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लखनऊ जिलाधिकारी द्वारा ईवीएम की गणना करने वाले कार्मिकों को दी गई ट्रेनिंग…

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लखनऊ। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी लखनऊ कौशल राज शर्मा द्वारा आगामी 23 मई को होने वाली लोकसभा निर्वाचन में वीवीपैट की पर्चियों की गणना के लिए कॉउंटिंग पार्टियों, पोस्टल बैलेट की गणना करने वाले कार्मिकों और ईवीएम की गणना करने वाले कार्मिकों की ट्रेनिंग सम्पन्न कराई गई। ट्रेनिंग में मुख्य विकास अधिकारी मनीष बंसल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्रीप्रकाश गुप्ता, अपर जिलाधिकारी भू0आ0 2, बेसिक शिक्षा अधिकारी व अन्य विभगीय अधिकारी उपस्थित रहे।

ज़िला निर्वाचन अधिकारी द्वारा वीवीपैट की गणना कर्मियों को दिये दिशा निर्देश:-

बूथों पर मतों की गणना आरओ के निर्देशानुसार वीवीपैट के माध्यम से की जाएगी ऐसी दशा में वीवीपैट के एड्रेस टैग का मिलान निर्धारित बूथ संख्या के अनुसार किया जाएगा। तदोपरांत ड्राप बॉक्स को खोलकर उसमें पड़ी पर्चियों को सुरक्षित ढंग से निकाला जाएगा। वीवीपैट में ड्राप बॉक्स खोलने एवं पर्ची निकालने के अतिरिक्त अन्य कोई कार्य नहीं किया जाएगा। वीवीपैट की पर्चियों से वीवीपैट स्टेटस को प्रदर्शित करने वाली सात पर्चियों को अलग किया जाएगा और मतदान से संबंधित पर्चियों को अलग किया जाएगा। मतदान से संबंधित पर्चियों को उम्मीदवारों के अनुसार अलग-अलग किया जाएगा और उनके 25-25 पर्चियों के बंडल बनाए जाएंगे और उनके निर्धारित प्रपत्र पर लेखा किया जाएगा और यह संपूर्ण प्रक्रिया ईवीएम के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ इस प्रकार की जाएगी की मतगणना एजेंटों द्वारा उसका अवलोकन किया जा सके। वीवीपैट की पर्चियों को मतगणना के उपरांत पुनः वीवीपैट के ड्राप बॉक्स में रखकर एड्रेस टैग के साथ सील किया जाएगा और कैरी केस में डाल कर वापस रखा जाएगा।

पोस्टल बैलेट:-

ज़िला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बताया गया कि पोस्टल बैलेट की गणना के लिए लखनऊ लोकसभा में 10 और मोहनलालगंज लोकसभा में 6 टेबल लगाई जाएंगी। उनके द्वारा सभी कार्मिकों को गणना से सम्बंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि सबसे पहले सुनिश्चित करें कि दोनों लिफाफों में बैलेट पेपर क्रमांक अंकित किया गया है अथवा नहीं। यदि दोनों लिफाफों में क्रमांक नहीं हैं तो ऐसे बैलेट को रिजेक्ट माना जाएगा। जिसके पश्चात लिफाफे से निकले 13ए डिक्लेरेशन फार्म में वोटर का नाम, वोटर का मतदाता क्रमांक, गैजेटेड अधिकारी के हस्ताक्षर व मुहर व वोटर के हस्ताक्षर को देखा जाएगा। गैजेटेड अधिकारी के हस्ताक्षर के साथ-साथ उसका पदनाम भी चेक किया जाएगा यदि इन सभी विवरण में से कोई भी विवरण नहीं पाया जाता है तो उस बैलेट को रिजेक्ट करते हुए उसे रिजेक्ट की मुहर लगा के रख दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि उपरोक्त सभी जानकारियों की पूर्ति होने के पश्चात 13ए के लिफाफे के अंदर रखे बैलेट को निकाला जाएगा। यदि बैलेट कटा या फटा या फ़ोटो कापी से प्रतीत होता है तो उसे तुरन्त निरस्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक ही उम्मीदवार के सामने निशान लगा बैलेट ही मान्य होगा यदि किसी मतदाता द्वारा एक उम्मीदवार के नाम के सामने सही का निशान और बाकी सभी उम्मीदवारों के सामने क्रॉस का निशान लगाया है तो ऐसे बैलेट को भी निरस्त किया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा ईवीएम की मतगणना कर्मियों को दिए दिशा निर्देशः-

ज़िला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बताया गया कि 23 मई की सुबह 6 बजे सभी कॉउंटिंग पार्टियों को रमाबाई स्थल पहुंचना अनिवार्य है। जिनकी ड्यूटी लखनऊ लोकसभा में लगी है वो लखनऊ लोकसभा के गेट से और जिनकी ड्यूटी मोहनलालगंज लोकसभा में लगी है वो मोहनलालगंज लोकसभा के गेट से प्रेवश करेंगे। कोई भी मतगणना कर्मी मोबाईल या ऐसी कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाईस को अपने साथ अंदर नहीं ले जा सकेंगे। उनके द्वारा बताया गया कि सर्वप्रथम अपनी नियुक्ति पत्र के अनुसार निर्धारित लोकसभा, विधानसभा एवं टेबल के आवंटन के आधार पर स्थान ग्रहण करें।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक मतगणना टेबल पर एक माइक्रो ऑब्जर्वर उपस्थित रहेंगे जो गणना की समस्त गतिविधियों का पर्यवेक्षण समस्त गतिविधियों का पर्यवेक्षण करेंगे। मतगणना प्रारंभ होने पर विभिन्न चक्रों में मशीनें प्राप्त होंगी। मशीन प्राप्त होने पर यह सुनिश्चित कर लें की चक्र के अनुसार निर्धारित मशीन ही उन्हें प्राप्त हुई है अथवा नहीं। कैरिंग पर लगे एड्रेस का मिलान 17सी में उल्लेखित बूथ से कर लें एवं मतगणना एजेंट को भी घोषित करें की मशीन किस बूथ की है।

कैरिंग केस से कंट्रोल यूनिट को निकालें और उसमें निम्न तथ्यों को प्रदर्शित करें और स्वयं भी चेक करें:-

कंट्रोल यूनिट का क्रमांक तथा एड्रेस्ड टैग निर्धारित बूथ के अनुसार है। कंट्रोल यूनिट की पिंक पेपर सील एवं स्ट्रिप सील एवं ग्रीन पेपर सील सुरक्षित हैं ऑल ग्रीन पेपर सील का क्रमांक प्रारूप 17ग में वर्णित क्रमांक के अनुसार है। स्ट्रिप सील को सावधानीपूर्वक इस तरह से कटे की ग्रीन पेपर सील का क्रमांक सुरक्षित रहे।

रिजल्ट सेक्शन के एड्रेस टैग सील को खोलकर रिजल्ट सेक्शन कवर को ऊपर की ओर उठाकर खोलें और क्लोज बटन के साथ लगे हुए स्पेशल टैग से भी बूथ का मिलान एवं सील की जांच करें। उपर्युक्त जांच बिंदुओं में यदि किसी भी प्रकार की कमी हो तो आरओ को इसकी सूचना तत्काल दें। तत्पश्चात मशीन का स्विच ऑन करें उसके डिस्प्ले प्रोसेस को पूरा होने दें। ग्रीन पेपर सील एवं स्पेशल टैग को बिना निकाले रिज़ल्ट बटन को दबाएं। रिजल्ट बटन को दबाने के उपरांत मशीन के डिस्प्ले यूनिट पर सर्वप्रथम कुल वोट प्रदर्शित होगा, तदोपरान्त क्रमशः उम्मीवारों के क्रमांक के अनुसार वोट की संख्या प्रदर्शित होगी।

यह भी पढ़ें –सपा डेलिगेशन ने चुनाव आयोग से ईवीएम को लेकर की शिकायत

कन्ट्रोल यूनिट में प्रदर्शन के अनुसार तत्काल सावधानी पूर्वक कुल वोट एवं उम्मीदवारों को प्राप्त मतों को मतगणना पर्यवेक्षक के द्वारा तेज़ स्वर में पढ़ा जाएगा, ताकि उसे मतगणना सहायक एवं मतगणना एजेंट आसानी से सुन सके। तदनुसार प्राप्त मतों को मतगणना सहायक द्वारा निर्धारित प्रपत्र 17ग के भाग 2 पर उल्लेखित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि डिस्प्ले पर प्रदर्शन के अनुसार ही मतगणना पर्यवेक्षक द्वारा पढ़ने एवं मतगणना सहायक द्वारा लिखने का क्रम निरंतर बना रहे ताकि किसी तरह का कोई संदेश उत्पन्न ना हो। सावधानी बरतें की डिस्प्ले यूनिट का प्रदर्शन इस तरह से हो कि उसे मतगणना एजेंट तथा माइक्रो ऑब्ज़र्वर भी आसानी से देख सकें। सम्पूर्ण मतगणना प्रक्रिया इसी क्रम के अनुसार चलती रहेगी। अंत मे प्रपत्र 17ग भाग 2 की समस्त द्वितीय प्रति को लिफाफे में डालकर मतगणना पर्यवेक्षक द्वारा लिफाफे के ऊपर टेबल संख्या, कुल राउंड संख्या तथा अपना नाम व पदनाम अंकित करने के उपरांत व्यक्तिगत रूप से आरओ/एआरओ को मतगणना समापन के उपरांत उपलब्ध कराएंगे।http://www.satyodaya.com

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थानों में पड़े खराब चार पहिया वाहनों को स्थानांतरित करने के निर्देश

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लखनऊ। राजधानी के थाने जल्द ही सुव्यवस्थित और खुले-खुले दिखेंगे। क्योंकि थाना परिसर में कबाड़ के रूप में पड़े चार पहिया वाहनों को हटाया जाएगा। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने रविवार को निर्देश दिया है कि थानों पर अत्यधिक स्थान घेरने वाले फोर व्हीलर वाहन, ट्रक व बस आदि को कल्ली पश्चिम स्थित खाली भूमि में स्थानांतरित किया जाए।
लखनऊ के तमाम थाना परिसर में जब्त और कबाड़ हो चुके चार पहिया वाहनों समेत बस व ट्रक खड़े हैं जिसे थानों में अव्यवस्था फैल रही है, यह वाहन अत्यधिक जगह घेरते हैं। इनकी वजह से पुलिसकर्मियों व फरियादियों को असुविधा भी होती है। आरटीओ विभाग भी वाहनों को अधिकृत करके थानों को सौंप देता है जो वर्षों से पड़े हैं। एसएसपी ने एसपी ट्रैफिक पूर्णेन्दु सिंह को कल्ली पश्चिम में भूमि चिन्हित कर इन सभी वाहनों को थानों से हटवाने की जिम्मेदारी सौंपी है।

सभी थानों को 1 सप्ताह के अंदर फोर व्हीलर वाहनों को स्थानांतरित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी ने एसपी ट्रैफिक को कल्ली पश्चिम में चिन्हित भूमि पर डिलेनिएटर द्वारा चिन्ह लगाने, नॉर्थ, पूर्वी, पश्चिमी, ट्रांसगोमती और देहात के पांच अलग क्षेत्र चिन्हित कर मार्का लगाने को कहा है। पुलिस लाइन्स से एक सशस्त्र गार्ड इन सभी वाहनों की सुरक्षा करेगी।http://www.satyodaya.com

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लखनऊ में पियक्कड़ों को नहीं मिलेगी राहत, ड्रिंक एंड ड्राइव पर लगेगी 10,000 की चपत

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लखनऊ। प्रदेश सरकार ने यातायात नियमों के उल्लंघन व वाहन के कागजात दुरुरूत न होने पर भारी जुर्माने से तो राहत दे दी है लेकिन लखनऊ पुलिस दारूबाजों को राहत देने के मूड में नहीं है। लखनऊ में शराब पीकर वाहन चलाते हुए पकड़े जाने पर जेब पर भारी चोट लगेगी। 15 सितंबर से राजधानी में ड्रिंक एंड ड्राइव करते हुए पकड़े जाने पर 10,000 रुपए का जुर्माना भरना होगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिथि नैथानी ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। लखनऊ एसएसपी ने नशे की हालत वाहन चलाने वालों का चालान संशोधित मोटर व्हीकल अधिनियम के तहत काटने आदेश दिया है।

यह भी पढ़ें-यूपी में लागू नहीं होगा संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट, परिवहन मंत्री ने दिए निर्देश

बता दें कि सरकार उत्तर प्रदेश में अभी संशोधित मोटरयान अधिनियम 2019 लागू नहीं किया गया है। सरकार फिलहाल इस पर विचार कर रही है। पूरे प्रदेश में अभी पुरानी दरों में ही वाहनों के चालान काटे जा रहे हैं। राजधानी में भी पुरानी दरों पर ही जुर्माना लगाया जा रहा है लेकिन शराब पीकर डाइविंग करने वालों का पर जुर्माना संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट के तहत ही लगाया जाएगा। http://www.satyodaya.com

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ई-चालान होने से युवक के अंदर जगी उम्मीद, मिल सकती है खोई हुई स्कूटी

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फाइल फोटो

लखनऊ। गलत ई-चालान होने से जहां कई लोगों को दिक्कतों का सामना पड़ रहा है। वहीं कुछ लोगों को इससे उनकी खोई हुई गाड़ी मिलने की उम्मीद भी जाग रही है। एक मामला आशियाना का सामने आया है, जिसमें एक युवक की तीन साल पहले स्कूटी चोरी हो गई थी, लेकिन जब उसके घर चालान पहुंचा, तो उसने पुलिस से संपर्क किया और उसके मन में गाड़ी मिलने की एक उम्मीद भी जागी। बताया गया कि चोरी की गाड़ी का चालान होने पर ही पुलिस को इस बात की जानकारी मिली और पुलिस उस गाड़ी की तलाश में जुट गई।

बता दें कि आशियाना स्थित देवी खेड़ा निवासी पदम सिंह की बेटी सिम्मी सिंह की स्कूटी 15 मई 2016 को खराब हुई थी। जिसको रिक्शे पर लादकर घर भेजा गया था, लेकिन रिक्शा चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया था। जिसके बाद ही परिजनों ने आशियाना थाने में स्कूटी चोरी का मुकदमा दर्ज कराया था और गाड़ी न मिलने के कारण अपनी आस भी खो दी थी, तभी ऑनलाइन चालान घर पहुंचते ही गाड़ी मिलने की एक उम्मीद जाग गई है।

ये भी पढ़ें: अयोध्या: SSP की शानदार पहल, थाने में मनाया जाएगा पुलिसकर्मियों का बर्थडे

पदम सिंह के मुताबिक, गाड़ी का चालान घर पहुंचने पर पता चला कि चोरी की गई स्कूटी शहर में ही चल रही है। हुलिया के आधार पर स्थानीय पुलिस की मदद से खोजने की कोशिश भी की जा रही है। साथ ही बताया है कि अंबेडकर पार्क बिजनौर रोड के पास दुर्घटना होने पर स्कूटी एक रिक्शे पर रखकर घर भेजी थी, लेकिन रिक्शावाला स्कूटी लेकर भाग निकला था। http://www.satyodaya.com

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September 16, 2019, 12:26 pm
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