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सीओ रामपुर के खिलाफ कार्रवाई न होने से प्रदेश भर के बिजली कर्मचारी नाराज

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एक घण्टे का कार्य बहिष्कार कर जताया विरोध

लखनऊ। सीओ रामपुर द्वारा अपने कार्यालय में बुलाकर बिजली कर्मचारियों से मारपीट करने और झूठे मुकदमे में फंसाने के मामले में दो माह बाद भी कार्रवाई न होने से प्रदेश भर के बिजली कर्मचारियों में रोष है। जिसके विरोध में बिजली कर्मचारी अब आर-पास की लड़ाई के मूड में आ चुके हैं। इसकी शुरूआत उन्होंने गुरुवार को एक घण्टे कार्य बहिष्कार के साथ की। इसके साथ ऐलान किया कि शुक्रवार और शनिवार को दो घण्टे का कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
पूरे प्रदेश में विद्युत अभियन्ताओं ने 1 घण्टे का कार्य बहिष्कार करते हुए विरोध सभाएं आयोजित की जिसमें विद्युत अभियन्ताओं ने आरोपी पुलिस अधिकारी को निलम्बित करने तथा उनके विरूद्ध ठोस कार्रवाई करने, विद्युत अभियन्ताओं को सुरक्षा की गारण्टी दिये जाने, ई-सुविधा सेवा प्रदाता कम्पनी के साथ तीन गुनी दरों पर किये गये अनुबन्ध को निरस्त करने की मांग की गयी।

लखनऊ में शक्ति भवन पर विरोध सभा हुई जिसमें सैकड़ों की संख्या में अभियन्ता सम्मिलित हुए। अभियन्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार एवं ऊर्जा निगम प्रबन्धन ने विद्युत अभियन्ताओं को न्याय नहीं दिया तथा समय रहते मांगों पर सार्थक कार्यवाही न हुई तो और तीव्र आन्दोलन किया जायेगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबन्धन की होगी।
विद्युत अभियन्ता संघ के अध्यक्ष जीके मिश्रा एवं महासचिव राजीव सिंह ने कहा कि सरकार एवं प्रबन्धन के लचर रवैये के चलते विद्युत अभियन्ताओं के साथ मार-पीट एवं जानलेवा हमले हो रहे हैं। पुलिस अधिकारी अपने ही कार्यालय में विद्युत अभियन्ताओं पर जानलेवा हमले कर रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि विगत वर्ष सम्पन्न हुए विद्युत अभियन्ताओं के महाधिवेशन में प्रमुख सचिव(ऊर्जा) एवं अध्यक्ष पावर कारपोरेशन ने स्पष्ट रूप से घोषणा की थी कि अभियन्ताओं को पूर्ण सुरक्षा दी जायेगी। लेकिन दिनांक 24 अप्रैल की रामपुर की घटना के आरोपी पुलिस अधिकारी सीओ सिटी पर कोई कार्रवाई न होने से स्पष्ट है कि पावर कारपोरेशन प्रबन्धन विद्युत अभियन्ताओं को सुरक्षा देने में पूरी तरह से विफल रहा है।
विरोध सभा में विद्युत अभियन्ताओं ने ‘विद्युत अभियन्ताओं को न्याय दो’ ‘विशाल मलिक को न्याय दो’ ‘सीओ सिटी रामपुर को निलम्बित करो’ ‘ई-सुविधा का तीन गुनी दरों का टेण्डर निरस्त करो’ ‘परेशान करने वाली कार्य पद्धति बन्द करो’ ‘मानसिक तनाव देना बन्द करो’ ‘प्रताड़ित करने वाली स्थानान्तरण नीति वापस लो’ ‘छुट्टियों में ऑफिस बन्द रहें’ आदि तमाम नारे लगाकर अपना रोष व्यक्त किया।

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बता दें कि विगत 24 अप्रैल 2019 को रामपुर के सीओ सिटी आशुतोष तिवारी पर अपने कार्यालय में विद्युत विभाग के सहायक अभियन्ता(मीटर) को बुलाकर उनके साथ अभद्रता, मारपीट एवं जानलेवा हमला करने का आरोप है। बिजली कर्मचारियों का कहना है कि पुलि अधिकारी ने अभियंता को नारकोटिक्स एक्ट एवं आर्म्स एक्ट के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। घटना की रिपोर्ट लिखवाई गयी लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी आरोपी सीओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

लखनऊ में हुई विरोध सभा में मुख्यतया राम प्रकाश, सीवीएस गौतम, एके सिंह, ए0एन0 सिंह, अजय मिश्रा, संदीप पाण्डेय, पीके पाण्डेय, जटाशंकर मिश्रा, संदीप राठौर, विजय गुप्ता, अंकुर भारद्वाज, केके यादव, संदीप अग्रवाल, शशांक चैधरी, राहुल सिंह, शिवम् त्रिपाठी, केके वर्मा, आरएस जायसवाल, प्रवीण कुमार, अंकित कुमार, ओपी सिंह, अजय द्विवेदी, विकास मधेसिया, बृजेश कुमार, निखिल सक्सेना, एनके गुप्ता, अनलि कुमार सिंह, उजैर अहमद, विनोद सिंह, केशव देव, आलोक श्रीवास्तव, विजय सलूजा, विजय राज, केपी खान, पीके सिंह, लाल सिंह, संतोश यादव, बीबी राय, एससी यादव, डीके त्रिपाठी, अनिल तिवारी, आजमी, डीपी सिंह, रजनीश प्रकाश, डीके ओझा, पूनम मिश्रा, अनूप सिंह, अरशद, रिजवी, आशू कालिया, सीपी तिवारी, वीके ओझा, अंशुमान यादव, अशोक श्रीवास्तव, पंकज अग्रवाल, संदीप त्रिपाठी, एसएन गर्ग, दीपिका पाण्डेय, विजय तिवारी, तौकीर अहमद, पुष्कर सिंह, रजनीश श्रीवास्तव, सौरभ सिंह, मनीष सिंह, मो. शाहिद, बीके सिंह, प्रदीप वर्मा, आशीष सिंह, अभिषेक कुमार, उपेन्द्र आदि उपस्थित हुए।http://www.satyodaya.com

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मौलाना कल्बे जव्वाद पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद : जमीर नकवी

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लखनऊ। शिया धर्म गुरू मौलाना कल्बे जव्वाद के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड.न के मामले में नया मोड. आ गया है। शिया धर्म गुरू पर जिस लड.की के यौन उत्पीड.न का आरोप लगाया गया है, उसने खुद लखनऊ पुलिस और मीडिया को एक पत्र लिखते हुए बताया है कि मौलाना पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। शिया धर्मगुरु पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर गुरुवार को आल इंडिया मुस्लिम काउंसिल के अध्यक्ष अल्लामा जमीर नकवी ने प्रेस वार्ता की।
जमीर नकवी ने कहा कि मौलाना कल्बे जव्वाद और मेरा 45 वर्षों का साथ है। इतने वर्षों में धर्म गुरू पर किसी ने उंगली तक नहीं उठायी लेकिन अब उनके खिलाफ घटिया आरोप लगाए जा रहे हैं। आल इंडिया मुस्लिम काउंसिल के अध्यक्ष ने कहा कि अपनी बेटी को हथियार बनाकर नौशाद अली मौलाना कल्बे जव्वाद को बदनाम कर रहा है। नौशाद अली खुद अपराधी है और सेक्स रैकेट चलाता है। अल्लामा जमीर नकवी ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस सब साजिश के पीछे शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी का हाथ है।

नौशाद अली तो एक मोहरा है। ऐसा तब से शुरू हुआ जब से मौलाना कल्बे जव्वाद ने शिया वक्फ बोर्ड में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठानी शुरू की। कल्बे जवाद सपा सरकार में शिया वक्फ बोर्ड में हो रहे भ्रष्टाचार और अनियमितता का विरोध कर रहे थे। इसी के चलते तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष आजम खां से भी उनका बैर हो गया था। जमीर नकवी ने कहा कि नौशाद अली की बेटी ने खुद अपने पिता की साजिश का भंडाफोड. किया है।

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उसने इस बारे में पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई है लेकिन पुलिस उसका पक्ष नहीं सुन रही है। जबकि नौशाद अली मौलाना पर मनगढंत आरोप लगाकर उन्हें बदनाम कर रहा है।
बता दें कि कोतवाली सआदतगंज स्थित वजीरबाग के रहने वाले नौशाद अली का आरोप है कि डेढ़ साल पहले धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने उसकी नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार किया था। नौशाद ने कहा कि अब उसकी बेटी बालिग हो गई है और वह इस कड़वे सच के साथ जी नहीं पा रहा है। जिसके बाद उसने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने का फैसला किया। नौशाद का आरोप है कि उसे मंुह बंद रखने के लिए पैसों की भी पेशकश की गयी। नौशाद ने धर्मगुरु और उसकी बेटी के साथ हुई मोबाइल पर बातचीत की एक रिकॉर्डिंग भी पुलिस को दी है।http://www.satyodaya.com

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मौसम का बदला मिजाज, तपन से दिलाई राहत…

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लखनऊ। गर्मी के तेवर से परेशान लोगों को दो दिनों से काफी राहत की सांस मिली है। उमस भरी गर्मी में तपा रहे मौसम के तेवरों ने बुधवार को सुकून दिया। दो दिनों से चल रही दक्षिण-पूर्वी हवाओं के साथ मंगलवार देर रात से ही छाए बादलों के चलते सुबह से मौसम ने जो खुशनुमा अंगड़ाई ली, वो दिन भर जारी रही। रुक-रुककर चलते रहे हवा के धीमे तेज झोकों ने मौसम सुबह से ही ऐसा खुशनुमा बनाया कि मौसमी बदलाव का असर दिन के अधिकतम पारे पर भी दिखा। दिन का अधिकतम तापमान 24 घंटों की अपेक्षा 5.2 डिग्री लुढ़ककर 42.1 से 36.7 डिग्री पर जा पहुंचा। यह सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम पारा इस महीने तीसरी बार 30 डिग्री के पार पहुंचा। यह सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक 30.6 डिग्री दर्ज किया गया।

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अधिकतम और न्यूनतम पारे में लगभग 6 डिग्री के अंतर ने दिन भर सुबह सा ही माहौल बनाए रखा। शाम को बादलों की धूप संग लुकाछिपी ने जरूर उमस बढ़ाई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, बृहस्पतिवार को बादलों की आंशिक आवाजाही के बीच मौसम काफी खुसनुमा है। अधिकतम पारा बढ़ सकता हालाकि महातूफान ‘वायु’ से मानसून की रफ्तार पर खास असर नहीं

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि गुजरात के तटीय इलाकों में आए महातूफान वायु का असर प्रदेश में पहुंचने वाले मानसून की रफ्तार पर नहीं पड़ेगा। बुधवार शाम तक देश में सक्रिय मौसमी हालातों के मुताबिक, प्रदेश व राजधानी में मानसून जून के आखिरी सप्ताह में पहुंच सकता हैमौसम विज्ञानी के मुताबिक, वायु तट से टकराने के बाद कमजोर होता जाएगा। इसलिए इस बात की संभावना नहीं है कि उसका कोई असर प्रदेश में कोई मौसमी बदलाव करे। हां, उसके आने से बदले विंड पैटर्न या वायुमंडल में आर्द्रता प्रतिशत बढ़ने से संभव है कि तीन-चार दिन बाद प्रदेश या राजधानी के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।http://www.satyodaya.com

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बाहुबली नेता अतीक अहमद पर सीबीआई ने किया केस दर्ज…

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व एमपी और बाहुबली नेता अतीक अहमद पर सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है। यह केस दिसम्बर 2018 का है, जिसमें अतीक अहमद पर लखनऊ के प्रॉपर्टी डीलर मोहित जायसवाल को पहले अगवा और फिर अन्य सहयोगी के साथ मिलकर उसके साथ मार-पीट करने का आरोप है।

बता दें कि अतीक अहमद फिलहाल इसी मामले में गुजरात जेल में बंद हैं। अतीक अहमद को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कड़ी सुरक्षा के तहत गुजरात के अहमदाबाद जेल में ट्रांसफर किया गया है। बता दें कि अतीक अहमद के खिलाफ 100 से अधिक मामले दर्ज हैं।

ह है पूरा मामला

प्रॉपर्टी डीलर मोहित जायसवाल को साल 2018 के दिसम्बर माह में लखनऊ से अगवा किया गया था। बाद में उसे देवरिया जेल लाया गया, जहां जेल में बंद डॉन अतीक अहमद और उनके सहयोगियों ने मोहित के साथ मारपीट की और उसकी गाड़ी पर भी कब्जा कर लिया। सूत्रों क्र मुताबिक मोहित से जबरन कुछ प्रॉपर्टी भी ट्रांसफर करवाया गया। यह मामला कृष्णानगर कोतवाली में दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में पुलिस ने पहले ही अतीक समेत आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की है।

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आपको बता दें कि अतीक अहमद यूपी के अपराध जगत में काफी समय से सक्रिय रहे हैं। 17 साल की उम्र में इनपर पहला केस मर्डर का दर्ज हुआ था। जिसके बाद 1989 में अतीक ने राजनीति में पहली बार कदम रखा और इलाहाबाद के शहर पश्चिमी से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर विधानसभा चुनाव जीत कर आए थे। बाद में 2004 से 2009 के बीच अतीक अहमद 14वीं लोकसभा का सदस्य भी रह चुके हैं। साल 2014 में अतीक समाजवादी पार्टी के टिकट पर श्रावस्ती से चुनाव लड़े थे, जिसमें उनको हार का सामना करना पड़ा था।http://WWW.SATYODAYA.COM

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