Connect with us

अपना शहर

बिना हेलमेट नो एंट्री अभियान का एसएसपी ने लिया जायजा, वहीं खुद बिना हेलमेट पर काटे चालान…

Published

on

लखनऊ। राजधानी में बिना हेलमेट नो एंट्री का अभियान लखनऊ पुलिस ने जमकर चलाया है। इस दौरान लखनऊ पुलिस ने लखनऊ की 8 पॉइंट पर चिन्हित कर पुलिस फोर्स को रिप्लाई करके बिना हेलमेट हजरतगंज जैसे कुछ वीआईपी जगह पर एंट्री करने वाले लोगों को रोका और उनको हेलमेट पहन कर आने की नसीहत भी दी।

यही नहीं पुलिस के कुछ लोगों को भी रोका गया, जो बिना हेलमेट के एंट्री कर रहे थे और उनको बकायदा ई-चालान भी किया गया। लखनऊ पुलिस की तरफ से यह अभियान आज से शुरू किया गया है। जिसमें बिना हेलमेट वालों को ई-चलाना भी किया गया और बकायदा उनको हेलमेट पहनने की नसीहत करनी पड़ी।

ये भी पढ़े: राजधानी में डॉक्टरों की हड़ताल का असर दिखना शुरू, हंगामा करते हुए गेट पर डाला ताला…

वहीं इस अभियान को लेकर लखनऊ एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि इस अभियान का असर राजधानी में ज्यादा देखने को मिला है। यदि नहीं अब हेलमेट की बिक्री भी खूब हो रही है, सुरक्षा व्यवस्था के नजर से देखने तो लोगों के साथ-साथ दुर्घटना से भी बचा जा सकता है। बिना हेलमेट पेट्रोल न दिए जाने पर कहा कि इस अभियान का असर सड़कों पर ज्यादा देखने को मिला है। http://www.satyodaya.com

अपना शहर

ट्रैफिक पुलिस ने लौटाया युवक का खोया फोन

Published

on

लखनऊ। इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर तैनात ट्रैफिक कांस्टेबल सतीश कुमार वर्मा ने युवक का खोया फोन लौटा कर ईमानदारी की मिसाल पेश की। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी हजरतगंज कार्यालय में आईटी सेल में कार्यरत गिरीश कुमार अपनी माता की मेडिकल रिपोर्ट दिखाने सेवा अस्पताल जा रहे थे कि तभी इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे के पास उनका मोटो जी फोन गिर गया। जिसमें कोई सिम नहीं था किंतु मोबाइल के पीछे गिरीश का मोबाइल नंबर लिखा हुआ था। जो फोन कांस्टेबल सतीश कुमार वर्मा को मिला सतीश ने फोन के पीछे लिखें मोबाइल नंबर पर सम्पर्क कर गिरीश को बताया कि आपका फोन इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर मुझे मिला है।

यह भी पढ़ें: शिवसेना-बीजेपी की टूटी 30 साल पुरानी दोस्ती, अरविंद सावंत मोदी कैबिनेट से देंगे इस्तीफा

खोए हुए फोन की सूचना पाकर गिरीश खुश हो गए और जल्दी से इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर आकर अपना मोबाइल कांस्टेबल सतीश वर्मा से प्राप्त कर लिया और ट्रैफिक कांस्टेबल सतीश वर्मा की एवं लखनऊ पुलिस की बहुत सराहना की बताया कि आप लोगों की वजह से ईमानदारी व इंसानियत अभी जिंदा है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

अपना शहर

डाॅक्टर कल्बे सादिक ने कहा, हिन्दू-मुसलमान तय करें कि इबादतगाहें बनाना है या मुल्क

Published

on

लखनऊ। अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने के एक दिन बाद रविवार को यूपी सरकार में मंत्री मोहसिन रजा ने वरिष्ठ शिया धर्म गुरू डाॅक्टर कल्बे सादिक से उनके आवास पर मुलाकात की। मंत्री ने अयोध्या फैसले को लेकर प्रदेश में शांति व सौहाद स्थापित करने में सरकार का सहयोग करने के लिए धर्मगुरू को धन्यवाद दिया। इस मौके पर डाॅक्टर कल्बे सादिक ने कहा, हम सुप्रीम कोर्ट इस देश की परंपरा को पुख्ता किया है। धर्मगुरू ने कहा, सबसे खुशी की बात है कि ईंटें गिर गईं, दीवारे बन गईं लेकिन इंसान का खून नहीं बहा। जो होना था वह हो गया। मुसलमानों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कोई प्रतिक्रिया न देकर समझदारी का परिचय दिया है।

धर्मगुरू ने कहा, अब हिन्दू-मुसलमान तय करें कि उन्हें इबादतगाहें बनाना है या मुल्क को बनाना है। यह देश राम चन्द्र का है, रावण का नहीं। सुप्रीम कोर्ट में जो जज बैठे हैं वह बहुत विद्वान और समझदार हैं। उन्होंने जो फैसला दिया है वह देश हित में है। हमें उनका फैसला स्वीकार है। लेकिन हिन्दू और मुसलमानों से हमारी अपील है कि मंदिर-मस्जिद बन चुके, मूर्तियां लग चुकीं, अब देश को बनाएं। देश में दिनों हालात अच्छे नहीं है। भ्रष्टाचार फैला हुआ है। लोगों के पैसा नहीं है। गांवों में गरीबों के पास इलाज के लिए पैसा नहीं है, खाने की व्यवस्था के लिए पैसा नहीं है। धर्मगुरू ने कहा कि यह देश हमने इबादतगाहों के लिए नहीं बनाया था। बल्कि लोगों के बेहतर जीवन के लिए बनाया था। सभी लोग इसे आगे बढ़ाएं।

यह भी पढ़ें-अयोध्या फैसले के बाद सामान्य रहे प्रदेश के हालात, योगी सरकार ने ली राहत सांस

डाॅक्टर कल्बे सादिक ने कहा कि इस मामले को अब यहीं पर खत्म कर देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर अब कोई याचिका दाखिल नहीं की जानी चाहिए। मुसलमानों को अगर मस्जिद बनानी है तो कहीं और बना लें। मुसलमानों को अयोध्या में अब मस्जिद नहीं बनानी चाहिए। अयोध्या हिन्दुओं का एक पवित्र स्थान है। इसलिए वहां झगड़े की जड़ को हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहिए। हिन्दू-मुस्लिम समाज से मेरी गुजारिश है कि खुदा-भगवान का झगड़ा छोड़कर अब देश की समस्याओं पर ध्यान दें। देश को आगे बढ़ाएं।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

अपना शहर

डेंगू मरीजों की मदद के लिए ‘टीम लखनऊ ब्लड डोनेशन’ ने लगाया कैंप

Published

on

लखनऊ। कारखानों या फैक्ट्रियों में खून का निर्माण नहीं किया जा सकता है। यह केवल दाताओं से ही आ सकता है। लोगों की जान बचाने के लिए समाज को ही आगे आना होगा। रक्त की इस जरूरत को पूरा करने के लिए समय-समय पर कई संस्थाएं रक्तदान शिविर लगा रही हैं। लोगों की जान बचाने के लिए खून की कमी न हो, इसी उद्देश्य के साथ वर्ष 2018 में लखनऊ में शुरू किया गया एनजीओ ’टीम लखनऊ ब्लड डोनेशन’ अब एक आंदोलन का रूप ले चुका है।

टीम लखनऊ ब्लड डोनेशन के अन्तर्गत अब तक 821 लोग रक्तदान कर चुके हैं। इस संगठन ने अपनी स्थापना के बाद से लगातार काम करते हुए लखनऊ में खून की समस्या को हल करने में काफी हद तक मदद की है। रविवार को मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर टीम लखनऊ ब्लड डोनेशन ने एक कैंप लगाया।

जिसमें मुख्य अतिथि भाजपा नेता डॉ श्वेता सिंह, एम पावर के अध्यक्ष, शराबबंदी संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुर्तजा अली, उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के अब्दुल वाहिद, उम्मीद संस्था से बलवीर सिंह मान, समाजसेवी राजेंद्र सिंह रावत, पत्रकार आरिफ मुकीम, रहबर मदरसा हाफिज सलमान व डॉक्टर अशफाक अहमद खान उपस्थित रहे। कैंप में मदरसा जामिया इस्लामिया मिस्बाह उलूम के 70 बच्चों ने ब्लड डोनेट किया। एनजीओ के अध्यक्ष कुदरत खान ने कहा, आज पूरे लखनऊ में डेंगू फैला हुआ है। अस्पतालों में डेंगू मरीजों की भरमार है। ऐसे में डेंगू मरीजों को खून की कमी न हो, इसलिए यह कैंप लगाया गया है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

November 11, 2019, 5:50 pm
Clear
Clear
25°C
real feel: 23°C
current pressure: 1010 mb
humidity: 53%
wind speed: 1 m/s W
wind gusts: 1 m/s
UV-Index: 0
sunrise: 5:52 am
sunset: 4:48 pm
 

Recent Posts

Top Posts & Pages

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 10 other subscribers

Trending