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गठबंधन की लखनऊ प्रत्याशी के तौर पर पूनम सिन्हा के नाम की घोषणा, अखिलेश यादव ने भाजपा पर साधा जमकर निशाना

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अखिलेश यादव ने किया पूनम सिन्हा का सपा में स्वागत

लखनऊ। लोकसभा चुनाव की पहली पारी सफलतापूर्वक पूर्ण हो गयी है।इसी के साथ सभी राजनीतिक पार्टियों ने आगे आने वाले चरणों के लिए कमर कस ली है।कल ही गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बतौर भाजपा प्रत्याशी अपना नामांकन लखनऊ से करा लिया है।जिसके तुरंत बाद ही बॉलीवुड स्टार और कांग्रेस प्रत्याशी शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा ने लखनऊ से गृहमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ने का मन बना लिया।

इस फैसले को जनता के सामने रखने के लिए आज सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया।इस आयोजन के जरिए उन्होंने पूनम सिन्हा का सपा में स्वागत किया।उन्होंने आधिकारिक तौर पूनम सिन्हा की लखनऊ से गठबंधन की उम्मीदवार होने की घोषणा की है।

अखिलेश यादव ने कहा कि सपा काम के बल पर चुनाव लड़ेगी।सपा सरकार व बसपा सरकार लखनऊ में काम करने के लिए चुनाव लड़ रही है।जनता को सपा का काम देखने के लिए उसे जिताना होगा।पीएम और सीएम पर आरोप लगाते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि लखनऊ का विकास देश के पीएम नरेन्द्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी की वजह से रुका है।

उन्होंने कहा कि 2014 में जो घोषणा पत्र पढ़वाया उसके कोई भी वादे पूरे नहीं हुए हैं।इसके साथ ही जनता खुद जानती है कि दिल्ली ने कितना काम किया है।न ही भाजपा ने यूपी में किसी भी तरह का कोई काम किया।उन्होंने कहा कि अखबार खोलने पर पता चलता है कि हमारे स्मार्ट शहर में कितनी स्मार्ट काऊ आ गयी हैं।पीएम मोदी गलत जगह फंस गए हैं।

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आजम खान ने कुछ दिनों पहले ही जाया प्रदा पर अभद्र टिप्पणी की थी।जिसके बाद सोशल मीडिया पर न सर आजम खान पर पूरी सपा पार्टी पर निशाना साधा गया था।इस पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि लखनऊ की सबसे पहली सांसद महिला थीं।जितना सम्मान सपा ने महिलाओं और बेटियो का किया है उतना किसी ने नही किया है।सपा और सपा के नेता महिलाओ और बेटियो का सम्मान करते है और करते रहेंगे।सपा ने महिलाओ को पेंशन दी है।

 

वहीं अखिलेश यादव की पत्नी और कन्नौज से सांसद डिंपल यादव ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अभद्रता कभी भी स्वीकार नहीं की जाएगी।जब भाजपा के नेताओ के खिलाफ कुछ बोला जाता है तब उसको उजागर नहीं किया जाता है।भाजपा इन उल-जुलूल बातों से बस जनता का ध्यान भटकाना का काम कर रही है।

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इसके साथ ही उन्होंने कहा कि रविदास का दुख आपका भी है मेरा भी है।कई मौकों पर सपा बसपा रालोद ने कहा की गठबंधन भाजपा को सत्ता से बाहर करना है।विपक्षियों से सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता व मुख्यमंत्री योगी ने देश के डायल 100 के जितने आईपीएस ऑफिसर हैं ये जनता को कभी बताया ही नहीं।उन्होंने कहा कि देश खुद बता देगा कि कितनों को रोजगार मिला है? उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग बताते है कि मेरा होटल है पर ये नही बताते है की उनके नेताओ में हाथापाई हुई है।http://wwwsatyodaya.com

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#MenToo : अब पुरुष भी सुना पाएंगे यौन शोषण की कहानी

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लखनऊ। यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की आवाज बने #MeToo movement के बाद अब #MenToo campaign उत्पीडन के शिकार पुरुषों की कहानी बयां करने वाला है। इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ हो रही है। हालांकि साल 2017 में अमेरिका में पुरुषों के लिए उसी तर्ज पर #HimToo campaign चलाया जा चुका है।

#MenToo campaign दरअसल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की एनजीओ गाइड समाज कल्याण संसथान चलाती है। संस्था Center for Mens Right Protection कार्यक्रम के तहत पुरुषों के अधिकारों की लडाई लडती है। संस्था की Founder डॉ इंदु सुभाष एक महिला हैं, Womens Studies से Ph.D हैं, लेकिन लडाई पुरुषों के अधिकारों के लिए लडती हैं। उनका मानना है कि #MeeToo एक वायरस की तरह है। Cheif Justice of India पर लगे आरोप का हवाला देते हुए कहती हैं कि, आरोप लगने के बाद पुरुषों का मीडिया ट्रायल शुरू हो जाता है। आरोप अक्सर झूठे होते हैं, जो पुरुषों के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालते है। यौन शोषण होने के 50 साल बाद घटना याद करने वाली महिलाओं की मंशा पर डॉ इंदु सुभाष सवाल भी उठाती हैं। उनका मानना है कि यौन शोषण जैसे मामलों में भी Gender Equality होनी चाहिए। पुरुषों पर आरोप लगते ही उन्हें दोषी मान लिया जाना, गलत है। मर्द को भी दर्द होता है इसलिए डॉ इंदु सुभाष पुरुषों के दर्द को आवाज दिए जाने की वकालत करती हैं।

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आपको बता दें कि साल 2006 में अमेरिका की सोशल ऐक्टिविस्ट और कम्युनिटी ऑर्गनाइज़र तराना बर्क ने सबसे पहले #MeToo का इस्तेमाल किया था। ‘माइस्पेस’ नाम के सोशल नेटवर्क पर उन्होंने रंगभेद की शिकार महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न की कहानी बयां करते हुए लिखा था। बर्क के मुताबिक यह शब्द उनके दिमाग में तब आया था, जब एक 13 साल की बच्ची ने उन्हें खुद के साथ हुए यौन उत्पीड़न की कहानी बयां की लेकिन तब बर्क उस बच्ची को कोई जवाब नहीं दे पाईं थीं। जबकि तराना बर्क खुद एक सेक्शुअल असॉल्ट सर्वाइवर हैं। फिर क्या था, तराना के इन दो शब्दों ने एक आंदोलन का रूप ले लिया, जिसमें यौन शोषण पीड़ितों को यह अहसास दिलाने की कोशिश की गई कि अब वे अकेली नहीं हैं।

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अक्टूबर 2017 में जब अमेरिका में #MeToo आंदोलन चला, तो इसका कुछ असर भारत में भी देखने को मिला। कई महिलाओं ने वर्क प्लेस पर उनके यौन उत्पीड़न की बातें कहीं। लेकिन, भारत में सही मायनों में #MeToo आंदोलन की शुरुआत 25 सितंबर 2018 को हुई, जब बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने एक्टर नाना पाटेकर के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। यही नहीं केंद्र की मोदी सरकार में विदेश राज्य मंत्री रहे एम जे अकबर पर भी पत्रकारिता जगत से जुडी कई महिलाओं ने इसी तरह का आरोप लगाया। बाद में उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।

तनुश्री के बाद तो भारत की फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री की कई महिलाएं आगे आईं और उन्होंने एक से एक दिग्गज कलाकारों का नाम लेते हुए बताया कि काम देने के बहाने उनका यौन उत्पीड़न किया था। इस क्रम में एक्टर आलोक नाथ, पीयूष मिश्रा, रजत कपूर, रोहित रॉय, डायरेक्टर विकास बहल, सुभाष घई, साजिद खान, सुभाष कपूर, लव रंजन, विवेक अग्निहोत्री, प्रड्यूसर गौरांग दोषी, नाटककार किरण नागरकर, कमीडियन उत्सव चक्रवर्ती, गुरसिमरन खंबा, अदिति मित्तल, क्रिकेटर लसिथ मलिंगा, अर्जुन रणतुंगा, सिंगर कैलाश खेर, रघु दीक्षित, अभिजीत भट्टाचार्य, वैरामुत्तू रामासामी, राइटर वरुण ग्रोवर, चेतन भगत, मॉडल जुल्फी सईद, पत्रकार एमजे अकबर, विनोद दुआ, केआर श्रीनिवास, गौतम अधिकारी, मनोज रामचंद्रन, मयंक जैन, सिद्धार्थ भाटिया, मेघनाद बोस, उदय सिंह राणा, सिद्धांत मिश्रा और सताद्रु ओझा का नाम आया, जिनके खिलाफ महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।http://www.satyodaya.com

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हाईकोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासन हुआ सख्त, चलाया पाॅलीथीन जब्त अभियान

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लखनऊ। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के निर्देशों के क्रम में आज पूरे लखनऊ शहर में गठित की गई 11 टीमों के द्वारा पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग, थर्माकोल से बनी वस्तुओं, अतिक्रमण और प्लास्टिक व कचरा फैला कर शहर को गंदा करने वाले लोगों के खिलाफ नगर निगम, पुलिस प्रशासन और मजिस्ट्रेटों की संयुक्त टीमों द्वारा अभियान चलाया गया। इन टीमों द्वारा सभी होटलों, रेस्टोरेंट, ठेलों, मार्केटों, माल में जाकर सघन तलाशी अभियान चलाया और पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग, थर्माकोल से बनी वस्तुओं का प्रयोग करने वालों पर जुर्माना लगाते हुए उक्त सामग्री को जब्त किया।

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जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि आज के अभियान में कुल 169.50 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त किया गया और कुल 447600 रुपये का जुर्माना किया गया। साथ ही अतिक्रमणकारियों पर कार्यवाही करते हुए 43500 रुपये का जुर्माना किया गया और शहर को गंदा करने वालों के खिलाफ भी कार्यवाही की गई और उन पर कुल 81800 रुपये जुर्माना किया गया।

जोनवार कार्यवाही की सूची निमन्वत है:-

नगर निगम जोन-1 में 2 टीमों द्वारा अभियान चलाते हुए अतिक्रमणकारियों पर 19000 रुपये जुर्माना किया गया। 95 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 40500 का जुर्माना किया गया। साथ ही सड़कों पर कूड़ा फेकने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 38000 रुपये का जुर्माना किया गया।

नगर निगम जोन-2 में 1 टीम द्वारा अभियान चलाते हुए अतिक्रमणकारियों पर 2000 रुपये जुर्माना किया गया। 6 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 15000 का जुर्माना किया गया। साथ ही सड़कों पर कूड़ा फेकने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 500 रुपये का जुर्माना किया गया।

नगर निगम जोन-3 में 2 टीमों द्वारा अभियान चलाते हुए 24 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 74100 का जुर्माना किया गया। साथ ही सड़कों पर कूड़ा फेकने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 4000 रुपये का जुर्माना किया गया।

नगर निगम जोन-4 में 1 टीम द्वारा अभियान चलाते हुए अतिक्रमणकारियों पर 12000 रुपये जुर्माना किया गया। 22 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 175000 का जुर्माना किया गया। साथ ही सड़कों पर कूड़ा फेकने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 25000 रुपये का जुर्माना किया गया।

नगर निगम जोन-5 में 2 टीमों द्वारा अभियान चलाते हुए 7 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 27000 का जुर्माना किया गया। साथ ही सड़कों पर कूड़ा फेकने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 5800 रुपये का जुर्माना किया गया।

नगर निगम जोन-6 में 1 टीम द्वारा अभियान चलाते हुए अतिक्रमणकारियों पर 9500 रुपये जुर्माना किया गया। 3 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 50000 का जुर्माना किया गया। साथ ही सड़कों पर कूड़ा फेकने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 7500 रुपये का जुर्माना किया गया।

नगर निगम जोन-7 में 1 टीम द्वारा अभियान चलाते हुए अतिक्रमणकारियों पर 1000 रुपये जुर्माना किया गया। 2.5 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 21000 का जुर्माना किया गया। साथ ही सड़कों पर कूड़ा फेकने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 1000 रुपये का जुर्माना किया गया।

नगर निगम जोन-8 में 1 टीम द्वारा अभियान चलाते हुए 10 किलोग्राम पाॅलीथीन, प्लास्टिक कैरी बैग को जब्त और 45000 का जुर्माना किया गया।http://www.satyodaya.com

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बी.एन.सिंह की 20वीं पुण्य तिथि पर कर्मचारियों ने दी अपने मसीहा को भावपूर्ण श्रद्धांजली

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लखनऊ । राज्य कर्मचारियों की समस्याओं के लिए जो लड़ाई स्वं. बी.एन. सिंह ने लड़ी उनका अपना इतिहास है । केन्द्र के सामान वेतन भत्ते दिलाने में जो संघर्ष उन्होंने किया वह उन्हें कर्मचारियों के योद्धा की उपाधि देता है । कर्मचारी हित में उनका संघर्ष सदैव याद रखा जाएगा । आज भले ही वे हमारे बीच नही हैं लेकिन उनकी सीख पर चलकर ही हम उन्हें सच्ची श्रंद्धाजलि दे सकते है । यह विचार परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव ने स्वं. बी.एन. की प्रतिमा के समक्ष श्रंद्धासुमन अर्पित करने के बाद रखे ।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उ0प्र0 के संस्थापक केन्द्र-प्रान्त वेतन भत्ते एक समान की मांग को लेकर कर्मचारियों के आन्दोलन को धार देने वाले तथा 51 दिनों की हड़ताल का नेतृत्व कर राज्य कर्मचारियों को प्रोन्नति वेतनमान लाभ दिलाने वाले बी0एन0 सिंह की 20वीं0 पुण्य तिथि पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले प्रदेश के समस्त जनपदों में श्रद्धांजली अर्पित की गई ।

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लखनऊ में जिलाध्यक्ष बी0एस0 डोलिया के नेतृत्व में कर्मचारी प्रेरणा स्थल बी0एन0 सिंह की प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजली सभा का आयोजन हुआ । जिसमें कर्मचारियों द्वारा भावभीनी श्रद्धांजली अर्पित की गई । परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, राम जी अवस्थी,पूर्व अध्यक्ष संगठन मंत्री संजीव कुमार गुप्ता ने स्वर्गीय सिंह के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला । इस अवसर पर जिलामंत्री अमिता त्रिपाठी, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह, आनन्द वर्मा, अमरजीत मिश्रा, मुकेश जोशी, अ जितेन्द्र, धर्मपाल साहू, किरन कुमारी, मणि नायर, रजनीश आरोरा, अविनाश चन्द्र श्रीवास्तव, सुभाष चन्द्र तिवारी, राजेश सिंह, बी0के0 नौटियाल आई0एन0 त्रिपाठी, इं0 दिवाकर राय, इं0 वी0के0 कुशवाहा, इं0 एन0डी0 द्विवेदी, मनोज कुमार श्रीवास्तव, इं0 राजेश वर्मा, इ0 रामवीर, इं0 राजर्षि त्रिपाठी, आशीष मिश्रा, अविनाश चन्द्र श्रीवास्तव, सुभाष चन्द्र तिवारी, अशोक कुमार सिंह, रवि शंकर चौहान, अशोक कुमार दूबे, संदीप सिंह चौहान, सहित बड़ी संख्या में राज्य कर्मचारी उपस्थित थे। सभा का संचालन प्रान्तीय महामंत्री शिवबरन सिंह यादव एवं जिला मंत्री अमिता त्रिपाठी द्वारा किया गया । समापन जिले के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह ने किया ।http://www.satyodaya.com

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