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राजधानी के हाॅर्नर कॉलेज ने मनाया अपना स्वर्ण जयंती समारोह

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लखनऊ। राजधानी के महानगर विस्तार स्थित हाॅर्नर कॉलेज ने अपने स्थापना के 50 वर्ष पूरे कर लिए हैं। मंगलवार को काॅलेज ने अपना स्वर्ण जयंती समारोह मनाया। कोविड-19 के चलते समारोह फीका रहा। सीमित संख्या में शिक्षकों व अतिथियों के साथ छोटा सा कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम का आयोजन काॅलेज के बहुउद्देशीय सभागार ‘दी एट्रिअम’ में हुआ। कार्यक्रम में सिटी मॉन्टेसरी स्कूल गोमतीनगर कैंपस-2 की वरिष्ठ प्राचार्य मंजीत बत्रा, प्रिंसिपल वेरा हजेला स्टेशन रोड कैंपस और चैक कैंपस की अदिति शर्मा, स्प्रिंग डेल ग्रुप ऑफ स्कूल्स की निदेशक रीता खन्ना, बिड़ला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल दीया बैजल सहित कुछ अन्य लोग अतिथियों के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में हाॅर्नर कॉलेज के इतिहास पर एक मल्टी मीडिया प्रस्तुत किया गया, जिसका यू-ट्यूब पर सीधा प्रसारण किया गया। प्रधानाचार्या डॉ. माला मेहरा ने काॅलेज की स्थापना, उदेश्य आदि के बारे में जानकारी देते हुए सभी को उनके निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

ऐसी हुई थी काॅलेज की स्थापना

प्रधानाचार्या ने बताया कि हाॅर्नर कॉलेज की स्थापना 1969 में हुई थी और अप्रैल, 1969 में मुख्यमंत्री सीबी गुप्ता ने इसका शिलान्यास किया था। स्कूल 5 जुलाई 1970 को 5 शिक्षकों और 32 छात्रों के साथ प्राथमिक कक्षाओं के लिए शुरू हुआ था। स्कूल का नाम मिस्टर डिक हाॅर्नर के नाम पर रखा गया, जो इसके संस्थापक डॉ सुरेन्द्र सिंह के मित्र थे। सुरेंद्र सिंह हरदोई के ग्राम मंजला के रहने वाले थे। जबकि उनकी पत्नी दिल्ली से थीं। वे कड़ी मेहनत और शिक्षा के माध्यम से संयुक्त राज्य अमेरिका पहुंचे, जहां उन्होंने अपने शैक्षिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाया और जल्द ही शादी कर ली। दोनों विद्धानों ने 1956 से 1968 तक अमेरिका में समय बिताया।

व्हाइट हाउस तक बढ़ाया भारत का मान

उन्होंने व्हाइट हाउस तक भारत को बढ़ावा देकर अपने राष्ट्र में प्रशंसा हासिल की। सुरेंद्र सिंह अमेरिका के तत्कालीन उपराष्ट्रपति, ह्यूबर्ट हम्फ्री के एक मित्र बन गए। इसी दौराव वह भारत के प्रधानमंत्री पं जवाहर लाल नेहरू से मिले। पीएम नेहरू, इंदिरा गांधी, बीके नेहरू, राजदूत टीएन कौल और कई गणमान्य भारतीय व्यक्तियों ने युवा जोड़े से भारत लौटने और अपनी मातृभूमि की सेवा करने का आग्रह किया। इसके बाद सुरेन्द्र सिंह 1968 में भारत लौटे और जिला हरदोई में और उसके आसपास सरकार के लिए कई स्कूलों के अलावा हाॅर्नर स्कूल की स्थापना की।

अवध विवि फैजाबाद के संस्थापक कुलपति भी बने डॉ. सुरेंद्र सिंह

प्रिंसिपल ने बताया कि तत्कालीन राज्यपाल अकबर अली ने डॉ. सुरेंद्र सिंह के पैतृक गाँव हरदोई में बैंक और स्कूल का उद्घाटन किया। बाद में, महामहिम चेन्ना रेड्डी और मुख्यमंत्री एच.एन. बहुगुणा ने डॉ. सिंह को अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद के संस्थापक कुलपति के रूप में आमंत्रित किया। अपने स्वयं के प्रयासों के माध्यम से हाॅर्नर स्कूल की प्रगति हुई और वह निरंतर आगे बढ़ता गया। 1985 में हाई स्कूल शुरू करने के लिए सरकार से एक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किया।

उसके बाद भारतीय स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा, नई दिल्ली के लिए परिषद से संबद्ध हो गया। विद्यालय में छात्रों को समायोजित करने के लिए एक मंजिल की स्थापना हो चुकी थी।। 1990 के बाद कॉमर्स स्ट्रीम में इंटरमीडिएट सेक्शन (12वीं कक्षा) और फिर 2000 में साइंस स्ट्रीम से संबद्धता निश्चित हुई।

पिछले 50 वर्षों में काॅलेज से निकले हजारों छात्रों ने हासिल किया मुकाम

प्रिंसिपल ने बताया पिछले 50 गौरवशाली वर्षों ने हजारों पूर्व छात्र चिकित्सा, इंजीनियरिंग, आईएएस, वेंचर कैपिटलिज्म, लघु उद्योग उद्यमिता और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में अपने व्यक्तिगत विकास में सफलता के शिखर पर पहुंचे हैं। इस संस्था का संकल्प शिक्षण अधिगम परिणामों के लिए अत्याधुनिक शिक्षण पद्धतियों को प्रदान करने का है। क्योंकि हाॅर्नर काॅलेज आर्थिक, जातिगत एवं धर्मगत भावनाओं से ऊपर उठकर शिक्षा प्रदान करता हैं। क्योंकि शिक्षा सभी के लिए एक समान है।

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विद्यालय में 40 प्रतिशत छात्रों को विभिन्न छात्रवृत्तियां और रियायतें दी जाती हैं। ताकि सभी को शिक्षा का लाभ मिल सके। राष्ट्र निर्माण की दिशा में सेवा प्रदान करने के लिए संस्थापक अपनी मातृभूमि में लौट आए थे और यह संकल्प उनके जीवन का मुख्य आधार बन गया। इस प्रकार गौरवशाली 50 वर्ष उनके ‘मानव सेवा हीभगवान की सेवा’ (सर्विस टू मैन इज सर्विस टू गोड) के मिशन का एक प्रमाण है। उनका आदर्श लेट द लैम्प ऑफ विजडम लाइट द वे’ है। यहाँ एक उज्जवल भविष्य के लिए अपने संस्थापकों की इस विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

समय के साथ बदलती तकनीक से बिठाया तालमेल

प्रिसिपल ने बताया कि पिछले दशक में कॉलेज की उन्नति में तेजी से वृद्धि हुई। जिसमें शहर के 1100 स्कूलों के बीच स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में 6वाँ सबसे स्वच्छ विद्यालय होने के साथ-साथ सेनेटरी टॉवल वेंडिंग मशीनों और इंक्रीब्यूटर्स के साथ आदर्श स्कूल बन गया। तकनीकी प्रगति के विषय में पहले 1980 में कंप्यूटर शिक्षा के साथ पहला स्कूल होने के साथ 2000 में अपनी स्वतंत्र वेबसाइट होस्ट करने के लिए अपने स्वतंत्र ऐप के साथ पहला स्कूल और डेबिट और क्रेडिट कार्ड मशीनों के साथ पहला पूरी तरह से नगदी रहित (कैशलैस) स्कूल बना।

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ऑनलाइन भुगतान और पेटीएम सुविधाएं विद्यालय मैं शुरू हो गई। हाॅर्नर कॉलेज को 2013 से ऑनलाइन परीक्षा की शुरुआत करने वाले एकमात्र स्कूल होने का गौरव प्राप्त है। अब कोरोना महामारी के दौरान कक्षा 9 से 12 के लिए ऑनलाइन परीक्षाओं का संचालन किया है।http://www.satyodaya.com

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लखनऊ: शहर में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच अफसरों की सुस्ती पर बिफरे जिलाधिकारी

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कहा, कोरोना मरीज मिलते ही तत्काल उस इलाके की कराएं बैरिकेडिंग व सैनिटाजेशन

लखनऊ। पिछले कुछ दिनों से राजधानी में कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति के बावजूद बरती जा रही लापरवाही पर जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने सख्त नाराजगी जताई है। रविवार को स्मार्ट सिटी कार्यालय में एक बैठक कर जिलाधिकारी ने नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि शहर के किसी भी इलाके में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने पर तत्काल उस क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित कर उसी समय बैरिकेडिंग कराई जाए। एक केस पाये जाने पर 100 मीटर और एक से अधिक रोगी मिलने पर 200 मीटर के क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन बनाकर बैरिकेडिंग कराएं।

डीएम ने कहा कि सोमवार से अभियान चलाकर सभी क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन कराया जाए। प्रत्येक घर पर एसएएन व दिनांक लिखकर सेनेटाइजेशन किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सोमवार को स्थानीय पार्षद की अध्यक्षता में मोहल्ला निगरानी समितियों की वार्डवार बैठक करने का निर्देश दिया है। डीएम ने बताया कि प्रत्येक निगरानी समिति को पल्स ऑक्सीमीटर व नाॅन कान्टैक्ट इन्फ्रारेड थर्मोमीटर दिया गया है। समिति मोहल्ले में आइसोलेशन में रहे सभी व्यक्तियों की जांच करेगी। उनके घर पर एक फ्लायर चस्पा जायेगा।

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इसके अतिरिक्त समिति माइक्रोप्लान बनाकर अपने वार्ड में सभी घरों में सर्दी-जुखाम-बुखार से पीड़ित व्यक्तियों, श्वास रोगियों, गर्भवती महिलाओं और 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों की लिस्ट तैयार करेगी। शहर के प्रमुख 50 क्षेत्र व चैराहों पर माइक लगाकर बीमारी से बचाव के उपाय करने का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। बैठक में नगर आयुक्त डाॅ. इन्द्रमणि त्रिपाठी, सभी अपर नगर आयुक्त, नगर अभियंता, जोनल अधिकारी व अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

चल फेरी वालों को मिलेगा पीएम स्वनिधि योजना का लाभ

जिलाधिकारी ने सभी जोनल अधिकारियों को उनके क्षेत्र में चल फेरी का कार्य करने वाले व्यक्तियों का सर्वे करने को कहा है। ताकि उन्हें पीएम स्वनिधि योजना का लाभ पहुंचाया जा सके। प्रत्येक जोन में 500 चल फेरी का कार्य करने वाले व्यक्तियों का पंजीकृत करने का लक्ष्य दिया गया।

न बैरिकेडिंग न कन्टेनमेंट जोन की जानकारी

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से राजधानी लखनऊ में भारी संख्या में कोरोना मरीज मिल रहे हैं। लेकिन किसी भी इलाके में न तो बैरिकेडिंग की जा रही है और न ही कन्टेनमेंट जोन घोषित कर संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर अब शहर के कन्टेनमेंट जोन की जानकारी भी नहीं अपडेट की जा रही है।http://www.satyodaya.com

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एडीसीपी सुरेश चंद्र रावत ने यातायात पुलिस लाइन का किया दौरा

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कोरोना महामारी को लेकर बरती जा रही सावधानियों सहित साफ-सफाई के संबंध में दिए निर्देश

लखनऊ। अपर पुलिस उपायुक्त यातायात प्रथम सुरेश चंद्र रावत ने शनिवार देर शाम सदर कैण्ट स्थित यातायात पुलिस लाइन का दौरा किया। एडीसीपी श्री रावत ने पुलिस लाइन में कोरोना महामारी से बचाव के लिए बरती जा रही सभी सावधानियों के बारे में जानकारी ली। गणना कार्यालय, डेली ड्यूटी कार्यालय व कैश कार्यालय के अभिलेखों का अवलोकन किया। इस दौरान एडीसीपी ने स्टोर में रखे उपकरण (छाता, रेनकोट व बॉडी वार्न कैमरा आदि) शहर के विभिन्न चैराहों पर तैनात जवानों को वितरित करने के निर्देश दिए।

यातायात पुलिस लाइन परिसर का भ्रमण करने के बाद एडीसीपी सुरेश चंद्र रावत ने आवासीय परिसर का भी दौरा किया। यहां उन्होंने जल निकासी, साफ-सफाई आदि का निरीक्षण किया। मेस का निरीक्षण कर संबंधित अफसरों को भोजन की गुणवत्ता उच्च कोटि की बनाए रखने को निर्देश दिया।

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एडीसीपी ने कहा कि कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन हर हाल में किया जाए। प्रत्येक आगंतुक की थर्मल स्क्रीनिंग की जाए। हैंड सैनिटाइजेशन कराया जाए। मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाए रखने को भी कहा जाए।

परिसर में स्थित सभी कार्यालयों को हर रविवार को सैनिटाइज कराने का भी निर्देश दिया। एडीसीपी के निरीक्षण के समय यातायात निरीक्षक लाइन मनोज कुमार भी अपनी टीम के उपस्थित रहे।http://www.satyodaya.com

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शहर के फैजुल्लागंज व अयोध्या दास वार्ड में एंटी लार्वा रसायन का हुआ छिड़काव

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लखनऊ। कोरोना महामारी से जूझ रहे लखनऊ को वेक्टरजनित बीमारियों से बचाने के लिए नगर निगम लगातार प्रयासरत है। बारिश के मौसम को देखते हुए शहर के अलग-अलग हिस्सों में दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को फैजुल्लागंज और अयोध्या दास वार्ड में ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रे मशीनों से सभी जलभराव वाले स्थानों, नालियों एवं खाली प्लाटों में लार्वा रोधी रसायन का छिड़काव करवाया गया।

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डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का संकट लाने वाले मच्छरों को समूल नष्ट करने के लिए लार्वा रोधी रसायन के साथ-साथ प्रत्येक वार्ड में शाम को 3-3 बड़ी मशीनों से फॉगिग कराई गयी।

इस दौरान नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही क्षेत्रीय पार्षद कुमकुम राजपूत, जगलाल यादव, अमित मौर्या, प्रदीप शुक्ला भी उपस्थित रहे। http://www.satyodaya.com

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