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पुलिस डकैती मामला: दरोगा और सिपाही जेल में, वकील को पुलिस ने लिया रिमांड पर…

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प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ । राजधानी में आये दिन में डकैती से सम्बन्धित मामले देखने को मिल रहे हैं । जिसमें अभी कुछ दिनों पहले गोसाईगंज में ही बाइक सवार बदमाशों ने एक सर्राफा को निशाना बनाते हुए लाखों की ज्वेलरी पर हाथ साफ कर दिया था, लेकिन पुलिस बदमाशों को पकड़ने के बजाये खुद ही डकैती डालने में मस्त रही जिसका खुलासा उस वक्त हुआ था जब पीड़ित ने पुलिस के आलाअफसरों से इस घटना की शिकायत की थी । जिसके बाद ही एसएसपी कलानिधि नैथानी के आदेश पर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती की धारा में मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया था लेकिन उसके अन्य साथी वकील पुलिस की गिरफ्त से दूर थे । जिसमें बताया जा रहा था कि पुलिस को चकमा देकर मधुकर मिश्रा ने कोर्ट में खुद को सरेंडर कर दिया था । जिसको पुलिस ने 4 दिनों की रिमाडं पर लिया है जिससे पुलिस के आलाअफसर ये जानने की कोशिश करेंगे कि आखिरकार उसने कारोबारी के घर से लूटे हुए एक करोड़ 85 लाख रूपए की डकैती का खुलासा कर ये जानने की कोशिश करेगी कि आखिरकार लूटे हुए रूपए कहां गए और उसको किस जगह इस्तेमाल किया गया है ।

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आपको बता दें कि ये पूरा मामला गोसाईगंज थाना क्षेत्र के अहिमामऊ स्थित ओमेक्स रैजिडेंस का है जहां दरोगा आशीष तिवारी और पवन मिश्रा सिपाही प्रदीप भदौरिया के साथ ही तीन वकील और अपने मुखबिर के साथ सुल्तानपुर के कोयला कारोबारी अंकित अग्रहरि के घर डकैती डाली और वहां मिला करोड़ों रूपया अपने कब्जे में लेकर रफूचक्कर हो गये और इस घटना की जानकारी किसी भी अधिकारी को नहीं दी गई जिसकी जानकारी जब भी मीडिया द्वारा मांगी गई तो केवल एक ही बात बताई जा रही थी कि सभी से पूछताछ चल रही है लेकिन मामला तो कुछ और ही चल रहा था । जिसके बाद ही कारोबारी अंकित पुलिस के चंगुल से निकलते ही पुलिस के आलाधिकारी को इस घटना की जानकारी दी कि पुलिस ने कई लोगों के साथ उसके घर पर डाका डाला और उसके 1 करोड़ 85 लाख रूपए लेकर रफूचक्कर हो गए । जिसके बाद ही एसएसपी ने दोनों दरोगा और सिपाही को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तभी क्राइम ब्रांच की टीम को दरोगा के घर से लगभग 36 लाख रूपए भी बरामद हुए थे ।

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बताते चलें कि इस मामले में पुलिस ने दरोगा आशीष तिवारी, पवन मिश्रा और सिपाही प्रदीप भदौरिया जो इस घटना का मास्टरमाइंड भी बताया जा रहा था साथ ही उसके ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया था लेकिन उनके अन्य साथी फरार चल रहे थे जिसकी पुलिस तलाश कर रही थी तभी पुलिस को चकमा देकर वकील मधुकर मिश्रा ने खुद को कोर्ट पहुंचकर सरेंडर कर दिया था । जिसको पुलिस ने 4 दिन की रिमांड पर लिया है जिससे पुलिस के आलाअफसर पूछताद करेंगे और इस घटना को अंजाम देने की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं ये भी जानने की कोशिश करेंगे ।

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प्रस्तावों पर विभागीय आख्या के अभाव में नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक स्थगित

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लखनऊ। लालबाग स्थित नगर निगम मुख्यालय में सोमवार को जब कार्यकारिणी की बैठक शुरू हुई तो पता चला कि अधिकतर प्रस्तावों में विभागीय आख्या ही नहीं लगी है। जिस पर महापौर संयुक्ता भाटिया काफी नाराज हुईं और अधिकारियों को चेतावनी देते हुए 26 अगस्त तक के लिए बैठक को स्थगित कर दिया। बैठक शुरू होते ही सबसे महापौर संयुक्ता भाटिया ने सभी सदस्यों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। इसके बाद कार्यकारिणी की सदस्य सुनीता सिंघल ने बैठक में सदन की प्रोसीडिंग के साथ बैलेंस शीट न भेजे जाने पर अधिकारियों की कार्यशैली पर हैरानी जतायी।

इस नगर आयुक्त ने बताया कि इसकी जानकारी 24 घण्टे पहले देनी चाहिए थी। सुनीता सिंघल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नगर आयुक्त हर बैठक में कहते हैं कि अगली बैठक में बैलेंस शीट प्रस्तुत करेंगे लेकिन आज तक नहीं उपलब्ध करायी गयी। उपाध्यक्ष ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि कार्यकारिणी सदस्यों को हर महीने का लेखा-जोखा उपलब्ध करवाया जाए। सुनीता सिंघल का समर्थन करते हुए नागेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि प्रोसीडिंग की शुरूआत ही इसी से की जाए। बैलेंस शीट न उपलब्ध कराए जाने पर कार्यवाही की जाए। जिसके बाद सदन की अध्यक्ष महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि प्रत्येक कार्यकारिणी बैठक में मासिक आय-व्यय का लेखा-जोखा सदस्यों को उपलब्ध करवाया जाएगा। साथ ही इसे प्रोसीडिंग का प्रथम बिंदु भी बनाया जाएगा।

कार्यकारिणी बैठक में नागेन्द्र सिंह ने सवाल किया कि कितने सीए कार्य कर रहे हैं?
जिसका जवाब देते हुए नगर आयुक्त ने बताया कि वर्तमान समय में 3 सीए कार्य कर रहे हैं, 1 सीए इनकम टैक्स देखते हैं, दूसरे ठेकेदारों की जीएसटी फाइलिंग का काम देख रहे हैं और तीसरे बैलेंस की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उपाध्यक्ष ने प्रस्ताव रखा कि एक सीए की और नियुक्ति की जाए जिसे आवश्यकता के अनुसार महापौर कभी भी उसे नियुक्त कर काम ले सकें। उपाध्यक्ष का यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गया।

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बैठक में सदस्य गिरीश मिश्रा ने 2015 से ऑडिट बैलेंस शीट बनवाने के लिए महापौर संयुक्ता भाटिया को धन्यवाद भी दिया। कहा कि इससे पहले हम लोग कार्यकारिणी में बैलेंस शीट बनाने के लिए चिल्लाते रह गए लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बैठक में प्रस्तुत प्रस्तावों पर चर्चा शुरू होने से पहले ही नागेन्द्र सिंह चौहान और गिरीश मिश्रा ने विभागीय आख्या न प्रस्तुत होने पर सवाल उठाया। नागेन्द्र सिंह चैहान ने कहा कि विभागीय आख्या के बिना प्रस्तावों पर चर्चा का कोई मतलब नहीं। गिरीश मिश्रा ने कहा कि जिन प्रस्तावों पर विभागीय आख्या न लगी हो उन्हें प्रोसीडिंग में न लगाया जाए। जिसके बाद कार्यकारिणी की बैठक को 26 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया।http://www.satyodaya.com

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शहर को जाम और अतिक्रमण मुक्त बनाएगा ‘हमारा लखनऊ हमारी जिम्मेदारी’ जागरूकता अभियान

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लखनऊ। शहर की सड़कों और बाजारों को जाम व अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए सोमवार को व्यापारियों ने अनूठी पहल की। यातायात पुलिस और उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने मिलकर ‘हमारा लखनऊ हमारी जिम्मेदारी’ जागरूकता अभियान की शुरूआत की। जिसके तहत राजधानी के बाजारों को जाम से छुटकारा दिलाने, अनुशासित पार्किंग और सुव्यवस्थित यातायात के प्रति लोगों को जागरूक करना है। अभियान का शुभारंभ तेलीबाग बाजार से हुआ, जहां तेलीबाग आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजन मिश्र के नेतृत्व में महामंत्री सुरेश कुमार बाजपेयी, कोषाध्यक्ष राजेश चावला, उपाध्यक्ष आंचल साहू, सत्य शरण यादव, अर्जुन यादव, संजीव अवस्थी सहित अन्य व्यापारियों ने नागरिकों व राहगीरों को पर्चे बांटकर जागरूक किया।
अभियान के तहत व्यापारियों और नागरिकों को अनुशासित पार्किंग, दुकानों के आगे सामान न लगाने, दुकान के कर्मचारियों को ग्राहकों के वाहनों को व्यवस्थित तरीके से पार्क करवाने, दूसरों को पहले निकलने का अवसर देने की भावना जाग्रत करने की अपील की गयी।

’हमारा लखनऊ हमारी जिम्मेदारी’ जागरूकता अभियान के पहले चरण में लोगों को प्रतिबंधित पाॅलीथीन का प्रयोग न करने और कपड.े के थैले का इस्तेमाल करने के बारे में बताया जाएगा।
उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पूर्णेन्दू सिंह और उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के अध्य्क्ष संजय गुप्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजय गुप्ता ने कहा कि लोगों में स्वतः अनुशासन के माध्यम से ही यातायात और जाम की समस्या को खत्म किया जा सकता है।
इस मौके पर व्यापारियों को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक यातायात पूर्णेन्दु सिंह ने कहा कि बिना जनसहयोग के प्रशासन किसी भी नियम का पालन नहीं करवा सकता। हमारे लखनऊ का यातायात जाम मुक्त हो, सुव्यवस्थित हो और दुर्घटना रहित हो, यह हम सब की जिम्मेदारी है। इसके लिए हम सभी को प्रयास करने होंगे। अपर पुलिस अधीक्षक यातायात ने समारोह में उपस्थित व्यापारियों और नागरिकों को यातायात नियमों के पालन करने एवं सहयोग करने की शपथ दिलायी।

यह भी पढ़ें-कालीचरण इण्टर काॅलेज के प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग

‘हमारा लखनऊ हमारी जिम्मेदारी’ जागरूकता अभियान के शुभारंभ के मौके पर पर संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष मोहम्मद अफजल, नगर ईकाई के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह, नगर के वरिष्ठ महामंत्री दीपक लांबा, महामंत्री विजय कनौजियां, महामंत्री संजय त्रिवेदी, लखनऊ उपाध्यक्ष एवं कैंट प्रभारी मोहित कपूर, युवा ईकाई के अध्यक्ष आशीष गुप्ता, ट्रांस गोमती अध्यक्ष अनिरुद्ध निगम, ट्रांस गोमती चेयरमैन अशोक यादव, ट्रांस गोमती प्रभारी मनीष पांडे, सालेह नगर बाजार के अध्यक्ष धीरज गुप्ता, एलडीए बाजार के अध्यक्ष अनुराग सिंह, नट खेड.ा रोड के अध्यक्ष अनुराग पड.ेला, महामंत्री दिलीप सोनी, टेढ.ी पुलिया के अध्यक्ष अरबाब आलम, सर्वोदय नगर के अध्यक्ष रिजवान, टू व्हीलर डीलर एसोसिएशन के महामंत्री मो. आरिफ, सपू्र मांर्ग के प्रभारी मो. आदिल सहित भारी संख्या में राजधानी के पदाधिकारी व व्यापारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कैंट क्षेत्राधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक पीजीआई अशोक कुमार सरोज, यातायात निरीक्षक अभय मिश्र भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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कालीचरण इण्टर काॅलेज के प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग

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लखनऊ। कालीचरण इण्टर काॅलेज में शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता व फर्जी वेतन भुगतान को लेकर सोमवार को उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधि मंडल ने कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन से मुलाकात की। श्री टंडन चिकित्सा शिक्षा एवं प्राविधिक शिक्षा मंत्री होने के साथ ही कालीचरण इण्टर काॅलेज की प्रबन्ध समिति के वरिष्ठ सदस्य भी हैं।
प्रतिनिधि मंडल ने आशुतोष टंडन को बताया कि इण्टर काॅलेज से संबद्ध प्राइमरी विभाग में शिक्षकों की नियुक्ती में अनियमितता और फर्जी शिक्षकों के नाम पर वेतन आहरित करने का आरोप लगाते हुए कालीचरण इण्टर काॅलेज के प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधि मंडल में संघ के प्रदेशीय मंत्री एवं जिला संरक्षक डा आरपी मिश्र, जिलाध्यक्ष डा आरके त्रिवेदी, कोषाध्यक्ष महेश चन्द्र, पूर्व अध्यक्ष इन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव, केडी शुक्ल एवं विश्वजीत सिंह शामिल रहे।

प्रतिनिधि मंडल ने आशुतोष टंडन को बताया कि शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता के खिलाफ एक अभ्यर्थी रूबी वर्मा ने उच्च न्यायालय में याचिका भी दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 17 दिसंबर 2016 को जिला विद्यालय निरीक्षक लखनऊ को इस मामले में जांच कर उचित कार्रवाई का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह ने 10 जुलाई 2018 को कालीचरण इण्टर काॅलेज के प्रधानाचार्य को आदेश दिया था कि 15 दिन के भीतर समस्त चयन प्रक्रिया, चयनित और गैर चयनित अभ्यर्थियों की श्रेष्ठता सूची, अनुक्रमांक आदि समस्त ब्यौरा जमा करें। साथ ही पुनः संशोधित सूची प्रकाशित कर प्रार्थी को भी अवगत कराएं।

डाॅ. मिश्र ने बताया कि विद्यालय प्रबंधनक और प्रधानाचार्य ने जिला विद्यालय निरीक्षण के आदेश का पालन आज तक नहीं किया। जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक ने अपनी विवेचना स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया है कि रूबी वर्मा की नियुक्ति को निरस्त करने के लिए साजिश रची गयी थी। जिसमें प्रधानाचार्य की मुख्य भूमिका थी।
संगठन के प्रदेशीय मंत्री एवं जिला संरक्षक डाॅ. आरपी मिश्र एंव जिलाध्यक्ष डाॅ. आरके त्रिवेदी ने कहा कि कालीचरण इण्टर काॅलेज से सम्बद्ध प्राइमरी विभाग में मानकों को ताक पर रखकर 15 नियुक्तियां की गईं। इतना ही नहीं शिक्षा अधिकारियों की मिलीभगत से 21 शिक्षकों का वेतन आहरित किया जा रहा है। इसकी धांधली की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री डाॅ. दिनेश शर्मा एवं अन्य अधिकारियों से गई। जिसके बाद जांच के आदेश भी हुए लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

यह भी पढ़ें-मां ने नाबालिग बेटी को वैश्यावृति में धकेला, भाई ने किया दुष्कर्म…

डाॅ. मिश्र ने बताया कि सम्बद्ध प्राइमरी विभाग में बीटीसी योग्यता वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति का नियम है। नियुक्ति के समय बहुत सारे बीटीसी अभ्यर्थियों ने आवेदन किया लेकिन अनेक अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया। जबकि अंतिम रूप से किसी भी बीटीसी अभ्यर्थी का चयन नहीं किया गया।
प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि श्री टण्डन से 15 नियुक्तियों के स्थान पर 21 शिक्षक शिक्षिकाओं को वेतन भुगतान किए जाने, प्रधानाचार्य सहित लगभग एक तिहाई शिक्षकों के प्रायः विद्यालय में अनुपस्थित रहने पर भी फर्जी उपस्थिति अंकित कराकर वेतन भुगतान किए जाने आदि अनेक अनियमितताओं पर भी जांच कराकर कार्यवाही की मांग की गई। यदि एक सप्ताह के अन्दर प्रभावी कार्यवाही नहीं शुरू की जाती है तो जिला संगठन के पदाधिकारी उप-मुख्यमंत्री डा दिनेश शर्मा, अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा, शिक्षा निदेशक एवं जिलाधिकारी से मिल कर ज्ञापन सौंपेंगे। कार्यवाही न होने पर चरणबद्ध संघर्ष किया जायेगा। http://www.satyodaya.com

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August 20, 2019, 2:27 pm
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