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लोगो व पोस्टर लांचिंग के कुछ ही घण्टे बाद दोबारा टला लखनऊ महोत्सव का आयोजन

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लखनऊ। एक बार फिर से लखनऊ महोत्सव का आयोजन रद्द कर दिया गया है। इससे कुछ ही घण्टे पहले सोमवार को मंडलायुक्त मुकेश कुमार मेश्राम और जिलाधिकारी व लखनऊ महोत्सव समिति के अध्यक्ष अभिषेक प्रकाश ने मीडिया के सामने लखनऊ महोत्सव का लोगो व पोस्टर लांच किया था। 17 जनवरी से 23 जनवरी तक रमाबाई अम्बेडकर मैदान में लखनऊ महोत्सव का आयोजन प्रस्तावित था। जिसकी तैयारियां भी शुरू हो गई थीं। लखनऊ महोत्सव समिति ने यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद लिया है। जानकारी के मुताबिक सीएम योगी ने अधिकारियों को फिलहाल 12 जनवरी से प्रस्तावित युवा महोत्सव और उसके बाद फरवरी में होने जा रहे डिफेंस एक्सपो के आयोजन पर ध्यान केन्द्रित करने को कहा है।

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बता दें कि साल 2019 का लखनऊ महोत्सव दूसरी बार रद्द किया गया है। इससे पहले महोत्सव का आयोजन दिसंबर में होना था। लेकिन सीएए विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के चलते महोत्सव को टाल दिया गया था। लखनऊ प्रशासन ने महोत्सव के आयोजन के लिए 17 से 23 जनवरी 2020 की तिथि निर्धारित की थी। सोमवार को प्रेस कान्फेंस कर डीएम मंडलायुक्त ने लखनऊ महोत्सव के आयोजन की तमाम जानकारी मीडिया को दी थी। http://www.satyodaya.com

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ऐशबाग व लालबाग में अवैध कब्जेदारों से अपनी जमीन वापस लेगा एलडीए

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लखनऊ। पट्टा अवधि पूरी होने के बाद भी जमीनों पर से कब्जा न छोड़ने वाले पट्टेदारों के खिलाफ एलडीए ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है। ऐशबाग और लालबाग में ही करीब 50 बीघा बेश कीमती जमीनों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इन पट्टेदारों न तो पट्टा रिन्यूवल कराया और न तो कब्जा छोड़ रहे हैं। संयुक्त सचिव एलडीए ऋतु सुहास ने ऐसे पट्टेदारों व कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहसीलदार ट्रस्ट को पत्र लिखा है। इन बेशकीमती जमीनों पर पट्दा दिए हुए 99 वर्षों की अवधि पूरी हो चुकी है। लेकिन कब्जेदारों ने अब तक अपना पट्टा निन्यूवल नहीं कराया है। अब एलडीए इन सभी जमीनों को कब्जा मुक्त कराकर अपने कब्जे में लेने की तैयारी में जुट गया है।

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ऐशबाग में डीपी परमार, विक्रम कॉटन लि., रामनारायण ब्रदर्स, शुगर वर्कर्स, पंजाब आयरन वर्कर्स, गुलाम अहमद खान, यूपी इलेक्ट्रिक सप्लाई कम्पनी, टण्डन वर्कर्स व स्टेंडर्ड वैक्यूम ऑयल आदि कंपनियां सरकारी जमीन पर चल रही हैं। जिनका पट्टा खत्म हो चुका है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।http://www.satyodaya.com

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रंगमंच पर उतरेगा रामचंद्र से लेकर नवाब वाजिद अली शाह तक के अवध का इतिहास

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24 को एसएनए में ‘अवध के राम’ नाटक का मंचन व निशान-ए-उर्दू सम्मान समारोह का होगा आयोजन

लखनऊ। भारतीय इतिहास के विभिन्न कालखंडों में हिन्दू-मुस्लिम संबंधों के विभिन्न आयाम रहे हैं। तमाम नफरतों और मतभेदों के चलते इन दोनों कौमों के बीच टकराव होता रहा है। लेकिन लखनऊ सहित समूचे अवध ने हमेशा आपसी सौहार्द की एक अलग ही मिसाल पेश की है। धर्म की बंदिशों और मतभेदों को भुलाकर एक साथ प्रेम पूर्वक रहने की इसी अदा अवध की गंगा-जमुनी तहजीब के नाम से पूरी दुनिया में जानी जाती है। इसी गंगा-जमुनी तहजीब को केन्द्र में रखते हुए भगवान रामचंद्र से लेकर अवध के आखिरी नवाब वाजिद अली शाह तक के अवध का इतिहास एक बार फिर से जीवंत होने जा रहा है।

गोमतीनगर स्थित संगीत नाटक अकादमी 24 फरवरी को ‘अवध के राम’ नामक नाटक का मंचन होने जा रहा है। संत गाड्गे प्रेक्षागृह में होने वाले इस नाटक में अवध का 7000 साल का इतिहास मंच पर उतारा जाएगा। नाटक का मंचन इन्स्ट्टीयूट ऑफ ह्यूमन रिर्सोसेज, रिसर्च एण्ड डेवलेपमेन्ट सोसाइटी और उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के सहयोग से हो रहा है। नाटक ’अवध के राम’ का लेखन एसएन लाल ने किया है। जबकि इसका निर्देशन नवाब मसूद अब्दुल्लाह और एसएन लाल ने मिलकर किया है। नाटक के निर्देशक नवाब मसूद अब्दुल्ला ने बताया कि इस नाटक में अवध का 7000 साल का इतिहास दिखाया गया है। जिसमें भगवान रामचन्द्र से लेकर नवाब वाजिद अली शाह तक शामिल हैं। नाटक में भगवान राम के साथ-साथ अवध का इतिहास भी दर्शाया गया है।

नाटक के माध्यम से रामायण के कई प्रसंगों को रंगमंच पर जीवंत किया जाएगा। जिसमें भगवान रामचंद्र द्वारा भाई लक्ष्मण को उपहार में लक्ष्मणपुर शहर देते हुए, महर्षि बाल्मीकि ने किन परिस्थितियों में रामायण की रचना की, तुसलीदासजी ने कैसे रामजी की कहानी को दोहो में समेटा और लोक की उत्पत्ति कैसे हुई? जैसे प्रसंगों को मंच पर उतारा जाएगा।

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नवाब मसूद अब्दुल्ला ने बताया कि नाटक के ऐतिहासिक दृश्यों को आपस में कड़ी के रुप में जोड़ने के लिए एक सूत्रधार भी मंच पर उपस्थित रहेगा, जो बीच-बीच में इतिहास को बताता रहेगा। नाटक के लेखक एवं निर्देशक एसएन लाल ने बताया कि अकबर बादशाह ने रामायण का फारसी में अनुवाद कराकर उसमें 165 रंगीन चित्र डलवाये थे। उसके बाद भी मुगलकाल में ही कई बार रामायण का अनुवाद हुआ। नाटक में कुरआन शरीफ की आयतों के हवाले से बहुत कुछ बताने की कोशिश की गयी है। इसके आलावा अवध के नवाबों ने अवध की गंगा-यमुनी तहजीब को बनाने के लिए सभी धर्मों और वर्गों के धार्मिक कार्यक्रमों में बराबर से शरीक होते थे।

नाटक में नजीर अकबराबादी को भी दिवाली पर नज्म पढ़ते दिखाया गया। एक और दृश्य में दिखाया गया है कि जब नवाब वाजिद अली शाह को अंग्रेज सिपाही गिरफ्तार कर ले जा रहे होते हैं, तब नवाब की सुरक्षा के लिए भगवान रामचन्द्र की प्रार्थना की जाती है। संस्था के निर्देशक मजाहर रजा ने बताया कि नाटक मंचन के बाद 8 लोगों को निशान-ए-उर्दू सम्मान दिया जायेगा। उर्दू के माने है ‘अलिफ’ से अल्लाह, ‘रे’ से राम, ‘दाल’ से दाऊद, ‘वाउ’ से वाहेगुरु, है.., इस लिए ये समाजी सम्मान है। मजाहर रजा ने बताया कि यह सम्मान उन विभूतियों को प्रदान किया जाएगा जो प्रसिद्ध तो अपने किन्ही और कामों की वजह से हैं, लेकिन समाज के लिए भी बराबर अपना योगदान देते रहते हैं। सम्मान पाने वालों में डा. सूर्यकान्त, शरद प्रधान, शशांक श्रीवास्तव, हसन रिजवी, डा. अनवर रिजवी, वामिक खान, डा. तलत रिजवी, आलोक राजा, सुनिता वर्मा व डा. नैय्यर जलालपुरी शामिल हैं।

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न्यायमूर्ति शबीउल हसनैन व उर्दू-फारसी व अरबी विश्वविद्यायल कुलपति माहरुख मिर्जा विभूतियों को सम्मानित करेंगे। इस अवसर सै. रफत, स्वामी सारंग, अनीस अन्सारी, सिराज मेहंदी, हसन काजमी, मेहराज हैदर व नगर की कई लोग उपस्थित रहेंगे। नाटक का मंचन अतहर नबी की देखरेख में होगा। जिसकी परिकल्पना नवाब जाफर मीर अब्दुल्लाह की है। इस नाटक में 35 कलाकार अभिनय कर रहे हैं। http://www.satyodaya.com

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नहर में तैरता मिला मोटरसाइकिल सहित बुजुर्ग का शव

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लखनऊ। बख्शी का तालाब तहसील अंतर्गत थाना इटौंजा क्षेत्र के अंतर्गत चंद्रपुर नहर में एक बुजुर्ग का शव मिला। इटौंजा थाना प्रभारी नंद किशोर ने बताया कि सूचना मिली कि एक व्यक्ति की मोटरसाइकिल व उसकी लाश आटेसुवा जाने वाली नहर में पड़ी है। सूचना पाकर मौके पर पहुंचकर पता लगाया गया। तो पता चला कि मृतक का नाम गया बक्श सिंह (60) निवासी सिरसा कमालपुर थाना इटौंजा निवासी हैं।

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वहीं उन्होंने बताया कि नहर के कुछ ही दूरी पर ग्राम आटेसुवा में इनकी रिश्तेदारी है। साथ ही उन्होंने बताया है मृतक महोना रोड पर एक ढाबा पर रहते हैं। वहीं बताया जा रहा है कि मृतक शराब पीने के आदी थे। शरीर पर सिर में मात्र एक जगह चोट है। अन्य कोई चोट नहीं है। प्रथम दृष्टया लग रहा है की शराब के नशे में दमर रात में मोटरसाइकिल सहित पुलिया के नीचे पानी में चले गए हैं। मृतक के बेटे द्वारा तहरीर दी गई है। जिसमें उसने कहा है कि मेरे पिता मोटरसाइकिल सहित पुलिया के नीचे चले जाने के कारण आई चोटों एवं पानी में डूबने के कारण मृत्यु हुई है। इंस्पेक्टर नंद किशोर ने बताया की पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही आगे की कार्रवाई कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जायेगी।http://www.satyodaya.com

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February 20, 2020, 7:38 pm
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