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जल निगम मुख्यालय पर कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर किया प्रदर्शन…

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लखनऊ। प्रदेश में प्रदर्शन जैसे आम बात हो गई है। आए दिन अलग-अलग  विभाग के लोग अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को जल निगम मुख्यालय पर कर्मचारी अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहें हैं।

जल निगम कर्मचारियों का कहना है कि दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर भी वेतन व पेंशन न मिलने, मृतक आश्रित नियुक्ति पर अवैध रोक लगाने व सातवां वेतनमान लागू न करने को लेकर हम लोग प्रदर्शन कर रहें हैं। वहीं मजदूर संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष मंडल के सदस्य रामसनेही यादव ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि पेयजल सीवरेज की व्यवस्था व सातवां वेतनमान लागू करने की मांग की।

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उन्होंने कहा कि 3 माह बीत जाने के बाद भी कोई समाधान न होने व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन आदेश निर्गत करने में टालमटोल से आक्रोशित सेवानिवृत्त कर्मचारी, मृतक कर्मचारियों की विधावायें और परिजन प्रदेश व्यापी धरना दे रहे हैं। धरने की अध्यक्षता करते हुए हयात सिंह राव ने कहा कि जल निगम प्रशासन से कई दौर की वार्ताओं के बाद भी आश्रित नियुक्ति को अघोषित रूप से रोक लगा दी है।

वित्तीय संकट के नाम पर सेवानिवृत्त कर्मियों का पेंशन एरियर ग्रेच्युटी अवकाश नगरीकरण विगत 3 वर्षों से भुगतान नहीं किया जा रहा है। वक्ताओं ने पंप ऑपरेटर को शासनादेश के अनुसार वेतनमान देने, डिप्लोमा धारी कर्मियों को कोटा निर्धारित करने, स्थाई पदों पर समायोजित करने, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सेवानिवृत्त कर्मियों की कटौती समाप्त करना, नैतिक लिपिक के रिक्त पदों पर योग्यता धारी फील्ड कर्मियों को सामान्य परीक्षा व साक्षात्कार के माध्यम से समायोजित करने की मांग की। http://www.satyodaya.com

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वित्तीय अनियमितता में फंसी भातखण्डे की कुलपति, राज्यपाल ने दिए जांच के आदेश

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प्रो. एसएस काटकर पर कसा शिकंजा

लखनऊ। भातखण्डे संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. श्रुति सडोलकर काटकर पर कई आरोप लग चुके हैं। लेकिन रसूख और ऊंची पहुँच के चलते उन तक कोई आंच नहीं पहुंची है। अब प्रो. श्रुति सडोलकर काटकर नए विवाद में फंसती नजर आ रही हैं। उन पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं। कुलपति के खिलाफ लगे आरोपों पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने जांच के आदेश भी दे दिए हैं। काटकर पिछले 10 साल से भातखण्डे की कुलपति हैं। उनपर बड़े घोटाले और मनमानी करने के आरोप लगे हैं। इससे पहले भी प्रो. एसएस काटकर कई बार विवादों में रही हैं।

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संस्थान के कई छात्र-छात्राओं के मानसिक उत्पीड़न के भी आरोप लग चुके हैं। जिसके चलते कई बच्चे आत्महत्या भी कर चुके हैं। हाल ही में संस्थान के एक शिक्षक की मौत के लिए भी प्रो. श्रुति सडोलकर काटकर को जिम्मेदार ठहराया गया था। संस्थान के कई कलाकारों ने कुलपति पर उन्हें प्रताडि.त करने और जबरन रिटायर करने का आरोप लगाया था। आरोप था कि कुलपति के उत्पीड.न के चलते शिक्षक

क्या है आरोप

काटकार के खिलाफ जांच के आदेश सीएजी की एक रिपोर्ट के बाद दिए गए है। जिसमें करोड़ों रुपए के घोटाले का खुलासा किया गया है। खुलासे के बाद राज्यपाल ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यी जांच कमेटी बना दी है। सीएजी की रिपोर्ट में एक ही फर्म को बार-बार विवि में काम देने और बिना टेंडर के ही मनमाने तरीके से काम कराए जाने की बात कही गयी है। साथ ही संस्थान के कॉर्पस फण्ड के सापेक्ष बिना शासन की अनुमति के लोन लेने जैसे आरोप भी शामिल हैं. पूरा मामला करोड़ों में है।http://www.satyodaya.com

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राजनाथ सिंह गृह मंत्री थे तब बेहतरीन हुकूमत चली: मौलाना यासूब अब्बास

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अमित शाह के दौर में हर तरफ धरने प्रदर्शन है: मौलाना यासूब अब्बास

लखनऊ। दिल्ली हिंसा से देश का हर नागरिक चिंतित और परेशान है। राष्ट्रीय राजधानी में बर्बादी और मौत का मंजर देखकर लखनऊ के धर्मगुरू भी परेशान हैं। लोग इस हिंसा की जमकर मज्जम्मत कर रहे हैं। आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता और शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने भी दिल्ली हिंसा पर अफसोस का इजहार किया है। शिया धर्म गुरू ने गुरुवार को कहा, जिस तरीके से देश की राजधानी दिल्ली में लोगों के घर जलाए गए। आगजनी की गई और मजहब के नाम पर लोगों की जानें ली गई हैं, यह बड़े ही अफसोस की बात है। मौलाना यासूब अब्बास ने कहा, शाहीन बाग में जो धरना प्रदर्शन हो रहा है वह शांतिपूर्वक और संविधान के दायरे में हो रहा है, जिसका संविधान ने हमको इख्तियार दिया है।

मौलाना ने कहा, इससे पहले भी हुकूमत है रही है, लेकिन इस तरीके की घटनाएं नहीं हुई। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास की बात की थी। लेकिन आज न विश्वास है, न सबका साथ है। अपने दिए हुए बयान में मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि जब राजनाथ सिंह देश के गृहमंत्री थे, तब किसी की नकसीर नहीं फूटी। इतनी अच्छे तरीके से हुकुमत चली कि लोग मिसाल देते थे। लेकिन आज अमित शाह गृह मंत्री बने हैं तो हर तरफ विरोध है। धरने प्रदर्शन हो रहे हैं। क्योंकि यह जो हिंसा हो रही है यह प्लानिंग के तहत हो रही है। एक बार फिर से मुल्क को बांटने की तैयारी है।

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मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि यह जिम्मेदारी उन सियासदानो को जाती है। जो पर्दे के पीछे से बैठकर गंदी सियासत करवा रहे हैं। मौलाना यासूब अब्बास ने पुलिस पर भी इल्जाम लगाते हुए कहा कि हिंसा के दौरान आवाम चिल्लाती रही। लेकिन दिल्ली की पुलिस ने कुछ नहीं किया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी घर में बैठकर ट्वीट करते रहे लेकिन आवाम के साथ आकर हिंसा को रोकने की कोशिश नहीं की। इस दौरान मौलाना यासूब अब्बास ने देश की आवाम से अपील करते हुए कहा कि जो भी धरने प्रदर्शन से चल रहे हैं वह शांतिपूर्वक करना चाहिए।http://www.satyodaya.com

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मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम को खिलाई गई फाइलेरिया की दवा

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लखनऊ। राजधानी में चल रहे फाइलेरिया अभियान के क्रम में गुरुवार को मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम को भी दवा खिलाई गई। अर्बन सीएचसी रेड क्रॉस कैसरबाग की स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी मनोरमा ने मंडलायुक्त को उनके कार्यालय पहुँच कर फाइलेरिया की दवा खिलाई। इस अवसर पर मंडलायुक्त ने बताया कि जनपद लखनऊ में जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से 17 से 29 फरवरी तक फाइलेरिया अभियान चलाया जा रहा है।

जिसके अंतर्गत स्वास्थ्य कर्मचारी लोगों के घर जाकर उन्हें फाइलेरिया से बचाव की दवा उपलब्ध करवा रहे हैं। मंडलायुक्त ने कहा, फाइलेरिया से बचाव के लिए सभी को वर्ष में एक बार डीईसी की टेबलेट व एल्वेन्डा जोल की दवा खानी चाहिए।

क्या है लक्षण, किसको नहीं खानी चाहिए दवा

फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला संक्रामक रोग है। इसका प्रमुख लक्षण हाथ, पैर या शरीर के अन्य किसी हिस्से में सूजन के रूप में सामने आता है। इसके बचाव के लिए हमें अपने घर के आस-पास साफ-सफाई रखनी चाहिए। घर के आस-पास पानी नहीं जमा होने देना चाहिए। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए।

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इसके साथ ही सरकार द्वारा चलाए जा रहे एमडीए कार्यक्रम के दौरान वर्ष में एक बार फाइलेरिया की दवा जरूर खानी चाहिए। मंडलायुक्त ने बताया कि गर्भवती महिला, 0 से 2 वर्ष तक के बच्चों व गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को यह दवा नहीं खानी चाहिए।http://www.satyodaya.com

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February 29, 2020, 2:32 am
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