्‍ता डॉ श्रीकेश ने बताया कि हां यह मामला सामने आया है, इस मामले में संस्‍थान प्रशासन का मानना है कि यह लापरवाही हुई है, इमरजेंसी पहुंची महिला को तुरंत भर्ती करने के बाद कोविड की जांच करायी जानी चाहिये थी, इसके लिए जिम्‍मेदार लोगों की जानकारी जुटायी जा रही है, और इस लापरवाही के लिए जिम्‍मेदार व्‍यक्ति के खिलाफ संस्‍थान कार्रवाई करेगा।

यह भी पढ़ें-विकास दुबे पर अब ढाई लाख का ईनाम, उन्नाव में टोल प्लाजा पर लगाए गए पोस्टर

 बता दें कि राजधानी सहित प्रदेश भर के अस्पतालों में लागू कोरोना प्रोटोकाॅल सामान्य बीमारियों व गंभीर मरीजों पर भारी पड़ रहे हैं। अस्पताल पहुंचने वाले हर मरीज की थर्मल स्क्रीनिंग व ऑपरेशनल मरीजों की अनिवार्य कोरोना जांच के चलते कई मरीजों की जान खतरे में पड़ रही है।

सामान्य व गंभीर मरीजों के लिए एक ही लाइन

बता दें कि लोहिया संस्थान में कोविड अस्पताल भी बनाया गया है। ओपीडी में आने वाले सामान्य मरीजों की थर्मल स्क्रीनिंग की जार रही है। जबकि गंभीर मरीजों व ऑपरेशन वाले मरीजों की कोरोना जांच अनिवार्य है। यहां सामान्य मरीजों व गंभीर मरीजों को एक ही लाइन में लगाकर कोविड टेस्ट किया जा रहा है। भीड़ अधिक होने के चलते इमरजेंसी वाले मरीजों को मुसीबत का सामना करना पड़ता है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

July 9, 2020, 2:03 pm
Mostly cloudy
Mostly cloudy
33°C
real feel: 40°C
current pressure: 1000 mb
humidity: 66%
wind speed: 2 m/s W
wind gusts: 2 m/s
UV-Index: 5
sunrise: 4:50 am
sunset: 6:34 pm
 

Recent Posts

Trending