Connect with us

अपना शहर

राजधानी में डॉक्टरों की हड़ताल का असर दिखना शुरू, हंगामा करते हुए गेट पर डाला ताला…

Published

on

लखनऊ। पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं बंगाल सहित देश के कई राज्यों में डॉक्टरों के साथ हुई इस हिंसा के विरोध में डॉक्टरों ने हड़ताल और प्रदर्शन किया था। डॉक्टरों की हड़ताल में मरीज और उनके परिजनों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं अस्पताल के मरीजों को अभी भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि एक बार फिर डॉक्टरों ने देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। वहीं लखनऊ में भी डॉक्टरों की हड़ताल का असर दिखना शुरू हो गया है, क्योंकि केजीएमयू के ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी में भी इलाज नहीं हो पा रहा है। आपको बता दें कि इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर पर मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ओपीडी में आने वाले गंभीर मरीज ट्रामा सेंटर  पहुंच रहें हैं।

ये भी पढ़े: सांसद के रूप में पीएम नरेंद्र मोदी आज सबसे पहले ग्रहण करेंगे शपथ…

ट्रामा सेंटर के बाहर से लेकर अंदर तक मरीजों का तांता लगा हुआ है। वहीं केजीएमयू, पीजीआई, लोहिया संस्थान स्ट्राइक पर चल रहें है। करणवश बलरामपुर अस्पताल, सिविल अस्पताल और लोकबंधु की ओपीडी चल रही है। इसके साथ ही केजीएमयू और पीजीआई में जूनियर रेजिडेंट हंगामें पर उतारू हो गए है। वहीं न्यू ओपीडी में रेजिडेंट डॉक्टरों ने हंगामा करते हुए गेट पर ताला दाल दिया है और वह किसी को भी अंदर नहीं जाने दे रहें है।

जानकारी के मुताबिक कुलपति, प्रॉक्टर और सीएमएस की भी सुनी को डॉक्टर अनसुना कर रहें है। वहीं जूनियर रेजिडेंट्स डॉक्टर पीजीआई की ओपीडी में ममता सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर जबरदस्त हंगामा कर रहें है, जिससे मरीजों को परेशानियां उठानी पड़ रही है। बता दें कि बंगाल में हुई डॉक्टरों के साथ हिंसा के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने एक दिन की हड़ताल की घोषणा की है। फिलहाल इमरजेंसी सेवाओं पर इसका असर नहीं पड़ेगा। इस हड़ताल की वजह से दिल्ली में सोमवार को करीब 80 फीसदी ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी।http://www.satyodaya.com

अपना शहर

समान कार्य-समान वेतन समेत 12 सूत्रीय समस्याओं को लेकर विद्धुत संविदा कर्मियों का धरना-प्रदर्शन

Published

on

Uppcl

लखनऊ । उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निविदा संविदा संघ के बैनर तले प्रदेश भर से एकत्र हुए विद्युत विभाग में कार्यरत आउटसोर्सिंग संविदा कर्मियों ने हाइकोर्ट द्वारा आदेशित समान कार्य समान वेतन समेत 12 सूत्रीय समस्याओ को लेकर आलमबाग के इको गार्डन पार्क में धरना-प्रदर्शन किया । गुरुवार को कड़ी धूप में सैकड़ो की संख्या में संविदा कर्मियों ने पावर कार्पोरेशन के प्रबंधन के खिलाफ हल्ला बोला ।

धरने का नेतृत्व कर रहे संघ के महामंत्री देवेन्द्र कुमार पांडेय ने बताया कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को आधा अधुरा वेतन, ईपीएफ और ईएसआई में घोटाला, अधिकारियों द्वारा सौतेला व्यवहार बिना सुरक्षा उपकरण के दबाव बनाकर कार्य कराने से आये दिन होने वाली दुर्घटनाओं में मृत्यु-अपंग समेत कई समस्याओं के समाधान के लिए अध्यक्ष कारपोरेशन से वार्ता के लिए पत्र भेजा था पर उस पर कोई निर्णय नही लिया गया ।

संविदा कर्मियों के समर्थन में सांसद मोहनलालगंज ने भी प्रस्तावित पत्र भेजा था लेकिन उसमें भी कोई रुचि नही दिखाया गया । इस कारण हम सभी संविदा कर्मी आंदोलन करने को मजबुर हैं । वहीं संघ के प्रदेश अध्यक्ष मो. खालिद ने बताया कि प्रबंधन या सरकार कोई कदम नही उठाती है तो संविदा कर्मी-क्रमिक अनशन करने को मजबूर हो गए हैं । उन्होंने कहा कि रात हो या दिन, बरसात के मौसम हो या तेज धूप संविदा कर्मी हमेशा उपभोक्ताओं को 24 घण्टे बिजली देने के लिए तैयार रहता है, हां उसे बस किसी इंजीनियर के कहने भर का इंतजार होता है । जबकी संविदा कर्मी कार्य करते समय कोई घटना हो जायें तो इंजीनियर का कहना होता है कि वह प्राइवेट कार्य करने गया था ।

यहां तक की दुर्घटना के बाद भी संविदा कर्मी का सही इलाज तक नही हो पाता है । धरना स्थल पर संतोष कुमार फतेहपुर के बिन्दकी सब स्टेशन पर संविदा नौकरी कर रहा था, बीते वर्ष बिजली का कार्य करते समय संतोष का दुर्घटना में पैर और हाथ झुलस गया था । जिसे कुछ दिन तक अधिशासी अभियंता ने इलाज कराया फिर कुछ दिन बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया । धरना स्थल पर संतोष अपनी पत्नी के साथ आया था और अधिकारियों से अपनी गुहार लगा रहा था कि 16 वर्ष विभाग में नौकरी करने के बाद अब कटा हुआ हाथ लेकर किससे नौकरी मांगू । इतना कहते ही धरना स्थल पर मौजूद लोगों की आखो में आशू आ गया ।

यह भी पढ़ें: कल्बे जव्वाद ने सरकार को लिया आड़े हाथ, कहा- पहले करवाती थी एनकाउंटर अब करा रही है मॉब लिंचिंग

प्रदेश महामंत्री देवेंद्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि तमाम आश्वासन के बाद भी संविदा कर्मियों को शोषण जारी है । संविदा कर्मियों को समय से वेतन मिलना दूर, कई कई माह से वेतन नहीं दिया जा रहा है, ईपीएफ व ईएसआई के मद्द में करोड़ों का घोटाला किया जा रहा है । यही नहीं संविदा कर्मियों से सौतेला व्यवहार बिजली विभाग में किया जा रहा है ।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

अपना शहर

ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग, मौके पर पहुंचे दमकल कर्मी…

Published

on

लखनऊ। जहां एक तरफ लोग भीषण गर्मी से परेशान वहीं दूसरी तरफ शहर में आग लगने का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला हजरतगंज थाना क्षेत्र स्थित कसमंडा अपार्टमेंट का है, जहां ट्रांसफार्मर में भीषण आग लग गई है।

ये भी पढ़े: पुलिस ने चोरी के विद्युत केबिल के साथ युवक को किया गिरफ्तार…

आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया है। लोगों ने मौके पर इस घटना की सूचना दमकल विभाग को पहुंचाई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ी कड़ी मशक्कत के साथ आग बुझाने के प्रयास में जुटी हुई है। फिलहाल ट्रांसफॉर्मर में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रही है। http://www.satyodaya.com

Continue Reading

अपना शहर

दिल की धड़कन को रोककर दिमाग की सर्जरी द्वारा बचाई मरीज़ की जान…

Published

on

ब्रेन एन्यूरिस्म पीड़ित मरीज की हुई बे्रन सर्जरी

 लखनऊ। 28 जून 2019 अपोलो मेडिक्स सुपर स्पेशलटी हॉस्पिटल के न्यूरो विभाग ने एक जटिल सर्जरी कर मरीज की जान बचाई। अपोलो मेडिक्स के न्यूरो सर्जन डॉक्टर रविशंकर ने ब्रेन एन्यूरिस्म पीड़ित मरीज की बे्रन सर्जरी के लिये उसके दिल की धड़कन को कुछ समय के लिये रोक दिया। जिससे सर्जरी के खतरे को कम किया जा सका।

यह भी पढ़ें: भारत की ये 6 जगहें, कम बजट में घूमने के लिए हैं बेहतरीन…

अपोलो मेडिक्स सुपर स्पेशलटी हॉस्पिटल के न्यूरो विभाग के न्यूरो सर्जन डॉक्टर रविशंकर ने जानकारी देते हुये बताया कि हमारे पास ब्रेन एन्यूरिस्म पीड़ित 35 वर्षीय बाराबंकी निवासी मनोज वर्मा बेहोशी की हालत में, गंभीर स्थिति में अपोलोमेडिक्स रेफेर किया गया। ब्रेन एन्यूरिस्म में मरीज के खून की नली में ही खून का एक गुब्बारा बन जाता है। डॉक्टर रविशंकर ने आगे बताया कि इस का इलाज क्रैनियोटोमी व क्लिपिंग ऑफ एन्यूरिस्म द्वारा किया जाता है, जिसमें खून के गुब्बारे को एक क्लिप के माध्यम से बंद कर दिया जाता है। इस बीमारी में सर्जरी के बाद भी मृत्यु दर बहुत अधिक होती है। हमने जांच में पाया कि मरीज के डोमिनेंट ब्रेन के हिस्से की मुख्य खून की नली से आगे जाने वाली दो नलियों के पास गुब्बारा बना हुआ था जो नलियों से चिपका हुआ था। इस अवस्था में इसे बंद करने पर वाहिनियों में अवरोध होने व नुकसान की संभावना थी जिससे मरीज़ के सोचने समझने की क्षमता और बोलने की क्षमता पर काफी नकारात्मक असर आ सकता था। साथ ही मरीज के दायें हाथ की गतिविधि भी प्रभावित हो सकती थी या जान का खतरा भी हो सकता था। इसलिये हमने पहले गुब्बारे को सिकोड़ने का निर्णय लिया। इस लिये हम मरीज को चार बार दवाइयों के सहारे कृत्रिम मृत अवस्था (कार्डियक अरेस्ट) में ले गये। 7 घंटे चले इस आपरेशन में हमने मरीज की धड़कन को करीब 45 सेकंड के लिये 4 बार बंद किया और फिर सर्जरी की। इस प्रक्रिया में हमें उन

45 सेकंड में सामान्य सर्जिकल गति की 100 गुना गति से काम करना पड़ा जिसके लिए अत्यधिक कुशलता और विशेष प्रकार की ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है। इस प्रक्रिया के बाद मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ है और आपरेशन के तुरंत बाद ही बातचीत करने लगा है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

June 29, 2019, 9:51 am
Partly sunny
Partly sunny
35°C
real feel: 39°C
current pressure: 1000 mb
humidity: 43%
wind speed: 3 m/s WNW
wind gusts: 3 m/s
UV-Index: 5
sunrise: 4:46 am
sunset: 6:34 pm
 

Recent Posts

Trending