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क्राइम-कांड

बलरामपुर अस्पताल में बच्चे की मौत, हंगामा

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लखनऊ। राजधानी में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बदहाल है। सरकारी अस्पतालों में इलाज के अभाव में मरीजों की मौत होती जा रही है। शनिवार को ही बलरामपुर अस्पताल में इलाज के अभाव में एक 10 साल के बच्चे की मौत हो गई। इस दौरान तीमारदारों ने लापरवाही का आरोप लगाकर वार्ड में काफी देर तक हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बच्चे की तबितय बिगडने पर डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन वह देखने नहीं आए। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीमारदारों को शांत कराया। 

सीतापुर निवासी दिलीप का बेटा बलरामपुर अस्पताल में चार दिन पहले भर्ती हुआ था। उसे दिमागी बुखार की समस्या थी। तीमारदारों का कहना है कि वार्ड तीन में शनिवार दोपहर अचानक बच्चे की तबियत बिगड़ी। आरोप है कि डॉक्टरों को बुलवाया गया, लेकिन मौके पर कोई नहीं आया। इलाज के अभाव में बच्चे की मौत हो गई। मौत के बाद तीमारदारों ने वार्ड तीन में हंगामा शुरू कर दिया। नर्स की सूचना पर अस्पताल के अफसर और पुलिस मौके पर पहुंची। बलरामपुर अस्पताल निदेशक डॉ. राजीव लोचन का कहना है कि आरोप बेबुनियाद है। अस्पताल प्रशासन ने शव को वाहन से भिजवा दिया है।

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बच्चों की मौत का सिलसिला लगातार जारी

इससे पूर्व भी विगत 20 जुलाई को बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती चार साल के मासूम बच्चें की बिना ऑक्सीजन स्पोर्ट वार्ड में शिफ्टिंग के दौरान मौत हो गई थी और नाराज तीमारदारों ने स्टॉफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर खूब हंगामा किया था। 

सीतापुर महमूदाबाद निवासी भागीरथ का बेटा अतुल (4)  को बुखार के साथ झटके आने पर यहां की इमरजेंसी में भर्ती कराया था। बच्चा ऑक्सीजन स्पोर्ट पर था। स्टॉफ ने बच्चें को बाल रोग विभाग में शिफ्ट करने की तैयारी की थी। बिना ऑक्सीजन सिलेंडर व स्ट्रेचर ही मरीज को बाल रोग विभाग स्टॉफ ने भेज दिया। ऑक्सीजन हटते ही उसकी सांसें फूलने लगी। आनन फानन में तीमारदार उसे लेकर विभाग में पहुंचे थे मगर तब तक उसकी मौत हो गई। वहीं अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए पल्ला झाड़ लिया था। http://www.satyodaya.com

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आबकारी विभाग की टीम ने छापेमारी पर दिया गोलमोल जवाब…

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लखनऊ। कोरोना महामारी को लेकर जिस तरह से 3 मई तक लाॅक डाॅउन किया गया है। वहीं इस लाॅक डाॅउन में कुछ शराब व्यापारी चोरी छिपे शराब बेचने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे एक मामले पर आज शुक्रवार को आबकारी की टीम ने ठाकुरगंज थाना क्षेत्र स्थित कोनेश्वर चैराहे पर मौजूद मॉडल शॉप पर छापेमारी की। लेकिन देखने वाली बात तो यह रही कि आबकारी विभाग ने बिना स्थानिय पुलिस को सूचना दिये कार्रवाई की, जब जिम्मेदार अधिकारियों से इस छापेमारी की जानकारी ली गई तो उन्होंने छापेमारी की सूचना होने से इंकार कर दिया।

आपको बता दें कि, चैक के कोनेश्वर चैराहे पर बने मॉडल शॉप पर आबकारी विभाग की टीम ने क्षेत्रीय पुलिस को बिना सूचना दिए ही गुपचुप तरीके से मॉडल शॉप पर की छापेमारी कर दी। पूछताछ पर आबकारी विभाग की टीम ने मामले को दबाते हुए कैमरा ठीक करने की बात कही। वहीं इस छापेमारी में आबकारी विभाग का नया खेल भी सामने आया है। लॉक डाउन के कारण सभी शराब की दुकानें पूरी तरह से बंद हैं। सूत्रों की मानें तो शराब की कालाबाजारी करने के लिए छापेमारी का खेल खेला जा रहा है।

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अब देखने वाली बात तो यह है कि आखिर लॉक डाउन के दौरान बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों की याद क्यों आई? लॉक डाउन के पहले क्यों नहीं चेक किए गए मॉडल शॉप में लगे हुए सीसीटीवी कैमरे? स्थानीय पुलिस को बिना बताए की गई आबकारी विभाग की छापेमारी सवालों के घेरे में। मौके पर पहुंचे आबकारी अधिकारी ने इस मामले पर गोलमोल जवाब दिया। सोचने वाली बात है कि छापेमारी सीसीटीवी कैमरे को लेकर की गई थी तो पूरी दुकान को क्यों खंगाला गया। http://www.satyodaya.com

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नकली मसाला फैक्ट्री पर पुलिस का छापा, दो गिरफ्तार

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ की थाना बाजार खाला पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई कर थाना बाजार खाला के नौबस्ता नाले के पास चलने वाली नकली पान मसाले की फैक्ट्री पर छापेमारी की। पुलिस ने छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से भारी मात्रा में गुटका बरामद किया है। साथ ही मौके से दो युवकों को गिरफ्तार भी किया गया है। मगर उससे भी बड़ी बात तो यह है की बाजार खाला पुलिस कि लापरवाही भी सामने आई है, जिससे फैक्ट्री के बाहर से पुलिस के सामने फैक्ट्री का पाटनर वीरू पुलिस के सामने भाग गया। पुलिस पार्टनर को नही गिरफ्तार कर पाई जो स्थानीय पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है।

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डीसीपी पश्चिम सर्वेश्रेष्ट त्रिपाठी ने बताया कि बाजार खाला पुलिस ने जो आज एक गुटका व पान मसाला बनाने वाली फैक्ट्री पर पुलिस रेट डाली। रेट डालने के बाद वहां से गुटका भी बरामद हुआ है। फैक्ट्री में देखा गया तो वहां पर मसाला बनाया जाता है उस फेक्ट्री को सील किया गया। जांच के बाद ये पाया गया कि नकली समान यहां पर बनाया जाता है न इनके पास कोई कॉपीराइट है न कोई लाइसेंस है, इस समय वैसे भी पान मसाला और गुटका पूरी तरह प्रतिबंध है, तो इस संदर्भ में हमने केस रजिस्टर किया है। इसमें धारा – 188, 419, 420, 467, 468, 3 हमारी एक्ट 51आपदा प्रबंधन है।इसके अलावा कॉपीराइट एक्ट भी ऐड किया जा रहा है। इन सारे लॉस के अंतर्गत उन पर कार्रवाई की जायेगी। इस सम्बन्ध में अभी 3 लोगो को पुलिस कस्टडी में लिया गया है।आगे भी अगर कुछ लोग होंगे तो उन्हें कस्टडी में लेकर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की जांच में जिसका भी नाम आएगा उसके ऊपर कार्रवाई की जाएगी। किसी का नाम अगर आ रहा है तो उसके पीछे भी कार्रवाई करके देखा जाएगा कि उसका नाम क्यों आ रहा है जो लोग भी इस मेटर में शामिल है उनके ऊपर कड़ी कार्यवायी की जाएगी।http://www.satyodaya.com

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पत्नी ने ससुरालवालों के साथ मिलकर पति को पीटा, रिश्तेदार दारोगा पर मारपीट का आरोप

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला देखने को मिला है जहां पारिवारिक विवाद में एक पत्नी ने अपने ही पति को बेरहमी से पीटा। अक्सर सुनने में आता है कि नारी अबला होती है पर आजकल नारी सबला बन चुकी है। लेकिन यहां तो सबला से भी दो कदम आगे नारी का विकराल रूप दिखा है जहां बिना किसी गुनाह के एक पत्नी ने अपने पति को ससुराल वालों को बुलाकर बेरहमी से पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया।

पूरा मामला राजधानी के इंदिरा नगर में रिटायर्ड शिक्षक बाबूराम शुक्ला का है जो परिवार सहित अपने बेटे आशीष के साथ रहते हैं। आशीष का विवाह 14 फरवरी 2013 में इंदिरा नगर मीना मार्केट निवासी उमेश मिश्रा की बेटी प्रियंका मिश्रा के साथ हुआ था। इसके बाद आशीष नोएडा में नौकरी कर रहे थे बाद में प्रियंका ने स्काउट गाइड ट्रेनिंग योगा टीचर की नौकरी करने के लिए अपने पति से रुपये दो लाख की मांग की थी। उसके बाद पत्नी लखनऊ आकर रहने लगी थी।

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बता दें कि, पारिवारिक मतभेद का प्रमुख कारण आशीष के सास-ससुर के बीच आपसी मतभेद भी बताया जाता है, यही कारण है कि पत्नी प्रियंका और आशीष के रिश्तों में दरार हो गई। लेकिन दरार का पता आशीष को तब चला जब वह 18 अप्रैल 2020 को अपने घर लखनऊ में आया। घर पर आते ही महाभारत शुरू हो गई।

आशीष का कहना है कि उन्हें बिना किसी कारण के रिश्तेदार पुलिस सब इंस्पेक्टर को लेकर बेरहमी से पीटा गया। आरोप है की इंदिरा नगर के गाजीपुर थाना के अंतर्गत आशीष की पत्नी प्रियंका ने अपने जेठ की पुत्री तान्या शुक्ला से भी मारपीट कर उसे लहूलुहान किया उसके बाद मायके वालों को बुलाया और मायके वालों ने आकर आशीष को भी बेरहमी से पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया। अब आशीष और उसके घर वाले गाजीपुर थाने में न्याय के लिए भटक रहे हैं, लेकिन अभी तक एफआईआर नही लिखी नहीं गई है। वहीं अब डीसीपी उत्तरी शालिनी के आने से अब मामला संज्ञान में आया है तो जांच शुरू होकर कार्यवाही की बात कही जा रही है।http://www.satyodaya.com

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April 24, 2020, 7:13 pm
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